Gardening Tips: मनी प्लांट को छोड़े! ‘मनी ट्री’ लगाएंगे तो घर में चुंबक की तरह आएगा पैसा, जानें लगाने सही त...

Gardening Tips: मनी प्लांट को छोड़े! ‘मनी ट्री’ लग News

Gardening Tips: मनी प्लांट को छोड़े! ‘मनी ट्री’ लगाएंगे तो घर में चुंबक की तरह आएगा पैसा, जानें लगाने सही त...
जानें लगाने सही तरीका
  • 📰 News18 India
  • ⏱ Reading Time:
  • 102 sec. here
  • 4 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 47%
  • Publisher: 51%

Money Tree Gardening Tips: मनी ट्री, जिसे वैज्ञानिक रूप से पचीरा एक्वाटिका कहा जाता है, इन दिनों घरों में समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के लिए लगाया जा रहा है. वास्तु और फेंगशुई के अनुसार इसे धन आकर्षित करने वाला पौधा माना जाता है. इसे घर के उत्तर-पूर्व या रहने वाले क्षेत्र में लगाना शुभ माना जाता है.

वास्तु शास्त्र में हर पौधे की अपनी एक ऊर्जा होती है. क्रासुला, जिसका पूरा वैज्ञानिक नाम क्रासुला ओवाटा’ है, इसे धन के देवता भगवान कुबेर का पसंदीदा पौधा माना जाता है. इसे जेड ट्री, लकी ट्री, फ्रेंडशिप ट्री और मनी ट्री जैसे कई नामों से जाना जाता है.

इसकी मोटी, मखमली और हरी पत्तियां सकारात्मक ऊर्जा को संचित करने का काम करती हैं, जिससे घर में खुशहाली का संचार होता है. आजकल लोग क्रासुला को केवल एक सजावटी पौधे के तौर पर घर और ऑफिस में लगाते हैं. लेकिन इसके फायदे केवल सुंदरता तक सीमित नहीं हैं. यह पौधा न केवल आपके कमरे की शोभा बढ़ाता है, बल्कि वातावरण से नकारात्मकता को सोखकर सकारात्मक वाइब्स फैलाता है. पर्यावरण की दृष्टि से भी इसे वायु को शुद्ध करने वाला एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है. यदि आप लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं या मेहनत के बाद भी पैसा हाथ में नहीं टिकता, तो क्रासुला आपके लिए वरदान साबित हो सकता है. इसे ऑफिस की डेस्क या व्यापारिक प्रतिष्ठान में रखने से धन प्राप्ति के नए मार्ग खुलते हैं. वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि यह पौधा अपनी बनावट के कारण सौभाग्य को आकर्षित करता है, जिससे व्यापार में मुनाफ़ा बढ़ता है और घर में ‘पैसों की बारिश’ होने लगती है. क्रासुला का पौधा लगाते समय दिशा का ज्ञान होना अनिवार्य है. गलत दिशा में रखने पर यह लाभ की जगह आर्थिक हानि का कारण भी बन सकता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस पौधे को हमेशा घर के मुख्य प्रवेश द्वार की दाहिनी तरफ रखना चाहिए. इसके अलावा इसे उत्तर-पूर्व दिशा या लिविंग रूम में रखना भी अत्यंत शुभ माना गया है. ऑफिस में इसे एंट्री गेट के पास रखने से सकारात्मक ग्राहकों का आगमन बढ़ता है. क्रासुला उन लोगों के लिए सबसे अच्छा है जिनके पास पौधों की देखभाल के लिए ज्यादा समय नहीं है. इसे बहुत अधिक धूप या पानी की आवश्यकता नहीं होती. सप्ताह में केवल दो से तीन बार पानी देना ही पर्याप्त है क्योंकि इसकी पत्तियां खुद में पानी सोखकर रखती हैं और यह जल्दी नहीं सूखता. यह छांव में भी आसानी से पनप जाता है और एक छोटे से गमले में भी लगाया जा सकता है. वैसे तो आप इसे कभी भी लगा सकते हैं, लेकिन वास्तु और बागवानी के लिहाज से फरवरी से अगस्त तक का महीना इसे लगाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. इस दौरान पौधे की ग्रोथ तेजी से होती है. यदि आप भी अपने जीवन में सुख, शांति और अटूट लक्ष्मी की कृपा चाहते हैं, तो इस छोटे से ‘मनी ट्री’ को अपने घर में स्थान जरूर दें.मान्यता है कि जिस घर में यह पौधा सही दिशा में लगा होता है, वहां दरिद्रता कभी कदम नहीं रखती और धन की आवक किसी चमत्कार की तरह बढ़ जाती है.

