Bihar Chunav: लालू-तेजस्वी की छाया से मुक्त होना चाहती है कांग्रेस! पटना में CWC की बैठक, जानिए इनसाइड स्टो...

Bihar Chunav News

Bihar Chunav: लालू-तेजस्वी की छाया से मुक्त होना चाहती है कांग्रेस! पटना में CWC की बैठक, जानिए इनसाइड स्टो...
बिहार चुनावकांग्रेसलालू प्रसाद यादव
  • 📰 News18 Hindi
  • ⏱ Reading Time:
  • 284 sec. here
  • 19 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 162%
  • Publisher: 51%

बिहार में कांग्रेस पार्टी दशकों तक राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के जूनियर पार्टनर के रूप में रही है. लेकिन, अब पार्टी की रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. बिहार विधानसभा चुनाव-2025 से पहले कांग्रेस ने अपनी स्वायत्तता और ताकत बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं. इसी क्रम में आठ दशक बाद बिहार में बुधवार को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक हुई.

Congress Patna CWC Meeting Inside Story: बिहार विधानसभा चुनाव के इस बार कई मायनों में बीते चुनावों से अलग रहने के आसार हैं. 1990 के बाद सूबे में समाप्ति के कगार पर पहुंच चुकी कांग्रेस में करीब 35 साल बाद नई ऊर्जा का संचार होता दिख रहा है.

