Staff Selection Commission (CGL) Tier 1 Exam 2025 Cancelled; Follow SSC CGL 2025 Victim Aspirants, SSC Chairperson Latest News On Dainik Bhaskar.
‘कभी पेपर लीक हो जाता है, कभी नकल हो जाती है, कभी सिस्टम खराब तो कभी कुछ। इतने बड़े एग्जाम में ऐसे सर्वर डाउन हो जाना सही है क्या। एग्जाम ही कैंसिल कर दिया गया। इसमें हमारा समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।‘दिल्ली में रहने वाली सिमरन SSC CGL एग्जाम कैंसिल होने से खफा हैं। 12 सितंबर से SSC की CGL एग्जाम शुरू हुए, लेकिन पहले दिन से ही एग्जाम सेंटर्स में तरह-तरह की दिक्कतें आने लगी हैं। 3 दिनों में ही दिल्ली, गुरुग्राम, जम्मू, झारखंड, मुंबई समेत 9 सेंटर्स पर एग्जाम कैंसिल कर दिए गए। सेंटर पर पहुंचने के बाद स्टूडेंट्स को पता चला कि एग्जाम कैंसिल हो गया है। ये तब हो रहा है, जब ऑनलाइन एग्जाम में सुधार की मांग को लेकर पिछले कुछ दिनों में स्टूडेंट्स लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, इन गड़बड़ियों को लेकर SSC का कहना है कि सेंटर बदले जा रहे हैं। अब गलती नहीं होगी। जरूरत पड़ी तो कानूनी कार्रवाई भी करेंगे। इन गड़बड़ियों के कारण एक बार फिर SSC और एग्जाम कराने वाली एजेंसी एडुक्विटी पर सवाल उठने लगे हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने ग्राउंड पर पहुंचकर उन स्टूडेंट्स से बात की, जिन्हें इस बदइंतजामी का सामना करना पड़ा। हमने इन गड़बड़ियों पर SSC के चेयरपर्सन से भी बात की है।CGL का एग्जाम पहले 13 अगस्त से 30 अगस्त के बीच होना था, लेकिन जुलाई में सिलेक्शन पोस्ट फेज 13 और फिर स्टेनोग्राफर के एग्जाम में हुई गड़बड़ी के कारण इसमें देरी हुई। SSC ने भरोसा दिलाया था कि CGL के एग्जाम में कोई गड़बड़ी नहीं होगी, लेकिन 12 से 26 सितंबर तक होने वाले एग्जाम में पहले दिन पहली शिफ्ट से ही दिक्कतें शुरू हो गईं। हम गुरुग्राम में एक एग्जाम सेंटर पहुंचे। यहां हमें बिहार के सीतामढ़ी जिले के रहने वाले प्रभात कुमार मिले। वे 2022 से दिल्ली में रहकर CGL की तैयारी कर रहे हैं। उन्हें 12 सितंबर को गुरुग्राम के एमएम पब्लिक स्कूल में बने सेंटर पर तीसरी शिफ्ट में एग्जाम देना था। जब वे सेंटर पहुंचे तो पता चला कि एग्जाम कैंसिल हो गया है। उन्हें गेट भी बंद मिला। इन सब से नाराज प्रभात कहते हैं, ‘एक एग्जाम के लिए आपको मेंटली तैयार होना पड़ता है। उसके बाद जब ऐसी चीजें हो जाएं तो स्टूडेंट्स सिर्फ परेशान ही होता है। अब कहां सेंटर मिलेगा, कब एग्जाम होगा, उस दिन भी एग्जाम होगा या नहीं, कुछ तय नहीं है। आपने तैयारी कर ली है, लेकिन जब एग्जाम में सर्वर और दूसरी तकनीकी दिक्कतें होंगी तो उसका क्या होगा।’ गुरुग्राम के इस सेंटर पर पहली शिफ्ट में ही सर्वर डाउन होने के कारण स्टूडेंट्स को एंट्री नहीं दी जा रही थी। जब स्टूडेंट्स ने हंगामा किया तो एग्जाम कैंसिल कर दिया गया। प्रभात कहते हैं, 'तीन दिन पहले पता चला था कि सेंटर गुरुग्राम है। इसके लिए वे रोज वेबसाइट चेक कर रहे थे कि कहीं रीशेड्यूल न हो जाए। वे कहते हैं, ’एग्जाम कैंसिल करने का नोटिस जारी किया गया, लेकिन शिफ्ट का जिक्र नहीं था। जब यहां आया तो पता चला कि हमें ई-मेल आया है। अब 23, 24 या 25 सितंबर को फिर से एग्जाम होगा। आप नोटिस में लिख देते कि सारी शिफ्ट का एग्जाम कैंसिल हो गया, तो लोग बेवजह इतनी दूर नहीं आते।’ प्रभात आगे कहते हैं, ‘CGL एग्जाम में काफी मेहनत है। एक जवाब गलत होने या एक नंबर इधर-उधर होने पर 10 से 20 हजार स्टूडेंट्स की रैंक आगे-पीछे हो जाती है। इसके बावजूद हमें एग्जाम कैंसिल होने जैसे दौर देखने पड़ रहे हैं। सिलेक्शन पोस्ट और स्टेनोग्राफर के एग्जाम में भी यही दिक्कतें आईं थीं। फिर से वही हो रहा है।‘प्रभात की तरह सिमरन वैद भी दिल्ली से गुरुग्राम सेंटर पर एग्जाम देने पहुंची थीं। हालांकि एग्जाम कैंसिल होने की वजह से लौटना पड़ा। तीन साल से SSC की तैयारी कर रहीं सिमरन कहती हैं, ‘पहले तो एग्जाम देरी से शुरू हुआ। अब सर्वर डाउन हो रहा है। पहले इस तरह की दिक्कतें नहीं होती थीं। लोग इतनी दूर-दूर से एग्जाम देने आते हैं। कभी पेपर लीक हो जाता है तो कभी सिस्टम खराब तो कभी कुछ।‘ सिमरन एग्जाम से एक दिन पहले 11 सितंबर की रात एडमिट कार्ड आने को लेकर भी शिकायत करती हैं। वे कहती हैं, ‘सेंटर को लेकर गुरुग्राम मेरी तीनों चॉइस में नहीं था। इसके बावजूद यहां सेंटर दे दिया। एक रात पहले एडमिट कार्ड आया। अगर सेंटर कहीं दूर होता तो मैं एग्जाम देने कैसे जाती? SSC को ये सोचना चाहिए कि दो-तीन दिन पहले एडमिट कार्ड दे।’ वे आगे कहती हैं कि जब गुरुग्राम पहुंची तो यहां आकर पता चला कि एग्जाम कैंसिल हो गया है। इसके बारे में उन्हें पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई थी। गुरुग्राम के इस सेंटर पर 13 और 14 सितंबर को होने वाले एग्जाम भी कैंसिल कर दिए गए। ये आगे कब कराए जाएंगे, इसकी तारीख नहीं बताई गई है। SSC ने अपने नोटिस में रद्द करने की वजह 'प्रशासनिक' बताई है। CGL एग्जाम के पहले दिन यानी 12 सितंबर को गुरुग्राम के इस सेंटर के अलावा कई जगहों पर एग्जाम कैंसिल हुए हैं।12 सितंबर को कानपुर के आरसीआरडी कन्या महाविद्यालय में बने एग्जाम सेंटर से भी स्टूडेंट्स का वीडियो सामने आया। स्टूडेंट ने आरोप लगाया कि एडमिट कार्ड लेकर उन्हें बाहर कर दिया गया और बताया कि उनका एग्जाम नहीं होगा। हालात ऐसे हो गए कि स्टूडेंट ने पुलिस को बुला लिया। फर्रुखाबाद की रहने वाली दिव्या पाल का एग्जाम इसी सेंटर पर पहली शिफ्ट में था, लेकिन वो एग्जाम नहीं दे सकीं। वे कहती हैं, ‘सुबह 9-10 के बीच पेपर था, लेकिन सर्वर डाउन हो गया। करीब 25 स्टूडेंट्स को एग्जाम नहीं देने दिया गया। जब हमने मुद्दा उठाया तो इनविजिलेटर ने कहा कि ये SSC की समस्या है, वे कुछ नहीं कर सकते हैं।‘ हमने बार-बार कहा कि नोटिस जारी कर बता दीजिए कि एग्जाम रीशेड्यूल होगा, इसके बावजूद उन्होंने कुछ नहीं किया। वे कहती हैं, ‘हमारी बात SSC चेयरपर्सन तक पहुंचनी चाहिए, नहीं तो सेंटर हमें ऐबसेंट भी दिखा सकता है और इससे उनका पूरा साल बर्बाद हो जाएगा, क्योंकि दोबारा एग्जाम को लेकर उन्हें अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है।‘ दिव्या कहती हैं कि सुबह 7 बजे से वहां भूखे रहने के कारण वो दो बार बेहोश भी हो गई थीं। 24 जुलाई को दिव्या इसी सेंटर पर सिलेक्शन पोस्ट फेज-13 एग्जाम भी देने आई थीं। तब भी सर्वर सही न होने के कारण एग्जाम कैंसिल हो गया था। बाद में दूसरी तारीख पर उन्होंने एग्जाम दिया।फतेहपुर के रहने वाले शशांक पटेल उन 25 स्टूडेंट्स में शामिल हैं, जिन्हें पेपर देने का मौका नहीं मिला। 