Traveller Collection में 15000 दुर्लभ सिक्के हैं जो 50 साल तक जमीन के नीचे दफन रहे थे। यह संग्रह 1929 के वॉल स्ट्रीट क्रैश के बाद एक गुमनाम संग्रहकर्ता द्वारा शुरू किया गया था। नाजी हमले के डर से उन्होंने सिक्कों को छिपा दिया। 1990 के दशक में उनकी विधवा ने इसे निकाला। इस संग्रह में ऐतिहासिक और अत्यंत दुर्लभ सिक्के हैं जो अब नीलामी में पेश किए...
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ट्रैवलर कलेक्शन की कहानी केवल एक सिक्कों को इक्टठा करने की नहीं बल्कि एक ऐसी अद्भुत कहानी है जो सदियों की इतिहास की झलक प्रस्तुत करती है। यह संग्रह 15,000 दुर्लभ सिक्कों से भरा हुआ है, जो दुनिया भर के 100 से अधिक देशों से लाए गए हैं। इन सिक्कों का सबसे खास पहलू यह है कि इनमें से अधिकांश 50 साल से भी ज्यादा समय तक जमीन के नीचे दफन रहे थे। संग्रह की शुरुआत और उसकी छिपी हुई कहानी इस संग्रह के पहले मालिक का नाम आज भी गुप्त है, लेकिन उनकी कहानी बहुत रोचक है। 1929 में वॉल स्ट्रीट क्रैश के बाद उन्होंने सोने में निवेश करने की शुरुआत की, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति खराब न हो। समय के साथ उन्हें सिक्कों की कला, दुर्लभता और ऐतिहासिक महत्व का एहसास हुआ और उन्होंने सिक्कों को इकट्ठा करना शुरू किया। 1930 के दशक में वो और उनकी पत्नी ने यूरोप और अमेरिका के कई देशों का दौरा किया और सिक्के इकट्ठा करते रहे। नाजी हमले का खतरा और छिपाए गए सिक्के लेकिन जब नाजी सत्ता का खतरा बढ़ा तो उस आदमी ने अपने सिक्कों को सिगार बॉक्स में पैक किया और उन्हें एल्युमिनियम कंटेनरों में सील किया और फिर गहरे जमीन में दफन कर दिया। इस स्थान के बारे में केवल वह और उनकी पत्नी जानते थे। हालांकि, नाजी कब्जे के बाद कुछ ही समय के बाद उस व्यक्ति की हार्ट अटैक की वजह से निधन हो गया और उनका खजाना वर्षों तक छिपा रहा। संग्रह की खोज और उसका महत्व 1990 के दशक के मध्य में उस व्यक्ति की विधवा ने निर्णय लिया कि अब समय आ गया है कि वह दफनाए गए खजाने को बाहर निकाले। इसके लिए उन्होंने न्यूमिसमेटिका अर्स क्लासिका की मदद ली। हालांकि, इस संग्रह को पूरी दुनिया के सामने लाने में 2022 तक का समय लग गया। जब NAC ने इसका निरीक्षण किया तो जो चीजें सामने आईं। NAC के निदेशक आर्टुरो रूसो के अनुसार, यह प्रक्रिया हर दिन एक कैंडी स्टोर में रहने जैसा अनुभव था। 'Traveller Collection' के प्रमुख सिक्के उस व्यक्ति के कलेक्शन में कई अद्भुत सिक्के हैं। इनमें से एक सिक्का 1629 का 100 डुकट सोने का सिक्का है जो हंगरी, क्रोएशिया और बोहेमिया के राजा फर्डिनेंड III द्वारा मिंट किया गया था। इस सिक्के का वजन 348.
5 ग्राम है और यह यूरोप का सबसा बड़ा सोने का सिक्का माना जाता है। इसके अलावा, क़जर साम्राज्य के अघा मोहम्मद खान द्वारा 18वीं और 19वीं शताब्दी में तेहरान और इस्फ़हान में मिंट किए गए पांच टॉमन के सिक्कों का एक दुर्लभ सेट भी इस संग्रह में शामिल है। सिक्कों की नीलामी और भविष्य इस संग्रह की विशालता और मूल्य को देखते हुए NAC ने चार सालों तक चलने वाली नीलामी श्रृंखला की योजना बनाई है, जिसमें लगभग 15 अलग-अलग नीलामियां आयोजित की जाएंगी। पहली नीलामी 20 मई को होगी, जिसमें ब्रिटिश सिक्के और मेडलियन की प्रदर्शनी होगी।
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