'ईरानी शासन के पतन का फिलहाल कोई खतरा नहीं', अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में बड़ा दावा; अब क्या करेंगे ट्रंप

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'ईरानी शासन के पतन का फिलहाल कोई खतरा नहीं', अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में बड़ा दावा; अब क्या करेंगे ट्रंप
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मेरिकी खुफिया एजेंसियों की कई रिपोर्टों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि ईरानी शासन के पतन का कोई तत्काल खतरा नहीं है। लगभग दो सप्ताह से जारी अमेरिका-इजरायल की लगातार बमबारी के बावजूद ईरान का नेतृत्व काफी हद तक अखंड बना हुआ है और निकट भविष्य में शासन गिरने की कोई संभावना नहीं दिख रही...

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की कई रिपोर्टों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि ईरानी शासन के पतन का कोई तत्काल खतरा नहीं है। लगभग दो सप्ताह से जारी अमेरिका-इजरायल की लगातार बमबारी के बावजूद ईरान का नेतृत्व काफी हद तक अखंड बना हुआ है और निकट भविष्य में शासन गिरने की कोई संभावना नहीं दिख रही है। अमेरिकी इंटेलिजेंस: ईरानी रिजीम सुरक्षित, पतन की कोई आशंका नहीं तीन सूत्रों के हवाले से रॉयटर को मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों की बहुसंख्यक श्रृंखला में एकसमान विश्लेषण है कि शासन के पतन का कोई खतरा नहीं है। ईरानी जनता पर रिजीम का नियंत्रण अभी भी मजबूत बना हुआ है। ये रिपोर्टें पिछले कुछ दिनों में ही तैयार हुई हैं और सभी सूत्रों ने गुप्त रहने की शर्त पर बात की। खामेनेई की मौत के बाद भी धार्मिक नेतृत्व में एकजुटता 28 फरवरी 2026 को युद्ध के पहले दिन अमेरिका-इजरायलहमलों में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या हो गई थी। इसके बावजूद ईरान के धार्मिक नेतृत्व में एकजुटता बनी हुई है। इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर और अंतरिम नेतृत्व ने देश पर नियंत्रण बनाए रखा है। नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति से हार्डलाइन गुट मजबूत हुए हैं। इजरायली अधिकारी भी मानते हैं: रिजीम गिरने की कोई गारंटी नहीं एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने रॉयटर को बताया कि बंद कमरों में हुई चर्चाओं में इजरायल भी इस बात को स्वीकार कर रहा है कि युद्ध से धार्मिक सरकार के पतन की कोई निश्चितता नहीं है। इजरायल के आकलन में भी शासन परिवर्तन की उम्मीद कमजोर है। ट्रंप ने युद्ध जल्द खत्म करने के संकेत दिए तेल कीमतों में तेज उछाल और घरेलू राजनीतिक दबाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि 2003 के बाद का सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य अभियान जल्द ही समाप्त हो जाएगा। ट्रंप ने इसे बहुत पूरा और शेड्यूल से आगे बताया है। हालांकि, अगर ईरान के कट्टरपंथी नेता अपनी अड़ियल स्थिति पर अड़े रहे तो कोई स्वीकार्य समाधान निकालना मुश्किल होगा। ट्रंप ने अनकंडीशनल सरेंडर की मांग भी की है। जमीनी स्थिति अस्थिर, लेकिन फिलहाल स्थिरता सूत्रों ने जोर दिया कि ईरान के भीतर की स्थिति अस्थिर है और परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं। फिलहाल आईआरजीसी और नए नेतृत्व ने नियंत्रण बनाए रखा है। युद्ध अब 13वें दिन में है, लेकिन अमेरिकी खुफिया आकलन से साफ है कि हमलों का मुख्य लक्ष्य ईरान के न्यूक्लियर और मिसाइल कार्यक्रम को कमजोर करना है, न कि शासन परिवर्तन।.

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की कई रिपोर्टों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि ईरानी शासन के पतन का कोई तत्काल खतरा नहीं है। लगभग दो सप्ताह से जारी अमेरिका-इजरायल की लगातार बमबारी के बावजूद ईरान का नेतृत्व काफी हद तक अखंड बना हुआ है और निकट भविष्य में शासन गिरने की कोई संभावना नहीं दिख रही है। अमेरिकी इंटेलिजेंस: ईरानी रिजीम सुरक्षित, पतन की कोई आशंका नहीं तीन सूत्रों के हवाले से रॉयटर को मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों की बहुसंख्यक श्रृंखला में एकसमान विश्लेषण है कि शासन के पतन का कोई खतरा नहीं है। ईरानी जनता पर रिजीम का नियंत्रण अभी भी मजबूत बना हुआ है। ये रिपोर्टें पिछले कुछ दिनों में ही तैयार हुई हैं और सभी सूत्रों ने गुप्त रहने की शर्त पर बात की। खामेनेई की मौत के बाद भी धार्मिक नेतृत्व में एकजुटता 28 फरवरी 2026 को युद्ध के पहले दिन अमेरिका-इजरायलहमलों में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या हो गई थी। इसके बावजूद ईरान के धार्मिक नेतृत्व में एकजुटता बनी हुई है। इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर और अंतरिम नेतृत्व ने देश पर नियंत्रण बनाए रखा है। नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति से हार्डलाइन गुट मजबूत हुए हैं। इजरायली अधिकारी भी मानते हैं: रिजीम गिरने की कोई गारंटी नहीं एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने रॉयटर को बताया कि बंद कमरों में हुई चर्चाओं में इजरायल भी इस बात को स्वीकार कर रहा है कि युद्ध से धार्मिक सरकार के पतन की कोई निश्चितता नहीं है। इजरायल के आकलन में भी शासन परिवर्तन की उम्मीद कमजोर है। ट्रंप ने युद्ध जल्द खत्म करने के संकेत दिए तेल कीमतों में तेज उछाल और घरेलू राजनीतिक दबाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि 2003 के बाद का सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य अभियान जल्द ही समाप्त हो जाएगा। ट्रंप ने इसे बहुत पूरा और शेड्यूल से आगे बताया है। हालांकि, अगर ईरान के कट्टरपंथी नेता अपनी अड़ियल स्थिति पर अड़े रहे तो कोई स्वीकार्य समाधान निकालना मुश्किल होगा। ट्रंप ने अनकंडीशनल सरेंडर की मांग भी की है। जमीनी स्थिति अस्थिर, लेकिन फिलहाल स्थिरता सूत्रों ने जोर दिया कि ईरान के भीतर की स्थिति अस्थिर है और परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं। फिलहाल आईआरजीसी और नए नेतृत्व ने नियंत्रण बनाए रखा है। युद्ध अब 13वें दिन में है, लेकिन अमेरिकी खुफिया आकलन से साफ है कि हमलों का मुख्य लक्ष्य ईरान के न्यूक्लियर और मिसाइल कार्यक्रम को कमजोर करना है, न कि शासन परिवर्तन।

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