2 साल से SSC की तैयारी कर रहे शशांक प्रयागराज से कानपुर एग्जाम देने पहुंचे थे। 12 सितंबर को सेंटर पर हुए विवाद को लेकर वे बताते हैं, ‘सुबह साढ़े 7 बजे एंट्री हो गई। वहां कुल चार लैब थी। इनमें से तीन ही सही थी।‘ ‘इनमें से एक लैब में मुझे 25 स्टूडेंट्स के साथ जाना था। हमें बताया गया कि सर्वर की दिक्कत है। बाद में कहा गया कि आप लोग एडमिट कार्ड दे दीजिए। 9:30 बजे भी एग्जाम शुरू नहीं हुआ। फिर हमें क्लासरूम से बाहर करके गेट बंद कर दिया गया। कई घंटों तक कोई अपडेट नहीं मिला।‘ शशांक सवाल उठाते हुए कहते हैं कि अगर सीट नहीं थी, तो उस सेंटर के लिए एडमिट कार्ड क्यों जारी किया गया। वे आगे कहते हैं, ‘हमें वहां बोला जा रहा था कि हमारा एग्जाम बाद में करा दिया जाएगा, लेकिन ये कोई लिखित में देने को राजी नहीं था। ये सब करते हुए 2 बज गए। बाद में हमें बोला गया कि हम उन्हें लिखकर दे दें कि हमारा एग्जाम बाद में करा दिया जाए। सभी 25 स्टूडेंट्स ने उन्हें ये लिखकर दिया।‘ अब जान लीजिए इन गड़बड़ियों को लेकर SSC क्या कह रही… सेंटर बदल रहे, अब गलतियां हुईं तो कानूनी कार्रवाई करेंगे CGL के एग्जाम कई सेंटर पर कैंसिल हुए। हमने SSC के चेयरपर्सन एस गोपाल कृष्णन से बात की। उन्होंने बताया कि कुछ सेंटर्स पर मिस मैनेजमेंट और तकनीकी वजहों से दिक्कतें हुईं। ऐसे सेंटर्स बंद किए जाएंगे और यहां होने वाले एग्जाम उसी शहर में दूसरे सेंटर पर करवाए जाएंगे। एग्जाम सेंटर्स में हुई गड़बड़ी को लेकर गोपाल कृष्णन कहते हैं, ‘उस सेंटर की तरफ से कुछ कमियां थीं, इसलिए हम उसे बंद कर रहे हैं। वहां के कैंडिडेट को दिल्ली के दूसरे सेंटर्स में शिफ्ट किया जाएगा और अगले 10 दिन में वो एग्जाम देंगे। कुछ सेंटर्स पर पुरानी मशीनें हैं और वायर हैं। अगर दिक्कत होती है तो हम तुरंत दूसरे सेंटर पर एग्जाम करवा रहे हैं।‘ SSC चेयरपर्सन ने दावा किया कि CGL की परीक्षा 227 सेंटर्स पर हो रही हैं और इनमें 215 सेंटर्स पर एग्जाम सही तरीके से हुए। हमने दिक्कतों का हल निकालने में कोई कमी नहीं की है। एडुक्विटी को हटाने की मांग पर गोपाल कृष्णन कहते हैं, ‘मेरा इस पर यही कहना है कि कुछ जगहों पर एग्जाम रीशेड्यूल हुए हैं। अगर उसके बाद भी गलतियां होंगी तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि एक बात ये भी है कि हर एग्जाम में कई सारे तकनीकी बदलाव होते रहते हैं। हो सकता है कि उसी वजह से पहले टेस्ट में कुछ जगह दिक्कतें आई हों।‘एडुक्विटी की तकनीक बेहतर न होने के बावजूद उसे टेंडर क्यों मिला? इस पर गोपाल कृष्णन कहते हैं, ‘इसका जवाब मैं बहुत बार दे चुका हूं। बार-बार दोहराने से कुछ नहीं बदलेगा। टेंडर के प्रोसेस में दोनों को वेटेज दिया जाता है। नियम के तहत ही फैसला लिया गया है।‘ टेंडर पर काम शुरू होने के बाद उसे बदलने की परमिशन नहीं है। टेंडर के नियम में है कि पहले एक साल तक उसके पास एग्जाम करवाने का ठेका है, उसके बाद अगर सही है तो बढ़ा सकते हैं। इससे पहले हुए एग्जाम्स में आई शिकायतों पर एडुक्विटी के खिलाफ कोई एक्शन लिया गया? इसके जवाब में SSC के एक सीनियर अधिकारी नाम न बताने की शर्त पर कहते हैं कि बिल्कुल, कंपनी को लिखित में बताया गया कि वो सिस्टम सही करे। इसके बाद उन्होंने सुधार भी किया