झारखंड-बिहार रूट पर चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में दही में कीड़े मिलने के बाद कैटरिंग कंपनी का ठेका रद्द कर दिया गया था। अब नए ठेकेदार को काम सौंपा गया है, लेकिन उस पर भी अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं।
झारखंड में टाटा नगर से बिहार में पटना के बीच 20893-94/21893-94/21895-96 नंबर से वंदे भारत एक्सप्रेस चलती है। इसी ट्रेन में परोसे गए दही में जीवित 'पिल्लू' मिलने की रिपोर्ट पिछले सप्ताह आई थी। इसके बाद रेल मंत्रालय ने ट्रेन में कैटरिंग सर्विस उपलब्ध कराने वाली कंपनी का ठेका रद्द कर दिया। ठेकेदार पर भारी जुर्माना भी लगा। अब इस ट्रेन में कैटरिंग की जिम्मेदारी दूसरे कैटरर को दे दी गई है। लेकिन जिसे काम मिला है, वह कंपनी भी साफ-सुथरी नहीं है।दही में जीवित पिल्लू यह वाकया 15 मार्च 2026 का है। पटना से टाटानगर जा रही 21896, वंदे भारत एक्सप्रेस के एक डिब्बे में जो दही परोसा गया, उसमें जीवित पिल्लू रेंगते दिखे थे। इसे कैटरिंग स्टाफ ने केसर बताया था। किसी पैसेंजर ने इसका वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। यह वीडियो वायरल हो गया था। घटना के 10 दिन बाद, 25 मार्च 2026 को रेल मंत्रालय ने इस ट्रेन के सर्विस प्रोवाइडर यानी ठेकेदार पर 50 लाख का जुर्माना ठोंका था। साथ ही इस कंपनी का ठेका भी टर्मिनेट यानी रद्द कर दिया गया। ठेकेदार के साथ साथ सरकारी कंपनी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन पर भी 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।वंदे भारत अब किसके हवाले? जब ट्रेन के ठेकेदार को निकाल बाहर किया गया तो सर्विस चालू रखने के लिए किसी अन्य कंपनी को ट्रेन सौंपना लाजिमी है। आईआरसीटीसी के सेंट्रल कंट्रोल यूनिट ने बीते रविवार को ही 20893-94/21893-94/21895-96 वंदे भारत एक्सप्रेस के नए कैटरिंग सर्विस प्रोवाइडर के बारे में फैसला कर लिया। यह ट्रेन नॉमिनेशन बेसिस पर आर.
के. एसोसिएट्स एंड होटेलियर्स लिमिटेड को सौंपा गया है। यह वही कंपनी है, जिसके बारे में रेलवे बोर्ड के गलियारे और रेलवे के जोनल हेडक्वार्टर्स में तरह-तरह के किस्से सुनने को मिलते हैं। रेलवे से जुड़े वरिष्ठ सूत्र बताते हैं कि इस कंपनी की ऊंची पहुंच है। तभी तो खराब रिकॉर्ड के बावजूद इसे नॉमिनेशन बेसिस पर वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन का ठेका मिल जाता है।एक साल में तीन कांट्रेक्ट्स छीने जा चुके हैं रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आर.के. एसोसिएट्स एंड होटेलियर्स लिमिटेड से बीते एक साल में ही कम से कम तीन प्रतिष्ठित ट्रेनों का सर्विस कांट्रेक्ट या ठेका छीना जा चुका है। इनमें अजमेर से चंडीगढ़ के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस, नई दिल्ली से ओडिशा के पुरी के बीच चलने वाली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस और अगरतला से झारखंड के देवघर के बीच चलने वाली अगरतला देवघर एक्सप्रेस का ठेका शामिल हैं। इस कंपनी के खिलाफ सैकड़ों कंप्लेन तो हैं ही, एक ट्रेन का ठेका तो इसलिए छीना गया क्योंकि इसके स्टाफ पेंट्री कार में 75 किलो गांजा की तस्करी कर रहे थे।पुरुषोत्तम एक्सप्रेस का छिना ठेका आर.के. एसोसिट्स एंड होटेलियर्स के पास नई दिल्ली से पुरी के बीच चलने वाली 12801-02, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस का लॉन्ग टर्म कांट्रेक्ट था। लेकिन दो मई 2025 को यह ठेका टर्मिनेट कर दिया गया। उस समय आईआरसीटीसी ने बताया था कि कंपनी की खराब सर्विस के बारे में 321 शिकायतें मिली हैं। इनमें से 15 मामलों में कंपनी पर 2.49 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है जबकि 108 मामलों में वार्निंग दी गई है। तब भी कंपनी का कामकाज नहीं सुधरा। तब जाकर उसका ठेका टर्मिनेट किया गया।वंदे भारत का ठेका छिना आईआरसीटीसी ने नौ जनवरी 2026 को इसी कंपनी से अजमेर से चंड़ीगढ़ के बीच चलने वाली 20977-78, वंदे भारत एक्सप्रेस, का कैटरिंग ठेका छीन लिया। आरोप लगा खराब खाना । आरके एसोसिएट्स एंड होटेलियर्स के खिलाफ इसी ट्रेन में 564 शिकायतें मिली थी। कंपनी पर 7.25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगा था। तब भी कंपनी नहीं सुधरी। इसके बाद इस ट्रेन का ठेका टर्मिनेट किया गया। गांजे की तस्करी में भी आया नाम त्रिपुरा की राजधानी अगरतला से झारखंड के देवघर के बीच एक ट्रेन चलती है 15625-26, अगरतला देवघर एक्सप्रेस। इस ट्रेन में आरके एसोसिएट्स का ही कैटरिंग सर्विस का ठेका था। एक दिन 15626 ट्रेन के पेंट्री कार में त्रिपुरा स्टेट इंटेलीजेंस ब्रांच और आरपीएफ के अधिकारियों का छापा पड़ा। इस दौरान देखा गया कि ट्रेन के पेंट्री कार में चावल और आटे की बोरी के बीच 75 किलो गांजा रखा हुआ है। मतलब कि कंपनी के नाम गांजे की तस्करी का तोहमत जुड़ गया। इसके बाद इस ट्रेन की कैटरिंग सर्विस का कांट्रेक्ट इस कंपनी से छीना गया।
वंदे भारत एक्सप्रेस दही में कीड़े कैटरिंग रेल मंत्रालय IRCTC
