2014 के चुनावों में पहली बार राजनेता और माफिया गठजोड़ टूटता नजर आ रहा है anilrai123
एक से एक बड़े नेता दिए हैं. कांग्रेस के दौर में कमलापति त्रिपाठी से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर तक, लेकिन इस इलाके की पहचान इन बड़े नेताओं की बजाय यहां के माफिया से होती रही है. 80 के दशक के बाद पूर्वांचल की राजनीतिक पहचान बदलने लगी.
गोरखपुर में हरिशंकर तिवारी की राजनीतिक एंट्री से शुरू हुआ राजनीतिक अपराधिक गठजोड़ साल 2000 आते-आते धीर-धीरे पूरे इलाके को अपने आगोश में ले लिया. एक दौर ऐसा भी आया जब पूर्वांचल की राजनीतिक पहचान माफिया से होने लगी. गोरखपुर के आस-पास हरिशंकर तिवारी, वीरेन्द्र शाही, मऊ में मुख्तार अंसारी, गाजीपुर से मुख्तार अंसारी के भाई अफलाज अंसारी, जौनपुर से धनंजय सिंह, फूलपुर से अतीक अहमद, भदोही में विजय मिश्रा, वाराणसी से बृजेश सिंह का परिवार, आजमगढ़ में रमाकांत यादव, ये लिस्ट लंबी है. लेकिन ये लिस्ट साफ इशारा कर रही है कि पूर्वांचल की पहचान अगर राजनीतिक अपराधी गठजोड़ से होती थी तो क्यों होती है?2014 के चुनावों में पहली बार राजनेता और माफिया गठजोड़ टूटता नजर आया. इन चुनावों में पूर्वांचल ने किसी माफिया को संसद नहीं भेजा, चाहे वह किसी भी पार्टी के टिकट पर मैदान में हो. 2017 के विधानसभा चुनावों में भी ये ट्रेंड जारी रहे. ऐसे में सबकी नज़र अब 2019 के लोकसभा चुनाव पर है क्योंकि इस बार भी माफिया बैक डोर से राजनीति में दांव आजमाने की कोशिश में लगे हैं. संतकबरी नगर सीट पर हरिशंकर तिवारी के बेटे कुशल तिवारी बीएसपी के टिकट पर मैदान में है. गाजीपुर से मुख्तार अंसारी के भाई अफजल भी बीएसपी के टिकट पर मैदान में, जबकि मुख्तार के करीबी समझे जाने वाले अतुल राय घोषी से चुनाव मैदान में है. रमाकांत यादव को कांग्रेस ने भदोही से मैदान में उतारा है. इस चुनावों की खास बात ये रही है कि राजनीतिक पार्टियों ने माफिया पर भरोसा करना छोड़ दिया है.वरिष्ट पत्रकार अंबिका नंद सहाय का कहना है कि जैसे-जैसे चुनाव में तकनीकी और ईवीएम का इस्तेमाल बढ़ा है, नेताओं के लिए अपराधियों की जरूरत खत्म हो गई है. क्योंकि अब बूथ लूटने और लोगों के डराने का दौर चुनाव में खत्म हो गया है. साथ ही सोशल मीडिया के मजबूत होने के कराण किसी भी उम्मीदवार का इतिहास खंगालना और उसपर हमला करना आसान हो गया है. ऐसे में नेता अपराधियों को टिकट देने से बच रहे हैं. किसी दौर में अपराधियों का सबसे बड़ा ठिकाना समझी जाने वाली समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी अपराधियों के खिलाफ अपने स्टैंड के कारण ही पहली बार चर्चा में आए और 2012 के विधान सभा चुनाव में इसी स्टैंड ने उन्हें सीएम की कुर्सी तक पहुंचाया ऐसे में कोई भी राजनीतिक दल अपराधियों से सीध-सीधे जूड़ने से कतरा रहा है.