है। एडुक्विटी ने भी सब-कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर दूसरी कंपनियों को ठेका दे रखा है। सारी कंपनियां इसी तरीके से एग्जाम करवाती हैं। अधिकारी मानते हैं कि एग्जाम प्रक्रिया में कमियां तो हैं, लेकिन इसे लगातार ठीक किया जा रहा है। अभी कुछ जगहों पर दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन इसे ठीक किया जा सकता है। सिर्फ इन वजहों से अभी एडुक्विटी को हटाया नहीं जा सकता है, क्योंकि इससे सारी परीक्षाएं लेट होंगी। टेंडर की प्रक्रिया में पूरे एक साल तक लग सकते हैं। अगर कोई फ्रॉड या इस तरह की दिक्कतें आगे भी होंगी तो कंपनी को हटाया जा सकता है।जुलाई में सिलेक्शन पोस्ट फेज-13 एग्जाम के दौरान कई तकनीकी गड़बड़ियां हुई थीं। माउस काम न करना, सर्वर डाउन, सेंटर दूर होने जैसी कई दिक्कतें थीं। इसके बाद एडुक्विटी विवादों में आ गई। स्टूडेंट्स ने सवाल भी उठाया था कि ऐसी एजेंसी को क्यों टेंडर मिला, जिसका रिकॉर्ड खराब रहा है। SSC की परीक्षाएं पहले टाटा कंस्लटेंसी सर्विसेज करवाती थी, लेकिन नए टेंडर में एडुक्विटी को चुना गया है।में बताया था कि तकनीक के मामले में पीछे रहने के बावजूद एडुक्विटी को कैसे टेंडर मिल गया था। सरकारी डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, 2 मार्च 2024 को SSC की एक कमेटी ने लिखा था कि टेंडर में शामिल हुई कंपनियों में TCS की तकनीक सबसे बेहतर है क्योंकि इसका ऑपरेटिंग सिस्टम काफी मजबूत है। कमेटी ने आगे लिखा था कि एडुक्विटी के पास एनक्रिप्टेड तकनीक है, जिससे कैंडिडेट के बारे में किसी को पता नहीं चलेगा, लेकिन वे विंडो पर काम करते हैं। ये बहुत ज्यादा सेफ नहीं है। इससे सभी कैंडिडेट के सिस्टम्स को सुरक्षित नहीं रखा जा सकता है। हालांकि इससे बचने के लिए कंपनी फायरवॉल का इस्तेमाल कर रही है। इसके बाद फाइनेंशियल बिडिंग की प्रोसेस में एडुक्विटी ने सबसे कम 171 रुपए पर कैंडिडेट एग्जाम करवाने की बोली लगाई, जबकि TCS की बोली 311 रुपए थी। आखिरकार सबसे कम बोली लगाने वाली एडुक्विटी करियर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को चुना गया था, जिसने SSC एग्जाम करवाने के लिए कुल 273 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी। SSC के नोटिफिकेशन के मुताबिक, किसी भी एजेंसी को चुनने के लिए तकनीकी मूल्यांकन को 70% और खर्च की बिडिंग को 30% प्राथमिकता दी जाती है। तब SSC के चेयरपर्सन ने भी यही दलील दी थी कि हर सरकारी टेंडर QCBS फॉर्मूले से ही पूरा होता है। सिर्फ तकनीकी आधार पर किसी को नहीं चुना जाता है।बिहार के गया जिले के रहने वाले मंटू कुमार 2020 से SSC की तैयारी कर रहे हैं। इस बार पर्चा बिगड़ने पर कहते हैं। ‘SSC में हमारा 2022 और 2024 में फाइनल सिलेक्शन नहीं हो सका। 2025 के लिए तैयारी कर रहे थे, लेकिन सब बेकार हो गया। अब सिलेक्शन के लिए होने वाले एग्जाम में इंतजाम पहले से बदतर हो गए हैं। जब तक TCS एग्जाम कराता था, तब तक सब बढ़िया था। जब से एडुक्विटी एग्जाम करा रहा है तो आप हाल देख ही रहे हैं।‘मानसून अभी विड्रा नहीं होगालखनऊ में बदला मौसम, कई इलाकों में रिमझिम बरसातअयोध्या एयरपोर्ट की छत तेज बारिश में टपकीहरियाणा से 5 दिन बाद मानसून की विदाईप्रयागराज में जोरदार बारिश, उमस भरी गर्मी से राहत.
