Noor Wali Mehsud: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव जारी है. इस बीच तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के प्रमुख नूर वली महसूद ने एक वीडियो संदेश जारी कर पाकिस्तान सरकार और सेना पर जमकर हमला किया है.
DNA : पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच 48 घंटे के लिए हुए सीजफायर की मीयाद आज शाम साढ़े 5 बजे खत्म हो गई है. इस वक्त दोहा में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच एक मीटिंग चल रही है जिसमें सीजफायर को लेकर फैसला हो सकता है.
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जंग ठहर जाएगी या फिर से शुरू होगी ये मीटिंग के बाद ही साफ होगा. लेकिन इस बीच पाकिस्तान से आज की बड़ी खबर सामने आई है. जानकारी के अनुसार, सीजफायर के बीच ही पाकिस्तानी फौज पर बड़ा हमला हुआ है. फील्ड मार्शल आसिम मुनीर अपने सैनिकों की लाशें गिन रहे है और उन लाशों पर इस्लामाबाद से रावलपिंडी तक मातम पसरा हुआ है. तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान के चीफ ने दुनिया से बोले जा रहे पाकिस्तान के एक झूठ को 7 मिनट 55 सेकेंड में एक्सपोज्ड कर दिया. उसने दुनिया को बता दिया पाकिस्तान की आतंकी सेना ने 9 अक्टूबर को काबुल में एक आतंकी हमला किया था. निर्दोष नागरिकों, बच्चों और महिलाओं की हत्या की थी और अब पाकिस्तान को निर्दोष लोगों की हत्या की सजा भी भुगतनी होगी. तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान ने आतंकी मुल्क से अपने बदले की शुरूआत भी कर दी है. #DNAWithRahulSinha | पाकिस्तान को नूर वली ने कैसे हिलाया? पूरे PAK को रुलाने वाले शख्स की कहानी#DNA #Pakistan #Taliban #Afghanistan@RahulSinhaTV pic.twitter.comiVZVx4pyqL — Zee News October 17, 2025 पाकिस्तान ने किया था टीटीपी चीफ को मारने का दावा पाकिस्तान एयरस्ट्राइक करके जिस टीटीपी चीफ को काबुल में मारने का दावा कर रहा था वो कैसे पाकिस्तान के अंदर बैठकर पाकिस्तान की सेना और पुलिस को निशाना बना रहा है. नूर वली महसूद पाकिस्तान की सरकार और सेना को कैसे चैलेंज दे रहा है और ये कह रहा है कि पाकिस्तान की धरती पर बैठकर टीटीपी पाकिस्तान पर हमला करता रहेगा और पाकिस्तान कुछ नहीं कर पाएगा. एक तरफ टीटीपी चीफ नूर वली मेहसूद का वीडियो जारी हुआ. दूसरी तरफ टीटीपी ने पाकिस्तान की सेना पर बड़ा फिदायीन हमला कर दिया. आज सुबह टीटीपी ने पाकिस्तान के उत्तरी वजीरिस्तान के मीर अली इलाके में पाकिस्तान की सेना के एक कैंप को निशाना बनाया जिसके बाद कैंप के आस पास गोलीबारी और भगदड़ के वीडियो सामने आए जिसमें आर्मी कैंप से धुआं निकलता दिखाई दिया. जानकारी के अनुसार, टीटीपी के एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदा एक ट्रक आर्मी कैंप की दीवार से टकरा दिया. जिसके बाद शक्तिशाली विस्फोट हुआ. धमाके के बाद 3 आत्मघाती हमलावरों ने सैन्य अड्डे पर धावा बोल दिया और पाकिस्तान के सैनिकों पर हमले शुरू कर दिए. टीटीपी का हमला इतना बड़ा था कि पाकिस्तानी सेना को टीटीपी के लड़ाकों पर काबू पाने के लिए मिलिट्री हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल भी करना पड़ा. पाकिस्तानी आर्मी का कोबरा हेलीकॉप्टर हमले वाली जगह पर मंडराता दिखाई दिया. इस हेलीकॉप्टर से भी हमलावरों पर गोलियां दागी गईं. फिदायीन हमले में 7 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत जानकारी के अनुसार, अब तक टीटीपी के इस फिदायीन हमले में 7 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत की खबर है. 