यूरोपीय संघ ने भारत पर रूसी तेल खरीद के लिए अमेरिकी टैरिफ लगाने से इनकार कर दिया, क्योंकि वे भारत के साथ एक बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना चाहते थे। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने यह आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यूरोप ने भारतीय रिफाइनरियों से रूसी तेल उत्पाद खरीदकर 'खुद के खिलाफ युद्ध को वित्तपोषित'...
नई दिल्ली: यूरोपीय संघ के 27 देशों ने भारत के खिलाफ अमेरिका की मंशा पर पानी फेर दिया। अमेरिका चाहता था कि वे सभी भारत पर रूसी तेल खरीद के लिए टैरिफ लगाए। लेकिन, उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया। अब अमेरिका ने दावा किया है कि यह इसलिए किया गया क्योंकि ईयू भारत के साथ ट्रेड डील करना चाहता था। इसका प्लान वह पहले से ही बना चुका था। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि यूरोप ने भारत पर रूस से तेल खरीदने के लिए ज्वांइट टैरिफ लगाने से मना किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यूरोप अगले हफ्ते होने वाले एक बड़े फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने को प्राथमिकता दे रहा है। बेसेंट का यह बयान यूरोपीय आयोग की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयन की भारत यात्रा से ठीक पहले आया है, जो इस डील को पक्का करने की कोशिश करेंगी। भारत और ईयू के बीच इस डील को 'सभी सौदों का बाप' बताया जा रहा है। बेसेंट ने कहा कि 2025 से भारत की ओर से खरीदे जाने वाले रूसी तेल पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने के अमेरिकी प्रयास सफल रहे हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, 'मैं यह भी बताना चाहूंगा कि 'नैतिकता का प्रदर्शन' करने वाले हमारे यूरोपीय सहयोगियों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। कारण है कि वे भारत के साथ यह बड़ा व्यापार सौदा करना चाहते थे।' उन्होंने यूरोप पर भारतीय रिफाइनरियों से रूसी तेल उत्पाद खरीदकर 'खुद के खिलाफ युद्ध को वित्तपोषित' करने का भी आरोप लगाया। बेसेंट ने कहा, 'विडंबना और मूर्खता का सबसे बड़ा काम यह है कि अनुमान लगाइए कौन रिफाइंड उत्पाद खरीद रहा था? यूरोपीय।'25% टैरिफ हटाने के संकेत बेसेंट ने यह भी संकेत दिया कि भारत पर 25% का अतिरिक्त हटाया जा सकता है। उन्होंने कहा, 'हमारा 25% टैरिफ एक बड़ी सफलता रही है। रूसी तेल की भारतीय खरीद में भारी गिरावट आई है। टैरिफ अभी भी लगे हुए हैं। मैं कल्पना कर सकता हूं कि अब उन्हें हटाने का एक रास्ता है।' अमेरिका ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाया है। इसमें रूसी तेल की खरीद पर 25% का जुर्माना भी शामिल है। भारत ने बार-बार अमेरिकी ऐक्शन को 'अनुचित और अतार्किक' बताया है। साथ ही कहा है कि उसकी एनर्जी पॉलिसी राष्ट्रीय हित से तय होती है।इसके अलावा, रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने रूसी तेल की सेकेंडरी खरीद और रीसेलिंग पर 500% टैरिफ लगाने के लिए एक विधेयक का प्रस्ताव दिया है। इस विधेयक पर बेसेंट ने फॉक्स न्यूज को बताया कि यह प्रस्ताव सीनेट के सामने है। उन्होंने कहा, 'हम देखेंगे कि यह पारित होता है या नहीं। हमें विश्वास नहीं है कि राष्ट्रपति ट्रंप को इस अधिकार की जरूरत है कि वह इसे IEEPA के तहत कर सकते हैं। लेकिन, सीनेट उन्हें यह अधिकार देना चाहती है।' रूसी तेल खरीद में आई कमीइस साल दिसंबर में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और सरकारी रिफाइनरियों की ओर से मॉस्को से कच्चे तेल का आयात काफी कम करने के बाद भारत रूसी जीवाश्म ईंधन के खरीदारों में तीसरे स्थान पर आ गया था।बेसेंट ने यूरोप पर आरोप लगाया कि वे भारत के साथ एक बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए रूस से तेल खरीदने पर संयुक्त रूप से टैरिफ लगाने से पीछे हट गए। उन्होंने कहा कि यूरोप भारतीय रिफाइनरियों से रूसी तेल खरीद कर खुद के खिलाफ युद्ध को वित्तपोषित कर रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि भारत पर लगाए गए 25% के जुर्माने को हटाया जा सकता है क्योंकि रूसी तेल की भारतीय खरीद में भारी गिरावट आई है। यह सब तब हो रहा है जब अमेरिका ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाया है। इसमें रूसी तेल की खरीद पर 25% का जुर्माना भी शामिल है।.
