Maharashtra Pune Porsche Car Accident.
स्पॉटलाइट- पोर्श कार एक्सीडेंट मामले में क्या कहता है कानून:लेखक: अक्षय /उत्कर्ष18-19 मई की रात, पुणे में 17 साल का एक लड़का दोस्तों के साथ पार्टी करके अपनी पोर्श कार से वापस लौट रहा था। उसकी कार की रफ्तार करीब 200 पार थी। इसी बीच रास्ते में दो बाइक सवार उसकी चपेट में आए और उनकी मौत हो गई। मामला पुलिस तक पहुंचा और महज 14 घंटे केआज स्पॉटलाइट में जानिए…नाबालिग किस तरह बन रहे रोड एक्सीडेंट का कारण। 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए क्या है नियम और पुणे पोर्स कार एक्सीडेंट मामले में क्या कहता है कानून।सड़क हादसों के आंकड़ों में नाबालिगों के मामले चौंकाने वाले हैं। इंटरनेशन रोड फेडरेशन के मुताबिक सड़क दुर्घटनाओं से मौत के मामले में भारत दुनिया में नंबर वन पर है। द संडे गार्जियन की रिपोर्ट बताती है कि 18 साल से कम उम्र की ड्राइविंग के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इनमें से करीब 90% टीनेजर ऐसे हैं जो टू व्हीलर चलाते समय हेलमेट नहीं पहनते। बच्चों के गाड़ी चलाने की वजह से न सिर्फ उन्हें बल्कि सड़क पर चलने वाले दूसरे लोगों को भी खतरा बना रहता है। जैसा कि पुणे के पोर्श कार मामले में हुआ।नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी की 2022 की रिपोर्ट से पता चलता है कि 2020 की तुलना में 2021 में सड़क दुर्घटना के मामले 3,68,828 से बढ़कर 4,22,659 हो गए।चिंता बढ़ाने वाली बात ये है कि इन दुर्घटना में करीब 10% भूमिका नाबालिग यानी 18 साल से कम उम्र के बच्चों की है। भारत में हर दिन सड़क दुर्घटना में करीब 40 बच्चों की मौत होती है, जिसमें कम उम्र में ड्राइविंग करना बड़ा कारण है।देश में 16-18 साल के युवाओं के लिए 50सीसी से कम के गियरलेस टू-व्हीलर चलाने की परमीशन है। लेकिन पार्टी के बाद नशे में, 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कार दौड़ाने की नहीं। मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के तहत अगर कोई नाबालिग गाड़ी चलाते हुए पकड़ा जाता है तो उसके अभिभावक से 25,000 का जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही 3 साल तक की सजा हो सकती है। उस नाबालिग पर 25 साल की उम्र तक किसी भी तरह की गाड़ी चलाने पर बैन लगा दिया जाएगा।अब सवाल उठता है कि पुणे के पोर्श कार एक्सीडेंट मामले में नाबालिग को क्या सजा मिल सकती थी? नाबालिग अपराधियों और किशोरों के मामलों को देखते हुए जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, 2000 कानून लाया गया था। जिसके तहत देशभर में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड और जुवेनाइल कोर्ट बनाए गए। इसमें सबसे अहम संशोधन दिसंबर 2012 में निर्भया कांड के बाद हुआ था।जिसके तहत अगर 16 साल या उससे ज्यादा उम्र का कोई किशोर जघन्य अपराध करता है, तो उसके साथ वयस्क की तरह ही बर्ताव किया जाएगा। हालांकि, यहां ये समझना जरूरी है कि नाबालिग ने हत्या इरादतन की है या गैर इरादतन। रिपोर्ट्स की मानें तो पुणे पुलिस ने अदालत से आरोपी को वयस्क मानने की अपील की है और उसकी हिरासत मांगी है। इस मामले में आगे क्या होगा, ये देखने वाली बात होगी। लेकिन आरोपी को जिन शर्तों के साथ बेल मिली है वो चर्चा में बना हुआ है।इससे पहले भी अदालतों ने जमानत के लिए जो सजा या शर्तें रखीं है वो चर्चा में रही हैं।साल 2022 में बिहार के मधुबनी की निचली अदालत ने महिलाओं के साथ छेड़खानी और दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी को पूरे गांव की महिलाओं के कपड़े धोने की शर्त पर जमानत दी थी।इसी तरह महिला को परेशान करने पर मध्यप्रदेश हाइकोर्ट ने एक आरोपी को राखी बंधवाने की सजा, हत्या के प्रयास के आरोपी को 10 पेड़ लगाने की सजा और कई मामलों में तो सोशल मीडिया न चलाने की शर्त पर भी जमानत दी गई।.
