महाकुंभ की व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे PM Modi, 5500 करोड़ की परियोजनाओं का किया लोकार्पण; 10 बड़ी बातें

Prayagraj-General News

महाकुंभ की व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे PM Modi, 5500 करोड़ की परियोजनाओं का किया लोकार्पण; 10 बड़ी बातें
PM Modi MahakumbhMaha Kumbh 2025Maha Kumbh News
  • 📰 Dainik Jagran
  • ⏱ Reading Time:
  • 302 sec. here
  • 12 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 141%
  • Publisher: 53%

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रयागराज में कुंभ मेले का शुभारंभ किया और 5500 करोड़ रुपये की 167 परियोजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने कुंभ मेले के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि यह एकता और समरसता का प्रतीक है। पिछली सरकारों पर धार्मिक आयोजनों को महत्व न देने का आरोप लगाया और कहा कि वर्तमान सरकार भारत की आस्था और मान को बनाए रखने के लिए काम कर...

जागरण संवाददाता, महाकुंभनगर। धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष का प्रदाता तीर्थों को राजा प्रयागराज से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समरसता व समता का संदेश दिया। गंगा, यमुना व अदृश्य सरस्वती के मिलन स्थली संगम के पावन तट पर 13 जनवरी-2025 से से आरंभ हो रहे महाकुंभ की सकुशल संपन्नता के लिए शुक्रवार को विधि-विधान से पूजन किया। त्रिवेणी तट पर कलश स्थापित कर कुंभाभिषेकम किया। त्रिवेणी तट पर हर किसी के कल्याण की कामना की। पावन भूमि को प्रणाम कर साधु संतों को नमन किया। संगम नोज पर आयोजित जनसभा स्थल पर प्रधानमंत्री ने 5500 करोड़ रुपये की 167 परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इसमें अक्षयवट, सरस्वती कूप, भरद्वाज आश्रम और बड़े हनुमान मंदिर, श्रृंगवेरपुर धाम कारिडोर प्रमुख है। प्रधानमंत्री ने कहा कि महाकुंभ एकता का महायज्ञ है, जिसकी चर्चा दुनियाभर में होगी। यहां अलग-अलग राज्यों से करोड़ों लोग जुटेंगे। उनकी भाषा, जातियां व मान्यताएं अलग-अलग होंगी, लेकिन संगम नगरी में आकर वह सब एक हो जाएंगे। सभी एक साथ त्रिवेणी में डुबकी लगाते हैं। यहां जातियों का भेद कम हो जाता है, सम्प्रदायों का टकराव मिट जाता है। करोडों लोग एक ध्येय, एक विचार से जुट जाते हैं। कुंभ में हर तरह के भेदभाव की आहुति दी जाती है। यहां संगम में डुबकी लगाने वाला हर भारतीय एक भारत-श्रेष्ठ भारत की अद्भुत तस्वीर प्रस्तुत करता है। राजा-महाराजा का दौर हो अथवा सैकड़ों वर्ष गुलामी का कालखंड। कुंभ-महाकुंभ की आध्यात्मिक चेतना सदैव प्रवाहमान रही। राष्ट्र चिंतन की धारा निरंतर प्रवाहित होती रही। इसका पड़ाव व मार्ग अलग-अलग होता है, लेकिन यात्री एक होते