नई दिल्ली: यूरोपीय संघ के 27 देशों ने भारत के खिलाफ अमेरिका की मंशा पर पानी फेर दिया। अमेरिका चाहता था कि वे सभी भारत पर रूसी तेल खरीद के लिए टैरिफ लगाए। लेकिन, उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया। अब अमेरिका ने दावा किया है कि यह इसलिए किया गया क्योंकि ईयू भारत के साथ ट्रेड डील करना चाहता था। इसका प्लान वह पहले से ही बना चुका था। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि यूरोप ने भारत पर रूस से तेल खरीदने के लिए ज्वांइट टैरिफ लगाने से मना किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यूरोप अगले हफ्ते होने वाले एक बड़े फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने को प्राथमिकता दे रहा है। बेसेंट का यह बयान यूरोपीय आयोग की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयन की भारत यात्रा से ठीक पहले आया है, जो इस डील को पक्का करने की कोशिश करेंगी। भारत और ईयू के बीच इस डील को 'सभी सौदों का बाप' बताया जा रहा है। बेसेंट ने कहा कि 2025 से भारत की ओर से खरीदे जाने वाले रूसी तेल पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने के अमेरिकी प्रयास सफल रहे हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, 'मैं यह भी बताना चाहूंगा कि 'नैतिकता का प्रदर्शन' करने वाले हमारे यूरोपीय सहयोगियों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। कारण है कि वे भारत के साथ यह बड़ा व्यापार सौदा करना चाहते थे।' उन्होंने यूरोप पर भारतीय रिफाइनरियों से रूसी तेल उत्पाद खरीदकर 'खुद के खिलाफ युद्ध को वित्तपोषित' करने का भी आरोप लगाया। बेसेंट ने कहा, 'विडंबना और मूर्खता का सबसे बड़ा काम यह है कि अनुमान लगाइए कौन रिफाइंड उत्पाद खरीद रहा था? यूरोपीय।'25% टैरिफ हटाने के संकेत बेसेंट ने यह भी संकेत दिया कि भारत पर 25% का अतिरिक्त हटाया जा सकता है। उन्होंने कहा, 'हमारा 25% टैरिफ एक बड़ी सफलता रही है। रूसी तेल की भारतीय खरीद में भारी गिरावट आई है। टैरिफ अभी भी लगे हुए हैं। मैं कल्पना कर सकता हूं कि अब उन्हें हटाने का एक रास्ता है।' अमेरिका ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाया है। इसमें रूसी तेल की खरीद पर 25% का जुर्माना भी शामिल है। भारत ने बार-बार अमेरिकी ऐक्शन को 'अनुचित और अतार्किक' बताया है। साथ ही कहा है कि उसकी एनर्जी पॉलिसी राष्ट्रीय हित से तय होती है।इसके अलावा, रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने रूसी तेल की सेकेंडरी खरीद और रीसेलिंग पर 500% टैरिफ लगाने के लिए एक विधेयक का प्रस्ताव दिया है। इस विधेयक पर बेसेंट ने फॉक्स न्यूज को बताया कि यह प्रस्ताव सीनेट के सामने है। उन्होंने कहा, 'हम देखेंगे कि यह पारित होता है या नहीं। हमें विश्वास नहीं है कि राष्ट्रपति ट्रंप को इस अधिकार की जरूरत है कि वह इसे IEEPA के तहत कर सकते हैं। लेकिन, सीनेट उन्हें यह अधिकार देना चाहती है।' रूसी तेल खरीद में आई कमीइस साल दिसंबर में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और सरकारी रिफाइनरियों की ओर से मॉस्को से कच्चे तेल का आयात काफी कम करने के बाद भारत रूसी जीवाश्म ईंधन के खरीदारों में तीसरे स्थान पर आ गया था।