स्पॉटलाइट- पोर्श कार एक्सीडेंट मामले में क्या कहता है कानून:लेखक: अक्षय /उत्कर्ष18-19 मई की रात, पुणे में 17 साल का एक लड़का दोस्तों के साथ पार्टी करके अपनी पोर्श कार से वापस लौट रहा था। उसकी कार की रफ्तार करीब 200 पार थी। इसी बीच रास्ते में दो बाइक सवार उसकी चपेट में आए और उनकी मौत हो गई। मामला पुलिस तक पहुंचा और महज 14 घंटे केआज स्पॉटलाइट में जानिए…नाबालिग किस तरह बन रहे रोड एक्सीडेंट का कारण। 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए क्या है नियम और पुणे पोर्स कार एक्सीडेंट मामले में क्या कहता है कानून।सड़क हादसों के आंकड़ों में नाबालिगों के मामले चौंकाने वाले हैं। इंटरनेशन रोड फेडरेशन के मुताबिक सड़क दुर्घटनाओं से मौत के मामले में भारत दुनिया में नंबर वन पर है। द संडे गार्जियन की रिपोर्ट बताती है कि 18 साल से कम उम्र की ड्राइविंग के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इनमें से करीब 90% टीनेजर ऐसे हैं जो टू व्हीलर चलाते समय हेलमेट नहीं पहनते। बच्चों के गाड़ी चलाने की वजह से न सिर्फ उन्हें बल्कि सड़क पर चलने वाले दूसरे लोगों को भी खतरा बना रहता है। जैसा कि पुणे के पोर्श कार मामले में हुआ।नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी की 2022 की रिपोर्ट से पता चलता है कि 2020 की तुलना में 2021 में सड़क दुर्घटना के मामले 3,68,828 से बढ़कर 4,22,659 हो गए।चिंता बढ़ाने वाली बात ये है कि इन दुर्घटना में करीब 10% भूमिका नाबालिग यानी 18 साल से कम उम्र के बच्चों की है। भारत में हर दिन सड़क दुर्घटना में करीब 40 बच्चों की मौत होती है, जिसमें कम उम्र में ड्राइविंग करना बड़ा कारण है।देश में 16-18 साल के युवाओं के लिए 50सीसी से कम के गियरलेस टू-व्हीलर चलाने की परमीशन है। लेकिन पार्टी के बाद नशे में, 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कार दौड़ाने की नहीं। मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के तहत अगर कोई नाबालिग गाड़ी चलाते हुए पकड़ा जाता है तो उसके अभिभावक से 25,000 का जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही 3 साल तक की सजा हो सकती है। उस नाबालिग पर 25 साल की उम्र तक किसी भी तरह की गाड़ी चलाने पर बैन लगा दिया जाएगा।अब सवाल उठता है कि पुणे के पोर्श कार एक्सीडेंट मामले में नाबालिग को क्या सजा मिल सकती थी? नाबालिग अपराधियों और किशोरों के मामलों को देखते हुए जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, 2000 कानून लाया गया था। जिसके तहत देशभर में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड और जुवेनाइल कोर्ट बनाए गए। इसमें सबसे अहम संशोधन दिसंबर 2012 में निर्भया कांड के बाद हुआ था।जिसके तहत अगर 16 साल या उससे ज्यादा उम्र का कोई किशोर जघन्य अपराध करता है, तो उसके साथ वयस्क की तरह ही बर्ताव किया जाएगा। हालांकि, यहां ये समझना जरूरी है कि नाबालिग ने हत्या इरादतन की है या गैर इरादतन। रिपोर्ट्स की मानें तो पुणे पुलिस ने अदालत से आरोपी को वयस्क मानने की अपील की है और उसकी हिरासत मांगी है। इस मामले में आगे क्या होगा, ये देखने वाली बात होगी। लेकिन आरोपी को जिन शर्तों के साथ बेल मिली है वो चर्चा में बना हुआ है।इससे पहले भी अदालतों ने जमानत के लिए जो सजा या शर्तें रखीं है वो चर्चा में रही हैं।साल 2022 में बिहार के मधुबनी की निचली अदालत ने महिलाओं के साथ छेड़खानी और दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी को पूरे गांव की महिलाओं के कपड़े धोने की शर्त पर जमानत दी थी।इसी तरह महिला को परेशान करने पर मध्यप्रदेश हाइकोर्ट ने एक आरोपी को राखी बंधवाने की सजा, हत्या के प्रयास के आरोपी को 10 पेड़ लगाने की सजा और कई मामलों में तो सोशल मीडिया न चलाने की शर्त पर भी जमानत दी गई।
Pune Car Accident Pune Road Accident Pune Accident News Pune News
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
पाकिस्तान क्रिकेट टीम का कैंप छोड़ भागीं 2 महिला खिलाड़ी, सड़क दुर्घटना में हुईं घायल; PCB ने की अनुशासनात्मक कार्रवाईपाकिस्तान क्रिकेट टीम की महिला खिलाड़ियों को कार एक्सीडेंट में गंभीर चोट लगी है।
Read more »
युद्ध की तैयारी में जुटा चीन! छात्रों के लिए अनिवार्य करने जा रहा सेना की ट्रेनिंग, प्राइमरी स्कूल तक शामिलइस कानून के आलोचकों ने कहा है कि ये छात्रों का ध्यान नौकरियों से भटकाने की कोशिश है क्योंकि चीन में बेरोजगारी बढ़ रही है। चीन में 2024 में 11.
Read more »
ABSS: 'कांग्रेस की साजिश से घटी हिंदुओं की आबादी', सरकारी पैनल की रिपोर्ट पर बोले स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वतीहम शुरू से यह बात कहते आ रहे हैं कि देश में हिंदुओं की आबादी तेजी से घट रही है, जबकि मुसलमानों की आबादी बेहिसाब तरीके से बढ़ रही है।
Read more »
Lok Sabha Chunav 2024: घोटाले और यौन उत्पीड़न के चार मामले जिनसे बदल गया इस बार का चुनावी माहौलBJP lok sabha candidates list 2024: लोकसभा चुनाव में बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की वजह से क्या पार्टी को नुकसान हो सकता है?
Read more »
Kartik Aaryan: घाटकोपर हादसे में कार्तिक के मामा मामी की मौत, बेटे के पास जाने के लिए यूएस वीजा लगवाने आए थेमुंबई में घाटकोपर में होर्डिंग गिरने से हुए दुखद हादसे में कई लोगों की जान गई है। इस हादसे में अभिनेता कार्तिक आर्यन के रिश्तेदारों की भी मौत हो गई है।
Read more »