हैं, सबका मकसद एक होता है। पिछली सरकारों ने इस धार्मिक आयोजन को महत्व नहीं दिया। भारतीय संस्कृति व आस्था से उनका लगाव नहीं था, लेकिन आज केंद्र और प्रदेश में भारत की आस्था व मान रखने वाली सरकार है। सरकार उसी दिशा में कर रही है काम प्रधानमंत्री मोदी ने कुंभ की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यह मनुष्य के अंतर्मन की चेतना का नाम है। यही चेतना भारत के कोने-कोने से लोगों को यहां संगम के तट तक खींच लाती है। सामूहिक एकता का ऐसा समागम शायद ही कहीं और देखने को मिलता हो। विश्व का इतना बड़ा आयोजन, जहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत सेवा की तैयारी लगातार 45 दिनों से चल रही है। एक नया नगर बसाने का यह महाअभियान प्रयागराज की इस धरती पर एक नया इतिहास रचता जा रहा है। अगले साल महाकुंभ का आयोजन देश की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक पहचान को नए शिखर पर स्थापित करेगा। इसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का स्वागत करते हुए महाकुंभ को लेकर कराए गए कार्यों पर प्रकाश डाला। पवित्र स्थलों और तीर्थों का देश है भारत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत पवित्र स्थलों और तीर्थों का देश है। ये गंगा, यमुना, सरस्वती, कावेरी व नर्मदा जैसी अनगिनत पवित्र नदियों का देश है। इन नदियों के प्रवाह की जो पवित्रता है, अनेकानेक तीर्थों का जो महत्व है, उनका संगम, उनका समुच्चय, उनका योग, संयोग, प्रभाव और प्रताप प्रयाग है। प्रयाग भौगोलिक भूखंड नहीं है, यह आध्यात्मिक चेतना का अनुभव करने वाला क्षेत्र है। वह स्थान है, जिसके महत्व के बिना पुराण अधूरे हैं, जिसकी प्रशंसा वेद की ऋचाओं ने की है। प्रयाग वह स्थल है जहां पग-पग पर पवित्र स्थान हैं। त्रिवेणी, भरद्वाज, अक्षयवट वेणी माधव, सोमेरश्वर महादेव की कृपा है। देश को मिलती है दिशा संतों के शिविर में विभिन्न मुद्दों पर होने वाले चिंतन, मंथन व चर्चा को प्रधानमंत्री ने प्रेरक बताया। कहा कि कुंभ में संत सदियों से राष्ट्र के ज्वलंत मुद्दों पर शास्त्रार्थ, वाद-विवाद करते रहे हैं। वह परंपरा आज भी जा रही है। चुनौतीपूर्ण विषयों पर संतजन चर्चा करके उसका निष्कार्ष निकालते हैं। इसके जरिए राष्ट्र को वैचारिक ऊर्जा देते हैं। जब संचार के माधयम नहीं थे, तब बड़े सामाजिक परिवर्तन का आधार कुंभ में तैयार किया जाता था, उसका राष्ट्रव्यापी प्रभाव देखने को मिला है। यहीं से राष्ट्र चिंतन की धारा निरंतर प्रवाहित होती है। आज की 10 बड़ी बातें प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार ने मिलकर हजारों करोडों की योजनाएं शुरू की हैं। जिस तरह कर्मचारियों ने कुंभ की सुविधाओं को करने में जुटे हैं, वह अत्यंत सराहनीय है। दुनिया के किसी भी कोने से लोगों के