13 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिक जख्मी हो गए हैं जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है. तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए बताया कि इस हमले को टीटीपी की खालिद बिन वलीद फिदायीन यूनिट ने अंजाम दिया. इसके अलावा तहरीक ए तालिबान गुलबहादुर गुट ने हमले में फिदायीन यूनिट के साथ हमले में शामिल था. पाकिस्तान की मीडिया में दावा किया जा रहा है कि हमले को अंजाम देने वाले 4 फिदायीन हमलावरों को भी मार दिया गया है. पाकिस्तान की सेना ने सिर्फ 24 घंटे पहले दावा किया था कि उत्तरी वजीरिस्तान दक्षिणी वजीरिस्तान और खैबर में पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई में 34 लोग मारे गए. पाकिस्तान की सेना ने इन्हें टीटीपी से जुड़ा बताया था लेकिन ये सभी आम नागरिक थे. अब टीटीपी ने इस हमले के जरिए संदेश दिया है कि पाकिस्तान की सेना भी इन इलाकों में सुरक्षित नहीं है. इस हमले के अलावा आज टीटीपी की ओर से पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका दिया गया है. पाकिस्तान ने दावा किया था 9 अक्टूबर को काबुल में पाकिस्तान की वायुसेना की एयर स्ट्राइक के दौरान तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान का चीफ नूर वली महसूद मारा गया. पाकिस्तान ने दावा किया था कि इस एयर स्ट्राइक में एक बख्तरबंद लैंड क्रूजर को निशाना बनाया गया जिसमें नूर वली महसूद मौजूद था. इसी एयर स्ट्राइक के बाद तालिबान ने पाकिस्तान की सेना पर हमला किया था और 50 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया था यानि इसी एयरस्ट्राइक की वजह से पाकिस्तान और अफगानिस्तान का युद्ध शुरू हुआ था लेकिन आज टीटीपी चीफ नूर वली महसूद ने अपना एक वीडियो जारी किया है. जिसमें उसने अपने जिंदा होने के सबूत दिए हैं. इस वीडियो नूर वली पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ दिखाई दे रहा है और हैरान करने वाली बात ये है ये वीडियो अफगानिस्तान के किसी गुप्त इलाके में नहीं शूट किया गया बल्कि पाकिस्तान के अंदर शूट किया गया है. ये वीडियो खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के खैबर जिले का है जिसमें मौलाना नूर वली महसूद अपने सहयोगियों के साथ पहाड़ी रास्तों पर जाता दिखाई दे रहा है. इसमें टीटीपी के लड़ाकों के हाथ में हथियार भी हैं. कुछ जगहों पर बैठकर नूर वली महसूद बात करता नजर आ रहा है. नूर वली महसूद ने जारी किया वीडियो 7 मिनट 55 सेकेंड के इस वीडियो में टीटीपी चीफ नूर वली महसूद ने पाकिस्तान के फेक प्रोपेगैंडा की पोल खोल दी है. नूर वली ने दुनिया को इस वीडियो में दिखाया कि वो जिंदा और पूरी तरह सुरक्षित है लेकिन पाकिस्तान की मीडिया और पाकिस्तान की सेना के अफसर टीटीपी चीफ को एयर स्ट्राइक में मारने का दावा करके अपनी पीठ ठोंक रहे थे. नूर वली ने दिखाया वो तो आराम से खैबर पख्तूनख्वा में यानि पाकिस्तान में ही घूम रहा है जबकि