AI Impact Summit 2026: सड़क हादसे रोकने और प्रदूषण कम करने में एआई होगा मददगार

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AI Impact Summit 2026: रोड सेफ्टी और ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारत के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। ऐसा कहना है मिनिस्ट्री ऑफ रोड, ट्रांसपोर्ट और हाइवे के सीनियर अधिकारी पंकज अग्रवाल का। उन्होंने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में क्या कुछ कहा, आइए जानते...

AI Use In Automobile Industry : भारत में आज से, यानी 16 फरवरी 2026 से इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट की शुरुआत हो गई है और इस ग्लोबल इवेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अलग-अलग सेक्टर में इस्तेमाल और इससे होने वाले फायदों पर विस्तार से चर्चा हो रही है। दिलचस्प बात यह है कि सड़क और परिवहन में एआई दुर्घटनाएं रोकने और प्रदूषण कम करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारी पंकज अग्रवाल ने एआई समिट में बताया कि एआई की मदद से वीइकल-टू-वीइकल कम्युनिकेशन सिस्टम बेहतर करने और स्कूलों में ड्राइविंग सिखाने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। साथ ही एआई सड़क हादसों को कम करने और जान बचाने में अहम साबित हो सकता है।एआई जुटाएंगे ट्रैफिक रूल्स उल्लंघन के सबूतपंकज अग्रवाल ने कहा कि ट्रैफिक रूल्स के उल्लंघन में हाई स्पीड की सबसे बड़ी भूमिका होती है। एआई की मदद से सही आंकड़े जुटाए जा सकते हैं। इससे पुलिस को बिना किसी मानवीय दखल के सबूत मिल सकेंगे। उन्होंने बताया कि अभी पुलिसकर्मी जो डेटा दर्ज करते हैं, वह हमेशा सटीक नहीं होता। दुर्घटनाओं के लिए कई अन्य उल्लंघन भी जिम्मेदार होते हैं।V2V कम्युनिकेशन टेक्नॉलजी पर जोररोड, ट्रांसपोर्ट और हाइवे मिनिस्ट्री के अधिकारी की मानें तो अगर ऐसी टेक्नॉलजी हो, जिससे चालक टक्कर से पहले ही खुद को संभाल सके तो यह काफी अहम है। वीइकल-टू-वीइकल कम्युनिकेशन टेक्नॉलजी के जरिये यह काफी संभव है। अग्रवाल ने यह भी कहा कि चालान के मामलों में भी नियमों का पालन करवाना एक बड़ी चुनौती है। एआई सड़क हादसों और उनसे होने वाली मौतों के सही आंकड़े रखने में भी मदद कर सकता है। एआई-बेस्ड सॉल्यूशनपंकज अग्रवाल ने बिहार का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां के आंकड़ों में जान गंवाने के मामले राष्ट्रीय औसत से ज्यादा दिखते हैं। प्रदूषण की समस्या पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि एआई-बेस्ड सॉल्यूशन डेवलप किए जा रहे हैं। शहरों में पर्यावरण एक बड़ी चिंता का विषय है। सरकार प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। ‘स्कूल सिलेबस में वीइकल ड्राइविंग से जुड़ीं बातें शामिल हो सकती हैं’अग्रवाल ने यह भी सुझाव दिया कि एआई के माध्यम से स्कूल के सिलेबस में वीइकल ड्राइविंग को शामिल किया जाना चाहिए। इससे युवाओं में जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि मद्रास स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी इस पर काम कर रही है, ताकि इसे सिलेबस का कंपल्सरी हिस्सा बनाया जा सके। एआई का इस्तेमाल करके स्कूलों में ड्राइविंग सिखाने से युवा पीढ़ी सुरक्षित ड्राइविंग सीख सकेगी। इससे सड़कों पर होने वाले हादसों में कमी आने की उम्मीद है।.

AI Use In Automobile Industry : भारत में आज से, यानी 16 फरवरी 2026 से इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट की शुरुआत हो गई है और इस ग्लोबल इवेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अलग-अलग सेक्टर में इस्तेमाल और इससे होने वाले फायदों पर विस्तार से चर्चा हो रही है। दिलचस्प बात यह है कि सड़क और परिवहन में एआई दुर्घटनाएं रोकने और प्रदूषण कम करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारी पंकज अग्रवाल ने एआई समिट में बताया कि एआई की मदद से वीइकल-टू-वीइकल कम्युनिकेशन सिस्टम बेहतर करने और स्कूलों में ड्राइविंग सिखाने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। साथ ही एआई सड़क हादसों को कम करने और जान बचाने में अहम साबित हो सकता है।एआई जुटाएंगे ट्रैफिक रूल्स उल्लंघन के सबूतपंकज अग्रवाल ने कहा कि ट्रैफिक रूल्स के उल्लंघन में हाई स्पीड की सबसे बड़ी भूमिका होती है। एआई की मदद से सही आंकड़े जुटाए जा सकते हैं। इससे पुलिस को बिना किसी मानवीय दखल के सबूत मिल सकेंगे। उन्होंने बताया कि अभी पुलिसकर्मी जो डेटा दर्ज करते हैं, वह हमेशा सटीक नहीं होता। दुर्घटनाओं के लिए कई अन्य उल्लंघन भी जिम्मेदार होते हैं।V2V कम्युनिकेशन टेक्नॉलजी पर जोररोड, ट्रांसपोर्ट और हाइवे मिनिस्ट्री के अधिकारी की मानें तो अगर ऐसी टेक्नॉलजी हो, जिससे चालक टक्कर से पहले ही खुद को संभाल सके तो यह काफी अहम है। वीइकल-टू-वीइकल कम्युनिकेशन टेक्नॉलजी के जरिये यह काफी संभव है। अग्रवाल ने यह भी कहा कि चालान के मामलों में भी नियमों का पालन करवाना एक बड़ी चुनौती है। एआई सड़क हादसों और उनसे होने वाली मौतों के सही आंकड़े रखने में भी मदद कर सकता है। एआई-बेस्ड सॉल्यूशनपंकज अग्रवाल ने बिहार का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां के आंकड़ों में जान गंवाने के मामले राष्ट्रीय औसत से ज्यादा दिखते हैं। प्रदूषण की समस्या पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि एआई-बेस्ड सॉल्यूशन डेवलप किए जा रहे हैं। शहरों में पर्यावरण एक बड़ी चिंता का विषय है। सरकार प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। ‘स्कूल सिलेबस में वीइकल ड्राइविंग से जुड़ीं बातें शामिल हो सकती हैं’अग्रवाल ने यह भी सुझाव दिया कि एआई के माध्यम से स्कूल के सिलेबस में वीइकल ड्राइविंग को शामिल किया जाना चाहिए। इससे युवाओं में जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि मद्रास स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी इस पर काम कर रही है, ताकि इसे सिलेबस का कंपल्सरी हिस्सा बनाया जा सके। एआई का इस्तेमाल करके स्कूलों में ड्राइविंग सिखाने से युवा पीढ़ी सुरक्षित ड्राइविंग सीख सकेगी। इससे सड़कों पर होने वाले हादसों में कमी आने की उम्मीद है।

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Global AI Summit In Delhi AI Impact On Road Safety AI Use In Automobile Industry India AI Impact Summit Pollution Control Solutions By AI Ministry Of Road Transport And Highways Pankaj Ag Pankaj Aggarwal On AI Impact ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर एआई का असर एआई इम्पैक्ट समिट 2025

 

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