150 Years of Vande Mataram: वंदे मातरम का सफरनामा, जानें 1875 का एक गीत कैसे बना भारत का राष्ट्रगीत

Vande Mataram News

150 Years of Vande Mataram: वंदे मातरम का सफरनामा, जानें 1875 का एक गीत कैसे बना भारत का राष्ट्रगीत
Bankim Chandra ChatterjeeNational Song Of India150 Years Vande Mataram
  • 📰 Amar Ujala
  • ⏱ Reading Time:
  • 65 sec. here
  • 33 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 134%
  • Publisher: 51%

देश के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के आज 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। सात नवंबर 1875 को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखी गई यह रचना भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा बन गई थी।

देश के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम ’ के आज 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। सात नवंबर 1875 को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखी गई यह रचना भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा बन गई थी। यह गीत केवल एक कविता नहीं, बल्कि भारत की एकता, त्याग और मातृभूमि के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। इसी गीत ने आजादी के संघर्ष में लाखों देशवासियों को नई ऊर्जा दी थी। आइए आज इस राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर इसके सफर पर एक नजर डालते हैं। ‘ वंदे मातरम ’ को पहली बार 1875 में बंगदर्शन पत्रिका में प्रकाशित किया गया था। सन् 1882 में इसे बंकिम चंद्र की प्रसिद्ध कृति आनंदमठ में शामिल किया गया। वहीं, इस गीत को संगीत में ढालने का काम रवींद्रनाथ टैगोर ने किया। 1896 में कलकत्ता कांग्रेस अधिवेशन में यह गीत पहली बार सार्वजनिक रूप से गाया गया। सात अगस्त 1905 को इसे पहली बार राजनीतिक नारे के रूप में इस्तेमाल किया गया, जब बंगाल विभाजन के विरोध में लोग सड़कों पर उतरे थे। क्या है उपन्यास ' आनंदमठ ' उपन्यास आनंदमठ में संन्यासियों का एक समूह ‘मां भारती’ की सेवा को अपना धर्म मानता है। उनके लिए ‘ वंदे मातरम ’ केवल गीत नहीं, बल्कि पूजा का प्रतीक है। उपन्यास में मां की तीन मूर्तियां भारत के तीन स्वरूपों को दर्शाती हैं। अतीत की गौरवशाली माता, वर्तमान की पीड़ित माता और भविष्य की पुनर्जीवित माता। इस पर अरविंदो ने लिखा है कि यह मां भीख का कटोरा नहीं, बल्कि सत्तर करोड़ हाथों में तलवार लिए भारत माता है। जानें बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के बारे में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय बंगाल के महान साहित्यकार और विचारक थे। उन्होंने दुर्गेशनंदिनी, कपालकुंडला, देवी चौधरानी जैसी रचनाओं के माध्यम से समाज में स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम का भाव जगाया। वंदे मातरम के जरिए उन्होंने भारतीय जनमानस को यह सिखाया कि मातृभूमि ही सर्वोच्च देवी है। उनका यह गीत आधुनिक भारत के राष्ट्रवाद की वैचारिक नींव बन गया। प्रतिरोध का गीत बना ‘ वंदे मातरम ’ 1905 के स्वदेशी आंदोलन में यह गीत आजादी का नारा बन गया। कोलकाता से लेकर लाहौर तक लोग सड़कों पर ‘ वंदे मातरम ’ के जयघोष से ब्रिटिश शासन को चुनौती देने लगे। बंगाल में बंदे मातरम एक समाज बना। इसमें रवींद्रनाथ टैगोर जैसे नेता भी शामिल हुए। ब्रिटिश सरकार ने जब स्कूलों और कॉलेजों में इस गीत पर रोक लगाई, तो विद्यार्थियों ने गिरफ्तारी और दंड की परवाह किए बिना इसे गाना जारी रखा। यही वह दौर था जब वंदे मातरम हर भारतीय के दिल की आवाज बन गया। क्रांतिकारियों पर इस गीत का अलग ही प्रभाव पड़ा साल 1907 में जर्मनी के स्टुटगार्ट में भीकाजी कामा ने जब पहली बार भारत का तिरंगा फहराया, तो उस पर वंदे मातरम लिखा था। इंग्लैंड में फांसी से पहले मदनलाल धींगरा के अंतिम शब्द थे ' वंदे मातरम '। दक्षिण अफ्रीका में गोपालकृष्ण गोखले का स्वागत भी इसी गीत से किया गया। विदेशों में रहने वाले भारतीयों ने भी इसे स्वतंत्रता का संदेश मानकर अपनाया। इन दिनों ये गीत हर उस भारतवासी के दिल में बस गया था, जो भारत को गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराना चाहते थें। ऐसे बना राष्ट्रगीत 1950 में संविधान सभा ने सर्वसम्मति से वंदे मातरम को भारत का राष्ट्रीय गीत घोषित किया। तत्कालीन अध्यक्ष डॉ.

