रायसेन जिले के मरखंडी गांव में एक खेत में आसमान से अचानक एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण गिरा, जिससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की। शुरुआती जांच में यह कोई विस्फोटक नहीं निकला। बाद में पता चला कि यह मलेशिया मौसम विज्ञान विभाग का 'रेडियोसोंडे' नामक वैज्ञानिक उपकरण है, जो मौसम संबंधी आंकड़े एकत्र करता है। पुलिस ने संदिग्ध वस्तु...
डिजिटल डेस्क, भोपाल। रायसेन जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मरखंडी में बुधवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब एक खेत में आसमान से अचानक एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आकर गिर पड़ा। अनजान वस्तु को देखकर ग्रामीण घबरा गए और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, क्षेत्र को घेरकर सुरक्षित किया और उपकरण को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में राहत की बात सामने आई कि यह कोई विस्फोटक सामग्री नहीं है। विस्तृत जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि यह मौसम संबंधी आंकड़े एकत्र करने वाला वैज्ञानिक उपकरण ‘रेडियोसोंडे’ है, जिस पर मलेशिया मौसम विज्ञान विभाग अंकित है। ऐसे काम करता है उपकरण प्राथमिक जानकारी के अनुसार, ऊपरी वायुमंडलीय हवाओं और जेट स्ट्रीम के प्रभाव से यह उपकरण हजारों किलोमीटर की दूरी तय करते हुए भारत तक पहुंच गया। रेडियोसोंडे का उपयोग ऊपरी वातावरण में तापमान, नमी, हवा की गति और वायुदाब जैसी जानकारियां जुटाने के लिए किया जाता है। इसे गैस से भरे गुब्बारे के साथ छोड़ा जाता है, जो अत्यधिक ऊंचाई पर जाकर फट जाता है और उपकरण पैराशूट के सहारे जमीन पर उतरता है। यह भी पढ़ें- MP में हर पांच किमी के दायरे में खुलेंगे सर्व-सुविधायुक्त सांदीपनि स्कूल, सीएम ने किया ऐलान पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी इस तरह का कोई संदिग्ध या अनजान सामान दिखाई दे, तो उसके पास न जाएं और न ही उसे छूने या उससे छेड़छाड़ करने का प्रयास करें। ऐसी स्थिति में तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचना दें, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।.
डिजिटल डेस्क, भोपाल। रायसेन जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मरखंडी में बुधवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब एक खेत में आसमान से अचानक एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आकर गिर पड़ा। अनजान वस्तु को देखकर ग्रामीण घबरा गए और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, क्षेत्र को घेरकर सुरक्षित किया और उपकरण को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में राहत की बात सामने आई कि यह कोई विस्फोटक सामग्री नहीं है। विस्तृत जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि यह मौसम संबंधी आंकड़े एकत्र करने वाला वैज्ञानिक उपकरण ‘रेडियोसोंडे’ है, जिस पर मलेशिया मौसम विज्ञान विभाग अंकित है। ऐसे काम करता है उपकरण प्राथमिक जानकारी के अनुसार, ऊपरी वायुमंडलीय हवाओं और जेट स्ट्रीम के प्रभाव से यह उपकरण हजारों किलोमीटर की दूरी तय करते हुए भारत तक पहुंच गया। रेडियोसोंडे का उपयोग ऊपरी वातावरण में तापमान, नमी, हवा की गति और वायुदाब जैसी जानकारियां जुटाने के लिए किया जाता है। इसे गैस से भरे गुब्बारे के साथ छोड़ा जाता है, जो अत्यधिक ऊंचाई पर जाकर फट जाता है और उपकरण पैराशूट के सहारे जमीन पर उतरता है। यह भी पढ़ें- MP में हर पांच किमी के दायरे में खुलेंगे सर्व-सुविधायुक्त सांदीपनि स्कूल, सीएम ने किया ऐलान पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी इस तरह का कोई संदिग्ध या अनजान सामान दिखाई दे, तो उसके पास न जाएं और न ही उसे छूने या उससे छेड़छाड़ करने का प्रयास करें। ऐसी स्थिति में तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचना दें, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
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