बेसेंट ने यूरोप पर आरोप लगाया कि वे भारत के साथ एक बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए रूस से तेल खरीदने पर संयुक्त रूप से टैरिफ लगाने से पीछे हट गए। उन्होंने कहा कि यूरोप भारतीय रिफाइनरियों से रूसी तेल खरीदकर खुद के खिलाफ युद्ध को वित्तपोषित कर रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि भारत पर लगाए गए 25% के जुर्माने को हटाया जा सकता है क्योंकि रूसी तेल की भारतीय खरीद में भारी गिरावट आई है। यह सब तब हो रहा है जब अमेरिका ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाया है। इसमें रूसी तेल की खरीद पर 25% का जुर्माना भी शामिल है।
रूसी तेल खरीद स्कॉट बेसेंट भारत पर टैरिफ भारत टैरिफ छूट India-Eu Trade Deal Russian Oil Purchases Scott Bessent Tariffs On India India Tariff Exemptions
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
At Davos, world leaders hail EUs FTA with India; shun protectionism, isolationismSpeaking at the WEF, Canada Mark Carney has said that missing out on India, China, MERCOSUR and EU was a mistake for any country.
Read more »
India EU Trade डील से पहले मुंह के बल गिरा भारत का रुपया, डॉलर के मुकाबले 91.99 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचाIndian Rupee Hits All Time Low Against dollar: भारत का रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91.
Read more »
खालिस्तानियों की छाती पर मूंग दलेगा भारत: कैसे इस गणतंत्र दिवस चित होगा ISI का गंदा प्लान?India EU Trade Deal: गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ (EU) की भागीदारी ने खालिस्तानी गुटों और ISI की नींद उड़ा दी है. चार EU ध्वजवाहकों का कर्तव्य पथ पर मार्च करना भारत की संप्रभुता को वैश्विक समर्थन का प्रतीक है. NIA द्वारा 2025 में बेनकाब किए गए आतंकी मॉड्यूल्स के बाद यूरोप अब भारत के साथ खड़ा है.
Read more »
दिल्ली में होंगी 4 'मदर ऑफ ऑल डील्स', EU अधिकारियों ने दौरे से पहले दे दी बड़ी हिंटIndia EU Deal: ट्रंप से मिले धोखे के बाद यूरोपीय देशों मे भारत के साथ 'मदर ऑफ ऑल डील्स' का फैसला किया है. यूरोपीय देश 27 जनवरी को भारत आने वाले हैं, इससे पहले ही यूरोपीय अधिकारियों ने बड़ी हिंट दे डाली है. उन्होंने वो 4 मुद्दे बताए हैं, जिनपर पीएम मोदी और राजनाथ सिंह के साथ बातचीत सबसे ज्यादा अहम होगी.
Read more »
ट्रंप टैरिफ के बीच क्यों अहम है भारत-ईयू एफटीए, यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष के मुंह से ही सुन लीजिएIndia-EU FTA- भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच 27 जनवरी को मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है. इस एफटीए की ईयू के लिए बहुत अहमियत है. ट्रंप की टैरिफ धमकियों के बीच भारत जैसे बड़े बाजार के साथ सहयोग बढाना अब ईयू की मजबूरी भी हो चुकी है.
Read more »
EU-India Mega Deal Live : 2026 की सबसे बड़ी डील करने दिल्ली पहुंचे यूरोपीय नेता, हुआ आलीशान वेलकमEU-India Mega Deal Live : भारत-यूरोपीय संघ के बीच होने वाली 'मदर ऑफ ऑल डील्स' का आगाज हो चुका है. आज यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और ईयू की विदेश नीति प्रमुख दिल्ली लैंड हो चुकी हैं. उनका ग्रैंड वेलकम हुआ है, जिसके बाद 27 तक बड़े-बड़े ईवेंट्स की पूरी प्लानिंग हो गई है.
Read more »
