शराब और सिगरेट के शौकीन युवा हो रहे दिल की बीमारी के शिकार, AIIMS की स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा

AIIMS Study News

शराब और सिगरेट के शौकीन युवा हो रहे दिल की बीमारी के शिकार, AIIMS की स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा
Heart DiseaseYoung AdultsSmoking
  • 📰 Dainik Jagran
  • ⏱ Reading Time:
  • 52 sec. here
  • 11 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 55%
  • Publisher: 53%

एम्स, नई दिल्ली के अध्ययन में शराब व सिगरेट के शौकीन युवाओं में हृदय रोग बढ़ने की बात सामने आई है। 45 वर्ष से कम उम्र के लोगों की मौत का सबसे बड़ा कारण हृदय रोग है। यह बीमारी बिना किसी स्पष्ट लक्षण के चुपचाप शरीर में बढ़ती रहती है। विशेषज्ञों ने 2214 पोस्टमार्टम मामलों का विश्लेषण किया, जिनमें 57 प्रतिशत मौतें युवाओं से संबंधित थीं। मरने वाले 57...

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के सहयोग से किए गए एम्स, नई दिल्ली के विशेषज्ञ चिकित्सकों के एक महत्वपूर्ण अध्ययन में शराब व सिगरेट के शौकीन युवाओं में हृदय रोग बढ़ने की बात सामने आई है। अध्ययन में पाया गया कि 45 वर्ष से कम उम्र के लोगों की मौत का सबसे बड़ा कारण हृदय रोग है। बताया कि यह बीमारी बिना किसी स्पष्ट लक्षण के चुपचाप शरीर में बढ़ती रहती है व समय पर पहचान न होने के कारण खतरनाक तरीके से जानलेवा साबित हो रही है। विशेषज्ञों ने इसे साइलेंट हार्ट डिजीज का नाम दिया है। यह जानकारी अध्ययनकर्ताओं ने एम्स में पत्रकारवार्ता में दी। विशेषज्ञों ने इन बातों का किया विश्लेषण इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित इस अध्ययन को आईसीएमआर की शोध परियोजना के तहत एम्स के पैथोलाजी और फोरेंसिक मेडिसिन विभाग ने मई 2023 से अप्रैल 2024 के बीच किया। विशेषज्ञों ने इसमें 2214 पोस्टमार्टम मामलों का विश्लेषण किया, जिनमें 180 मामले अचानक मौत के थे। इनमें से 57 प्रतिशत मौतें 18 से 45 वर्ष के युवाओं से संबंधित थीं, जिनकी औसत आयु 33.

6 वर्ष पाई गई। इनमें महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों की संख्या अधिक थी। टीम का नेतृत्व करने वाले डॉक्टर ने क्या बताया? यह अध्ययन करने वाली टीम के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता के अनुसार युवाओं में मौत के 42.6 प्रतिशत मामलों में हृदय रोग जिम्मेदार पाया गया। अधिकांश मामलों में कोरोनरी आर्टरी में गंभीर ब्लॉकेज था, लेकिन पीड़ितों को पहले से हृदय बीमारी की जानकारी नहीं थी। डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि यह इस बात का संकेत है कि घातक हृदय रोग लंबे समय तक बिना लक्षण के विकसित होता रहता है। बताया कि दोष पूर्ण जीवनशैली इस खतरे को बढ़ा रही है। अध्ययन में पाया गया कि मरने वाले 57 प्रतिशत युवा धूमपान करते थे, जबकि 52 प्रतिशत शराब का सेवन करते थे। डायबिटीज और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां युवाओं में अपेक्षाकृत कम पाई गईं, जो यह दर्शाता है कि तंबाकू व शराब युवाओं के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। डॉ. गुप्ता ने बताया कि अध्ययन में कोविड संक्रमण और कोविड वैक्सीनेशन का इन मौतों से किसी भी प्रकार का संबंध नहीं पाया गया। यह भी पढ़ें: विद्यार्थियों में नशीले पदार्थों-धूम्रपान की आदत अपनाने की औसत उम्र 13 वर्ष, सर्वे में चौकाने वाला खुलासा

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

Dainik Jagran /  🏆 10. in İN

Heart Disease Young Adults Smoking Alcohol Consumption Silent Heart Disease ICMR Coronary Artery Blockage Sudden Death New Delhi

