मन की बात LIVE /मोदी ने कहा- चुनाव के दौरान आपसे बात नहीं कर पाने का अफसोस रहा MannKiBaat
मोदी ने कहा- चुनाव के दौरान आपसे बात नहीं कर पाने का अफसोस रहाJun 30, 2019, 11:41 AM ISTप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एनडीए की सत्ता में वापसी के बाद रविवार को पहली बार अपने रेडियो कार्यक्रम में मन की बात की। मोदी ने कहा कि चुनाव के दौरान आपसे बात नहीं कर पाने का अफसोस रहा। मैंने कार्यक्रम को बहुत मिस किया। फरवरी में मैंने कहा था कि अब तीन-चार महीने बाद मिलेंगे तो लोगों ने इसके कई राजनीतिक अर्थ निकाले। मुझे यह विश्वास आपसे मिला था। आपने ही मुझे दोबारा बोलने का मौका दिया। संदेशों में कुछ लोगों ने पूछा है कि चुनाव के बाद केदारनाथ क्यों चले गए थे? मोदी ने कहा, ''मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार। एक लम्बे अंतराल के बाद, फिर से एक बार, आप सबके बीच, मन की बात’, जन की बात, जन-जन की बात, जन-मन की बात इसका हम सिलसिला प्रारम्भ कर रहे हैं। चुनाव की आपाधापी में व्यस्तता बहुत थी लेकिन मन की बात को मिस कर रहा था। बीच का जो समय गया वो काफी कठिन था। जब मन की बात करता हूं तो आवाज शायद मेरी है लेकिन बात आपकी है पराक्रम आपका है। एक बार तो मन कर रहा था कि चुनाव समाप्त होते ही आपसे बात करूं, लेकिन फिर रविवार को ही बात करने का मन हुआ। इस रविवार ने काफी इंतजार कराया।'' मोदी ने कहा, ''कई सारे संदेश पिछले कुछ महीनों में आए हैं, जिसमें लोगों ने कहा कि वो ‘मन की बात’ को मिस कर रहे हैं। जब मैं पढता हूं, सुनता हूं मुझे अच्छा लगता है। मैं अपनापन महसूस करता हूं। मुझसे कई लोगों ने पूछा कि आप बीच में केदारनाथ क्यों चले गए? चुनाव की आपाधापी में मैं चल पड़ा। कई लोगों ने इसके राजनीतिक अर्थ निकाले। लेकिन मैं तब खुद से मिलने चला गया था। मन की बात के कारण जो खालीपन था। उसे केदारनाथ की खाली गुफा ने भरने का मौका दिया।'' ''जब देश में आपातकाल लगा तो जन-जन के दिलों में एक आक्रोश था। लोकतंत्र के अधिकारों का क्या मजा है वो तब पता चलता है जब कोई इन्हें छीन लेता है। आपातकाल में देश के हर नागरिक को लगने लगा था कि उसका कुछ छीन लिया गया है। इस चुनाव में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए 61 करोड़ से ज्यादा लोगों ने वोट दिया। चीन को छोड़ दें तो भारत में दुनिया के किसी भी देश की आबादी से ज्यादा लोगों ने मतदान किया।'' ''अर्द्धसैनिक बलों के करीब 3 लाख सुरक्षाकर्मियों और राज्यों के 20 लाख पुलिसकर्मियों ने परिश्रम किया। अरुणाचल प्रदेश के एक रिमोट इलाके में एक महिला मतदाता के लिए पोलिंग स्टेशन बनाया गया। चुनाव आयोग के अधिकारियों को वहां पहुंचने के लिए दो दिन तक यात्रा करनी पड़ी। चुनाव आयोग बधाई देता हूं और भारत के जागरूक मतदाताओं को नमन करता हूं।''मोदी ने कहा, ''मन की बात बताता है कि देश की तरक्की में 130 करोड़ देशवासी मजबूती और सक्रियता से जुड़ना चाहते हैं। मन की बात मुझे इतनी चिट्ठियां आती हैं लेकिन शिकायतें काफी कम होती हैं और खुद के लिए मांगने का मामला तो न के बराबर होती हैं। आप कल्पना कर सकते हैं, देश के प्रधानमंत्री को कोई चिट्ठी लिखे, लेकिन ख़ुद के लिए कुछ मांगे नहीं, ये देश के करोड़ों लोगों की भावना कितनी ऊंची होगी।'' ''कई लोगों ने मुझसे कहा था जब मैंने आखिर में कहा था कि हम तीन-चार महीने के बाद मिलेंगे, तो लोगों ने उसके भी राजनीतिक अर्थ निकाले थे और लोगों ने कहा कि अरे! मोदी जी का कितना कॉन्फिडेंस है, उनको भरोसा है। लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि यह मेरा विश्वास था, जो आपके विश्वास का आधार था। असल में मैं नहीं आया हूं। आप मुझे लाए हैं। आपने ही मुझे बिठाया है और आपने ही मुझे एक बार फिर बोलने का अवसर दिया है।'' प्रधानमंत्री ने पहले कार्यकाल की आखिरी मन की बात फरवरी में की थी। इस दौरान उन्होंने लोकसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत से वापसी की उम्मीद जताई थी। गृह मंत्री अमित शाह भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ गुजरात के ककरोला स्टेडियम में मन की बात सुने पहुंचे। लोकसभा चुनाव में बहुमत से वापसी के बाद भाजपा मोदी के कार्यक्रम को और ज्यादा लोकप्रिय बनाना चाहती है। पार्टी ने सभी ईकाइयों को मन की बात के लिए अच्छे रेडियो सेट और जरूरी सुविधाएं जुटाने के निर्देश दिए हैं।.
