रामपुर में जिला पूर्ति अधिकारी और विधिक माप विज्ञान अधिकारी की संयुक्त टीम ने सपा नेता सुरेंद्र सागर के तीन पेट्रोल पंपों पर छापेमारी की, जिसमें कई अनियमितताएं पाई गईं। तीनों पंपों को सील कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
जागरण संवाददाता, रामपुर । शुक्रवार को जिला पूर्ति अधिकारी पूरन सिंह चौहान और विधिक माप विज्ञान अधिकारी मनोज कुमार की संयुक्त टीम ने सपा नेता सुरेंद्र सागर के तीन पेट्रोल पंप ों पर छापेमारी की। टीम ने मैसर्स सागर फिलिंग स्टेशन विक्रमपुर तहसील मिलक, सागर फ्यूल ग्राम भमरौआ और सागर फ्यूल ग्राम रूपपुर तहसील शाहाबाद का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं पाई गईं। पेट्रोल पंप परिसरों में आवश्यक अधिकारियों के संपर्क नंबर और मूल्य सूची नियमानुसार प्रदर्शित नहीं की गई थी। अग्नि सुरक्षा से
संबंधित व्यवस्थाएं भी मानकों के अनुरूप उपलब्ध नहीं थीं। इसके अलावा, एक अतिरिक्त भूमिगत टैंक (लगभग 1000 लीटर क्षमता) में डीजल भंडारित पाया गया, जो प्रथम दृष्टया अवैध भंडारण की श्रेणी में आता है। जांच में यह भी पता चला कि डीजल बिक्री से संबंधित लाइसेंस प्रदर्शित नहीं किया गया था। स्टाक और बिक्री रजिस्टर अधूरे और अप्रमाणित पाए गए। डेंसिटी रजिस्टर का सत्यापन नहीं किया गया था तथा पानी मापने की उचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। शिकायत पुस्तिका भी अधूरी और अप्रमाणित पाई गई। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए तीनों पंपों को सील कर दिया गया है। \सुरेंद्र सागर पहले बसपा में थे। वह लगभग 30 वर्षों तक बसपा में रहे। पांच बार बसपा के जिलाध्यक्ष रहे। इसके अतिरिक्त, उत्तराखंड के प्रदेश प्रभारी और शाहबाद सीट और फिर मिलक विधानसभा सुरक्षित क्षेत्र से प्रत्याशी रहे थे। लगभग सवा साल पहले, उन्होंने अपने बड़े बेटे अंकुर सागर की शादी समाजवादी पार्टी के अंबेडकरनगर के विधायक त्रिभुवन दत्त की बेटी से की थी। इस शादी से नाराज होकर, बसपा सुप्रीमो मायावती ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद, वे सपा में शामिल हो गए। दो मार्च को उन्हें सपा में प्रदेश सचिव बनाया गया था। मिलक स्थित पंप पर निरीक्षण के समय बिक्री बंद थी। उसे सील करते हुए बिक्री लाइसेंस निलंबित कर दिया गया, जबकि अन्य दो पंपों को सील करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर लाइसेंस निलंबित या निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। - पूरन सिंह चौहान, जिला पूर्ति अधिकारी। यह एक महत्वपूर्ण कार्रवाई है जो उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए की गई है। इस तरह की जांच आगे भी जारी रहेगी। यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि सभी पेट्रोल पंप नियमों का पालन करें और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करें। यह कार्यवाही उन पेट्रोल पंप मालिकों के लिए एक चेतावनी है जो नियमों का उल्लंघन करते हैं। इस कार्रवाई से उपभोक्ताओं में विश्वास बढ़ेगा और उन्हें बेहतर सेवाएं मिलेंगी।\यह कार्रवाई उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ा रुख अपनाया है कि पेट्रोल पंप संचालक सभी आवश्यक मानदंडों का पालन करें। अधिकारियों द्वारा की गई छापेमारी में पाई गई अनियमितताओं से पता चलता है कि कुछ पेट्रोल पंप संचालक नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। इन उल्लंघनों में संपर्क नंबरों और मूल्य सूची का प्रदर्शन न करना, अग्नि सुरक्षा उपायों का अपर्याप्त होना, अवैध डीजल भंडारण, और अपूर्ण रिकॉर्ड शामिल हैं। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने तीनों पंपों को सील कर दिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई सुरेंद्र सागर के खिलाफ की गई है, जो समाजवादी पार्टी के नेता हैं। इससे पहले, सागर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में थे और कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। हालांकि, उनकी पार्टी से निकाले जाने के बाद वे सपा में शामिल हो गए। इस घटना से पता चलता है कि राजनीति में बदलाव आते रहते हैं और पार्टियां अपने सदस्यों को बदलते हुए देखती हैं। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और उन्हें पेट्रोल पंपों पर विश्वास बढ़ेगा। यह एक सकारात्मक कदम है जो यह सुनिश्चित करता है कि नियमों का पालन किया जाए और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जाए। इस प्रकार की कार्रवाई अन्य क्षेत्रों में भी की जानी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी व्यवसाय नियमों का पालन करें और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करें
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