‘कभी पेपर लीक हो जाता है, कभी नकल हो जाती है, कभी सिस्टम खराब तो कभी कुछ। इतने बड़े एग्जाम में ऐसे सर्वर डाउन हो जाना सही है क्या। एग्जाम ही कैंसिल कर दिया गया। इसमें हमारा समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।‘दिल्ली में रहने वाली सिमरन SSC CGL एग्जाम कैंसिल होने से खफा हैं। 12 सितंबर से SSC की CGL एग्जाम शुरू हुए, लेकिन पहले दिन से ही एग्जाम सेंटर्स में तरह-तरह की दिक्कतें आने लगी हैं। 3 दिनों में ही दिल्ली, गुरुग्राम, जम्मू, झारखंड, मुंबई समेत 9 सेंटर्स पर एग्जाम कैंसिल कर दिए गए। सेंटर पर पहुंचने के बाद स्टूडेंट्स को पता चला कि एग्जाम कैंसिल हो गया है। ये तब हो रहा है, जब ऑनलाइन एग्जाम में सुधार की मांग को लेकर पिछले कुछ दिनों में स्टूडेंट्स लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, इन गड़बड़ियों को लेकर SSC का कहना है कि सेंटर बदले जा रहे हैं। अब गलती नहीं होगी। जरूरत पड़ी तो कानूनी कार्रवाई भी करेंगे। इन गड़बड़ियों के कारण एक बार फिर SSC और एग्जाम कराने वाली एजेंसी एडुक्विटी पर सवाल उठने लगे हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने ग्राउंड पर पहुंचकर उन स्टूडेंट्स से बात की, जिन्हें इस बदइंतजामी का सामना करना पड़ा। हमने इन गड़बड़ियों पर SSC के चेयरपर्सन से भी बात की है।CGL का एग्जाम पहले 13 अगस्त से 30 अगस्त के बीच होना था, लेकिन जुलाई में सिलेक्शन पोस्ट फेज 13 और फिर स्टेनोग्राफर के एग्जाम में हुई गड़बड़ी के कारण इसमें देरी हुई। SSC ने भरोसा दिलाया था कि CGL के एग्जाम में कोई गड़बड़ी नहीं होगी, लेकिन 12 से 26 सितंबर तक होने वाले एग्जाम में पहले दिन पहली शिफ्ट से ही दिक्कतें शुरू हो गईं। हम गुरुग्राम में एक एग्जाम सेंटर पहुंचे। यहां हमें बिहार के सीतामढ़ी जिले के रहने वाले प्रभात कुमार मिले। वे 2022 से दिल्ली में रहकर CGL की तैयारी कर रहे हैं। उन्हें 12 सितंबर को गुरुग्राम के एमएम पब्लिक स्कूल में बने सेंटर पर तीसरी शिफ्ट में एग्जाम देना था। जब वे सेंटर पहुंचे तो पता चला कि एग्जाम कैंसिल हो गया है। उन्हें गेट भी बंद मिला। इन सब से नाराज प्रभात कहते हैं, ‘एक एग्जाम के लिए आपको मेंटली तैयार होना पड़ता है। उसके बाद जब ऐसी चीजें हो जाएं तो स्टूडेंट्स सिर्फ परेशान ही होता है। अब कहां सेंटर मिलेगा, कब एग्जाम होगा, उस दिन भी एग्जाम होगा या नहीं, कुछ तय नहीं है। आपने तैयारी कर ली है, लेकिन जब एग्जाम में सर्वर और दूसरी तकनीकी दिक्कतें होंगी तो उसका क्या होगा।’ गुरुग्राम के इस सेंटर पर पहली शिफ्ट में ही सर्वर डाउन होने के कारण स्टूडेंट्स को एंट्री नहीं दी जा रही थी। जब स्टूडेंट्स ने हंगामा किया तो एग्जाम कैंसिल कर दिया गया। प्रभात कहते हैं, 'तीन दिन पहले पता चला था कि सेंटर गुरुग्राम है। इसके लिए वे रोज वेबसाइट चेक कर रहे थे कि कहीं रीशेड्यूल न हो जाए। वे कहते हैं, ’एग्जाम कैंसिल करने का नोटिस जारी किया गया, लेकिन शिफ्ट का जिक्र नहीं था। जब यहां आया तो पता चला कि हमें ई-मेल आया है। अब 23, 24 या 25 सितंबर को फिर से एग्जाम होगा। आप नोटिस में लिख देते कि सारी शिफ्ट का एग्जाम कैंसिल हो गया, तो लोग बेवजह इतनी दूर नहीं आते।’ प्रभात आगे कहते हैं, ‘CGL एग्जाम में काफी मेहनत है। एक जवाब गलत होने या एक नंबर इधर-उधर होने पर 10 से 20 हजार स्टूडेंट्स की रैंक आगे-पीछे हो जाती है। इसके बावजूद हमें एग्जाम कैंसिल होने जैसे दौर देखने पड़ रहे हैं। सिलेक्शन पोस्ट और स्टेनोग्राफर के एग्जाम में भी यही दिक्कतें आईं थीं। फिर से वही हो रहा है।‘प्रभात की तरह सिमरन वैद भी दिल्ली से गुरुग्राम सेंटर पर एग्जाम देने पहुंची थीं। हालांकि एग्जाम कैंसिल होने की वजह से लौटना पड़ा। तीन साल से SSC की तैयारी कर रहीं सिमरन कहती हैं, ‘पहले तो एग्जाम देरी से शुरू हुआ। अब सर्वर डाउन हो रहा है। पहले इस तरह की दिक्कतें नहीं होती थीं। लोग इतनी दूर-दूर से एग्जाम देने आते हैं। कभी पेपर लीक हो जाता है तो कभी सिस्टम खराब तो कभी कुछ।‘ सिमरन एग्जाम से एक दिन पहले 11 सितंबर की रात एडमिट कार्ड आने को लेकर भी शिकायत करती हैं। वे कहती हैं, ‘सेंटर को लेकर गुरुग्राम मेरी तीनों चॉइस में नहीं था। इसके बावजूद यहां सेंटर दे दिया। एक रात पहले एडमिट कार्ड आया। अगर सेंटर कहीं दूर होता तो मैं एग्जाम देने कैसे जाती? SSC को ये सोचना चाहिए कि दो-तीन दिन पहले एडमिट कार्ड दे।’ वे आगे कहती हैं कि जब गुरुग्राम पहुंची तो यहां आकर पता चला कि एग्जाम कैंसिल हो गया है। इसके बारे में उन्हें पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई थी। गुरुग्राम के इस सेंटर पर 13 और 14 सितंबर को होने वाले एग्जाम भी कैंसिल कर दिए गए। ये आगे कब कराए जाएंगे, इसकी तारीख नहीं बताई गई है। SSC ने अपने नोटिस में रद्द करने की वजह 'प्रशासनिक' बताई है। CGL एग्जाम के पहले दिन यानी 12 सितंबर को गुरुग्राम के इस सेंटर के अलावा कई जगहों पर एग्जाम कैंसिल हुए हैं।12 सितंबर को कानपुर के आरसीआरडी कन्या महाविद्यालय में बने एग्जाम सेंटर से भी स्टूडेंट्स का वीडियो सामने आया। स्टूडेंट ने आरोप लगाया कि एडमिट कार्ड लेकर उन्हें बाहर कर दिया गया और बताया कि उनका एग्जाम नहीं होगा। हालात ऐसे हो गए कि स्टूडेंट ने पुलिस को बुला लिया। फर्रुखाबाद की रहने वाली दिव्या पाल का एग्जाम इसी सेंटर पर पहली शिफ्ट में था, लेकिन वो एग्जाम नहीं दे सकीं। वे कहती हैं, ‘सुबह 9-10 के बीच पेपर था, लेकिन सर्वर डाउन हो गया। करीब 25 स्टूडेंट्स को एग्जाम नहीं देने दिया गया। जब हमने मुद्दा उठाया तो इनविजिलेटर ने कहा कि ये SSC की समस्या है, वे कुछ नहीं कर सकते हैं।‘ हमने बार-बार कहा कि नोटिस जारी कर बता दीजिए कि एग्जाम रीशेड्यूल होगा, इसके बावजूद उन्होंने कुछ नहीं किया। वे कहती हैं, ‘हमारी बात SSC चेयरपर्सन तक पहुंचनी चाहिए, नहीं तो सेंटर हमें ऐबसेंट भी दिखा सकता है और इससे उनका पूरा साल बर्बाद हो जाएगा, क्योंकि दोबारा एग्जाम को लेकर उन्हें अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है।‘ दिव्या कहती हैं कि सुबह 7 बजे से वहां भूखे रहने के कारण वो दो बार बेहोश भी हो गई थीं। 24 जुलाई को दिव्या इसी सेंटर पर सिलेक्शन पोस्ट फेज-13 एग्जाम भी देने आई थीं। तब भी सर्वर सही न होने के कारण एग्जाम कैंसिल हो गया था। बाद में दूसरी तारीख पर उन्होंने एग्जाम दिया।फतेहपुर के रहने वाले शशांक पटेल उन 25 स्टूडेंट्स में शामिल हैं, जिन्हें पेपर देने का मौका नहीं मिला। 2 साल से SSC की तैयारी कर रहे शशांक प्रयागराज से कानपुर एग्जाम देने पहुंचे थे। 