सलमान खान की फिल्म 'बैटल ऑफ गलवान' पर चीन सरकार ने आपत्ति जताई थी, जिस पर विदेश मंत्रालय ने अपना बयान दिया है. फिल्म भारतीय जवानों की शहादत को सम्मान देती है.
नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय ने सलमान खान की फिल्म पर बयान दिया है, जो भारत से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर बनाई जा रही है. सलमान खान की फिल्म पर विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘हमें जानकारी है कि इस तरह की एक फिल्म बनाए जाने की योजना है.
भारत में फिल्म निर्माण से जुड़े मामलों को संबंधित प्राधिकरण देखते हैं. इस तरह के प्रोजेक्ट्स में विदेश मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं होती.’ सलमान खान अगली बार फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ में नजर आएंगे, जो भारतीय सेना के पराक्रम को पर्दे पर जीवंत करेगी. विदेश मंत्रालय के बयान से साफ है कि उन्होंने मामले से दूरी बना ली है. यह भारत सरकार की एक सोची-समझी रणनीति है, ताकि फिल्म को पूरी तरह से ‘निजी क्रिएटिव काम’ माना जाए और चीन सरकार इसे भारत सरकार का कदम न बता सके. गौरतलब है कि सलमान खान जहां अपने पुराने विवादों के कारण आलोचकों के निशाने पर रहते हैं, वहीं ‘बैटल ऑफ गलवान’ जैसी देशभक्ति वाली फिल्म उन्हें एक ‘नेशनल हीरो’ की इमेज में दिखा कर रही है. यह फिल्म उनके करियर की सबसे बड़ी ‘इमेज-ट्रांसफॉर्मेशन’ वाली फिल्म साबित हो सकती है. भारतीय जवानों की शहादत को सम्मान है ‘बैटल ऑफ गलवान’ सलमान खान की फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ अप्रैल 2026 में रिलीज होने के लिए तैयार है. फिल्म अब सिर्फ एक सिनेमाई प्रोजेक्ट नहीं रह गई है, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मुद्दा बन चुकी है. चीन के ग्लोबल टाइम्स ने विरोध जताया है कि फिल्म उनके पक्ष को नजरअंदाज कर रही है. हालांकि, भारतीय नजरिये से फिल्म उन 20 जवानों की शहादत का सम्मान है, जिन्होंने गलवान में सर्वोच्च बलिदान दिया. यह ‘क्रिएटिव लिबर्टी’ और ‘नेशनल नरेटिव’ के बीच के टकराव का एक बड़ा उदाहरण है. बॉक्स ऑफिस पर ग्लोबल मार्केट का असर सलमान खान की फिल्मों का विदेशों में, खासकर चीन में एक बड़ा बाजार रहा है. उनकी फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ ने वहां शानदार परफॉर्म किया था. फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ पर विवाद के चलते सलमान खान की फिल्मों का चीन में भविष्य खतरे में पड़ सकता है. वहां के सोशल मीडिया यूजर्स इसके ‘बॉयकॉट’ की मांग कर रहे हैं, जो उनकी ग्लोबल ब्रांड वैल्यू पर असर डाल सकती है.
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