वित्त मंत्री जेटली ने ब्लॉग के जरिए बताया- मोदी सरकार ने पांच साल में लिए कई गेम चेंजिंग फैसले - Amarujala

United States News News

वित्त मंत्री जेटली ने ब्लॉग के जरिए बताया- मोदी सरकार ने पांच साल में लिए कई गेम चेंजिंग फैसले - Amarujala
United States Latest News,United States Headlines
  • 📰 Amar Ujala
  • ⏱ Reading Time:
  • 146 sec. here
  • 4 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 62%
  • Publisher: 51%

वित्त मंत्री जेटली ने ब्लॉग के जरिए बताया- मोदी सरकार ने पांच साल में लिए कई गेम चेंजिंग फैसले arunjaitley narendramodi BJP4India Elections2019 LoksabhaElections2019

के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने कई अहम फैसले किए। सरकार ने बेहद जरूरी दूसरी पीढ़ी के सुधारों को व्यवस्थित और सतत ढंग से लागू किया। वरिष्ठ भाजपा नेता ने टैक्स सुधार, काले धन पर अंकुश लगाने के उपाय, नोटबंदी, मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने, संघवाद को बढ़ावा देने, आयुष्मान भारत योजना बनाने, सामाजिक क्षेत्र में निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास संबंधी निर्णयों को देश की सूरत बदलने के लिए जिम्मेदार बताया। जेटली ने कहा, ‘पांच साल की अवधि एक राष्ट्र में जीवन की लंबी अवधि नहीं है। हालांकि, यह प्रगति के लिए अपनी दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है। भारतीय इतिहास में 1991 एक महत्वपूर्ण अवसर था। तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के समय वित्तीय संकट था। आर्थिक स्थिति ने उन्हें सुधारों के लिए मजबूर किया। राष्ट्रीय मोर्चा सरकार ने आंशिक रूप से प्रत्यक्ष करों को तर्कसंगत बनाया और पहली एनडीए सरकार ने बुनियादी ढांचे के निर्माण और विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन के बारे में महत्वपूर्ण निर्णय लिए।’जेटली ने कहा, ‘यूपीए सरकार 2004-2014 के बीच आर्थिक विस्तार के बजाय नारों में फंस के रह गई। मोदी सरकार तब चुनी गई जब भारत पहले से ही पांच सबसे कमजोर अर्थव्यवस्था वाले देशों का हिस्सा था और दुनिया भविष्यवाणी कर रही थी कि ब्रिक्स से भारत का ‘आई’ हट जाएगा। सरकार के पास कोई विकल्प नहीं था और इसे सुधारना ही पड़ा। उस समय ‘सुधारों या मिट जाओ’ की चुनौती भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने थी। इसलिए, सरकार ने पांच साल की अवधि में व्यवस्थित रूप से और लगातार कई सुधार किए हैं, जो कि भारत के आर्थिक इतिहास में सुधारों की दूसरी पीढ़ी के रूप में जाने जाएंगे जिनकी अधिक जरूरत है।’ के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने कई अहम फैसले किए। सरकार ने बेहद जरूरी दूसरी पीढ़ी के सुधारों को व्यवस्थित और सतत ढंग से लागू किया।वरिष्ठ भाजपा नेता ने टैक्स सुधार, काले धन पर अंकुश लगाने के उपाय, नोटबंदी, मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने, संघवाद को बढ़ावा देने, आयुष्मान भारत योजना बनाने, सामाजिक क्षेत्र में निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास संबंधी निर्णयों को देश की सूरत बदलने के लिए जिम्मेदार बताया। जेटली ने कहा, ‘पांच साल की अवधि एक राष्ट्र में जीवन की लंबी अवधि नहीं है। हालांकि, यह प्रगति के लिए अपनी दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है। भारतीय इतिहास में 1991 एक महत्वपूर्ण अवसर था। तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के समय वित्तीय संकट था। आर्थिक स्थिति ने उन्हें सुधारों के लिए मजबूर किया। राष्ट्रीय मोर्चा सरकार ने आंशिक रूप से प्रत्यक्ष करों को तर्कसंगत बनाया और पहली एनडीए सरकार ने बुनियादी ढांचे के निर्माण और विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन के बारे में महत्वपूर्ण निर्णय लिए।’जेटली ने कहा, ‘यूपीए सरकार 2004-2014 के बीच आर्थिक विस्तार के बजाय नारों में फंस के रह गई। मोदी सरकार तब चुनी गई जब भारत पहले से ही पांच सबसे कमजोर अर्थव्यवस्था वाले देशों का हिस्सा था और दुनिया भविष्यवाणी कर रही थी कि ब्रिक्स से भारत का ‘आई’ हट जाएगा। सरकार के पास कोई विकल्प नहीं था और इसे सुधारना ही पड़ा। उस समय ‘सुधारों या मिट जाओ’ की चुनौती भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने थी। इसलिए, सरकार ने पांच साल की अवधि में व्यवस्थित रूप से और लगातार कई सुधार किए हैं, जो कि भारत के आर्थिक इतिहास में सुधारों की दूसरी पीढ़ी के रूप में जाने जाएंगे जिनकी अधिक जरूरत है।’.