पाकिस्तान दावा कर रहा था कि अफगान तालिबान ने नूर वली को काबुल में शरण दी है. नूर वली ने अपने बयान में कहा कि वो तो खैबर से बाहर ही नहीं गया जबकि पाकिस्तान ने नूर वली के काबुल में छिपे होने का आरोप लगाते हुए अफगानिस्तान की राजधानी पर एयर स्ट्राइक कर दी थी यानि अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन किया और नूर वली अगर खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षित है तो अफगानिस्तान के वो आरोप भी सही साबित होते हैं जिसमें पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक में कोई आतंकी नहीं बल्कि 40 अफगान नागरिकों को मारने की बात कही गई है. तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान के चीफ ने पाकिस्तान के झूठ को बेनकाब करते हुए भारत और अफगानिस्तान का नाम भी लिया. जिस वक्त दुनिया भर में पाकिस्तान आंसू बहा-बहाकर बता रहा है कि उसके सैनिकों को मार रहे हमलावर काबुल में छिपे हुए हैं उस वक्त पाकिस्तान के अंदर बैठे टीटीपी चीफ के इस खुलासे से पाकिस्तान किसी के सामने मुंह दिखाने के काबिल नहीं रह गया. कतर और सउदी अरब जैसे मुल्कों के सामने भी अब पाकिस्तान अफगानिस्तान पर एयर स्ट्राइक के मुद्दे पर बैकफुट में आ जाएगा और अफगानिस्तान की जवाबी कार्रवाई को दुनिया सही मानेगी. नूर वली की अगुवाई में टीटीपी ने पाकिस्तान पर किए कई हमले टीटीपी का मौजूदा चीफ नूर वली महसूद मौलवी नूर वली के नाम से मशहूर है जिसे बिखरे हुए तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान को फिर से मजबूत बनाकर पाकिस्तान के खिलाफ खड़ा करने का श्रेय दिया जाता है. अमेरिका और यूएन की नजरों में ये एक खुंखार आतंकवादी है लेकिन पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में इसे पख्तून राष्ट्रवाद का नायक माना जाता है. पाकिस्तान के लिए एक अबूझ पहेली बना नूर वली महसूद दक्षिण वजीरिस्तान के महसूद कबीले से ताल्लुक रखता है. इस कबीले के लोग नूर वली के एक इशारे पर कुछ भी कर सकते हैं. 2018 में मुल्ला फजलुल्लाह की मौत के बाद उसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान का प्रमुख चुना गया था. उस वक्त अमेरिकी हमलों में टीटीपी के सभी बड़े नेता मारे गए थे. टीटीपी चीफ बनना खतरे से खाली नहीं था लेकिन नूर वली ने टीटीपी की कमान संभाल ली और संगठन का सैन्य रणनीतिकार बन गया. 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता आने के बाद नूर वली ने टीटीपी को बहुत मजबूत बना दिया. नूर वली इसलिए ज्यादा सफल हुआ क्योंकि उसने TTP के एजेंडे को धार्मिक उग्रवाद से पश्तून राष्ट्रवाद की ओर मोड़ दिया. पाकिस्तान के लिए नूर वली का टीटीपी कितना खतरनाक है उसे आप इस तरह समझ सकते हैं कि 2025 के पहले 6 महीनों में नूर वली की अगुवाई में टीटीपी ने पाकिस्तान पर 1000 से अधिक हमले किए. टीटीपी के हमले में पाकिस्तान के 500 से ज्यादा सैनिकों की मौत हो चुकी है. पाकिस्तान की सेना ने अफगान तालिबान पर हमले के बाद खैबर पख्तूनख्वा और वजीरिस्तान में टीटीपी के लोगों पर हमले तेज किए हैं जिसके बाद टीटीपी भी पाकिस्तान पर हमले बढ़ा रहा है. महसूद खुद को धरतीपुत्र और पश्तून गौरव का रक्षक बताते हुए स्थानीय समर्थन जुटा रहा है और पाकिस्तान के लिए नूर वली