CRPF: हरियाणा सरकार ने सीआरपीएफ शौर्य चक्र विजेता की सम्मान राशि पर चलाई कैंची, 31 लाख रुपये में से दिए 7 लाख

India News News

CRPF: हरियाणा सरकार ने सीआरपीएफ शौर्य चक्र विजेता की सम्मान राशि पर चलाई कैंची, 31 लाख रुपये में से दिए 7 लाख
Nationalindia News In HindiLatest India News Updates
  • 📰 Amar Ujala
  • ⏱ Reading Time:
  • 252 sec. here
  • 8 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 111%
  • Publisher: 51%

सेना या सीएपीएफ में शौर्य चक्र विजेताओं को संबंधित राज्य की सरकारों द्वारा निर्धारित सम्मान राशि प्रदान करने का नियम है। हालांकि यह राशि सभी प्रांतों में एक जैसी नहीं होती।

देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' में बतौर सहायक कमांडेंट जिले सिंह, जिसने पाकिस्तान के आतंकी संगठन, जैश-ए-मोहम्मद के बड़े आतंकी हमले में अपने 12 साथियों की रक्षा की थी। लेथपोरा के सीआरपीएफ कैंप पर हुए उस हमले में जिले सिंह ने अपनी जान की परवाह न करते हुए तीन खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया था। सिंह की इस बहादुरी के लिए उन्हें 'शौर्य' चक्र से नवाजा गया। वे मूलत: हरियाणा के गुरुग्राम जिले से हैं, इसलिए सरकार की तरफ से उन्हें सम्मान राशि के तौर पर 31 लाख रुपये दिए जाने थे। हरियाणा सरकार ने मात्र सात लाख रुपये देकर मामला रफा-दफा करने का प्रयास किया। यानी 24 लाख रुपये की राशि पर कैंची चला दी गई। तीन साल से सहायक कमांडेंट अपनी बकाया राशि के लिए हरियाणा सरकार के चक्कर काट रहा है, लेकिन कहीं भी उसकी सुनवाई नहीं हो रही। अब इस मामले को मुख्यमंत्री नायब सैनी के समक्ष रखने की बात कही जा रही है। बतौर जिले सिंह, हरियाणा सरकार के ज्ञापन संख्या 20/28/85-4डी, 28-05-2014 के तहत शौर्य चक्र विजेता को 31 लाख रुपये, एकमुश्त देने का प्रावधान है। साथ ही कृषि योग्य भूमि, प्लाट/फ्लैट इत्यादि देने का भी नियम है। इसके अतिरिक्त किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग/सरकारी भवन पर शौर्य चक्र विजेता का नाम अंकित कराने का भी प्रावधान है। बतौर जिले सिंह, मुझे केवल सात लाख रुपये दिए गए हैं, जबकि निर्धारित राशि 31 लाख रुपये है। 2020 में इस बाबत हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर तय नियमानुसार, सम्मान राशि देने का अनुरोध किया गया था। अभी तक सरकार की तरफ से किसी भी प्रकार का सकारात्मक विचार नहीं किया गया है। तत्कालीन केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने इस विषय को लेकर 23 अगस्त 2023 को हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखा था। उसके बाद भी सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं की गई। सीआरपीएफ की तरफ से भी इस संबंध में हरियाणा सरकार के साथ पत्राचार किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। दिल्ली हाई कोर्ट ने भले ही गत वर्ष 11 जनवरी को दिए अपने फैसले में केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीएपीएफ' को 'भारत संघ के सशस्त्र बल' माना है, लेकिन हरियाणा सरकार ऐसा नहीं मानती। इसी के चलते शौर्य चक्र विजेता को पूरी सम्मान राशि नहीं दी जा रही। अगर यही शौर्य चक्र, सेना में किसी को मिलता है, तो उसे बिना कोई देरी किए, 31 लाख रुपये दे दिए जाते हैं। जिले सिंह को महज सात लाख रुपये दिए गए हैं। वे लंबे समय से अपनी बकाया राशि के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पिछले