के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने कई अहम फैसले किए। सरकार ने बेहद जरूरी दूसरी पीढ़ी के सुधारों को व्यवस्थित और सतत ढंग से लागू किया। वरिष्ठ भाजपा नेता ने टैक्स सुधार, काले धन पर अंकुश लगाने के उपाय, नोटबंदी, मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने, संघवाद को बढ़ावा देने, आयुष्मान भारत योजना बनाने, सामाजिक क्षेत्र में निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास संबंधी निर्णयों को देश की सूरत बदलने के लिए जिम्मेदार बताया। जेटली ने कहा, ‘पांच साल की अवधि एक राष्ट्र में जीवन की लंबी अवधि नहीं है। हालांकि, यह प्रगति के लिए अपनी दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है। भारतीय इतिहास में 1991 एक महत्वपूर्ण अवसर था। तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के समय वित्तीय संकट था। आर्थिक स्थिति ने उन्हें सुधारों के लिए मजबूर किया। राष्ट्रीय मोर्चा सरकार ने आंशिक रूप से प्रत्यक्ष करों को तर्कसंगत बनाया और पहली एनडीए सरकार ने बुनियादी ढांचे के निर्माण और विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन के बारे में महत्वपूर्ण निर्णय लिए।’जेटली ने कहा, ‘यूपीए सरकार 2004-2014 के बीच आर्थिक विस्तार के बजाय नारों में फंस के रह गई। मोदी सरकार तब चुनी गई जब भारत पहले से ही पांच सबसे कमजोर अर्थव्यवस्था वाले देशों का हिस्सा था और दुनिया भविष्यवाणी कर रही थी कि ब्रिक्स से भारत का ‘आई’ हट जाएगा। सरकार के पास कोई विकल्प नहीं था और इसे सुधारना ही पड़ा। उस समय ‘सुधारों या मिट जाओ’ की चुनौती भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने थी। इसलिए, सरकार ने पांच साल की अवधि में व्यवस्थित रूप से और लगातार कई सुधार किए हैं, जो कि भारत के आर्थिक इतिहास में सुधारों की दूसरी पीढ़ी के रूप में जाने जाएंगे जिनकी अधिक जरूरत है।’ के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने कई अहम फैसले किए। सरकार ने बेहद जरूरी दूसरी पीढ़ी के सुधारों को व्यवस्थित और सतत ढंग से लागू किया।वरिष्ठ भाजपा नेता ने टैक्स सुधार, काले धन पर अंकुश लगाने के उपाय, नोटबंदी, मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने, संघवाद को बढ़ावा देने, आयुष्मान भारत योजना बनाने, सामाजिक क्षेत्र में निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास संबंधी निर्णयों को देश की सूरत बदलने के लिए जिम्मेदार बताया। जेटली ने कहा, ‘पांच साल की अवधि एक राष्ट्र में जीवन की लंबी अवधि नहीं है। हालांकि, यह प्रगति के लिए अपनी दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है। भारतीय इतिहास में 1991 एक महत्वपूर्ण अवसर था। तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के समय वित्तीय संकट था। आर्थिक स्थिति ने उन्हें सुधारों के लिए मजबूर किया। राष्ट्रीय मोर्चा सरकार ने आंशिक रूप से प्रत्यक्ष करों को तर्कसंगत बनाया और पहली एनडीए सरकार ने बुनियादी ढांचे के निर्माण और विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन के बारे में महत्वपूर्ण निर्णय लिए।’जेटली ने कहा, ‘यूपीए सरकार 2004-2014 के बीच आर्थिक विस्तार के बजाय नारों में फंस के रह गई। मोदी सरकार तब चुनी गई जब भारत पहले से ही पांच सबसे कमजोर अर्थव्यवस्था वाले देशों का हिस्सा था और दुनिया भविष्यवाणी कर रही थी कि ब्रिक्स से भारत का ‘आई’ हट जाएगा। सरकार के पास कोई विकल्प नहीं था और इसे सुधारना ही पड़ा। उस समय ‘सुधारों या मिट जाओ’ की चुनौती भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने थी। इसलिए, सरकार ने पांच साल की अवधि में व्यवस्थित रूप से और लगातार कई सुधार किए हैं, जो कि भारत के आर्थिक इतिहास में सुधारों की दूसरी पीढ़ी के रूप में जाने जाएंगे जिनकी अधिक जरूरत है।’