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
वाराणसी में कैंप कर पूर्वांचल को साधेंगी प्रियंका गांधी-Navbharat Timesपीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ उत्तर प्रदेश की वाराणसी सीट से अजय राय कांग्रेस के उम्मीदवार होंगे। इसके साथ ही इस हाई प्रोफाइल सीट से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के मैदान में उतरने की अटकलें खत्म हो गई हैं। बता दें कि पिछले कुछ समय से मोदी के खिलाफ प्रियंका गांधी के मैदान में उतरने की चर्चा थी। खुद प्रियंका भी कई मौकों पर कहते सुनी गई थीं कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी चाहेंगे तो वह वाराणसी से चुनाव लड़ने को तैयार हैं। राहुल ने भी कहा था कि इस मसले पर सस्पेंस जरूरी है। लेकिन कांग्रेस ने 2014 के उम्मीदवार को ही फिर से वाराणसी में खड़ा कर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है।
Read more »
भोपाल लोकसभा सीट पर प्रज्ञा ठाकुर की राह नहीं है आसान, 8 बड़ी बातेंमध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह और बीजेपी की प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर के बीच हो रहे मुकाबले पर अब पूरे देश की नजर है. शुरुआत में ऐसा लग रहा था कि प्रज्ञा ठाकुर के उतरने से दिग्विजय सिंह बैकफुट पर आ गए हैं और उन्होंने मीडिया के सामने पूरी तरह से चुप्पी साध ली थी. लेकिन मुंबई हमले में शहीद पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे पर बयान देकर प्रज्ञा ठाकुर ने एक तरह से खुद ही अपना नुकसान कर लिया. जेल में हुए कथित अत्याचार की कहानी बताते-बताते उन्होंने कह दिया कि उन्हीं के श्राप की वजह से हेमंत करकरे की मौत हुई है. उनके उस बयान की लोगों ने कड़ी निंदा करनी शुरू कर दी और बीजेपी बैकफुट में आ गई. नतीजा यह हुआ कि पार्टी के बड़े नेताओं ने जाकर प्रज्ञा ठाकुर को समझाया कि क्या बोलना है और क्या नहीं. हालांकि बीजेपी की ओर से उन्हें इस बात की पूरी छूट दी गई कि वह उनके साथ हुए जेल में कथित अत्याचार की कहानी खूब सुनाएं. आपको बता दें कि भोपाल सीट बीजेपी का गढ़ माना जाता है आखिरी चुनाव कांग्रेस ने यहां पर 1984 में जीता था. लेकिन इस बार प्रज्ञा ठाकुर की राह आसान नहीं है और इसकी सिर्फ एक नहीं कई वजहे हैं.
Read more »
कम्प्यूटर बाबा ने प्रज्ञा की तुलना रावण से और शिवराज की शकुनी से कीबोले- दिग्विजय सिंह की जीत के लिए 7000 साधु करेंगे हठ योग, फिर करेंगे रोड शो 13 अखाड़ों के साधू 7 मई को आएंगे भोपाल | loksabha chunav 2019 computer baba hatyog in bhopal
Read more »
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने महाकाल के दर्शन किए, बोले- बाबा से अच्छी बारिश की कामना कीदेवेंद्र फडणवीस इंदौर में भाजपा उम्मीदवार शंकर लालवानी के समर्थन में प्रचार करने आए थे | mp news ujjain maharashtra cm offered prayers to mahakaal ujjain and wish country to have good rains
Read more »
बेटी की शादी के लिए जैन मंदिर से की भगवान के आभूषणों की चोरी, गिरफ्तारवर्धमान नगर के जैन मंदिर की मूर्ति से स्वर्ण पत्र की चोरी का खुलासा सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान, वाराणसी का है निवासी | Accused Arrested for stealing gold foil from jain derasar in rajkot
Read more »
आडवाणी की गिरफ्तारी में बाधा डालने वालों को गोली मारने का आदेश था: लालू– News18 हिंदीयहां रथयात्रा के निर्णय से केंद्र की जनता दल सरकार के गिर जाने का खतरा तो था ही, मेरी चिंता की एक और वजह थी. बहुत मुश्किलों के बाद मैं बिहार में सांप्रदायिक सद्भाव का माहौल बनाए रखने में सफल हुआ था. जबकि पिछली सरकारों की नाकामी से बिहार एक दंगाग्रस्त राज्य बन चुका था. आरएसएस-भाजपा के रामशिला पूजन के जुलूस की वजह से अक्तूबर, 1989 में भागलपुर में हुए दंगे में लगभग 1,500 लोगों की मौत हुई थी.