साल हरियाणा सरकार की तरफ से कहा गया था कि इस मामले में दूसरे प्रदेशों से यह जानकारी ले रहे हैं कि उनके यहां शौर्य चक्र विजेता को कितनी राशि मिलती है। उसके बाद ही दोबारा से इस केस की फाइल पर विचार किया जाएगा। आसपास के राज्यों में मिलने वाली राशि सार्वजनिक पटल पर आ चुकी है, मगर हरियाणा सरकार मानने को तैयार नहीं है। सितंबर 2022 में इस मामले को लेकर मुख्य सचिव, सैनिक/अर्धसैनिक कल्याण विभाग, हरियाणा सरकार के साथ पत्राचार हुआ था। वहां से जानकारी मिली कि यह मामला मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा गया है। दूसरे राज्यों में शौर्य चक्र विजेता को क्या कुछ मिलता है, वह जानकारी एकत्रित की जा रही है। हरियाणा सरकार इस केस को लेकर गंभीर है। अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा लिए जाने की बात कही गई। भाजपा के तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ ने भी यह भरोसा दिया था कि जिले सिंह को उनका पूरा हक मिलेगा। बतौर जिले सिंह, हरियाणा सरकार द्वारा महज सात लाख रुपये दिए गए हैं। उन्होंने 2017 में अपनी टीम के साथ लेथपोरा के सीआरपीएफ कैंप पर हुए हमले में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों को मार गिराया था। दहशतगर्दों का खात्मा और अपने 12 साथियों की रक्षा करने के लिए उन्हें 'शौर्य' चक्र प्रदान किया गया था। सहायक कमांडेंट जिले सिंह ने दक्षिण कश्मीर रेंज में बतौर क्यूएटी ऑप्स कमांडर, पांच साल तक ड्यूटी की है। दो बार उनका कार्यकाल बढ़ाया गया। उन्होंने आतंकियों का खात्मा करने वाले कई बड़े अभियानों में हिस्सा लिया है। 2017 में सीआरपीएफ के लेथपोरा कैंप पर जब आतंकियों ने हमला किया, तो जिले सिंह और उनकी टीम ने बहादुरी से उनका मुकाबला किया। वहां पर सीआरपीएफ के दर्जनभर जवान, आतंकियों के निशाने पर थे। लगभग 36 घंटे तक चले ऑपरेशन में जैश के तीन आतंकी मारे गए। इस ऑपरेशन में जिले सिंह की टीम के एक सदस्य सहित पांच जवानों ने शहादत दी थी। उस ऑपरेशन में सीआरपीएफ जवानों की हिफाजत के लिए सहायक कमांडेंट जिले सिंह ने रूम इंटरवेंशन किया था। उन्होंने चौथी मंजिल पर पहुंचकर एक आतंकी को मार गिराया। बाकी बचे दो दहशतगर्दों को भी इसी तरह ठिकाने लगाया गया। दक्षिण कश्मीर के अवंतीपुरा के गांव बेईघबोरा में, सुरक्षा बलों की जिस टीम ने मोस्ट वांटेड आतंकी रियाज नायकू को मार गिराया था, उस ऑपरेशन में भी सहायक कमांडेंट जिले सिंह की खास भूमिका रही। इस ऑपरेशन में आर्मी, जम्मू-कश्मीर पुलिस व सीआरपीएफ शामिल थी। ऑपरेशन के दौरान जिले सिंह के हाथ में चोट लगी थी। अतिरिक्त सहायक कमांडेंट जिले सिंह ने ऐसे ही दर्जनों दूसरे ऑपरेशन में भी अपनी बहादुरी का लोहा मनवाया था। सेना या सीएपीएफ में शौर्य चक्र विजेताओं को संबंधित राज्य की सरकारों द्वारा निर्धारित सम्मान राशि प्रदान करने का नियम है। हालांकि यह राशि सभी प्रांतों में एक जैसी नहीं होती। राजस्थान में ऐसे बहादुरों को 25 बीघा जमीन तक दी जाती रही है। बाद में उस जमीन की कीमत के हिसाब से पैसे मिलने लगे। हरियाणा सरकार, सेना के शौर्य चक्र विजेता को 31 लाख रुपये देती है। अगर सीएपीएफ में शौर्य चक्र मिलता है, तो उसे सात लाख रुपये दे देते हैं। सम्मान राशि में भेदभाव का यह केस स्थानीय नेताओं से लेकर केंद्रीय मंत्रियों तक भी पहुंचा है, लेकिन अभी तक मामला नहीं निपट सका। अब इस मामले को मुख्यमंत्री नायब सैनी के समक्ष रखने की बात की जा रही है।.

देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' में बतौर सहायक कमांडेंट जिले सिंह, जिसने पाकिस्तान के आतंकी संगठन, जैश-ए-मोहम्मद के बड़े आतंकी हमले में अपने 12 साथियों की रक्षा की थी। लेथपोरा के सीआरपीएफ कैंप पर हुए उस हमले में जिले सिंह ने अपनी जान की परवाह न करते हुए तीन खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया था। सिंह की इस बहादुरी के लिए उन्हें 'शौर्य' चक्र से नवाजा गया। वे मूलत: हरियाणा के गुरुग्राम जिले से हैं, इसलिए सरकार की तरफ से उन्हें सम्मान राशि के तौर पर 31 लाख रुपये दिए जाने थे। हरियाणा सरकार ने मात्र सात लाख रुपये देकर मामला रफा-दफा करने का प्रयास किया। यानी 24 लाख रुपये की राशि पर कैंची चला दी गई। तीन साल से सहायक कमांडेंट अपनी बकाया राशि के लिए हरियाणा सरकार के चक्कर काट रहा है, लेकिन कहीं भी उसकी सुनवाई नहीं हो रही। अब इस मामले को मुख्यमंत्री नायब सैनी के समक्ष रखने की बात कही जा रही है। बतौर जिले सिंह, हरियाणा सरकार के ज्ञापन संख्या 20/28/85-4डी, 28-05-2014 के तहत शौर्य चक्र विजेता को 31 लाख रुपये, एकमुश्त देने का प्रावधान है। साथ ही कृषि योग्य भूमि, प्लाट/फ्लैट इत्यादि देने का भी नियम है। इसके अतिरिक्त किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग/सरकारी भवन पर शौर्य चक्र विजेता का नाम अंकित कराने का भी प्रावधान है। बतौर जिले सिंह, मुझे केवल सात लाख रुपये दिए गए हैं, जबकि निर्धारित राशि 31 लाख रुपये है। 2020 में इस बाबत हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर तय नियमानुसार, सम्मान राशि देने का अनुरोध किया गया था। अभी तक सरकार की तरफ से किसी भी प्रकार का सकारात्मक विचार नहीं किया गया है। तत्कालीन केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने इस विषय को लेकर 23 अगस्त 2023 को हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखा था। उसके बाद भी सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं की गई। सीआरपीएफ की तरफ से भी इस संबंध में हरियाणा सरकार के साथ पत्राचार किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। दिल्ली हाई कोर्ट ने भले ही गत वर्ष 11 जनवरी को दिए अपने फैसले में केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीएपीएफ' को 'भारत संघ के सशस्त्र बल' माना है, लेकिन हरियाणा सरकार ऐसा नहीं मानती। इसी के चलते शौर्य चक्र विजेता को पूरी सम्मान राशि नहीं दी जा रही। अगर यही शौर्य चक्र, सेना में किसी को मिलता है, तो उसे बिना कोई देरी किए, 31 लाख रुपये दे दिए जाते हैं। जिले सिंह को महज सात लाख रुपये दिए गए हैं। वे लंबे समय से अपनी बकाया राशि के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पिछले साल हरियाणा सरकार की तरफ से कहा गया था कि इस मामले में दूसरे प्रदेशों से यह जानकारी ले रहे हैं कि उनके यहां शौर्य चक्र विजेता को कितनी राशि मिलती है। उसके बाद ही दोबारा से इस केस की फाइल पर विचार किया जाएगा। आसपास के राज्यों में मिलने वाली राशि सार्वजनिक पटल पर आ चुकी है, मगर हरियाणा सरकार