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

Amar Ujala /  🏆 12. in İN

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

LIVE: येचुरी ने पूछा- अमेरिका के आर्थिक हमले का जवाब घर में घुसकर देगी मोदी सरकार?LIVE: येचुरी ने पूछा- अमेरिका के आर्थिक हमले का जवाब घर में घुसकर देगी मोदी सरकार?AajTakSurakshaSabha पाकिस्तान की चुप्पी पर बोले वित्त मंत्री अरुण जेटली पूरा कवरेज:
Read more »

एयरस्ट्राइक से हमने पाक के न्यूक्लियर डॉक्ट्रिन का मिथक तोड़ा है- रक्षामंत्री निर्मला सीतारमणएयरस्ट्राइक से हमने पाक के न्यूक्लियर डॉक्ट्रिन का मिथक तोड़ा है- रक्षामंत्री निर्मला सीतारमणआजतक की सुरक्षा सभा में पहुंचीं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पाकिस्तान बार-बार धमकी देता था कि उसके पास परमाणु बम हैं. लेकिन दुनिया ने देख लिया कि इसका कोई मतलब नहीं है.
Read more »

राहुल गांधी को जानकारी नहीं, मोदी सरकार ने जवानों के लिया क्या फैसले किए: अरुण जेटलीराहुल गांधी को जानकारी नहीं, मोदी सरकार ने जवानों के लिया क्या फैसले किए: अरुण जेटलीAajtak Suraksha Sabha आजतक द्वारा आयोजित 'सुरक्षा सभा' को संबोधित करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी एक नादान और कम जानकार नेता हैं और उन्हें यह नहीं पता है कि मोदी सरकार ने वास्तव में हमारे देश के जवानों के लिए क्या काम किया है.
Read more »

जेटली ने कहा- चीन को सुरक्षा परिषद में सीट दिलाने के लिए नेहरू असली गुनहगारजेटली ने कहा- चीन को सुरक्षा परिषद में सीट दिलाने के लिए नेहरू असली गुनहगारFinance Minister Arun Jaitley attacks Rahul Gandhi on Nehru Giving UNSC seat to China | राहुल गांधी ने गुरुवार को ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी को डरपोक बताया इसके जवाब में जेटली ने कहा कि कश्मीर और चीन दोनों ही मामले नेहरु की गलती हैं
Read more »

नेहरू ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सीट के लिए चीन का पक्ष लिया था : जेटलीनेहरू ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सीट के लिए चीन का पक्ष लिया था : जेटलीअरुण जेटली ने दो अगस्त 1955 को नेहरू द्वारा मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र का हवाला देते हुए कहा, ‘कश्मीर और चीन, दोनों पर मूल गलती एक ही व्यक्ति द्वारा की गई.'
Read more »

'मोदी है तो मुमकिन है’ होगा 2019 के चुनावों के लिए भाजपा का नारा : जेटली- Amarujala'मोदी है तो मुमकिन है’ होगा 2019 के चुनावों के लिए भाजपा का नारा : जेटली- Amarujalaअरुण जेटली ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा ने ‘मोदी है तो मुमकिन है’ नारे को चुना है। BJP4India arunjaitley AmitShah LoksabhaElections2019 votekaro Mahasangram2019
Read more »

राजीव ने हरवा दिया था चुनाव,शिवसेना के सहारे पहुंचे संसद, अटलजी ने बनाया था मंत्रीराजीव ने हरवा दिया था चुनाव,शिवसेना के सहारे पहुंचे संसद, अटलजी ने बनाया था मंत्रीLok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा कि उनके दिवंगत पिता पर शरद पवार का बयान ‘‘अनुचित’’ है।
Read more »

मोदी के मंत्री ने अपने खिलाफ चुनाव लड़ रहे कैंडिडेट को दी शुभकामना..मोदी के मंत्री ने अपने खिलाफ चुनाव लड़ रहे कैंडिडेट को दी शुभकामना..Lok Sabha Election 2019: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अगले महीने नागपुर लोकसभा सीट से उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी नाना पटोले को शुभकामनाएं दी और कहा कि मैं किसी भी उम्मीदवार पर टिप्पणी या उनकी आलोचना नहीं करूंगा।
Read more »

केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने दिया विवादित बयान, वीडियो वायरल होने पर दी सफाईकेंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने दिया विवादित बयान, वीडियो वायरल होने पर दी सफाईदो दिन पहले बृहस्पतिवार को शाम भजन लाल मंदिर में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने शिरकत की थी। उसी समय का यह विवातित बयान बताया जा रहा है।
Read more »

केंद्रीय मंत्री ने प्रियंका को कहा राहुल की पप्‍पी, लोगों ने बताया शर्मनाककेंद्रीय मंत्री ने प्रियंका को कहा राहुल की पप्‍पी, लोगों ने बताया शर्मनाकLok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में पार्टी की खोई हुई जमीन की तलाश में प्रियंका गांधी गंगा यात्रा पर निकली हैं। इस वजह से वह बीजेपी के निशाने पर भी हैं।
Read more »



Render Time: 2026-04-02 05:35:02