महसूद का मजबूत होना और ज्यादा खतरनाक साबित होगा. पाकिस्तान बदल रहा है अपनी मिसाइलों के नाम एक तरफ पाकिस्तान तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान के हमलों से परेशान है दूसरी तरफ अफगानिस्तान से पिटाई के बाद पाकिस्तानी अफगानिस्तान से बदला लेने के ऐसे ऐसे आइडिया दे रहे हैं जिसे सुनकर आपको हंसी आएगी लेकिन पाकिस्तान में बहुत ही गंभीरता से इस पर विचार किया जा रहा है. पाकिस्तान अब अपनी मिसाइलों के नाम बदलकर अफगानिस्तान से बदला लेने की योजना बना रहा है. इससे आपको पाकिस्तान की हिंदू विरोधी सोच और कम अक्ली का अंदाजा भी लग जाएगा. पाकिस्तानियों को हिंदुओं और हिंदुस्तानियों से इतनी नफरत थी कि उन्होंने अपनी मिसाइलों के नाम उस मुस्लिम आक्रांताओं के नाम पर रखे जिन्होंने भारत पर हमला किया जिन्होंने भारत में खून खराबा किया. भारत में लूट पाट की सिर्फ इसलिए वो पाकिस्तान के हीरो बन गए. पाकिस्तान में उनको इज्जत देने के लिए उनके नाम पर पाकिस्तानी मिसाइलों के नाम रख दिए गए लेकिन अब अफगानिस्तान ने पाकिस्तान की पिटाई शुरू कर दी तो उन मिसाइलों का नाम बदलने की योजना बनाई जा रही है और पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ इस अभियान की अगुवाई कर रहे हैं. अब पाकिस्तान को अब्दाली और गजनी की असलियत याद आ रही है. पाकिस्तान की उन मिसाइलो के बारे में भी जानना चाहिए जिनका नामकरण पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से संबंधित आक्रमणकारियों के नाम पर किया. पाकिस्तान की ग़ौरी मिसाइल की रेंज 1500 किलोमीटर है. पाकिस्तान से इसका नाम मुहम्मद ग़ौरी के नाम पर रखा जिसने वर्ष 1175 से 1206 के बीच भारत पर कई हमले किए और पृथ्वीराज चौहान को हराकर दिल्ली में मुस्लिम शासन की नींव रखी. पाकिस्तान की अब्दाली मिसाइल की रेंज 450 किमी है, इसका नाम अहमद शाह अब्दाली पर रखा गया है जिसने वर्ष 1748 से 1767 के बीच भारत पर आठ बार आक्रमण किया था और भारत में जमकर लूटपाट की थी. पाकिस्तान की ग़ज़नवी मिसाइल की रेंज 290 किलोमीटर है यह महमूद ग़ज़नी के नाम पर है, जिसने वर्ष 1000 से 1027 ईस्वी के बीच 17 बार भारत पर हमला किया. सोमनाथ मंदिर में गजनी ने भयंकर लूटपाट की थी. पहले पाकिस्तान ने इनको हीरो माना लेकिन अब यही आक्रमणकारी, उसे दुश्मन लग रहे है अब वो अपनी मिसाइलों के नाम बदलने की तैयारी कर रहा है. पाकिस्तान अपनी मिसाइलों के नाम बदलकर क्या रखेगा? वैसे आजकल जिस तरह पाकिस्तान आतंकी सेना के चीफ आसिम मुनीर की कमांड में चल रहा है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ अपनी नौकरी बचाने के लिए इन मिसाइलों का नाम मुनीर के नाम पर भी रख सकते हैं. यानि हो सकता है पाकिस्तान की गौरी मिसाइल का नाम बदलकर आगे मुनीर मिसाइल रख दिया जाए. वैसे मिसाइलों का नाम बदलकर पाकिस्तान अपनी खीज जरूर मिटा सकता है लेकिन अगर उसने प्रोपेगेंडा जारी रखा तो उसकी पिटाई जरूर जारी रहेगी. ये बात पाकिस्तान को भी पता है इसीलिए पाकिस्तान ने दोहा में एक बार फिर से अफगानिस्तान से सीजफायर बढ़ाने की मांग कर डाली है और अब तक जो सूचना मिल रही है अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीजफायर आगे बढ़ सकता है.
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