राहुल गांधी की जगह इन 4 चेहरों में से हो सकता है कांग्रेस का नया अध्यक्ष

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राहुल के बाद इन 4 के नाम हैं कांग्रेस अध्यक्ष बनने के लिए सामने rahulgandhi congress INCIndia

प्रियंका गांधी : लोकसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी वाड्रा को महासचिव बनाकर उत्तरप्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी थी। हालांकि प्रियंका की कड़ी मेहनत के बाद भी यूपी में कांग्रेस सिर्फ 1 सीट जीत पाई। प्रियंका का दावा इसलिए मजबूत है कि वे गांधी परिवार से हैं। पार्टी का युवा चेहरा हैं। उनके नाम से भीड़ भी अच्छी-खासी जुट जाती है। हार के बाद भी प्रियंका उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करने में लगी हुई हैं। पार्टी में प्रियंका के नाम पर सहमति बनने में कोई दिक्कत भी नहीं है। पूर्व में भी कई बार उन्हें अध्यक्ष बनाने की मांग उठ चुकी है। गांधी परिवार का होने से पार्टी में गुटबाजी की स्थिति भी नहीं रहेगी। हालांकि राहुल गांधी के इस बयान कि पार्टी अध्यक्ष गांधी परिवार से नहीं होना चाहिए, प्रियंका का दावा थोड़ा कमजोर नजर आ रहा है। एके एंटोनी : भारत के पूर्व रक्षामंत्री एके एंटोनी को यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी का काफी करीबी माना जाता है। एके एंटोनी केरल से आते हैं। माना जा रहा है कि अध्यक्ष पद पर दक्षिण भारत के किसी बड़े नेता को बैठाया जा सकता है। इस बार राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव केरल की वायनाड सीट से जीता है, जबकि अपनी परंपरागत अमेठी सीट से वे चुनाव हार गए। यदि गांधी परिवार से बाहर कोई अध्यक्ष बनता है तो एंटोनी का दावा सबसे मजबूत हो सकता है। क्या कांग्रेस में राहुल गांधी के खिलाफ फैल रहा है असंतोष? अशोक गहलोत : राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी पार्टी की कमान सौंपी जा सकती है। गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने गेहलोत को जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसमें पार्टी ने पहले की तुलना में काफी अच्छा प्रदर्शन करते हुए 80 सीटों पर जीत हासिल की थी। 2012 में कांग्रेस को सिर्फ 61 सीटों पर जीत मिली थी। राजस्थान में भी उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने सत्ता में वापसी की है। ऐसे में गहलोत को अध्यक्ष बनाए जाने की संभावनाएं भी कम नहीं हैं। दूसरी ओर, यदि गहलोत को पार्टी की कमान सौंपी जाती है तो युवा चेहरे सचिन पायलट को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। ऐसे में राज्य में जारी गुटबाजी पर भी विराम लग सकता है। मल्लिकार्जुन खड़गे : मल्लिकार्जुन खड़गे को भी कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। खड़गे को गांधी परिवार का करीबी माना जाता है। वे 16वीं लोकसभा में कांग्रेस के नेता भी रह चुके हैं। वे कांग्रेस और गांधी परिवार का पक्ष भी मजबूती से रखते हैं। हालांकि लोकसभा चुनाव 2019 में मल्लिकार्जुन खड़गे को कर्नाटक की गुलबर्गा सीट से हार का सामना करना पड़ा था।.

प्रियंका गांधी : लोकसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी वाड्रा को महासचिव बनाकर उत्तरप्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी थी। हालांकि प्रियंका की कड़ी मेहनत के बाद भी यूपी में कांग्रेस सिर्फ 1 सीट जीत पाई। प्रियंका का दावा इसलिए मजबूत है कि वे गांधी परिवार से हैं। पार्टी का युवा चेहरा हैं। उनके नाम से भीड़ भी अच्छी-खासी जुट जाती है। हार के बाद भी प्रियंका उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करने में लगी हुई हैं। पार्टी में प्रियंका के नाम पर सहमति बनने में कोई दिक्कत भी नहीं है। पूर्व में भी कई बार उन्हें अध्यक्ष बनाने की मांग उठ चुकी है। गांधी परिवार का होने से पार्टी में गुटबाजी की स्थिति भी नहीं रहेगी। हालांकि राहुल गांधी के इस बयान कि पार्टी अध्यक्ष गांधी परिवार से नहीं होना चाहिए, प्रियंका का दावा थोड़ा कमजोर नजर आ रहा है। एके एंटोनी : भारत के पूर्व रक्षामंत्री एके एंटोनी को यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी का काफी करीबी माना जाता है। एके एंटोनी केरल से आते हैं। माना जा रहा है कि अध्यक्ष पद पर दक्षिण भारत के किसी बड़े नेता को बैठाया जा सकता है। इस बार राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव केरल की वायनाड सीट से जीता है, जबकि अपनी परंपरागत अमेठी सीट से वे चुनाव हार गए। यदि गांधी परिवार से बाहर कोई अध्यक्ष बनता है तो एंटोनी का दावा सबसे मजबूत हो सकता है। क्या कांग्रेस में राहुल गांधी के खिलाफ फैल रहा है असंतोष? अशोक गहलोत : राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी पार्टी की कमान सौंपी जा सकती है। गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने गेहलोत को जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसमें पार्टी ने पहले की तुलना में काफी अच्छा प्रदर्शन करते हुए 80 सीटों पर जीत हासिल की थी। 2012 में कांग्रेस को सिर्फ 61 सीटों पर जीत मिली थी। राजस्थान में भी उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने सत्ता में वापसी की है। ऐसे में गहलोत को अध्यक्ष बनाए जाने की संभावनाएं भी कम नहीं हैं। दूसरी ओर, यदि गहलोत को पार्टी की कमान सौंपी जाती है तो युवा चेहरे सचिन पायलट को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। ऐसे में राज्य में जारी गुटबाजी पर भी विराम लग सकता है। मल्लिकार्जुन खड़गे : मल्लिकार्जुन खड़गे को भी कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। खड़गे को गांधी परिवार का करीबी माना जाता है। वे 16वीं लोकसभा में कांग्रेस के नेता भी रह चुके हैं। वे कांग्रेस और गांधी परिवार का पक्ष भी मजबूती से रखते हैं। हालांकि लोकसभा चुनाव 2019 में मल्लिकार्जुन खड़गे को कर्नाटक की गुलबर्गा सीट से हार का सामना करना पड़ा था।

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