12 सितंबर को सेंटर पर हुए विवाद को लेकर वे बताते हैं, ‘सुबह साढ़े 7 बजे एंट्री हो गई। वहां कुल चार लैब थी। इनमें से तीन ही सही थी।‘ ‘इनमें से एक लैब में मुझे 25 स्टूडेंट्स के साथ जाना था। हमें बताया गया कि सर्वर की दिक्कत है। बाद में कहा गया कि आप लोग एडमिट कार्ड दे दीजिए। 9:30 बजे भी एग्जाम शुरू नहीं हुआ। फिर हमें क्लासरूम से बाहर करके गेट बंद कर दिया गया। कई घंटों तक कोई अपडेट नहीं मिला।‘ शशांक सवाल उठाते हुए कहते हैं कि अगर सीट नहीं थी, तो उस सेंटर के लिए एडमिट कार्ड क्यों जारी किया गया। वे आगे कहते हैं, ‘हमें वहां बोला जा रहा था कि हमारा एग्जाम बाद में करा दिया जाएगा, लेकिन ये कोई लिखित में देने को राजी नहीं था। ये सब करते हुए 2 बज गए। बाद में हमें बोला गया कि हम उन्हें लिखकर दे दें कि हमारा एग्जाम बाद में करा दिया जाए। सभी 25 स्टूडेंट्स ने उन्हें ये लिखकर दिया।‘ अब जान लीजिए इन गड़बड़ियों को लेकर SSC क्या कह रही… सेंटर बदल रहे, अब गलतियां हुईं तो कानूनी कार्रवाई करेंगे CGL के एग्जाम कई सेंटर पर कैंसिल हुए। हमने SSC के चेयरपर्सन एस गोपाल कृष्णन से बात की। उन्होंने बताया कि कुछ सेंटर्स पर मिस मैनेजमेंट और तकनीकी वजहों से दिक्कतें हुईं। ऐसे सेंटर्स बंद किए जाएंगे और यहां होने वाले एग्जाम उसी शहर में दूसरे सेंटर पर करवाए जाएंगे। एग्जाम सेंटर्स में हुई गड़बड़ी को लेकर गोपाल कृष्णन कहते हैं, ‘उस सेंटर की तरफ से कुछ कमियां थीं, इसलिए हम उसे बंद कर रहे हैं। वहां के कैंडिडेट को दिल्ली के दूसरे सेंटर्स में शिफ्ट किया जाएगा और अगले 10 दिन में वो एग्जाम देंगे। कुछ सेंटर्स पर पुरानी मशीनें हैं और वायर हैं। अगर दिक्कत होती है तो हम तुरंत दूसरे सेंटर पर एग्जाम करवा रहे हैं।‘ SSC चेयरपर्सन ने दावा किया कि CGL की परीक्षा 227 सेंटर्स पर हो रही हैं और इनमें 215 सेंटर्स पर एग्जाम सही तरीके से हुए। हमने दिक्कतों का हल निकालने में कोई कमी नहीं की है। एडुक्विटी को हटाने की मांग पर गोपाल कृष्णन कहते हैं, ‘मेरा इस पर यही कहना है कि कुछ जगहों पर एग्जाम रीशेड्यूल हुए हैं। अगर उसके बाद भी गलतियां होंगी तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि एक बात ये भी है कि हर एग्जाम में कई सारे तकनीकी बदलाव होते रहते हैं। हो सकता है कि उसी वजह से पहले टेस्ट में कुछ जगह दिक्कतें आई हों।‘एडुक्विटी की तकनीक बेहतर न होने के बावजूद उसे टेंडर क्यों मिला? इस पर गोपाल कृष्णन कहते हैं, ‘इसका जवाब मैं बहुत बार दे चुका हूं। बार-बार दोहराने से कुछ नहीं बदलेगा। टेंडर के प्रोसेस में दोनों को वेटेज दिया जाता है। नियम के तहत ही फैसला लिया गया है।‘ टेंडर पर काम शुरू होने के बाद उसे बदलने की परमिशन नहीं है। टेंडर के नियम में है कि पहले एक साल तक उसके पास एग्जाम करवाने का ठेका है, उसके बाद अगर सही है तो बढ़ा सकते हैं। इससे पहले हुए एग्जाम्स में आई शिकायतों पर एडुक्विटी के खिलाफ कोई एक्शन लिया गया? इसके जवाब में SSC के एक सीनियर अधिकारी नाम न बताने की शर्त पर कहते हैं कि बिल्कुल, कंपनी को लिखित में बताया गया कि वो सिस्टम सही करे। इसके बाद उन्होंने सुधार भी किया है। एडुक्विटी ने भी सब-कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर दूसरी कंपनियों को ठेका दे रखा है। सारी कंपनियां इसी तरीके से एग्जाम करवाती