कुंभ तक में पहुंचने के लिए कनेक्टिविटी को विशेष रूप से ध्यान दिया गया है। वाराणसी, अयोध्या, रायबरेली, लखनऊ जैसे आस-पास के शहरों से प्रयाग की कनेक्टिविटी को बेहतर किया गया है। उन प्रयासों का कुंभ की इस स्थली में प्रभाव नजर आता है। हमारी सरकार ने विकास के साथ-साथ विरासत को समृद्ध करने का काम किया है। रामायण सर्किट, बुद्ध सर्किट, तीर्थंकर सर्किट को गिनाते हुए कहा कि हम उन स्थानों को महत्व दे रहे हैं, जहां पहले की सरकारों ने कोई महत्व नहीं दिया।अयोध्या के भव्य राम मंदिर ने कैसे शहर को भव्य बना दिया है, वाराणसी के काशी विश्वानाथ मंदिर की भी चर्चा की। कहा कि अक्षयवट, हनुमान जी कारिडोर भी उसी विजन का प्रतिकृति है। द्वादश माधव मंदिर का कायाकल्प किया जा रहा है। वर्ष 2019 कुंभ में स्वच्छता की बड़ी प्रशंसा हुई थी। इसलिए मैंने स्वच्छता कर्मियों के पैर धुलकर कृतज्ञता व्यक्त की थी। कुंभ के आर्थिक गतिविधियों की चर्चा करते हुए कहा कि इससे डेढ़ महीने तक रोजगार बढ़ेगा। नाविक, छोटे-बड़े व्यापारियों के लिए रोजगार का अवसर पैदा होगा। सप्लाई चेन के लिए व्यापारियों को दूसरे शहरों से सामान मंगाने पड़ेंगे। एक नया नगर बसाने का यह महाअभियान प्रयागराज की इस धरती पर एक नया इतिहास रचता जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कुंभ की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यह मनुष्य के अंतर्मन की चेतना का नाम है। कुंभ में संत सदियों से राष्ट्र के ज्वलंत मुद्दों पर शास्त्रार्थ, वाद-विवाद करते रहे हैं। वह परंपरा आज भी जा रही है। प्रधानमंत्री ने 5500 करोड़ रुपये की 167 परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इसमें अक्षयवट, सरस्वती कूप, भरद्वाज आश्रम और बड़े हनुमान मंदिर, श्रृंगवेरपुर धाम कारिडोर प्रमुख है। पावन भूमि को प्रणाम कर साधु संतों को नमन किया। निषादराज की बखानी महिमा प्रधानमंत्री ने निषादराज की महिमा का बखान करते हुए कहा कि यहां एक महत्वपूर्ण पड़ाव श्रृंगवेरपुर भी है। जहां निषादराज ने प्रभु श्रीराम के पैर धोकर अपनी नाव से नदी पार कराया था। यह भगवान और भक्त की मित्रता का संदेश देता है। भगवान भी अपने भक्त की मदद ले सकते हैं, उसका संदेश भी यहां मिलता है।। प्रभु श्रीराम और निषादराज की मित्रता के रूप में श्रृंगवेरपुर का विकास किया जा रहा है। यह स्थल आने वाली पीढ़ियों को समरसता और समानता का संदेश देती रहेगी। कुंभ को सफल बनाने में स्वच्छता की बड़ी भूमिका है। नमामि गंगे को आगे बढाया गया है। वेस्ट मैनेजमेंट पर फोकस किया गया है। गंगादूत, गंगा मित्रों की नियुक्ति की गई है। 15000 सफाईकर्मी कुंभ की व्यवस्था को संभालेंगे। जैसे भगवान श्रीकृष्ण ने जूठे पत्तल ठाकर संदेश दिया था कि हर काम का महत्व है। उसी तरह सफाई कर्मियों का काम है।.

