मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा ने आरक्षण पर एक विवादित बयान दिया, जिसमें उन्होंने ब्राह्मण समाज की बेटियों का उल्लेख किया। इस बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया है, और कई संगठनों ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वर्मा ने सफाई दी है, लेकिन विरोध जारी है, और उनके खिलाफ इनाम की घोषणा भी की गई है। राजनीतिक दलों ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया...
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारी कृषि विभाग में पदस्थ उप सचिव संतोष वर्मा ने आरक्षण का पक्ष लेते हुए विवादित बयान में ब्राह्मण समाज की बेटियों को घसीटा है। उन्होंने कहा कि जब तक ब्राह्मण अपनी बेटी दान न दे, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए। अजाक्स यानी मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ का प्रदेश अध्यक्ष बनते ही वर्मा की ओर से रविवार को संगठन के प्रांतीय अधिवेशन में दिए इस बयान का विरोध शुरू हो गया है। ब्राह्मण समाज ही नहीं, कई सवर्ण संगठनों ने उनका मुंह काला करने और सरकार से कार्रवाई की मांग की है। संतोष वर्मा ने दी सफाई उधर, विवाद बढ़ने पर वर्मा ने मीडिया में सफाई देते हुए कहा कि गलत रूप से प्रस्तुत किए गए मेरा बयान से किसी भी व्यक्ति या वर्ग की भावना आहत हुई हैं तो मैं खेद व्यक्त करता हूं। 29 मिनट के मेरे भाषण का यह संदर्भ सामाजिक समरसता को लेकर था लेकिन बयान को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया। अजाक्स के अध्यक्ष द्वारा दिए गए बयान पर सामाजिक और कर्मचारी संगठनों के साथ राजनीतिक दलों ने भी प्रतिक्रिया दी है। संतोष वर्मा के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई की मांग मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, लिपिक संघ, कर्मचारी मंच के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को मंत्रालय में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल को ज्ञापन देकर मांग कार्रवाई करने की मांग की। मंत्रालय संघ अध्यक्ष सुधीर नायक ने कहा कि यदि दो-तीन दिन के भीतर संतोष वर्मा के विरुद्ध शासन द्वारा कार्रवाई नहीं की जाती है तो आंदोलन के अगले चरण घोषित किए जाएंगे। वर्मा का मुंह काला करने पर इनाम की घोषणा उधर, राष्ट्रीय सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती प्रसाद शुक्ल ने संतोष वर्मा का मुंह काला करने पर 51,000 का इनाम घोषित किया। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने एमपी नगर थाने में ज्ञापन देकर कार्रवाई करने की मांग की। विवादों से रहा पुराना नाता बता दें कि राज्य प्रशासनिक सेवा से पदोन्नत होकर आईएएस काडर पाने वाले संतोष वर्मा का विवादों से पुराना नाता रहा है। पदोन्नति के लिए जज के फर्जी हस्ताक्षर करने के आरोप में वह जेल भी जा चुके हैं। वहीं, चार साल पहले इंदौर में एक महिला ने शादी के बाद धोखा देने का आरोप लगाकर एफआईआर भी दर्ज कराई थी। कांग्रेस ने की कड़ी कार्रवाई की मांग विधानसभा में उप नेता हेमंत कटारे, प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभागाध्यक्ष मुकेश नायक, संगीता शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने अजाक्स के प्रांताध्यक्ष संतोष वर्मा पर सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की कोशिश की है। एक बड़े समुदाय का अपमान किया है, उनके विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। कुछ जातिवादी लोग हिंदू एकता भंग करना चाहते हैं- भाजपा उधर, भाजपा नेता विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि सनातन और हिंदू एकता जिंदा रहेगी। कुछ जातिवादी लोग एकता भंग करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन हिंदू एक था, एक है और रहेगा। सब बेटियों का सम्मान है और सब सुरक्षित हैं। किसी की भी अपराधी मानसिकता नहीं चलेगी। भाजपा के प्रदेश मंत्री लोकेंद्र पाराशर ने एक्स पर पोस्ट किया कि बेटी किसी की भी हो, एक जैसी ही पूज्य है। जो भारतीय समाज बेटियों में देवी के दर्शन करता है, उस समाज का कोई उच्च अधिकारी ऐसे निकृष्ट विचार रखे, यह कृत्य घिनौना है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अपने निकृष्ट सोच की तुष्टि के लिए बेटियों की मर्यादा को तार-तार करने वाला भारतीय प्रशासनिक सेवा के लायक तो कतई नहीं है। इसे समाज से दंड मिलना चाहिए और कानून से भी। आचरण नियम का उल्लंघन शासकीय सेवा के अधिकारी सेवा आचरण नियम से बंधे होते हैं। अखिल भारतीय सेवा के लिए बनाए आचरण नियम 1968 में प्रविधान है कि ऐसा कोई भी कृत्य जो समाज में विभेद पैदा करता हो, मान्य नहीं है। सूत्रों का कहना है कि मामला मुख्य सचिव अनुराग जैन के संज्ञान में लाया गया है। वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा सकता है। यह भी पढ़ें: सवर्णों की बेटियों को लेकर आपत्तिजनक बयान देकर घिरे आईएएस संतोष वर्मा, हो रही कार्रवाई की मांग.
