महाकाल की नगरी मे प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं, लेकिन सावन माह में भक्तों की संख्या और अधिक बढ़ जाती है. क्योंकि सावन और भादौ मास में महाकाल मंदिर से अपने भक्तों का हाल जानने निकलते हैं. 22 जुलाई से सावन की शुरुआत हो रही है. इसके लिए मंदिर परिसर की तैयारी पूरी हो गयी है.
विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी देश ही नहीं, विदेशों में भी प्रसिद्ध है. सावन माह की शुरुआत 22 जुलाई से हो रही है. हर वर्ष की तरह भगवान महाकाल अपने मंदिर से निकलेंगे और अपनी प्रजा का हाल जानेंगे. इस बार भी भगवान महाकाल की सवारी निकाली जाएगी.
जिसमें भजन मण्डलीयों के साथ कई नई चीजों से भक्त महाकाल बाबा के दर्शन करने का आनंद उठाएंगे. हर वर्ष की तरह इस बार भी कार्तिक मंडपम में भगवान महाकाल के मुखोटे का विधि विधान से पूजन अर्चन व आरती कर बाबा अपने भक्तों को दर्शन देने मंदिर परिसर से बहार निकलेंगे. 22 जुलाई से भगवान महाकाल अपने भक्तों को दर्शन देने मंदिर परिसर से निकलेंगे. श्रावण मास में पांच एवं भादौ मास में दो सवारी निकाली जाएंगी. पहली सवारी 22 जुलाई, दूसरी सवारी 29 जुलाई, तीसरी सवारी 5 अगस्त, चौथी सवारी सोमवार 12 अगस्त, पांचवीं सवारी 19 अगस्त को निकाली जाएगी. इसी तरह भादौ मास में छटवीं सवारी 26 अगस्त और शाही सवारी 2 सितंबर को निकाली जाएगी. सवारी के आगे और पीछे दो रथों में LED लगाई जाएगी. इसमें जनसंपर्क कार्यालय के जरिए सवारी का सीधा प्रसारण किया जाएगा. इससे सबसे आगे और सबसे आखिरी के श्रद्धालुओं को समान रूप से दर्शन हो सकेंगे. साथ ही जनजातीय दल पूरे मार्ग में शिव स्तुति करेगा. पालकी की व्यवस्था संभालने वाले कहारों को मंदिर प्रबंध समिति की ओर से विशेष प्रकार के रिस्ट बैंड दिए जाएंगे, जिन्हें एक बार निकालने के बाद दोबारा नहीं पहना जा सकेगा. महाकाल घाटी से लेकर शिप्रा नदी और रामघाट से लेकर वापसी के मार्ग में दिशा सूचक लगाए जाएंगे. साथ ही भजन मण्डलीयों को भी अलग अलग रंग के पास दिए जाएंगे, ताकि कोई अन्य व्यक्ति इसमें शामिल ना हो सके.
Mahakal Sawari In Ujjain महाकाल की सवारी में जनजातीय दल करेगा शिव स्तुति Local 18 Mp News Madhya Pradesh News लोकल 18 एमपी न्यूज मध्य प्रदेश न्यूज
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