जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख महमूद मदनी ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम को राजनीतिक साजिश बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है, उनका कहना है कि यह कानून जमीन हड़पने की योजना है। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया और हिंसा की निंदा की।
नई दिल्ली: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख महमूद मदनी ने वक्फ अधिनियम की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि यह कानून सुधार के नाम पर जमीन हड़पने की योजना है। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की और हिंसा की निंदा की।शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वानमदनी ने लोगों से हर जगह शांतिपूर्ण विरोध करने की अपील की। उन्होंने कहा, 'हमने शांति से प्रदर्शन करने की सलाह दी है। हिंसा से हमारा आंदोलन कमजोर होगा, इसलिए हम इसे निंदा करते हैं।' उनका कहना है कि यह कानून वक्फ बोर्ड को बेहतर करने के लिए नहीं, बल्कि निजी हितों के लिए लाया गया है।राजनीतिक मंशा का आरोपमदनी ने कहा कि यह वक्फ का मुद्दा नहीं, बल्कि राजनीति है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने वक्फ बोर्ड को असीमित शक्ति और सरकार की निगरानी से मुक्त दिखाकर इस कानून को सही ठहराने की झूठी कहानी बनाई। उनका आरोप है कि नया कानून रियल एस्टेट डेवलपर्स और जमीन हड़पने वालों को फायदा पहुंचाने के लिए है। उन्होंने कहा, 'आप बिल्डरों और जमीन कब्ज करने वालों की मदद कर रहे हैं ताकि वे प्रमुख जगहों की जमीन हासिल कर सकें। यह देश, समाज और मुसलमानों के लिए गलत है।''देश के साथ धोखा'मदनी ने कहा कि भारत के मुसलमानों के पूर्वजों ने देश में रहने का फैसला किया था। देश के संस्थापकों ने उनके साथ जो भरोसा और वादे किए थे, यह कानून उसे तोड़ता है। उन्होंने कहा कि यह कदम मुसलमानों के साथ विश्वासघात है।मुर्शिदाबाद में हुई हिंसापश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और अन्य इलाकों जैसे जंगीपुर, अम्तला, सूती, ढुलियान और उत्तर 24 परगना में वक्फ कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हुए। इसमें कम से कम 3 लोगों की मौत हो गई और पुलिस ने 150 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया। सिलीगुड़ी में एक मुस्लिम संगठन और कोलकाता के अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी इस कानून को वापस लेने की मांग की।पुलिस ने मुर्शिदाबाद के प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया है। शनिवार को कलकत्ता हाई कोर्ट की विशेष बेंच ने मुर्शिदाबाद में हिंसा के बाद तुरंत केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सैकड़ों लोग हिंसा प्रभावित क्षेत्रों से भागकर मालदा में शरण लिए हैं।.