जागरण संवाददाता, महाकुंभनगर। धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष का प्रदाता तीर्थों को राजा प्रयागराज से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समरसता व समता का संदेश दिया। गंगा, यमुना व अदृश्य सरस्वती के मिलन स्थली संगम के पावन तट पर 13 जनवरी-2025 से से आरंभ हो रहे महाकुंभ की सकुशल संपन्नता के लिए शुक्रवार को विधि-विधान से पूजन किया। त्रिवेणी तट पर कलश स्थापित कर कुंभाभिषेकम किया। त्रिवेणी तट पर हर किसी के कल्याण की कामना की। पावन भूमि को प्रणाम कर साधु संतों को नमन किया। संगम नोज पर आयोजित जनसभा स्थल पर प्रधानमंत्री ने 5500 करोड़ रुपये की 167 परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इसमें अक्षयवट, सरस्वती कूप, भरद्वाज आश्रम और बड़े हनुमान मंदिर, श्रृंगवेरपुर धाम कारिडोर प्रमुख है। प्रधानमंत्री ने कहा कि महाकुंभ एकता का महायज्ञ है, जिसकी चर्चा दुनियाभर में होगी। यहां अलग-अलग राज्यों से करोड़ों लोग जुटेंगे। उनकी भाषा, जातियां व मान्यताएं अलग-अलग होंगी, लेकिन संगम नगरी में आकर वह सब एक हो जाएंगे। सभी एक साथ त्रिवेणी में डुबकी लगाते हैं। यहां जातियों का भेद कम हो जाता है, सम्प्रदायों का टकराव मिट जाता है। करोडों लोग एक ध्येय, एक विचार से जुट जाते हैं। कुंभ में हर तरह के भेदभाव की आहुति दी जाती है। यहां संगम में डुबकी लगाने वाला हर भारतीय एक भारत-श्रेष्ठ भारत की अद्भुत तस्वीर प्रस्तुत करता है। राजा-महाराजा का दौर हो अथवा सैकड़ों वर्ष गुलामी का कालखंड। कुंभ-महाकुंभ की आध्यात्मिक चेतना सदैव प्रवाहमान रही। राष्ट्र चिंतन की धारा निरंतर प्रवाहित होती रही। इसका पड़ाव व मार्ग अलग-अलग होता है, लेकिन यात्री एक होते हैं, सबका मकसद एक होता है। पिछली सरकारों ने इस धार्मिक आयोजन को महत्व नहीं दिया। भारतीय संस्कृति व आस्था से उनका लगाव नहीं था, लेकिन आज केंद्र और प्रदेश में भारत की आस्था व मान रखने वाली सरकार है। सरकार उसी दिशा में कर रही है काम प्रधानमंत्री मोदी ने कुंभ की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यह मनुष्य के अंतर्मन की चेतना का नाम है। यही चेतना भारत के कोने-कोने से लोगों को यहां संगम के तट तक खींच लाती है। सामूहिक एकता का ऐसा समागम शायद ही कहीं और देखने को मिलता हो। विश्व का इतना बड़ा आयोजन, जहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत सेवा की तैयारी लगातार 45 दिनों से चल रही है। एक नया नगर बसाने का यह महाअभियान प्रयागराज की इस धरती पर एक नया इतिहास रचता जा रहा है। अगले साल महाकुंभ का आयोजन देश की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक पहचान को नए शिखर पर स्थापित करेगा। इसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का स्वागत करते हुए महाकुंभ को लेकर कराए गए कार्यों पर प्रकाश डाला। पवित्र स्थलों और तीर्थों का देश है भारत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत पवित्र स्थलों और तीर्थों का देश है। ये गंगा, यमुना, सरस्वती, कावेरी व नर्मदा जैसी अनगिनत पवित्र नदियों का देश है। इन नदियों के प्रवाह की जो पवित्रता है, अनेकानेक तीर्थों का जो महत्व है, उनका संगम, उनका समुच्चय, उनका योग, संयोग, प्रभाव और प्रताप प्रयाग है। प्रयाग भौगोलिक भूखंड नहीं है, यह आध्यात्मिक चेतना का अनुभव करने वाला क्षेत्र है। वह स्थान है, जिसके महत्व के बिना पुराण अधूरे हैं, जिसकी प्रशंसा वेद की ऋचाओं ने की है। प्रयाग वह स्थल है जहां पग-पग पर पवित्र स्थान हैं। त्रिवेणी, भरद्वाज, अक्षयवट वेणी माधव, सोमेरश्वर महादेव की कृपा है। देश को मिलती है दिशा संतों के शिविर में विभिन्न मुद्दों