बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद (बीएचबीसीयूसी) ने बताया कि सोमवार और मंगलवार को संख्या में हिंदू घरों और व्यवसायों में तोड़फोड़ की गई और कई मंदिरों को भीड़ ने हमला करते हुए क्षतिग्रस्त कर दिया। बांग्लादेश में एक इस्कॉन और एक काली मंदिर को भी प्रदर्शनकारियों ने निशाना...
ढाका: बांग्लादेश में जारी सियासी उठापटक और हिंसा ने देश को अराजकता में धकेल दिया है। देशभर में शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग से जुड़े लोगों और धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। विरोध प्रदर्शनों में दक्षिणपंथी बीएनपी और जमाते इस्लामी के दखल के चलते भीड़ अल्पसंख्यक हिन्दुओं को निशाना बना रहा है। दरअसल बांग्लादेश का अपने बनने के समय यानी 1971 में कोई धर्म नहीं था लेकिन 1980 के दशक के दशक के आखिर में ऐसा नहीं रहा। 1988 में इस्लाम को देश का धर्म बना दिया गया। ये फैसले लेने वाले जनरल हुसैन मोहम्मद इरशाद थे, जो भारत में ही पैदा हुए थे। फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमलों ने देश की धार्मिक संरचना की ओर भी ध्यान दिलाया है। बांग्लादेश की आबादी में करीब आठ प्रतिशत हिंदू हैं लेकिन बांग्लादेश का राष्ट्रीय धर्म इस्लाम है। वह व्यक्ति जिसने इस्लाम को बांग्लादेश का राष्ट्रीय धर्म बनाया, वो थे देश के पूर्व राष्ट्रपति जनरल हुसैन मुहम्मद इरशाद। बांग्लादेश में मचे बवाल के बीच जनरल हुसैन मुहम्मद इरशाद के फैसले को कई लोग याद कर रहे हैं।भारत में पैदा हुए थे जनरल इरशाद जनरल हुसैन मोहम्मद इरशाद ने 1980 के दशक में बांग्लादेश पर शासन किया। बांग्लादेश बनने के 11 साल बाद 1982 में रक्तहीन तख्तापलट से उन्होंने बांग्लादेश में सत्ता हथिया ली थी। जुलाई 2019 में दुनिया छोड़ चुके पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व सेना प्रमुख इरशाद की जड़ें भारत में थीं। उनका जन्म फरवरी 1930 को पश्चिम बंगाल राज्य के कूचबिहार जिले में हुआ था। बंटवारे के बाद वह माता पिता के साथ पूर्वी पाकिस्तान चले गए। इरशाद ने ढाका विश्वविद्यालय से 1950 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और सेना ज्वाइन कर ली। 1969 में उन्हें पूर्वी बंगाल रेजिमेंट में कमांडिंग ऑफिसर बनाया गया। 1971 में पाकिस्तान ने उनको आजादी की लड़ाई में शामिल होने के लिए गिरफ्तार किया और 1973 में उनको छोड़ा गया। कौन है खालिदा जिया का बेटा तारिक रहमान जो बन सकता है बांग्लादेश का नया पीएम, इंडिया आउट कैंपेन का था मास्टरमाइंडबांग्लादेश आने के बाद सेना प्रमुख जनरल जियाउर रहमान ने 1975 में उनको अपना डिप्टी नियुक्त किया। इसके बाद 1978 में उन्हें चीफ ऑफ स्टाफ और लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नत किया गया। 1981 में रहमान की बांग्लादेश सेना के एक गुट ने हत्या कर दी। रहमान की हत्या के बाद उनके उपराष्ट्रपति अब्दुस सत्तार कार्यवाहक राष्ट्रपति बन गए। इरशाद ने एक साल बाद 1982 में सत्तार का तख्तापलट करते हुए खुद को राष्ट्रपति घोषित करा लिया। बांग्लादेश के राष्ट्रपति के रूप में इरशाद ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए संविधान को निलंबित किया, संसद को भंग किया और अपने राजनीतिक विरोधियों को जेल में डाला। इरशाद ने 1990 तक राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया, जब उन्हें खालिदा जिया और शेख हसीना के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी, लोकतंत्र समर्थक विरोध प्रदर्शनों के बाद पद छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। बांग्लादेश का इस्लामीकरणराष्ट्रपति के रूप में जनरल इरशाद ने 1988 में बांग्लादेश के संविधान में संशोधन किया और इस्लाम को देश का आधिकारिक धर्म बना दिया। उस समय तक बांग्लादेश एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र था। यहां तक कि धर्मनिरपेक्षता को संविधान के स्तंभों में से एक के रूप में लिखा गया था। कई लोगों का कहना है कि इरशाद का कदम दक्षिणपंथी लोगों के बीच उद्देश्य लोकप्रियता हासिल करना था। ये उनके गुरु जनरल जियाउर रहमान के कदम को आगे बढ़ाने की तरह भी था। रहमान ने भी 1970 के दशक में संविधान के इस्लामीकरण की कोशिश की थी। Bangladesh Political Crisis: बांग्लादेश के नए मुखिया क्यों हैं भारत विरोधी? जानिएइरशाद ने संविधान के पांचवें और आठवें संशोधन पेश किए। इसका मकसद धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों को मिटाने का था। इन संशोधनों से देश की राजनीति में बदलाव आया और दक्षिणपंथी इस्लामवादियों को बढ़ने के लिए जमीन भी मिली। शेख हसीना ने 2011 में संविधान के पांचवें संशोधन को निरस्त कर दिया और संविधान में धर्मनिरपेक्षता को बहाल किया। हालांकि इस्लाम राज्य का धर्म बना रहा लेकिन उन्होंने एक कानून पारित किया जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि हिंदू, बौद्ध, ईसाई और दूसरे अन्य धर्मों का पालन करने वालों को भी समान दर्जा और समान अधिकार मिलेगा।.
