पीएम मोदी, अमित शाह और राहुल गांधी के बयानों पर इक आज लेगा फैसला
मंगलवार को चुनाव आयोग की एक अहम बैठक है. इलेक्शन कमीशन इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ कथित तौर पर आचार संहिता के उल्लंघन के आरोपों पर चर्चा कर उचित एक्शन लेगा.
कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने चुनाव आयोग में एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी सभाओं में अभद्र भाषा के इस्तेमाल और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है. ये शिकायतें कई हफ्तों से लंबित है, लेकिन चुनाव आयोग ने इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है. कांग्रेस ने इस मामले को बढ़-चढ़कर उठाया है और कई बार चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की है. सोमवार को इसी मुद्दे पर कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट में फरियाद लेकर पहुंची. कांग्रेस ने कहा कि उन्होंने नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ लगभग 10 बार शिकायत दर्ज करवाई है, लेकिन चुनाव आयोग ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है. कांग्रेस की ओर से सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के कुछ ही घंटों के बाद चुनाव आयोग ने साफ कर दिया कि वो अपनी नियमित बैठक में इन शिकायतों पर चर्चा करेगा और जो भी जरूरी हो वो एक्शन लेगा. बता दें कि इस चुनाव में नेताओं की बदजुबानी लगातार चर्चा में रही है. इसी सिलसिले में कार्रवाई करते हुए चुनाव आयोग यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, पूर्व सीएम मायावती, एसपी नेता आजम खान, कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के भाषणों पर 48 से 72 घंटे का बैन लगा चुका है. हालांकि चुनाव आयोग ने अबतक पीएम नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर कोई कार्रवाई नहीं की है. इस मुद्दे पर कई राजनीतिक दलों और सिविल सोसायटीज ने दबे स्वर में ही सही चुनाव आयोग की निंदा की है. कांग्रेस ने जैसे ही इस मामले पर देश की सुप्रीम अदालत का रुख किया चुनाव आयोग ने कहा कि वह पीएम मोदी, अमित शाह और राहुल गांधी के खिलाफ आई ऐसी शिकायतों पर उचित कार्रवाई करेगा. बता दें कि इससे पहले भी बड़बोले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई न करने पर सुप्रीम कोर्ट चुनाव आयोग को फटकार लगा चुका है. तब चुनाव आयोग ने कहा था कि उसके पास शक्तियां नहीं है. चुनाव की हर ख़बर मिलेगी सीधे आपके इनबॉक्स में. आम चुनाव की ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए सब्सक्राइब करें आजतक का इलेक्शन स्पेशल न्यूज़ लेटर
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