नई दिल्ली: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख महमूद मदनी ने वक्फ अधिनियम की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि यह कानून सुधार के नाम पर जमीन हड़पने की योजना है। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की और हिंसा की निंदा की।शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वानमदनी ने लोगों से हर जगह शांतिपूर्ण विरोध करने की अपील की। उन्होंने कहा, 'हमने शांति से प्रदर्शन करने की सलाह दी है। हिंसा से हमारा आंदोलन कमजोर होगा, इसलिए हम इसे निंदा करते हैं।' उनका कहना है कि यह कानून वक्फ बोर्ड को बेहतर करने के लिए नहीं, बल्कि निजी हितों के लिए लाया गया है।राजनीतिक मंशा का आरोपमदनी ने कहा कि यह वक्फ का मुद्दा नहीं, बल्कि राजनीति है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने वक्फ बोर्ड को असीमित शक्ति और सरकार की निगरानी से मुक्त दिखाकर इस कानून को सही ठहराने की झूठी कहानी बनाई। उनका आरोप है कि नया कानून रियल एस्टेट डेवलपर्स और जमीन हड़पने वालों को फायदा पहुंचाने के लिए है। उन्होंने कहा, 'आप बिल्डरों और जमीन कब्ज करने वालों की मदद कर रहे हैं ताकि वे प्रमुख जगहों की जमीन हासिल कर सकें। यह देश, समाज और मुसलमानों के लिए गलत है।''देश के साथ धोखा'मदनी ने कहा कि भारत के मुसलमानों के पूर्वजों ने देश में रहने का फैसला किया था। देश के संस्थापकों ने उनके साथ जो भरोसा और वादे किए थे, यह कानून उसे तोड़ता है। उन्होंने कहा कि यह कदम मुसलमानों के साथ विश्वासघात है।मुर्शिदाबाद में हुई हिंसापश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और अन्य इलाकों जैसे जंगीपुर, अम्तला, सूती, ढुलियान और उत्तर 24 परगना में वक्फ कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हुए। इसमें कम से कम 3 लोगों की मौत हो गई और पुलिस ने 150 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया। सिलीगुड़ी में एक मुस्लिम संगठन और कोलकाता के अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी इस कानून को वापस लेने की मांग की।पुलिस ने मुर्शिदाबाद के प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया है। शनिवार को कलकत्ता हाई कोर्ट की विशेष बेंच ने मुर्शिदाबाद में हिंसा के बाद तुरंत केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सैकड़ों लोग हिंसा प्रभावित क्षेत्रों से भागकर मालदा में शरण लिए हैं।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद वक्फ बोर्ड मुर्शिदाबाद हिंसा Mahmood Madani
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
बड़ी खबर LIVE: वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ जंतर मंतर पर हल्ला बोल, 'मोदी सरकार होश में आओ' के लग रहे नारेऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा है कि वक्फ संशोधन बिल अवकाफ को हड़पने की एक सोची समझी साजिश है, जिसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
Read more »
देश के कई हिस्सों में वक्फ बिल को लेकर विरोध, कोलकाता में AIMPLB की रैली, PM को ज्ञापन भेजेगा जमीयत-ए-उलेमा हिंदपश्चिम बंगाल के मंत्री और जमीयत-ए-उलेमा हिंद के प्रदेश अध्यक्ष सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने घोषणा की कि कानून को निरस्त करने की मांग करते हुए “एक करोड़ हस्ताक्षरों” वाला एक ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सौंपा जाएगा।
Read more »
Waqf Bill: कोलकाता में वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन, हजारों मुस्लिम सड़कों पर उतरेकोलकाता के रामलीला मैदान में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से वक्फ बिल के खिलाफ विशाल प्रदर्शन हुआ. पश्चिम बंगाल जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष सिद्दीकुल्ला चौधरी ने इसे 'काला कानून' करार दिया. देखिए VIDEO
Read more »
संविधान के खिलाफ है वक्फ कानून, जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजाJamiat Ulama E Hind on Waqf Amendment Act 2025: जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. इससे पहले एक दर्जन से ज्यादा मुस्लिम संगठन पहले इस कानून की वैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे चुके हैं.
Read more »
दिल्ली में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की बैठक, वक्फ संशोधन कानून पर चर्चा करेंगे देशभर के मुस्लिम संगठनमौलाना महमूद मदनी की अध्यक्षता में जमीयत की वर्किंग कमेटी की बैठक शुरू हो गई है. हजारों की संख्या में देश के अलग-अलग इलाकों से मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल हो रहे हैं. जमीयत ने वक्फ संशोधन कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
Read more »
Waqf Law: 'यह मुसलमानों के लिए सही नहीं', वक्फ कानून को लेकर मौलाना महमूद मदनी का बयानवक्फ संशोधन कानून को लेकर मुस्लिम संगठनों की दिल्ली में बड़ी बैठक आयोजित की गई। वक्फ संशोधन अधिनियम पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख महमूद मदनी ने कहा कि वक्फ संशोधन अधिनियम देश, समाज या मुसलमानों
Read more »