ढाका: बांग्लादेश में जारी सियासी उठापटक और हिंसा ने देश को अराजकता में धकेल दिया है। देशभर में शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग से जुड़े लोगों और धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। विरोध प्रदर्शनों में दक्षिणपंथी बीएनपी और जमाते इस्लामी के दखल के चलते भीड़ अल्पसंख्यक हिन्दुओं को निशाना बना रहा है। दरअसल बांग्लादेश का अपने बनने के समय यानी 1971 में कोई धर्म नहीं था लेकिन 1980 के दशक के दशक के आखिर में ऐसा नहीं रहा। 1988 में इस्लाम को देश का धर्म बना दिया गया। ये फैसले लेने वाले जनरल हुसैन मोहम्मद इरशाद थे, जो भारत में ही पैदा हुए थे। फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमलों ने देश की धार्मिक संरचना की ओर भी ध्यान दिलाया है। बांग्लादेश की आबादी में करीब आठ प्रतिशत हिंदू हैं लेकिन बांग्लादेश का राष्ट्रीय धर्म इस्लाम है। वह व्यक्ति जिसने इस्लाम को बांग्लादेश का राष्ट्रीय धर्म बनाया, वो थे देश के पूर्व राष्ट्रपति जनरल हुसैन मुहम्मद इरशाद। बांग्लादेश में मचे बवाल के बीच जनरल हुसैन मुहम्मद इरशाद के फैसले को कई लोग याद कर रहे हैं।भारत में पैदा हुए थे जनरल इरशादजनरल हुसैन मोहम्मद इरशाद ने 1980 के दशक में बांग्लादेश पर शासन किया। बांग्लादेश बनने के 11 साल बाद 1982 में रक्तहीन तख्तापलट से उन्होंने बांग्लादेश में सत्ता हथिया ली थी। जुलाई 2019 में दुनिया छोड़ चुके पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व सेना प्रमुख इरशाद की जड़ें भारत में थीं। उनका जन्म फरवरी 1930 को पश्चिम बंगाल राज्य के कूचबिहार जिले में हुआ था। बंटवारे के बाद वह माता पिता के साथ पूर्वी पाकिस्तान चले गए। इरशाद ने ढाका विश्वविद्यालय से 1950 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और सेना ज्वाइन कर ली। 1969 में उन्हें पूर्वी बंगाल रेजिमेंट में कमांडिंग ऑफिसर बनाया गया। 1971 में पाकिस्तान ने उनको आजादी की लड़ाई में शामिल होने के लिए गिरफ्तार किया और 1973 में उनको छोड़ा गया। कौन है खालिदा जिया का बेटा तारिक रहमान जो बन सकता है बांग्लादेश का नया पीएम, इंडिया आउट कैंपेन का था मास्टरमाइंडबांग्लादेश आने के बाद सेना प्रमुख जनरल जियाउर रहमान ने 1975 में उनको अपना डिप्टी नियुक्त किया। इसके बाद 1978 में उन्हें चीफ ऑफ स्टाफ और लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नत किया गया। 1981 में रहमान की बांग्लादेश सेना के एक गुट ने हत्या कर दी। रहमान की हत्या के बाद उनके उपराष्ट्रपति अब्दुस सत्तार कार्यवाहक राष्ट्रपति बन गए। इरशाद ने एक साल बाद 1982 में सत्तार का तख्तापलट करते हुए खुद को राष्ट्रपति घोषित करा लिया। बांग्लादेश के राष्ट्रपति के रूप में इरशाद ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए संविधान को निलंबित किया, संसद को भंग किया और अपने राजनीतिक विरोधियों को जेल में डाला। इरशाद ने 1990 तक राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया, जब उन्हें खालिदा जिया और शेख हसीना के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी, लोकतंत्र समर्थक विरोध प्रदर्शनों के बाद पद छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। बांग्लादेश का इस्लामीकरणराष्ट्रपति के रूप में जनरल इरशाद ने 1988 में बांग्लादेश के संविधान में संशोधन किया और इस्लाम