पर होने वाले चिंतन, मंथन व चर्चा को प्रधानमंत्री ने प्रेरक बताया। कहा कि कुंभ में संत सदियों से राष्ट्र के ज्वलंत मुद्दों पर शास्त्रार्थ, वाद-विवाद करते रहे हैं। वह परंपरा आज भी जा रही है। चुनौतीपूर्ण विषयों पर संतजन चर्चा करके उसका निष्कार्ष निकालते हैं। इसके जरिए राष्ट्र को वैचारिक ऊर्जा देते हैं। जब संचार के माधयम नहीं थे, तब बड़े सामाजिक परिवर्तन का आधार कुंभ में तैयार किया जाता था, उसका राष्ट्रव्यापी प्रभाव देखने को मिला है। यहीं से राष्ट्र चिंतन की धारा निरंतर प्रवाहित होती है। आज की 10 बड़ी बातें प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार ने मिलकर हजारों करोडों की योजनाएं शुरू की हैं। जिस तरह कर्मचारियों ने कुंभ की सुविधाओं को करने में जुटे हैं, वह अत्यंत सराहनीय है। दुनिया के किसी भी कोने से लोगों के कुंभ तक में पहुंचने के लिए कनेक्टिविटी को विशेष रूप से ध्यान दिया गया है। वाराणसी, अयोध्या, रायबरेली, लखनऊ जैसे आस-पास के शहरों से प्रयाग की कनेक्टिविटी को बेहतर किया गया है। उन प्रयासों का कुंभ की इस स्थली में प्रभाव नजर आता है। हमारी सरकार ने विकास के साथ-साथ विरासत को समृद्ध करने का काम किया है। रामायण सर्किट, बुद्ध सर्किट, तीर्थंकर सर्किट को गिनाते हुए कहा कि हम उन स्थानों को महत्व दे रहे हैं, जहां पहले की सरकारों ने कोई महत्व नहीं दिया।अयोध्या के भव्य राम मंदिर ने कैसे शहर को भव्य बना दिया है, वाराणसी के काशी विश्वानाथ मंदिर की भी चर्चा की। कहा कि अक्षयवट, हनुमान जी कारिडोर भी उसी विजन का प्रतिकृति है। द्वादश माधव मंदिर का कायाकल्प किया जा रहा है। वर्ष 2019 कुंभ में स्वच्छता की बड़ी प्रशंसा हुई थी। इसलिए मैंने स्वच्छता कर्मियों के पैर धुलकर कृतज्ञता व्यक्त की थी। कुंभ के आर्थिक गतिविधियों की चर्चा करते हुए कहा कि इससे डेढ़ महीने तक रोजगार बढ़ेगा। नाविक, छोटे-बड़े व्यापारियों के लिए रोजगार का अवसर पैदा होगा। सप्लाई चेन के लिए व्यापारियों को दूसरे शहरों से सामान मंगाने पड़ेंगे। एक नया नगर बसाने का यह महाअभियान प्रयागराज की इस धरती पर एक नया इतिहास रचता जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कुंभ की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यह मनुष्य के अंतर्मन की चेतना का नाम है। कुंभ में संत सदियों से राष्ट्र के ज्वलंत मुद्दों पर शास्त्रार्थ, वाद-विवाद करते रहे हैं। वह परंपरा आज भी जा रही है। प्रधानमंत्री ने 5500 करोड़ रुपये की 167 परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इसमें अक्षयवट, सरस्वती कूप, भरद्वाज आश्रम और बड़े हनुमान मंदिर, श्रृंगवेरपुर धाम कारिडोर प्रमुख है। पावन भूमि को प्रणाम कर साधु संतों को नमन किया। निषादराज की बखानी महिमा प्रधानमंत्री ने निषादराज की महिमा का बखान करते हुए कहा कि यहां एक महत्वपूर्ण पड़ाव श्रृंगवेरपुर भी है। जहां निषादराज ने प्रभु श्रीराम के पैर धोकर अपनी नाव से नदी पार कराया था। यह भगवान और भक्त की मित्रता का संदेश देता है। भगवान भी अपने भक्त की मदद ले सकते हैं, उसका संदेश भी यहां मिलता है।। प्रभु श्रीराम और निषादराज की मित्रता के रूप में श्रृंगवेरपुर का विकास किया जा रहा है। यह स्थल आने वाली पीढ़ियों को समरसता और समानता का संदेश देती रहेगी। कुंभ को सफल बनाने में स्वच्छता की बड़ी भूमिका है। नमामि गंगे को आगे बढाया गया है। वेस्ट मैनेजमेंट पर फोकस किया गया है। गंगादूत, गंगा मित्रों की नियुक्ति की गई है। 15000 सफाईकर्मी कुंभ की व्यवस्था को संभालेंगे। जैसे भगवान श्रीकृष्ण ने जूठे पत्तल ठाकर संदेश दिया था कि हर काम का महत्व है। उसी तरह सफाई कर्मियों का काम है।

