Animal Husbandry : सर्दी का मौसम जहां इंसानों को कंपकंपी देता है, वहीं पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन पर भी इसका सीधा असर पड़ता है. थोड़ी-सी लापरवाही बीमारियों और उत्पादन में गिरावट का कारण बन सकती है. इसलिए पशु चिकित्सक मनीष कुमावत ने सर्दियों में पशुओं की सही देखभाल, आहार और सुरक्षा के बेहद जरूरी टिप्स साझा किए हैं.
सीकर : सर्दी के मौसम में तापमान में असमानता, नमी और ठंडी हवाएं पशुओं के स्वास्थ्य व दूध उत्पादन पर सीधा असर डालती है. ऐसे समय में यदि पशुपालक और किसान थोड़ी भी लापरवाही करें, तो पशुओं को बीमारियां घेर सकती हैं और उत्पादन में गिरावट आ सकती है.
इसलिए मौसम बदलने पर पशुओं को संतुलित आहार, साफ-सुथरा घर और उचित देखभाल देना बहुत जरूरी होता है, ताकि वे स्वस्थ रहें और उनसे उत्पादन भी अच्छा मिलता रहे. आज की इस खबर में हम आपको सर्दी के समय में पशुओं से देखभाल के सही तरीकों के बारे में बताएंगे. पशु चिकित्सक मनीष कुमावत ने बताया कि सर्दी के समय पशुओं की सही देखभाल के लिए पशुशाला को हमेशा सूखा, ऊंचा और हवादार रखें. इसके अलावा दीवारों व खूंटों पर चूने की पुताई करें, जिससे जीवाणु न पनपें. वहीं, पशुओं को रोजाना कुछ समय धूप में रखें, इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. पशुशाला में हवा और धूप देने से संक्रमण और दुर्गंध को कम होती है. इसके लिए पशु को गुनगुना पानी पिलाएं तथा बर्तनों की नियमित सफाई करें. दुधारू पशु को प्रतिदिन 60 से 80 लीटर पानी की आवश्यकता होती है. पशुओं के संतुलित आहार के लिए हरा चारा जैसे बरसीम, ओट, मटर या सरसों का चारा सबसे सही रहता है. इसके अलावा पशुओं को चारा खिलाने से पहले धूप में हल्का सुखाना चाहिए, ताकि उसमें मौजूद नमी के कारण गैस या आफरा जैसी समस्या न हो. सूखे चारे जैसे गेहूं की भूसी में खनिज मिश्रण मिलाकर देना फायदेमंद होता है. वहीं, दूध देने वाले पशुओं को हर लीटर दूध के हिसाब से 400 ग्राम दाना देना चाहिए. दाने में मक्का, चोकर, सरसों खली और मूंगफली खिलाना सबसे सही रहता है. पशु चिकित्सक के अनुसार, सर्द हवाओं से बचाव के लिए पशुशाला की खिड़कियों और दरवाजों पर प्लास्टिक शीट या टाट का पर्दा लगाना चाहिए. पशु पर बोरी, कंबल या टाट डालें ताकि ठंड का असर न पड़े. नवजात बछड़ों को सूखे, गर्म स्थान पर रखें और उनके नीचे भूसे या घास की बिछावन लगाएं. पशुशाला के दरवाजे पर पर्दा लगाने से ठंडी हवा का सीधा प्रवाह रुकता ह. इस प्रकार की देखभाल से पशु आरामदायक और तनावमुक्त रहते हैं. इसके अलावा, सर्दियों में पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए समय पर टीकाकरण कराना जरूरी है. इस मौसम में पशुपालक और किसान गलघोटू, एफएमडी, लम्पी स्किन डिजीज और ब्लैक कार्टर जैसे टीके निर्धारित समय पर लगवाएं. हर तीन से चार महीने में कीड़े मारने की दवा भी देनी चाहिए. पशुशाला में मच्छर, मक्खी और जूं से बचाव के लिए नीम तेल या हर्बल स्प्रे का छिड़काव करें. इसके अलावा गोबर खुले में न छोड़ें और आसपास पानी जमा न होने दें. नीम की पत्तियां जलाकर धुआं करने से भी संक्रमण कम होता है. पशु के दाने में थोड़ा गुड़ या तेल मिलाना उनके पाचन और ताकत के लिए उपयोगी रहता है. पशुपालक और किसान अपने पशु को रोजाना 50 से 60 ग्राम मिनरल मिक्सचर दें और नमक लिक ब्लॉक पशुशाला में रखें ताकि पशु अपनी आवश्यकता अनुसार चाट सकें. वहीं, गाभिन पशु को ठंडी हवा, नमी वाले स्थान से दूर रखें और उन्हें खनिज व प्रोटीन से भरपूर आहार दें. यदि दूध की मात्रा घटे, भूख कम हो या आंख-नाक से स्राव, खांसी या बुखार के लक्षण दिखें तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें. पशु चिकित्सक मनीष कुमावत ने बताया कि पशुओं के आहार में अचानक बदलाव नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे पाचन तंत्र बिगड़ सकता है. दूध दुहने का समय निश्चित रखें और रोज एक ही समय पर दूध निकालें. हरे चारे की कटाई के बाद उसे 2 से 3 घंटे धूप में सुखाकर खिलाएं. पशु के थन, कान और पूंछ की नियमित सफाई करें. साफ-सफाई, नियमित आहार और टीकाकरण से पशु स्वस्थ रहेंगे और दूध उत्पादन में निरंतरता बनी रहेगी.