मोदी ने कहा- चुनाव के दौरान आपसे बात नहीं कर पाने का अफसोस रहाJun 30, 2019, 11:41 AM ISTप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एनडीए की सत्ता में वापसी के बाद रविवार को पहली बार अपने रेडियो कार्यक्रम में मन की बात की। मोदी ने कहा कि चुनाव के दौरान आपसे बात नहीं कर पाने का अफसोस रहा। मैंने कार्यक्रम को बहुत मिस किया। फरवरी में मैंने कहा था कि अब तीन-चार महीने बाद मिलेंगे तो लोगों ने इसके कई राजनीतिक अर्थ निकाले। मुझे यह विश्वास आपसे मिला था। आपने ही मुझे दोबारा बोलने का मौका दिया। संदेशों में कुछ लोगों ने पूछा है कि चुनाव के बाद केदारनाथ क्यों चले गए थे? मोदी ने कहा, ''मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार। एक लम्बे अंतराल के बाद, फिर से एक बार, आप सबके बीच, मन की बात’, जन की बात, जन-जन की बात, जन-मन की बात इसका हम सिलसिला प्रारम्भ कर रहे हैं। चुनाव की आपाधापी में व्यस्तता बहुत थी लेकिन मन की बात को मिस कर रहा था। बीच का जो समय गया वो काफी कठिन था। जब मन की बात करता हूं तो आवाज शायद मेरी है लेकिन बात आपकी है पराक्रम आपका है। एक बार तो मन कर रहा था कि चुनाव समाप्त होते ही आपसे बात करूं, लेकिन फिर रविवार को ही बात करने का मन हुआ। इस रविवार ने काफी इंतजार कराया।'' मोदी ने कहा, ''कई सारे संदेश पिछले कुछ महीनों में आए हैं, जिसमें लोगों ने कहा कि वो ‘मन की बात’ को मिस कर रहे हैं। जब मैं पढता हूं, सुनता हूं मुझे अच्छा लगता है। मैं अपनापन महसूस करता हूं। मुझसे कई लोगों ने पूछा कि आप बीच में केदारनाथ क्यों चले गए? चुनाव की आपाधापी में मैं चल पड़ा। कई लोगों ने इसके राजनीतिक अर्थ निकाले। लेकिन मैं तब खुद से मिलने चला गया था। मन की बात के कारण जो खालीपन था। उसे केदारनाथ की खाली गुफा ने भरने का मौका दिया।'' ''जब देश में आपातकाल लगा तो जन-जन के दिलों में एक आक्रोश था। लोकतंत्र के अधिकारों का क्या मजा है वो तब पता चलता है जब कोई इन्हें छीन लेता है। आपातकाल में देश के हर नागरिक को लगने लगा था कि उसका कुछ छीन लिया गया है। इस चुनाव में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए 61 करोड़ से ज्यादा लोगों ने वोट दिया। चीन को छोड़ दें तो भारत में दुनिया के किसी भी देश की आबादी से ज्यादा लोगों ने मतदान किया।'' ''अर्द्धसैनिक बलों के करीब 3 लाख सुरक्षाकर्मियों और राज्यों के 20 लाख पुलिसकर्मियों ने परिश्रम किया। अरुणाचल प्रदेश के एक रिमोट इलाके में एक महिला मतदाता के लिए पोलिंग स्टेशन बनाया गया। चुनाव आयोग के अधिकारियों को वहां पहुंचने के लिए दो दिन तक यात्रा करनी पड़ी। चुनाव आयोग बधाई देता हूं और भारत के जागरूक मतदाताओं को नमन करता हूं।''मोदी ने कहा, ''मन की बात बताता है कि देश की तरक्की में 130 करोड़ देशवासी मजबूती और सक्रियता से जुड़ना चाहते हैं। मन की बात मुझे इतनी चिट्ठियां आती हैं लेकिन शिकायतें काफी कम होती हैं और खुद के लिए मांगने का मामला तो न के बराबर होती हैं। आप कल्पना कर सकते हैं, देश के प्रधानमंत्री को कोई चिट्ठी लिखे, लेकिन ख़ुद के लिए कुछ मांगे नहीं, ये देश के करोड़ों लोगों की भावना कितनी ऊंची होगी।'' ''कई लोगों ने मुझसे कहा था जब मैंने आखिर में कहा था कि हम तीन-चार महीने के बाद मिलेंगे, तो लोगों ने उसके भी राजनीतिक अर्थ निकाले थे और लोगों ने कहा कि अरे! मोदी जी का कितना कॉन्फिडेंस है, उनको भरोसा है। लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि यह मेरा विश्वास था, जो आपके विश्वास का आधार था। असल में मैं नहीं आया हूं। आप मुझे लाए हैं। आपने ही मुझे बिठाया है और आपने ही मुझे एक बार फिर बोलने का अवसर दिया है।'' प्रधानमंत्री ने पहले कार्यकाल की आखिरी मन की बात फरवरी में की थी। इस दौरान उन्होंने लोकसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत से वापसी की उम्मीद जताई थी। गृह मंत्री अमित शाह भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ गुजरात के ककरोला स्टेडियम में मन की बात सुने पहुंचे। लोकसभा चुनाव में बहुमत से वापसी के बाद भाजपा मोदी के कार्यक्रम को और ज्यादा लोकप्रिय बनाना चाहती है। पार्टी ने सभी ईकाइयों को मन की बात के लिए अच्छे रेडियो सेट और जरूरी सुविधाएं जुटाने के निर्देश दिए हैं।
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