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

भारतीय वायुसेना ने श्रीलंका में आपदा प्रभावित क्षेत्र से 45 नागरिकों और सेना के 57 जवानों को किया एयरलिफ्टभारतीय वायुसेना ने श्रीलंका में आपदा प्रभावित क्षेत्र से 45 नागरिकों और सेना के 57 जवानों को किया एयरलिफ्टभारतीय वायुसेना ने श्रीलंका में आपदा प्रभावित क्षेत्र से 45 नागरिकों और सेना के 57 जवानों को किया एयरलिफ्ट
Read more »

1 फल-1 सब्जी, दिल और दिमाग को अटैक से बचा सकती है? AIIMS दिल्ली से ट्रेंड डॉक्टर प्रियंका ने बताया1 फल-1 सब्जी, दिल और दिमाग को अटैक से बचा सकती है? AIIMS दिल्ली से ट्रेंड डॉक्टर प्रियंका ने बतायादिल और दिमाग शरीर के दो सबसे जरूरी अंग हैं। एक खून पंप करता है और दूसरा पूरे शरीर को कंट्रोल करता है। क्या कोई एक फूड किसी एक अंग को हेल्दी बना सकता है? इसके बारे में डॉक्टर प्रियंका शेरावत ने जानकारी दी है।
Read more »

स्ट्रोक इलाज में AIIMS ने रचा इतिहास, देश की पहली स्वदेशी क्लिनिकल ट्रायल से एडवांस ब्रेन स्टेंट को मिली मं...स्ट्रोक इलाज में AIIMS ने रचा इतिहास, देश की पहली स्वदेशी क्लिनिकल ट्रायल से एडवांस ब्रेन स्टेंट को मिली मं...एम्स (AIIMS) ने स्ट्रोक इलाज के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. एम्स देश की पहली समर्पित भारतीय क्लिनिकल ट्रायल GRASSROOT ट्रायल का राष्ट्रीय समन्वय केंद्र और प्रमुख भर्ती स्थल रहा, जिसमें अत्याधुनिक स्ट्रोक डिवाइस सुपरनोवा स्टेंट का सफल परीक्षण किया गया.
Read more »

दिल्ली AIIMS ने एक बार फिर किया करिश्मा, देसी ब्रेन स्टेंट से 32 लोगों को मिली नई जिंदगीदिल्ली AIIMS ने एक बार फिर किया करिश्मा, देसी ब्रेन स्टेंट से 32 लोगों को मिली नई जिंदगीएम्स दिल्ली ने स्ट्रोक के इलाज के क्षेत्र में ऐसा काम कर दिखाया है, जिसने देश की हेल्थ भरोसा पैदा किया है। एम्स में भारत में बने सबसे उन्नत ब्रेन स्टेंट 'सुपरनोवा' पर देश का पहला क्लिनिकल ट्रायल सफल रहा है। इस ट्रायल में 32 मरीज शामिल किए गए थे, जिनकी उम्र 18 साल से लेकर 85 साल है। जो ब्रेन स्ट्रोक से पीड़ित...
Read more »

...तो ये है 45 साल से कम उम्र के लोगों की अचानक मौत का कारण, AIIMS की स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा...तो ये है 45 साल से कम उम्र के लोगों की अचानक मौत का कारण, AIIMS की स्टडी में चौंकाने वाला खुलासाएम्स के नए अध्ययन में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पिछले साल अचानक मरने वाले आधे से ज्यादा लोग 45 साल से कम उम्र के थे। इनमें से अधिकांश स्वस्थ दिखते थे और दिल की बीमारियों के कारण अचानक मौत का शिकार हुए।
Read more »

दिल्ली की जहरीली हवा ने बढ़ाया सांस का संकट, AIIMS में खांसी, अस्थमा और COPD मरीजों की भरमारदिल्ली की जहरीली हवा ने बढ़ाया सांस का संकट, AIIMS में खांसी, अस्थमा और COPD मरीजों की भरमारदिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण का असर अब सीधे तौर पर लोगों के सेहत पर देखने को मिल रहा है. एम्स अस्पताल में सांस से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या में इजाफा दर्ज किया गया. AIIMS के डॉक्टर ने बताया कि ख़ुद को कैसे सेफ रखें.
Read more »



Render Time: 2026-04-02 13:24:36