Rajasthan News Local 18 Animal Husbandry सीकर समाचार राजस्थान समाचार स्थानीय 18 पशुपालन
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
Animal husbandry: पशुपालक सावधान, फैल गया है घातक पिंक रोग, एक्सपर्ट से जानें लक्षण औऱ बचावAnimal husbandry: बरसात के मौसम में पशुओं में कई तरह के संक्रामक रोग फेक रहे है. इस समय बकरियों में ऐसा ही एक रोग पिंक आई डिजीज की समस्या देखने में आई है. डॉक्टरों के अनुसार, यह समय उन पशुओं में ज्यादा देखी जा रही है, जो गर्भावस्था में है, और डिलीवरी के करीब है. कम जगह में ज्यादा बकरियों के होने पर यह रोग फेल रहा है.
Read more »
Animal husbandry: गाय-भैंस में फैल रहा गलघोंटू रोग, नहीं मिला इलाज तो दो दिन में जा सकती है जान, एक्सपर्ट स...Khargone News: डॉ बीएल पटेल ने लोकल 18 को बताया कि पशुपालकों की मदद के लिए राज्य सरकार ने 1962 टोल फ्री नंबर पर घर बैठे इलाज की सुविधा शुरू की है. इस एंबुलेंस सेवा में डॉक्टर और स्टाफ आपके घर तक आकर पशुओं का इलाज करते हैं. बड़े पशुओं के इलाज के लिए प्रति पशु 150 रुपये फीस ली जाती है.
Read more »
सर्दी-गर्मी तक हरा चारा, पशुओं का सेहतमंद आहार और किसानों का मुनाफे का आधारAnimal Husbandry: बरसीम किसानों के लिए सस्ता और टिकाऊ विकल्प साबित हो रहा है. यह फसल सर्दी से गर्मी तक हरा चारा उपलब्ध कराती है, जिससे पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होता है और दूध उत्पादन बढ़ता है. नाइट्रोजन फिक्सिंग गुण के कारण यह मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ाती है. कम लागत और अधिक लाभ के कारण किसान इसे तेजी से अपना रहे हैं.
Read more »
गर्मी-उमस में परेशान हैं पशु? अपनाएं ये आसान देसी नुस्खे... नहीं होगी कोई टेंशनAnimal Husbandry Tips: गर्मी और उमस का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, पशुओं पर भी पड़ता है. इस मौसम में उनके स्वास्थ्य और दूध उत्पादन दोनों पर बुरा असर दिखाई देता है. लेकिन अगर समय रहते कुछ आसान उपाय अपनाए जाएं तो न सिर्फ पशु स्वस्थ रहेंगे बल्कि दूध की टेंशन भी खत्म हो जाएगी.
Read more »
Animal Care : सर्दी में घट सकता है दूध... ठंड में ऐसे रखें पशुओं को फिट और पाएं मुनाफा डबल!सर्दी के मौसम में तापमान, नमी और ठंडी हवाएं पशुओं की सेहत पर सीधा असर डालती हैं. थोड़ी लापरवाही दूध उत्पादन घटा सकती है और बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है. पशुपालक अगर पशुशाला को सूखा, हवादार रखें और पौष्टिक आहार के साथ सही देखभाल करें, तो ठंड के मौसम में भी भरपूर दूध उत्पादन संभव है.
Read more »