Read more »
आधी रोटी खाएंगे, इंदिरा को जिताएंगे...से सूबे के CM तक, जीतन राम मांझी में हैं ये खासियत– News18 हिंदीबिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी बिहार में महादलित राजनीति का बड़ा चेहरा हैं. उनकी छवि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सीधे टक्कर देने वाले नेताओं की भी है. कभी मोदी मुरीद रहे मांझी अब लालू के करीब हैं. इस लोकसभा चुनाव में बिहार के गया लोकसभा सीट से महागठबंधन की ओर से उम्मीदवार हैं. गया जिले के स्थानीय होने और बीजेपी के हरि मांझी की जगह जेडीयू से विजय मांझी से सीधा मुकाबला होने की वजह से वे सुर्खियों में हैं.
Read more »
देशतक: PM नरेंद्र मोदी को 'दिल्ली की लड़की' प्रियंका की चुनौती Delhi girl, Priyanka Gandhi challenges PM Modi! - Desh Tak AajTakलोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी आज दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के साथ रोड़ शो करने के लिए लिए दिल्ली पहुंची. दिल्ली में चुनाव से पहले जनता का पक्ष कांग्रेस की ओर करने के लिए प्रियंका गांधी ने यह रोड़ शो किया है.प्रियंका गांधी की एक झलक पाने के लिए भारी मात्रा में कार्यकर्ताओं की भीड़ इकट्ठा हुई और उनहोनें प्रियंका पर फूलों से वर्षो भी की. प्रियंका गांधी ने रोड़ शो के दौरान प्रधाननमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए खुदको दिल्ली की बेटी बताया. प्रियंका गांधी ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा की, आप सब अपने हक के लिए लड़िए.चुनाव की हर ख़बर मिलेगी सीधे आपके इनबॉक्स में. आम चुनाव की ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए सब्सक्राइब करें आजतक का इलेक्शन स्पेशल न्यूज़लेटर
Read more »
पंत के धमाके से प्लेऑफ में दिल्ली की पहली जीत, हारकर हैदराबाद IPL से बाहरविशाखापट्टनम में खेले गए आईपीएल-12 के एलिमिनेटर मुकाबले में पंत की धमाकेदार अर्धशतकीय पारी की मदद से दिल्ली कैपिटल्स ने हैदराबाद को 2 विकेट से हरा दिया.
Read more »
शॉर्ट सर्किट से स्कूल की बस में भरा धुआं, ड्राइवर की सूझबूझ से बड़ा हादसा टलासेक्टर-126 स्थित मयूर स्कूल की बस बुधवार को छुट्टी होने के बाद स्कूल से बच्चों को लेकर जा रही थी. तभी सेक्टर 71 में ये हादसा हुआ. बस में सवार सभी बच्चे सुरक्षित हैं.
Read more »
नतीजों से पहले ही गठबंधन की तैयारियों में जुटेगा विपक्ष, दिल्ली में बड़ी मीटिंग की तैयारीलोकसभा चुनाव 2019 के तहत 5 चरणों का मतदान संपन्न हो गया है. 2 चरणों की वोटिंग अभी होनी है लेकिन विपक्षी दल की ओर से नतीजों से पहले ही बड़ी बैठक बुलाने की तैयारी है.
Read more »