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

Dainik Jagran /  🏆 10. in İN

PM Modi Mahakumbh Maha Kumbh 2025 Maha Kumbh News UP News Uttar Pradesh News

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

MahaKumbh 2025: कुंभाभिषेकम संग पीएम आज करेंगे 5500 करोड़ की 167 परियोजनाओं का लोकार्पण, सभा को करेंगे संबोधितMahaKumbh 2025: कुंभाभिषेकम संग पीएम आज करेंगे 5500 करोड़ की 167 परियोजनाओं का लोकार्पण, सभा को करेंगे संबोधितमहाकुंभ 2025 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी त्रिवेणी पूजन के साथ ही 5500 करोड़ रुपये की 167 परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इनमें 11 गलियारे 29 जीर्णोद्धार मंदिर पुल ओवरब्रिज और सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा रेलवे एयरपोर्ट और एनएचएआई की परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया जाएगा। इन परियोजनाओं से महाकुंभ के आयोजन की भव्यता बढ़ेगी और प्रयागराज...
Read more »

PM Modi Prayagraj Visit: पीएम मोदी पहुंचे प्रयागराज, कुंभ कलश रख 5500 करोड़ की परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पणPM Modi Prayagraj Visit: पीएम मोदी पहुंचे प्रयागराज, कुंभ कलश रख 5500 करोड़ की परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पणप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संगम नगरी प्रयागराज पहुंच गए हैं। वह यहां कुंभ कलश रख 5500 करोड़ की 167 परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक जनसमागम के सकुशल आयोजन के लिए शुक्रवार को त्रिवेणी पूजन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कुंभाभिषेकम भी करेंगे। वह पवित्र त्रिवेणी के तट पर कुंभ कलश की स्थापना करेंगे। इसके बाद...
Read more »

पीएम नरेंद्र मोदी प्रयागराज पहुंचे, क्रूज की सवारी की, संगम नगरी को देंगे 5500 करोड़ की सौगातपीएम नरेंद्र मोदी प्रयागराज पहुंचे, क्रूज की सवारी की, संगम नगरी को देंगे 5500 करोड़ की सौगातNarendra Modi in Prayagraj: महाकुंभ की तैयारियों का जायजा लेने पीएम नरेंद्र मोदी प्रयागराज पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने गंगा में क्रूज का आनंद लिया। भव्य और दिव्य महाकुंभ की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे पीएम मोदी ने संगम नगरी को 6670 करोड़ रुपये की सौगात देंगे। प्रयागराज पहुंचे पीएम मोदी ने साधु-संतों से भी मुलाकात की...
Read more »

पीएम मोदी प्रयागराज पहुंचे, महाकुम्भ की 5500 करोड़ की 167 परियोजना का करेंगे लोकार्पणपीएम मोदी प्रयागराज पहुंचे, महाकुम्भ की 5500 करोड़ की 167 परियोजना का करेंगे लोकार्पणपीएम मोदी करीब चार घंटे तक प्रयासराज रहेंगे. डिजिटल महाकुभ को बढ़ावा देने के लिए कुभ्भ सहायक चैटबॉट को लांच करने वाले हैं.
Read more »

महाकुंभ की तैयारियों का जायजा लेने प्रयागराज पहुंचे पीएम मोदी, देंगे 4 कॉरिडोर का तोहफामहाकुंभ की तैयारियों का जायजा लेने प्रयागराज पहुंचे पीएम मोदी, देंगे 4 कॉरिडोर का तोहफाPM Modi Prayagraj Visit: प्रधानमंत्री मोदी कुंभ नगरी प्रयागराज पहुंचे चुके हैं, जहां वे महाकुंभ की तैयारियों का जायजा लेंगे. इसके साथ ही पीएम मोदी प्रयागराज को करोड़ों रुपये की सौगात देंगे और संगम तट पर पूजा-अर्चना करेंगे.
Read more »

PM Video: प्रयागराज के दौरे पर पीएम मोदी, करीब 5500 करोड़ रुपए की देंगे सौगातPM Video: प्रयागराज के दौरे पर पीएम मोदी, करीब 5500 करोड़ रुपए की देंगे सौगातPM Modi Video: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज प्रयागराज में करीब 5500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की Watch video on ZeeNews Hindi
Read more »



Render Time: 2026-04-02 13:34:29