लगातार तीन दशक से अधिक समय तक परजीवी बनी कांग्रेस अपने पंखों के सहारे उड़ान भरना चाहती है. आरजेडी की दया पर संसदीय और विधानसभा चुनावों में अपनी जमीन तलाशती रही कांग्रेस इस बार अपनी शर्तों पर लालू यादव और उनके बेटे तेजस्वी को चलने पर मजबूर कर रही है. इसे इसी बात से समझा जा सकता है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में 16 दिनों तक बिहार में चली वोटर अधिकार यात्रा में तेजस्वी को अपना कामकाज छोड़ कर शामिल होना पड़ा. राहुल की कृपा पाने के लिए तेजस्वी ने 2029 में उन्हें पीएम बनाने की लोगों से खुली अपील करनी पड़ी. और तो और, सीटों पर बातचीत के लिए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने जब कभी तेजस्वी को तलब किया, वे दौड़े-भागे दिल्ली पहुंचे. अब कांग्रेस ने पटना में बुधवार को कार्यसमिति की बैठक की. आठ दशक बाद आतिथ्य का यह अवसर बिहार को मिला. कांग्रेस के अब बदल गए हैं तेवर साल भर में कांग्रेस ने कई ऐसे काम बिहार के संदर्भ में किए हैं, जिससे उसके तेवर बदलने के संकेत मिलते हैं. सबसे पहले कांग्रेस ने बिहार प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह की छुट्टी की. उनकी जगह चुनावी रणनीति के तहत दलित वर्ग से आने वाले राजेश राम को कमान सौंपी गई. अखिलेश सिंह को लालू यादव का करीबी माना जाता है. कांग्रेस के एक तबके का मानना है कि लालू से मधुर संबंधों के कारण अखिलेश सिंह सीटों की संख्या और गुणवत्ता पर ठीक से मोल-तोल नहीं कर पाते थे. उसके बाद पार्टी ने कृष्णा अल्लावर को बिहार का प्रभारी बनाया. बिहार में महागठबंधन का नेतृत्व करने वाले आरजेडी के प्रति नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी के रुख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोनों महीनों तक लालू परिवार से दूर रहे. लालू की छाया से मुक्ति की कोशिशें कांग्रेस आलाकमान ने मार्च 2025 में बिहार में नेतृत्व में बदलाव किया. कांग्रेस ने प्रभारी भक्त चरण दास को हटा कर कृष्णा अल्लावरु को नियुक्त किया गया. इसके साथ ही राजेश कुमार को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, जिन्होंने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मिलने से परहेज किया. यह बदलाव इस बात का स्पष्ट संकेत है कि कांग्रेस अब आरजेडी के साथ एक स्वतंत्र पहचान बनाना चाहती है. अभी तक पार्टी लालू परिवार की पिछलग्गू की भूमिका में रही है. अलग पहचान के लिए प्रयास जारी राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ और प्रियंका गांधी की ‘हर घर अधिकार यात्रा’ ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा है. इन यात्राओं के माध्यम से कांग्रेस ने सीधे तौर पर लोगों से जुड़ने की कोशिश की है, जो राजद की चुनावी रणनीति से अलग है. यही नहीं, कांग्रेस ने 2020 के 70 सीटों के फार्मूले को बनाए रखने की मांग की है. साथ ही इस बार उसने ‘जीतने योग्य’ सीटों पर भी जोर दिया है. पार्टी ने राजद को 76 सीटों की सूची सौंपी है, जिसमें अच्छी और खराब सीटों के बीच संतुलन बनाने की बात कही गई है. साथ में कांग्रेस ने अब एक डेप्युटी सीएम के पद पर भी दावेदारी ठोंक दी है. कांग्रेस का मौजूदा प्रदेश नेतृत्व लालू यादव से दूरी बनाकर चल रहा है. राजद की अब अनुचर नहीं, सहचर कांग्रेस ने तेजस्वी यादव को महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में खुल कर समर्थन नहीं दिया है. साफ शब्दों में कहें तो उसने इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली है. पार्टी के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने कहा है कि मुख्यमंत्री का चेहरा बिहार की जनता तय करेगी. यह राजद के उस दावे पर एक सीधा प्रहार है, जिसमें वह तेजस्वी को निर्विवाद सीएम उम्मीदवार मानती है. बिहार में अपनी वोटर अधिकार यात्रा में इस बाबत पूछे जाने पर राहुल गांधी ने जिस तरह कन्नी काट ली, उससे जाहिर है कि कांग्रेस तब तक इस मुद्दे पर पेंच फंसाए रखना चाहती है, जब तक सीट शेयरिंग का मामला न सुलझ जाए. कांग्रेस ने RJD को बताई औकात कांग्रेस का यह बदला हुआ रुख राजद के उस रवैये का भी परिणाम है, जिसमें वह कांग्रेस को कम सीटों पर चुनाव लड़ने की सलाह दे रही थी. कांग्रेस अब जूनियर पार्टनर की भूमिका को छोड़ कर बराबरी का दर्जा चाहती है. आरजेडी ने काफी पहले यह संकेत देना शुरू किया कि पिछले परफार्मेंस को देखते हुए इस बार कांग्रेस को उतनी सीटें नहीं मिलेंगी, जितनी 2020 में मिली थीं. राजद ने कांग्रेस को 50 से भी कम सीटों पर निपटाने का मन बनाया था. राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव का मानना था कि कांग्रेस को अधिक सीटें देने से पिछली बार की तरह नुकसान संभव है. कांग्रेस को मिलीं 70 में सिर्फ 19 सीटें जीत पाने के कारण ही तेजस्वी सीएम नहीं बन पाए. दर्जन भर सीटों की कमी के कारण महागठबंधन की सरकार नहीं बन पाई. आजादी के बाद पहली बार बिहार में बुधवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई. 8 दशक बाद बिहार में CWC बैठक कांग्रेस ने 24 सितंबर 2025 को पटना में अपनी सर्वोच्च नीति निर्धारण संस्था- कांग्रेस कार्य समिति की बैठक आयोजित की. यह स्वतंत्रता के बाद बिहार में सीडब्ल्यूसी की पहली बैठक थी, जो पार्टी के लिए बिहार के राजनीतिक महत्व को दर्शाता है. सीडब्ल्यूसी की बैठक का मुख्य एजेंडा बिहार विधानसभा चुनाव की रणनीति तय करना था. बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे. बैठक में कथित ‘वोट चोरी’ और चुनाव आयोग की मतदाता सूची पुनरीक्षण जैसी शिकायतों पर भी चर्चा हुई. इसके बाद महागठबंधन की रैली में अति पिछड़ा न्याय संकल्प दस्तावेज जारी किया गया. CWC की बैठक के एक दिन पहले मंगलवार को कोआर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन तेजस्वी यादव के आवास पर महागठबंधन के नेताओं की बैठक हुई. बैठक में सीट शेयरिंग पर चर्चा हुई. बताया जाता है कि सीटों पर बातचीत की जानकारी कांग्रेस नेता आलाकमान को देंगे. उसके बाद आलाकमान का जो निर्णय होगा, उस अनुसार काम होगा. क्या अलग भी लड़ सकती है कांग्रेस कांग्रेस में जो बदलाव दिख रहे हैं, वे एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हैं. इसके तहत पार्टी अपनी पुरानी पहचान को छोड़ कर एक मजबूत और स्वतंत्र ताकत के रूप में उभरना चाहती है. हालांकि यह देखना बाकी है कि यह रणनीति आगामी चुनाव में पार्टी के लिए कितनी सफल होती है. खासकर तब, जब महागठबंधन के भीतर ही सीट बंटवारे को लेकर तलवारें खिंची हुई हैं. कांग्रेस के इस नए आक्रामक रुख से राजद पर दबाव बढ़ा है और महागठबंधन के भीतर की गतिशीलता में एक बड़ा बदलाव आया है. यह सही है कि राहुल समेत कांग्रेस के बड़े नेताओं की बिहार में आवाजाही बढ़ने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश का संचार हुआ है. पार्टी भी इसे समझती है. यह भी हो सकता है कि सीटों के सवाल पर जिस तरह अंतिम वक्त में कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी से हरियाणा और दिल्ली में चुनावी गठबंधन नहीं किया, कहीं बिहार में भी उसकी पुनरावृत्ति न हो जाए.

