महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में एक गर्भवती महिला आशा संतोष किरंगा की 6 किलोमीटर पैदल चलने के बाद मौत हो गई। उनका गांव मुख्य सड़क से कटा हुआ था और डिलीवरी की सुविधा नहीं थी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने सिजेरियन का फैसला किया, लेकिन तब तक बच्चा गर्भ में मर चुका था। अत्यधिक चलने से हुए कॉम्प्लीकेशन्स और बढ़े हुए ब्लड प्रेशर के कारण महिला ने भी दम तोड़...
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में एक गर्भवती महिला की 6 किलोमीटर पैदल चलने के बाद मौत हो गई। उसका गांव मुख्य सड़क से कटा हुआ है और डिलीवरी के लिए कोई मेडिकल सुविधा नहीं है। एक अधिकारी ने बताया कि गढ़चिरौली जिले के एटापल्ली तालुका के आलदंडी टोला निवासी आशा संतोष किरंगा नौ महीने की गर्भवती थी। उन्होंने कहा, उनका पैतृक गांव आलदांडी टोला मुख्य सड़क से कटा हुआ है और वहां कोई डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। समय पर मदद की उम्मीद में वह 1 जनवरी को अपने पति के साथ जंगल के रास्तों से 6 किलोमीटर पैदल चलकर अपनी बहन के घर पेठा पहुंची। प्रेग्नेंसी के आखिरी स्टेज में इतनी मुश्किल यात्रा का उनके शरीर पर बुरा असर पड़ा। बीपी बढ़ने से हो गई महिला की मौत अधिकारी ने बताया, 2 जनवरी की सुबह उसे तेज लेबर पेन होने लगा। उसे एम्बुलेंस से हेदरी के काली अम्माल हॉस्पिटल ले जाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने सिजेरियन ऑपरेशन का फैसला किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्चा पहले ही गर्भ में मर चुका था। ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण महिला की भी कुछ देर बाद मौत हो गई। ज्यादा चलने की वजह से हुए कॉम्प्लीकेशन्स संपर्क करने पर गढ़चिरौली जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.
प्रताप शिंदे ने बताया कि महिला का रजिस्ट्रेशन आशा वर्कर्स के जरिए किया गया था। उन्होंने कहा, अचानक लेबर पेन और कॉम्प्लीकेशन्स शायद चलने की वजह से हुए। डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। तालुका हेल्थ ऑफिसर से एक डिटेल्ड रिपोर्ट मंगवाई गई है और मामले की जांच की जाएगी। यह भी पढ़ें: तीन साल के बेटे के साथ मां ने कुएं में कूदकर दे दी जान, जांच जारी
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