मानने को तैयार नहीं है। सितंबर 2022 में इस मामले को लेकर मुख्य सचिव, सैनिक/अर्धसैनिक कल्याण विभाग, हरियाणा सरकार के साथ पत्राचार हुआ था। वहां से जानकारी मिली कि यह मामला मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा गया है। दूसरे राज्यों में शौर्य चक्र विजेता को क्या कुछ मिलता है, वह जानकारी एकत्रित की जा रही है। हरियाणा सरकार इस केस को लेकर गंभीर है। अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा लिए जाने की बात कही गई। भाजपा के तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ ने भी यह भरोसा दिया था कि जिले सिंह को उनका पूरा हक मिलेगा। बतौर जिले सिंह, हरियाणा सरकार द्वारा महज सात लाख रुपये दिए गए हैं। उन्होंने 2017 में अपनी टीम के साथ लेथपोरा के सीआरपीएफ कैंप पर हुए हमले में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों को मार गिराया था। दहशतगर्दों का खात्मा और अपने 12 साथियों की रक्षा करने के लिए उन्हें 'शौर्य' चक्र प्रदान किया गया था। सहायक कमांडेंट जिले सिंह ने दक्षिण कश्मीर रेंज में बतौर क्यूएटी ऑप्स कमांडर, पांच साल तक ड्यूटी की है। दो बार उनका कार्यकाल बढ़ाया गया। उन्होंने आतंकियों का खात्मा करने वाले कई बड़े अभियानों में हिस्सा लिया है। 2017 में सीआरपीएफ के लेथपोरा कैंप पर जब आतंकियों ने हमला किया, तो जिले सिंह और उनकी टीम ने बहादुरी से उनका मुकाबला किया। वहां पर सीआरपीएफ के दर्जनभर जवान, आतंकियों के निशाने पर थे। लगभग 36 घंटे तक चले ऑपरेशन में जैश के तीन आतंकी मारे गए। इस ऑपरेशन में जिले सिंह की टीम के एक सदस्य सहित पांच जवानों ने शहादत दी थी। उस ऑपरेशन में सीआरपीएफ जवानों की हिफाजत के लिए सहायक कमांडेंट जिले सिंह ने रूम इंटरवेंशन किया था। उन्होंने चौथी मंजिल पर पहुंचकर एक आतंकी को मार गिराया। बाकी बचे दो दहशतगर्दों को भी इसी तरह ठिकाने लगाया गया। दक्षिण कश्मीर के अवंतीपुरा के गांव बेईघबोरा में, सुरक्षा बलों की जिस टीम ने मोस्ट वांटेड आतंकी रियाज नायकू को मार गिराया था, उस ऑपरेशन में भी सहायक कमांडेंट जिले सिंह की खास भूमिका रही। इस ऑपरेशन में आर्मी, जम्मू-कश्मीर पुलिस व सीआरपीएफ शामिल थी। ऑपरेशन के दौरान जिले सिंह के हाथ में चोट लगी थी। अतिरिक्त सहायक कमांडेंट जिले सिंह ने ऐसे ही दर्जनों दूसरे ऑपरेशन में भी अपनी बहादुरी का लोहा मनवाया था। सेना या सीएपीएफ में शौर्य चक्र विजेताओं को संबंधित राज्य की सरकारों द्वारा निर्धारित सम्मान राशि प्रदान करने का नियम है। हालांकि यह राशि सभी प्रांतों में एक जैसी नहीं होती। राजस्थान में ऐसे बहादुरों को 25 बीघा जमीन तक दी जाती रही है। बाद में उस जमीन की कीमत के हिसाब से पैसे मिलने लगे। हरियाणा सरकार, सेना के शौर्य चक्र विजेता को 31 लाख रुपये देती है। अगर सीएपीएफ में शौर्य चक्र मिलता है, तो उसे सात लाख रुपये दे देते हैं। सम्मान राशि में भेदभाव का यह केस स्थानीय नेताओं से लेकर केंद्रीय मंत्रियों तक भी पहुंचा है, लेकिन अभी तक मामला नहीं निपट सका। अब इस मामले को मुख्यमंत्री नायब सैनी के समक्ष रखने की बात की जा रही है।

