भाजपा नेता और पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय द्वारा विपक्षी दल कांग्रेस में लौटने की इच्छा जताने के दो दिन से भी कम समय के भीतर राजस्थान भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने उनके घर पर छापेमारी की है. इसे लेकर मालवीय का कहना है कि भाजपा छोड़ने के कारण यह कार्रवाई उन पर दबाव बनाने के लिए की जा रही है.
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी नेता और पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय द्वारा विपक्षी दल कांग्रेस में लौटने की इच्छा जताने के दो दिन से भी कम समय के भीतर राजस्थान भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो ने उनके घर पर छापेमारी की.
ने कांग्रेस सूत्रों के हवाले से बताया है कि एसीबी की यह छापेमारी मंगलवार की सुबह 9 बजे शुरू हुई, जिसमें अलग-अलग टीमों ने मालवीय से जुड़ी तीन संपत्तियों पर दस्तावेजों की जांच की. इसमें दो पेट्रोल पंप और एक क्रेशर प्लांट शामिल है. मालूम हो कि हाल ही में अशोक गहलोत सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री और राजस्थान की आदिवासी सीट बांसवाड़ा से पूर्व सांसद मालवीय ने जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में कांग्रेस महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विपक्ष के नेता टीकाराम जूली से मुलाकात की थी. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस मालवीय की संपत्तियों पर छापेमारी की पुष्टि करते हुए इसे ‘लोकतंत्र के लिए कलंक’ और ‘राजनीतिक प्रतिशोध के लिए एजेंसियों का दुरुपयोग’ बताया. उन्होंने कहा, ‘मालवीय जी भाजपा में असहज महसूस कर रहे थे. वे कांग्रेस में लौटना चाहते थे, जहां उन्हें सम्मान मिलेगा.’ डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा में छल, झूठ और बेईमानी के सिवा कुछ नहीं हो रहा है.के अनुसार, एसीबी की छापेमारी को लकेर पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय का कहना है कि भाजपा छोड़ने के कारण यह कार्रवाई उन पर दबाव बनाने के लिए की जा रही है और उन्होंने किसी भी प्रकार की अनियमितता से इनकार किया है. इस संबंध में सिंह ने कहा, ‘मैं निर्दोष हूं… मेरे पेट्रोल पंपों और क्रेशर प्लांट में कोई अनियमितता नहीं है. इसलिए मैं तुरंत लौट आया ताकि उन्हें यह न लगे कि मैं भाग रहा हूं. एसीबी अधिकारियों ने मुझसे एक भी सवाल नहीं पूछा.’ मालूम हो कि इस सप्ताह की शुरुआत में दल-बदल करने के अपने इरादे का संकेत देते हुए मालवीय ने भाजपा सरकार के अधीन काम करने में असमर्थता जताई थी. उन्होंने मीडिया से कहा था,’ भाजपा सरकार में कोई भी गरीबों की बात नहीं सुनता. मनरेगा की किस्तें महीनों से लंबित हैं और किसानों को खाद नहीं मिल रही है. मैंने मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष को कई बार पत्र लिखा है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला है. इसलिए, मैंने यह मान लिया है कि आदिवासी क्षेत्रों में जनता का उत्थान केवल कांग्रेस ही कर सकती है.’ गौरतब है कि महेंद्रजीत सिंह मालवीय पहले कांग्रेस में थे. वे कांग्रेस में रहते हुए वे एक बार लोकसभा सांसद बने और चार बार विधायक निर्वाचित हुए थे. नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में भी वे बागीदौरा से विधायक बने लेकिन मार्च 2024 में वे भाजपा में शामिल हो गए. इस दौरान उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था. भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन ढाई लाख वोटों से हार गए. अब उन्होंने कांग्रेस में वापसी की ऐलान किया है. उनका कहना है कि भाजपा उनके लायक पार्टी नहीं है. हालांकि, उनके इस वापसी के ऐलान के कुछ घंटों बाद ही एसीबी की टीमों द्वारा छापेमारी करने पर सवाल उठ रहे हैं. कहा जा रहा है कि जब दो साल पहले वे भाजपा में शामिल हुए थे. तब से लेकर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और अब कांग्रेस में वापसी के संकेत के तुरंत बाद एसीबी को ऐसा क्या नजर आ गया जिसकी वजह से छापेमारी की गई.hindi@thewire.inजब आज्ञा मानने को नैतिक गुण मान लिया जाता है, तब सत्ता जवाबदेही से मुक्त हो जाती हैसंभल हिंसा: कोर्ट के पूर्व सीओ समेत पुलिसकर्मियों पर एफआईआर के आदेश पर अमल से पुलिस का इनकार