को देश का आधिकारिक धर्म बना दिया। उस समय तक बांग्लादेश एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र था। यहां तक कि धर्मनिरपेक्षता को संविधान के स्तंभों में से एक के रूप में लिखा गया था। कई लोगों का कहना है कि इरशाद का कदम दक्षिणपंथी लोगों के बीच उद्देश्य लोकप्रियता हासिल करना था। ये उनके गुरु जनरल जियाउर रहमान के कदम को आगे बढ़ाने की तरह भी था। रहमान ने भी 1970 के दशक में संविधान के इस्लामीकरण की कोशिश की थी। Bangladesh Political Crisis: बांग्लादेश के नए मुखिया क्यों हैं भारत विरोधी? जानिएइरशाद ने संविधान के पांचवें और आठवें संशोधन पेश किए। इसका मकसद धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों को मिटाने का था। इन संशोधनों से देश की राजनीति में बदलाव आया और दक्षिणपंथी इस्लामवादियों को बढ़ने के लिए जमीन भी मिली। शेख हसीना ने 2011 में संविधान के पांचवें संशोधन को निरस्त कर दिया और संविधान में धर्मनिरपेक्षता को बहाल किया। हालांकि इस्लाम राज्य का धर्म बना रहा लेकिन उन्होंने एक कानून पारित किया जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि हिंदू, बौद्ध, ईसाई और दूसरे अन्य धर्मों का पालन करने वालों को भी समान दर्जा और समान अधिकार मिलेगा।
Bangladesh State Religion Khaleda Zia Sheikh Hasina Indians In Bangladesh Indians Safety In Dhaka Muhammad Yunus Bangladesh जनरल हुसैन मोहम्मद इरशाद बांग्लादेश में भारतीय शेख हसीना बांग्लादेश के हालात
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
Jasprit Bumrah: टी 20 विश्व कप 2024 में प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे बुमराह को अब आईसीसी ने दिया ये बड़ा अवॉर्डJasprit Bumrah: टी 20 विश्व कप 2024 में अपनी घातक गेंदबाजी से भारत को विश्व चैंपियन बनाने में बड़ी भूमिका निभाने वाले जसप्रीत बुमराह को आईसीसी ने बड़ा पुरस्कार दिया है.
Read more »
किस्सा: जब भारत में बजट पेश करने वाले वित्त मंत्री पाकिस्तान में बने प्रधानमंत्रीकिस्सा: जब भारत में बजट पेश करने वाले वित्त मंत्री पाकिस्तान में बने प्रधानमंत्री
Read more »
IND-W vs PAK-W: महिला एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ पहला मैच खेलेगा भारत, जानें दोनों की संभावित प्लेइंग 11महिला एशिया कप टी20 टूर्नामेंट में भारत ने 20 में से 17 मैच जीते हैं। उसने 2022 में फाइनल में बांग्लादेश को हराया था।
Read more »
कठुआ आंतकी हमला: जैश-ए-मोहम्मद के दो मददगार गिरफ्तार, अब पुलिस उगलवाएगी सारे राजकठुआ में हुए आतंकी हमले में जम्मू कश्मीर पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने जैश ए मोहम्मद की मदद करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
Read more »
भारत की सीमा में देखा गया बांग्लादेश का विमान, कहां जा रही हैं शेख हसीना?सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने सोमवार को बांग्लादेश में हुए घटनाक्रम के मद्देनजर 4,096 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा पर अपनी सभी यूनिट के लिए सोमवार को ‘हाई अलर्ट’ जारी किया.
Read more »
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार बनाने के लिए संसद को भंग किया जाएगा : राष्ट्रपतिबांग्लादेश में अंतरिम सरकार बनाने के लिए संसद को भंग किया जाएगा : राष्ट्रपति
Read more »
