United Nations General Assembly का 80वां सत्र 9 सितंबर को न्यूयार्क स्थित मुख्यालय में शुरू हुआ. एजेंडे में शांति, विकास, मानवाधिकार, ग्लोबल साउथ, सतत विकास और आतंकवाद पर चर्चा शामिल है.
United Nations General Assembly : संयुक्त राष्ट्र महासभा संयुक्त राष्ट्र का एक प्रमुख अंग है, जिसमें सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं. इसका वार्षिक सत्र हर साल सितंबर में न्यूयॉर्क शहर में स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में होता है.
संयुक्त राष्ट्र महासभा का 80वां सत्र 9 सितंबर को शुरू हो चुका है. हाई लेवल जनरल डिबेट का पहला दिन मंगलवार 23 सितंबर को होगा. जिसका मुख्य विषय होगा, ‘एक साथ बेहतर: शांति, विकास और मानवाधिकारों के लिए 80 वर्ष और अधिक.’ सितंबर में क्यों होती है यूएनजीए संयुक्त राष्ट्र महासभा का सत्र सितंबर के तीसरे मंगलवार को शुरू होता है और दिसंबर तक चलता है. आवश्यकता पड़ने पर अगले वर्ष सितंबर में अगले सत्र की शुरुआत से पहले तक जारी रह सकता है. यह एक स्थापित परंपरा और प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत तय किया गया है. यह व्यवस्था सभी 193 सदस्य देशों को वार्षिक रूप से एकत्रित होने और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर देती है. यह सत्र दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों, सरकार के प्रमुखों और विदेश मंत्रियों के लिए एक साथ आने और द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों में भाग लेने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है. सितंबर का समय वर्ष के एजेंडा और कार्य योजनाओं को तय करने के लिए उपयुक्त माना जाता है, जिससे साल के बाकी समय में उन पर काम किया जा सके. ये भी पढ़ें- विजय माल्या के पिता नहीं पीते थे एक भी बूंद, फिर कैसे बनाया शराब का इतना बड़ा साम्राज्य क्या है इस बार का एजेंडा? इस साल की संयुक्त राष्ट्र महासभा का एजेंडा कई महत्वपूर्ण और समसामयिक मुद्दों पर केंद्रित है. इसमें निम्नलिखित प्रमुख बिंदु शामिल हैं: वैश्विक संकट और सहयोग: दुनिया भर में चल रहे संघर्षों, जैसे गाजा और यूक्रेन में, को देखते हुए वैश्विक शांति और सुरक्षा मुख्य एजेंडा में है. इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन, असमानता और तकनीकी जोखिम जैसे ‘वैश्विक संकटों’ से निपटने के लिए सदस्य देशों के बीच समन्वय और सहयोग बढ़ाना भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है. संयुक्त राष्ट्र में सुधार: संगठन की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र को भविष्य के लिए अधिक प्रभावी और प्रासंगिक बनाने के लिए सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया गया है. इसमें सुरक्षा परिषद में सुधार, ‘ग्लोबल साउथ’ की बढ़ती भूमिका और फंडिंग मॉडल में बदलाव जैसे मुद्दे शामिल हैं. सतत विकास लक्ष्य: गरीबी, भुखमरी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में प्रगति पर चर्चा और कार्रवाई करना भी एजेंडे का हिस्सा है. ये भी पढ़ें- Explainer: क्या मालदीव डूब रहा है? अगर जलमग्न हो गया तो बतौर देश क्या होगी उसकी कानूनी स्थिति आतंकवाद: भारत जैसे देशों द्वारा आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर जोर दिया गया है, और यह उम्मीद है कि इस मुद्दे पर भी चर्चा होगी. बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था: भारत ने एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की आवश्यकता पर अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है, जिसमें दुनिया की शक्ति किसी एक या दो देशों के बजाय कई देशों के बीच वितरित हो. क्यों कहा जाता है विश्व का मंच महासभा को ‘विश्व की संसद’ भी कहा जाता है, क्योंकि यह एकमात्र ऐसा निकाय है जिसमें संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों का समान प्रतिनिधित्व है. प्रत्येक देश को एक वोट का अधिकार होता है, चाहे वह कितना भी बड़ा या छोटा क्यों न हो. यह मंच राष्ट्राध्यक्षों, शासनाध्यक्षों और विदेश मंत्रियों को वैश्विक मुद्दों पर एक साथ आने और चर्चा करने का अवसर प्रदान करता है. महासभा का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा, मानवाधिकारों, विकास, निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय कानून से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श, बहस और सिफारिशें करना है. यह संयुक्त राष्ट्र का बजट भी पारित करती है और सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्यों का चुनाव करती है. ये भी पढ़ें- Explainer: क्या है APEC शिखर सम्मेलन, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप करेंगे शी जिनपिंग से मुलाकात विशेष और आपातकालीन सत्र नियमित वार्षिक सत्र के अलावा महासभा विशेष सत्र और आपातकालीन विशेष सत्र भी बुला सकती है. विशेष सत्र किसी विशेष मुद्दे पर गहन चर्चा के लिए बुलाए जाते हैं. आपातकालीन विशेष सत्र तब बुलाए जाते हैं जब सुरक्षा परिषद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के रखरखाव के लिए कार्रवाई करने में विफल हो जाती है. यह महासभा को ‘शांति के लिए एकजुट’ प्रस्ताव के तहत कार्रवाई करने की अनुमति देता है. इसलिए, संयुक्त राष्ट्र महासभा एक नियमित और वार्षिक कार्यक्रम है जो वैश्विक कूटनीति और सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में काम करता है.
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