हैं। अधिकारी मानते हैं कि एग्जाम प्रक्रिया में कमियां तो हैं, लेकिन इसे लगातार ठीक किया जा रहा है। अभी कुछ जगहों पर दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन इसे ठीक किया जा सकता है। सिर्फ इन वजहों से अभी एडुक्विटी को हटाया नहीं जा सकता है, क्योंकि इससे सारी परीक्षाएं लेट होंगी। टेंडर की प्रक्रिया में पूरे एक साल तक लग सकते हैं। अगर कोई फ्रॉड या इस तरह की दिक्कतें आगे भी होंगी तो कंपनी को हटाया जा सकता है।जुलाई में सिलेक्शन पोस्ट फेज-13 एग्जाम के दौरान कई तकनीकी गड़बड़ियां हुई थीं। माउस काम न करना, सर्वर डाउन, सेंटर दूर होने जैसी कई दिक्कतें थीं। इसके बाद एडुक्विटी विवादों में आ गई। स्टूडेंट्स ने सवाल भी उठाया था कि ऐसी एजेंसी को क्यों टेंडर मिला, जिसका रिकॉर्ड खराब रहा है। SSC की परीक्षाएं पहले टाटा कंस्लटेंसी सर्विसेज करवाती थी, लेकिन नए टेंडर में एडुक्विटी को चुना गया है।में बताया था कि तकनीक के मामले में पीछे रहने के बावजूद एडुक्विटी को कैसे टेंडर मिल गया था। सरकारी डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, 2 मार्च 2024 को SSC की एक कमेटी ने लिखा था कि टेंडर में शामिल हुई कंपनियों में TCS की तकनीक सबसे बेहतर है क्योंकि इसका ऑपरेटिंग सिस्टम काफी मजबूत है। कमेटी ने आगे लिखा था कि एडुक्विटी के पास एनक्रिप्टेड तकनीक है, जिससे कैंडिडेट के बारे में किसी को पता नहीं चलेगा, लेकिन वे विंडो पर काम करते हैं। ये बहुत ज्यादा सेफ नहीं है। इससे सभी कैंडिडेट के सिस्टम्स को सुरक्षित नहीं रखा जा सकता है। हालांकि इससे बचने के लिए कंपनी फायरवॉल का इस्तेमाल कर रही है। इसके बाद फाइनेंशियल बिडिंग की प्रोसेस में एडुक्विटी ने सबसे कम 171 रुपए पर कैंडिडेट एग्जाम करवाने की बोली लगाई, जबकि TCS की बोली 311 रुपए थी। आखिरकार सबसे कम बोली लगाने वाली एडुक्विटी करियर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को चुना गया था, जिसने SSC एग्जाम करवाने के लिए कुल 273 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी। SSC के नोटिफिकेशन के मुताबिक, किसी भी एजेंसी को चुनने के लिए तकनीकी मूल्यांकन को 70% और खर्च की बिडिंग को 30% प्राथमिकता दी जाती है। तब SSC के चेयरपर्सन ने भी यही दलील दी थी कि हर सरकारी टेंडर QCBS फॉर्मूले से ही पूरा होता है। सिर्फ तकनीकी आधार पर किसी को नहीं चुना जाता है।बिहार के गया जिले के रहने वाले मंटू कुमार 2020 से SSC की तैयारी कर रहे हैं। इस बार पर्चा बिगड़ने पर कहते हैं। ‘SSC में हमारा 2022 और 2024 में फाइनल सिलेक्शन नहीं हो सका। 2025 के लिए तैयारी कर रहे थे, लेकिन सब बेकार हो गया। अब सिलेक्शन के लिए होने वाले एग्जाम में इंतजाम पहले से बदतर हो गए हैं। जब तक TCS एग्जाम कराता था, तब तक सब बढ़िया था। जब से एडुक्विटी एग्जाम करा रहा है तो आप हाल देख ही रहे हैं।‘मानसून अभी विड्रा नहीं होगालखनऊ में बदला मौसम, कई इलाकों में रिमझिम बरसातअयोध्या एयरपोर्ट की छत तेज बारिश में टपकीहरियाणा से 5 दिन बाद मानसून की विदाईप्रयागराज में जोरदार बारिश, उमस भरी गर्मी से राहत
SSC Combined Graduate Level SSC CGL Exam Tier 1 Server Issue Gurugram Exam Center SSC CGL 2025 Cancelled
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