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारी कृषि विभाग में पदस्थ उप सचिव संतोष वर्मा ने आरक्षण का पक्ष लेते हुए विवादित बयान में ब्राह्मण समाज की बेटियों को घसीटा है। उन्होंने कहा कि जब तक ब्राह्मण अपनी बेटी दान न दे, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए। अजाक्स यानी मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ का प्रदेश अध्यक्ष बनते ही वर्मा की ओर से रविवार को संगठन के प्रांतीय अधिवेशन में दिए इस बयान का विरोध शुरू हो गया है। ब्राह्मण समाज ही नहीं, कई सवर्ण संगठनों ने उनका मुंह काला करने और सरकार से कार्रवाई की मांग की है। संतोष वर्मा ने दी सफाई उधर, विवाद बढ़ने पर वर्मा ने मीडिया में सफाई देते हुए कहा कि गलत रूप से प्रस्तुत किए गए मेरा बयान से किसी भी व्यक्ति या वर्ग की भावना आहत हुई हैं तो मैं खेद व्यक्त करता हूं। 29 मिनट के मेरे भाषण का यह संदर्भ सामाजिक समरसता को लेकर था लेकिन बयान को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया। अजाक्स के अध्यक्ष द्वारा दिए गए बयान पर सामाजिक और कर्मचारी संगठनों के साथ राजनीतिक दलों ने भी प्रतिक्रिया दी है। संतोष वर्मा के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई की मांग मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, लिपिक संघ, कर्मचारी मंच के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को मंत्रालय में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल को ज्ञापन देकर मांग कार्रवाई करने की मांग की। मंत्रालय संघ अध्यक्ष सुधीर नायक ने कहा कि यदि दो-तीन दिन के भीतर संतोष वर्मा के विरुद्ध शासन द्वारा कार्रवाई नहीं की जाती है तो आंदोलन के अगले चरण घोषित किए जाएंगे। वर्मा का मुंह काला करने पर इनाम की घोषणा उधर, राष्ट्रीय सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती प्रसाद शुक्ल ने संतोष वर्मा का मुंह काला करने पर 51,000 का इनाम घोषित किया। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने एमपी नगर थाने में ज्ञापन देकर कार्रवाई करने की मांग की। विवादों से रहा पुराना नाता बता दें कि राज्य प्रशासनिक सेवा से पदोन्नत होकर आईएएस काडर पाने वाले संतोष वर्मा का विवादों से पुराना नाता रहा है। पदोन्नति के लिए जज के फर्जी हस्ताक्षर करने के आरोप में वह जेल भी जा चुके हैं। वहीं, चार साल पहले इंदौर में एक महिला ने शादी के बाद धोखा देने का आरोप लगाकर एफआईआर भी दर्ज कराई थी। कांग्रेस ने की कड़ी कार्रवाई की मांग विधानसभा में उप नेता हेमंत कटारे, प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभागाध्यक्ष मुकेश नायक, संगीता शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने अजाक्स के प्रांताध्यक्ष संतोष वर्मा पर सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की कोशिश की है। एक बड़े समुदाय का अपमान किया है, उनके विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। कुछ जातिवादी लोग हिंदू एकता भंग करना चाहते हैं- भाजपा उधर, भाजपा नेता विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि सनातन और हिंदू एकता जिंदा रहेगी। कुछ जातिवादी लोग एकता भंग करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन हिंदू एक था, एक है और रहेगा। सब बेटियों का सम्मान है और सब सुरक्षित हैं। किसी की भी अपराधी मानसिकता नहीं चलेगी। भाजपा के प्रदेश मंत्री लोकेंद्र पाराशर ने एक्स पर पोस्ट किया कि बेटी किसी की भी हो, एक जैसी ही पूज्य है। जो भारतीय समाज बेटियों में देवी के दर्शन करता है, उस समाज का कोई उच्च अधिकारी ऐसे निकृष्ट विचार रखे, यह कृत्य घिनौना है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अपने निकृष्ट सोच की तुष्टि के लिए बेटियों की मर्यादा को तार-तार करने वाला भारतीय प्रशासनिक सेवा के लायक तो कतई नहीं है। इसे समाज से दंड मिलना चाहिए और कानून से भी। आचरण नियम का उल्लंघन शासकीय सेवा के अधिकारी सेवा आचरण नियम से बंधे होते हैं। अखिल भारतीय सेवा के लिए बनाए आचरण नियम 1968 में प्रविधान है कि ऐसा कोई भी कृत्य जो समाज में विभेद पैदा करता हो, मान्य नहीं है। सूत्रों का कहना है कि मामला मुख्य सचिव अनुराग जैन के संज्ञान में लाया गया है। वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा सकता है। यह भी पढ़ें: सवर्णों की बेटियों को लेकर आपत्तिजनक बयान देकर घिरे आईएएस संतोष वर्मा, हो रही कार्रवाई की मांग
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