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

Amar Ujala /  🏆 12. in İN

Nationalindia News In Hindi Latest India News Updates

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

EPFO का यह रिकॉर्ड दिखा रहा है दूर की तस्‍वीर, रोजगार का पूरा सीन बदलने वाला है क्‍या?EPFO का यह रिकॉर्ड दिखा रहा है दूर की तस्‍वीर, रोजगार का पूरा सीन बदलने वाला है क्‍या?कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने गुरुवार को घोषणा की कि अप्रैल में रिकॉर्ड 18.92 लाख नए सदस्य संगठन से जुड़े, जो पिछले महीने की तुलना में 31.
Read more »

10 साल, सैकड़ों हादसे, 2400 करोड़ का मुआवजा! पीएम फंड से हर साल दिए जाते हैं इतने रुपये?10 साल, सैकड़ों हादसे, 2400 करोड़ का मुआवजा! पीएम फंड से हर साल दिए जाते हैं इतने रुपये?Hathras stampede: हाथरस में हुए भगदड़ हादसे में 121 लोगों की मौत हो गई है और अब सरकार की ओर से मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये दिए जाएंगे.
Read more »

हाथरस हादसा: मृतकों के परिजनों के लिए नौकरी और एक करोड़ रुपये की मांग, अजय राय ने योगी सरकार पर साधा निशानाहाथरस हादसा: मृतकों के परिजनों के लिए नौकरी और एक करोड़ रुपये की मांग, अजय राय ने योगी सरकार पर साधा निशानाअजय राय ने हादसे को प्रशासन की नाकामी करार देते हुए कहा कि मृतकों के परिजनों को नौकरी और एक करोड़ रुपये दिए व घायलों को 25 लाख रुपये दिए जाएं।
Read more »

Dungarpur Crime News: रतनपुर बॉर्डर पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 70 लाख का सोना और 26 लाख कैश के साथ तीन लोग गिरफ्तारDungarpur Crime News: रतनपुर बॉर्डर पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 70 लाख का सोना और 26 लाख कैश के साथ तीन लोग गिरफ्तारDungarpur Crime News: डूंगरपुर जिले की बिछीवाडा थाना पुलिस ने रतनपुर बोर्डर पर तीन लोगो से 70 लाख का सोना व 26 लाख से अधिक का कैश जब्त किया है.
Read more »

Kaimur News: कैमूर में आसमान से बरसी मौत, वज्रपात की घटनाओं में 5 लोगों की जान गईKaimur News: कैमूर में आसमान से बरसी मौत, वज्रपात की घटनाओं में 5 लोगों की जान गईKaimur News: इससे पहले सीएम नीतीश कुमार की ओर से आकाशीय बिजली से मरने वालों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया गया था.
Read more »

हाइब्रिड कारों पर यूपी सरकार ने लिया बड़ा फैसला, राॅकेट बना मारुति का शेयर, ग्राहक बचा सकेंगे लाखों रुपयेहाइब्रिड कारों पर यूपी सरकार ने लिया बड़ा फैसला, राॅकेट बना मारुति का शेयर, ग्राहक बचा सकेंगे लाखों रुपयेMaruti Suzuki Share Price: यूपी में खरीदार मारुति सुजुकी इनविक्टो पर 3 लाख रुपये और मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा पर 2 लाख रुपये से अधिक की बचत कर सकते हैं.
Read more »



Render Time: 2026-04-02 13:08:28