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

News18 Hindi /  🏆 13. in İN

बिहार चुनाव कांग्रेस लालू प्रसाद यादव राजद तेजस्वी यादव Congress Bihar Assembly Election कांग्रेस बिहार विधानसभा चुनाव Bihar Politics Congress CWC Meeting RJD Alliance Seat Sharing Bihar Rahul Gandhi Bihar Tejashwi Yadav Congress

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

क्या टूट जाएगा तेजस्वी का सपना? CM फेस पर DK शिवकुमार के बयान से पलट गया खेलक्या टूट जाएगा तेजस्वी का सपना? CM फेस पर DK शिवकुमार के बयान से पलट गया खेलBihar Chunav: क्या टूट जाएगा तेजस्वी का सपना? CM फेस पर DK शिवकुमार के बयान से पलट गया पूरा खेल
Read more »

Bihar Chunav : तेजस्वी का नाम लेकर भाजपा के मुस्लिम नेता ने बताया पटना में कांग्रेस CWC मीटिंग का राज, जेडी...Bihar Chunav : तेजस्वी का नाम लेकर भाजपा के मुस्लिम नेता ने बताया पटना में कांग्रेस CWC मीटिंग का राज, जेडी...Bihar Chunav 2025 : पटना में हो रही कांग्रेस वर्किंग कमेटी बैठक से पहले NDA नेताओं ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कांग्रेस को ‘जीरो पर आउट’ कहा, जबकि उपेंद्र कुशवाहा ने गठबंधन को स्वार्थ का बताया. जदयू नेताओं ने इसे तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव पर दबाव बनाने की कवायद बताया.
Read more »

Bihar Chunav 2025: NDA एक बार फिर सरकार बनाएगा, जहानाबाद में लवली आनंद ने किया दावाBihar Chunav 2025: NDA एक बार फिर सरकार बनाएगा, जहानाबाद में लवली आनंद ने किया दावाBihar Chunav 2025: JDU सांसद लवली आनंद मंगलवार को जहानाबाद पहुंचीं. उन्होंने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर आत्मविश्वास जताते हुए नारा दिया-2025 में 225, फिर से नीतीश.
Read more »

ओवैसी ने सीमांचल न्याय यात्रा को बताया हक और अधिकार की लड़ाई का नया अध्यायओवैसी ने सीमांचल न्याय यात्रा को बताया हक और अधिकार की लड़ाई का नया अध्यायBihar Chunav : हक और अधिकार की लड़ाई का नया अध्याय, असदुद्दीन औवैसी ने सीमांचल न्याय यात्रा के लिए भरी हुंकार
Read more »

Bihar Chunav: महागठबंधन ने जारी किया स्पेशल मेनिफेस्टो, अतिपिछड़ा के लिए की गई ये बड़ी घोषणाएंBihar Chunav: महागठबंधन ने जारी किया स्पेशल मेनिफेस्टो, अतिपिछड़ा के लिए की गई ये बड़ी घोषणाएंBihar Chunav: महागठबंधन ने अतिपिछड़ा वर्ग के लिए न्याय संकल्प मेनिफेस्टो जारी कर आरक्षण बढ़ाने, NFS को अवैध घोषित करने के साथ ही शिक्षा और ठेकों में विशेष आरक्षण की घोषणा की.
Read more »

अति पिछड़ा न्याय संकल्प! कर्पूरी से महागठबंधन तक, आरक्षण की राजनीति का नया मोडअति पिछड़ा न्याय संकल्प! कर्पूरी से महागठबंधन तक, आरक्षण की राजनीति का नया मोडBihar Chunav: अति पिछड़ा न्याय संकल्प! कर्पूरी से महागठबंधन तक, बिहार में आरक्षण की राजनीति का नया मोड़
Read more »



Render Time: 2026-04-01 23:03:57