कांग्रेस सांसद ने कहा कि हाईकमान को सब पता है और फैसला वही लेगा. सभी की उम्मीदें और आकांक्षाएं हैं, जो सार्वजनिक हैं और हाईकमान को इसकी जानकारी है. कांग्रेस को 60 से ज्यादा सीटें मिलने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा की सत्ता विरोधी लहर साफ देखी जा सकती है.
हरियाणा की सत्ता पर अगले 5 साल के लिए कौन राज करेगा, इसका फैसला कल हो जाएगा. मंगलवार को वोटों की गिनती होनी है. इससे पहले सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि एग्जिट पोल अपनी जगह है, लेकिन हमें जो ग्राउंड से रिपोर्ट मिल रही है, उसके मुताबिक हमें 60 से ज्यादा सीटें मिल रही हैं.
कुमारी सैलजा ने कहा कि पार्टी आलाकमान मुख्यमंत्री पद के लिए अंतिम फैसला लेगा, जो सभी को स्वीकार होगा. कुमारी सैलजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस हरियाणा में प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभरी है और हम अपनी सरकार बनाएंगे. मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सीएलपी की बैठक होती है और विधायकों की राय ली जाती है, लेकिन अंतिम फैसला आलाकमान लेता है और यह पार्टी की परंपरा है. उन्होंने कहा कि अंतिम घोषणा होने तक तमाम अटकलें चलती रहेंगी. इस बारे में मैं या कोई और कुछ नहीं कह सकता और यह बात हाईकमान की घोषणा के बाद पता चलेगी. हाईकमान जो भी फैसला लेगा, वह सभी को मंजूर होगा.कांग्रेस सांसद ने कहा कि हाईकमान को सब पता है और फैसला वही लेगा. सभी की उम्मीदें और आकांक्षाएं हैं, जो सार्वजनिक हैं और हाईकमान को इसकी जानकारी है. कांग्रेस को 60 से ज्यादा सीटें मिलने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा की सत्ता विरोधी लहर साफ देखी जा सकती है, क्योंकि लोग इतने निराश हैं कि वे बीजेपी को सत्ता से बाहर करना चाहते हैं. कुमारी सैलजा ने कहा कि अब पूरा माहौल इस बात पर है कि लोग सरकार बनाने के लिए कांग्रेस की ओर क्यों देख रहे हैं, दरअसल, राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बाद सब बदल गया और इससे कांग्रेस और राहुल गांधी के बारे में लोगों की धारणा बदल गई है.Advertisementकुमारी सैलजा ने कहा कि हम सभी ने जमीनी स्तर पर कड़ी मेहनत की है और राहुल गांधी के संदेश को जमीनी स्तर तक पहुंचाया है, लेकिन यह राहुल गांधी की यात्रा ही है, जिसने कांग्रेस के बारे में लोगों की धारणा बदल दी है. सैलजा ने कहा कि 10 साल की सरकार के बाद लोग भाजपा से बहुत नाखुश हैं. उन्होंने दावा किया कि गरीब, दलित और अन्य वर्ग फिर से कांग्रेस की ओर लौट आए हैं और कांग्रेस की ओर देख रहे हैं. बता दें कि हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों पर 5 अक्टूबर को वोटिंग हुई थी.
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