'AI पर लगाम लगाना जरूरी, वरना समाज के लिए अच्छा नहीं होगा', नोबेल पुरस्‍कार विजेता ने क्‍यों कही ये बात, जानें

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'AI पर लगाम लगाना जरूरी, वरना समाज के लिए अच्छा नहीं होगा', नोबेल पुरस्‍कार विजेता ने क्‍यों कही ये बात, जानें
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की चर्चाएं आए द‍िन होती हैं। लोग इसके पॉजिटिव और नेगेटिव पहलू पर बात करते हैं। हाल ही में नोबेल पुरस्कार विजेता कनाडाई प्रोफेसर पीटर हॉविट की भी इस पर टिप्पणी की है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आने के बाद इसके सकारात्मक और नकारात्मक परिणामों की बात हो रही है। कई दिग्गज लोगों ने इस पर अपनी बात रखी है। अब नोबेल प्राइज विनर अर्थशास्त्री ने कहा है कि AI में गजब की संभावनाएं हैं, लेकिन यह नौकरियों को खत्म करने की ताकत भी रखता है। इसलिए इसे कंट्रोल करना जरूरी है। ये बात 2025 के नोबेल अर्थशास्त्र पुरस्कार विजेता कनाडाई प्रोफेसर पीटर हॉविट ने काही है। प्रोफेसर हॉविट की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब लोग AI के समाज और नौकरियों पर असर को लेकर चिंतित हैं।AI की ताकत और खतरान्यूजबग की रिपोर्ट बताती है कि हॉविट ने कहा कि AI एक शानदार तकनीक है, जो कई क्षेत्रों में बदलाव ला सकती है। लेकिन यह अच्छी स्किल वाली नौकरियों को भी खत्म कर सकती है। अगर AI को बिना नियमों में बांधे हुए छोड़ दिया गया, तो यह समाज के लिए अच्छा नहीं होगा। हॉविट ने सुझाव दिया कि सरकारों को इसे कंट्रोल करने के लिए नियम बनाना चाहिए। उनका मानना है कि निजी कंपनियों के हित समाज के हितों से मेल नहीं खाते, इसलिए नियम जरूरी हैं।क्रिएटिव डिस्ट्रक्शन का सिद्धांतहॉविट को यह पुरस्कार उनके सहयोगी फिलिप एघियॉन के साथ मिला। दोनों ने क्रिएटिव डिस्ट्रक्शन के सिद्धांत पर काम किया। इस सिद्धांत के अनुसार, जब कोई नया और बेहतर प्रोडक्ट बाजार में आता है, तो पुराने प्रोडक्ट बेचने वाली कंपनियां पिछड़ जाती हैं। हॉविट ने कहा कि AI का असर भी ऐसा ही हो सकता है, लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि यह किन नौकरियों को प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा कि यह मानव इतिहास का एक बड़ा पल है, ठीक उसी तरह जब बिजली की एंट्री हुई थी।एक और नोबेल प्राइज विनर की क्या राय?इस साल का तीसरा नोबेल पुरस्कार अमेरिकी-इजरायली अर्थशास्त्री जोएल मोकीर को मिला। मोकीर का मानना है कि AI नौकरियों को खत्म करने की बजाए लोगों को दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण काम दे सकता है। उन्होंने कहा कि तकनीकी बदलाव न केवल नौकरियों को खत्म करते हैं, बल्कि नए अवसर भी पैदा करते हैं। मोकीर ने यह भी चिंता जताई कि भविष्य में नौकरियों की कमी नहीं, बल्कि काम करने वालों की कमी हो सकती है, क्योंकि जनसंख्या उम्रदराज हो रही है और काम करने वाले लोग कम हो रहे हैं।नया नियम भी आयाकैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसॉम ने AI चैटबॉट्स के साथ बातचीत को कंट्रोल करने वाला एक नया कानून बनाया है। यह कानून AI को बिना नियमों के छोड़ने की व्हाइट हाउस की नीति के खिलाफ है।.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आने के बाद इसके सकारात्मक और नकारात्मक परिणामों की बात हो रही है। कई दिग्गज लोगों ने इस पर अपनी बात रखी है। अब नोबेल प्राइज विनर अर्थशास्त्री ने कहा है कि AI में गजब की संभावनाएं हैं, लेकिन यह नौकरियों को खत्म करने की ताकत भी रखता है। इसलिए इसे कंट्रोल करना जरूरी है। ये बात 2025 के नोबेल अर्थशास्त्र पुरस्कार विजेता कनाडाई प्रोफेसर पीटर हॉविट ने काही है। प्रोफेसर हॉविट की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब लोग AI के समाज और नौकरियों पर असर को लेकर चिंतित हैं।AI की ताकत और खतरान्यूजबग की रिपोर्ट बताती है कि हॉविट ने कहा कि AI एक शानदार तकनीक है, जो कई क्षेत्रों में बदलाव ला सकती है। लेकिन यह अच्छी स्किल वाली नौकरियों को भी खत्म कर सकती है। अगर AI को बिना नियमों में बांधे हुए छोड़ दिया गया, तो यह समाज के लिए अच्छा नहीं होगा। हॉविट ने सुझाव दिया कि सरकारों को इसे कंट्रोल करने के लिए नियम बनाना चाहिए। उनका मानना है कि निजी कंपनियों के हित समाज के हितों से मेल नहीं खाते, इसलिए नियम जरूरी हैं।क्रिएटिव डिस्ट्रक्शन का सिद्धांतहॉविट को यह पुरस्कार उनके सहयोगी फिलिप एघियॉन के साथ मिला। दोनों ने क्रिएटिव डिस्ट्रक्शन के सिद्धांत पर काम किया। इस सिद्धांत के अनुसार, जब कोई नया और बेहतर प्रोडक्ट बाजार में आता है, तो पुराने प्रोडक्ट बेचने वाली कंपनियां पिछड़ जाती हैं। हॉविट ने कहा कि AI का असर भी ऐसा ही हो सकता है, लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि यह किन नौकरियों को प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा कि यह मानव इतिहास का एक बड़ा पल है, ठीक उसी तरह जब बिजली की एंट्री हुई थी।एक और नोबेल प्राइज विनर की क्या राय?इस साल का तीसरा नोबेल पुरस्कार अमेरिकी-इजरायली अर्थशास्त्री जोएल मोकीर को मिला। मोकीर का मानना है कि AI नौकरियों को खत्म करने की बजाए लोगों को दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण काम दे सकता है। उन्होंने कहा कि तकनीकी बदलाव न केवल नौकरियों को खत्म करते हैं, बल्कि नए अवसर भी पैदा करते हैं। मोकीर ने यह भी चिंता जताई कि भविष्य में नौकरियों की कमी नहीं, बल्कि काम करने वालों की कमी हो सकती है, क्योंकि जनसंख्या उम्रदराज हो रही है और काम करने वाले लोग कम हो रहे हैं।नया नियम भी आयाकैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसॉम ने AI चैटबॉट्स के साथ बातचीत को कंट्रोल करने वाला एक नया कानून बनाया है। यह कानून AI को बिना नियमों के छोड़ने की व्हाइट हाउस की नीति के खिलाफ है।

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