राजेंद्र प्रसाद ने कहा था वंदे मातरम ने स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है, इसे ‘जन गण मन’ के समान सम्मान दिया जाएगा। इसके बाद से यह गीत देश के गौरव, एकता और राष्ट्रभावना का प्रतीक बन गया। 150 साल पूरे होने पर देशभर में समारोह इस वर्ष केंद्र सरकार पूरे भारत में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रही है। दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में राष्ट्रीय स्तर का उद्घाटन समारोह होगा। देशभर में सात नवंबर को जिला और तहसील स्तर तक विशेष आयोजन होंगे। इस अवसर पर डाक टिकट, स्मारक सिक्का और वंदे मातरम पर आधारित प्रदर्शनी भी जारी की जाएगी। साथ ही ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर इससे जुड़े विशेष कार्यक्रम भी प्रसारित किए जाएंगे। विश्व स्तर पर भी ‘वंदे मातरम’ का होगा सम्मान भारत के सभी दूतावासों और मिशनों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत उत्सव और वृक्षारोपण अभियान आयोजित होंगे। ‘वंदे मातरम: सैल्यूट टू मदर अर्थ’ थीम पर देशभर में वृक्षारोपण और भित्ति चित्र अभियान चलाया जाएगा। भित्ति चित्र का मतलब दीवार या छत जैसी स्थायी सतहों पर सीधे बनाए गए चित्र होते हैं। इस अभियान का उद्देश्य नई पीढ़ी को यह संदेश देना है कि मातृभूमि की सेवा ही सच्ची देशभक्ति है। वहीं, 150 साल बाद भी आज वंदे मातरम हर भारतीय के हृदय में गूंजता है। यह गीत केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। यह हमें याद दिलाता है कि भारत की ताकत उसकी एकता और संस्कृति में है।

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

Amar Ujala /  🏆 12. in İN

Bankim Chandra Chatterjee National Song Of India 150 Years Vande Mataram Indian Independence Rabindranath Tagore Swadeshi Movement Rajendra Prasad Indian Nationalism Vandemataram Bankimchandra Nationalsong Indiacelebration Swadeshimovement Rabindranathtagore Indianhistory Independencemovement Rajendraprasad Anandamath India News In Hindi Latest India News Updates वंदे मातरम बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय राष्ट्रीय गीत आनंदमठ स्वदेशी आंदोलन रवींद्रनाथ टैगोर आज़ादी की लड़ाई भारत का इतिहास डॉ राजेंद्र प्रसाद मातृभूमि का सम्मान

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

150 Years of National Song: राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष होने पर कल से भाजपा प्रदेश में मनाएगी उत्सव150 Years of National Song: राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष होने पर कल से भाजपा प्रदेश में मनाएगी उत्सवBJP Will Celebrate 150 Years of National Song: अभियान के तहत विधान सभा क्षेत्र व मंडल स्तर पर तिरंगा यात्राएं, प्रभात फेरियां, बाइक रैलियां और साहित्यिक प्रदर्शनी आयोजित की जाएंगी। विद्यालयों और महाविद्यालयों में निबंध, कविता और चित्रकला प्रतियोगिताएं भी...
Read more »

Vande Mataram: जम्मू-कश्मीर के स्कूलों में वंदे मातरम अनिवार्य करने पर मचा घमासान, मुस्लिम संगठन बोले- ये गैर-इस्लामिकVande Mataram: जम्मू-कश्मीर के स्कूलों में वंदे मातरम अनिवार्य करने पर मचा घमासान, मुस्लिम संगठन बोले- ये गैर-इस्लामिकJammu-Kashmir Schools Vande Mataram: यह विवाद तब और गहरा गया जब जम्मू-कश्मीर के डोडा जिला प्रशासन ने हर सोमवार सुबह की प्रार्थना सभाओं में सभी स्कूलों में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का पाठ अनिवार्य कर दिया.
Read more »

Vande Bharat Sleeper Train Hits 180 KMPH During Trial RunVande Bharat Sleeper Train Hits 180 KMPH During Trial RunThe Vande Bharat sleeper variant of the Vande Bharat series is being designed to cater to overnight and long-distance routes, expanding on the existing chair-car-only configuration.
Read more »

इस्लाम किसी भी ऐसे काम की इजाजत नहीं देता...वंदे मातरम के 150 साल के जश्न पर मीरवाइज के उलेमा ने जताई आपत्तिइस्लाम किसी भी ऐसे काम की इजाजत नहीं देता...वंदे मातरम के 150 साल के जश्न पर मीरवाइज के उलेमा ने जताई आपत्तिVande Mataram 150 Year Celebration: देश की आजादी से लड़ाई से जुड़े वंदे मातरम् गीत के 150 साल पूरे होने पर केंद्र सरकार ने बड़े आयोजन की तैयारी की है। इसके तहत पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जम्मू कश्मीर में मुस्लिम धार्मिक संगठनों के समूह मुत्तहिदा मजलिस-ए-उलेमा ने कहा है कि मुस्लिम इस गा और पढ़ नहीं सकते...
Read more »

भारत का वो एक गाना…जिसने उड़ा दी थी अंग्रेजों की नींद, आज हम सब गाते हैंभारत का वो एक गाना…जिसने उड़ा दी थी अंग्रेजों की नींद, आज हम सब गाते हैंVande Mataram गीत की कहानी रोचक है। यह कोई साधारण नहीं है। वंदे मातरम को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से जोड़कर देखा जाता है। अब इसे 150 साल पूरे हो गए हैं। आइए जानें कैसे यह गीत जन-जागरण का प्रतीक बना।
Read more »

वंदे मातरम के 150 साल, देश के 150 स्थानों पर होगा आयोजन; जानें इस गीत की कहानी..वंदे मातरम के 150 साल, देश के 150 स्थानों पर होगा आयोजन; जानें इस गीत की कहानी..Vande Mataram 150 Years: राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को 2025 में 150 साल पूरे हो रहे हैं. इस मौके पर भारत सरकार खास कार्यक्रम का आयोजन कर रही है. इस खबर में हम आपको इससे जुड़ी सारी बातें डीटेल में बताएंगे.
Read more »



Render Time: 2026-04-02 18:26:19