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

News18 India /  🏆 21. in İN

जानें लगाने सही तरीका

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

Vastu Tips: होलाष्टक से पहले निपटाएं ये जरूरी काम, वरना वास्तु दोष बढ़ा सकते हैं परेशानियांVastu Tips: होलाष्टक से पहले निपटाएं ये जरूरी काम, वरना वास्तु दोष बढ़ा सकते हैं परेशानियांVastu Tips: होलाष्टक की शुरुआत 24 फरवरी 2026 से हो रहा है. होली से पूर्व की यह आठ दिनों की अवधि शुभ कार्यों के लिए वर्जित मानी जाती है. वास्तु के अनुसार, नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए घर की सफाई, मरम्मत और मांगलिक कार्य होलाष्टक शुरू होने से पहले ही निपटा लेने चाहिए.
Read more »

मौसम बदला तो गार्डन पर खतरा! पत्तियों पर कीट-फंगल अटैक से बचाने के लिए अपनाएं नीम तेल का देसी सुपर फॉर्मूला...मौसम बदला तो गार्डन पर खतरा! पत्तियों पर कीट-फंगल अटैक से बचाने के लिए अपनाएं नीम तेल का देसी सुपर फॉर्मूला...Gardening Tips: मौसम बदलते ही गार्डन के पौधों पर सबसे बड़ा असर पड़ता है. तापमान, नमी और हवा में बदलाव से कीट हमला, जड़ सड़न और फंगल रोग तेजी से फैलते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार समय पर देखभाल, नीम तेल स्प्रे, गहराई तक सिंचाई और जैविक खाद के इस्तेमाल से पौधों को सुरक्षित रखा जा सकता है.
Read more »

जरूरत की खबर- बच्चों में एकेडमिक स्ट्रेस: इससे बढ़ती जवानी में डिप्रेशन और बीमारियों का रिस्क, डॉक्टर से जान...जरूरत की खबर- बच्चों में एकेडमिक स्ट्रेस: इससे बढ़ती जवानी में डिप्रेशन और बीमारियों का रिस्क, डॉक्टर से जान...Board Exams Academic Stress Impact Explained; How Harmful It Is ? Follow Board Exams Preparation Tips, Latest News, Expert Advice On Dainik Bhaskar.
Read more »

Gardening Tips: बढ़ती गर्मी में पौधों को कैसे रखें स्वस्थ, जानें इंडोर प्लांट केयर के आसान टिप्सGardening Tips: बढ़ती गर्मी में पौधों को कैसे रखें स्वस्थ, जानें इंडोर प्लांट केयर के आसान टिप्सSummer Gardening Tips: गर्मियों में बढ़ते तापमान के कारण इंडोर प्लांट्स की विशेष देखभाल जरूरी हो जाती है. समय पर सिंचाई, सही मात्रा में धूप और उचित जगह पर पौधों को रखना बेहद जरूरी है. मिट्टी में नमी बनाए रखना, संतुलित खाद देना और जरूरत से ज्यादा पानी व खाद से बचना चाहिए. पौधों को सीधी धूप और तेज गर्म हवा से बचाएं.
Read more »

कम बजट में बड़ी शुरूआत! ₹1000 में तैयार करें अपना किचन गार्डन, बालकनी से ही उगाएं ताजी सब्जियांकम बजट में बड़ी शुरूआत! ₹1000 में तैयार करें अपना किचन गार्डन, बालकनी से ही उगाएं ताजी सब्जियांCheap kitchen Gardening Tips: आज के समय में घर पर सब्ज़ी उगाना केवल शौक नहीं, बल्कि जरूरत बनता जा रहा है. बढ़ती महंगाई और रसायनयुक्त सब्ज़ियों से परेशान लोग अब बालकनी और छत पर किचन गार्डन तैयार कर रहे हैं. अच्छी बात यह है कि इसके लिए ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ता. करीब ₹1000 में एक बेसिक होम गार्डनिंग किट तैयार की जा सकती है.
Read more »

Gardening Tips: अब बंजर जमीन पर भी लहलहाएगा बगीचा! रेज्ड बेड गार्डनिंग के ये टिप्स बदल देंगे आपके बागवानी क...Gardening Tips: अब बंजर जमीन पर भी लहलहाएगा बगीचा! रेज्ड बेड गार्डनिंग के ये टिप्स बदल देंगे आपके बागवानी क...Raised Bed Gardening Tips for High Yield: रेज्ड बेड गार्डनिंग में जमीन से ऊपर क्यारियां बनाकर खेती की जाती है. यह खराब मिट्टी और शारीरिक समस्याओं वाले लोगों के लिए बेस्ट है. सही धूप, 10-12 इंच गहराई और जैविक मिश्रण के साथ इस तकनीक से शानदार उपज ली जा सकती है.
Read more »



Render Time: 2026-04-02 16:49:00