बोंडेरम फेस्टिवल गोवा का बहुत ही अनोखा फेस्टिवल है। जिसमें शामिल होकर आप गोवा की संघर्ष पूर्ण संस्कृति की झलक देख सकते हैं। ये फेस्टिव पंजिम शहर से 12 किमी दूर दिवार आइलैंड में आयोजित किया जाता है। बोंडेरम पुर्तगाली शब्द है जिसका मतलब झंडा होता है। इस फेस्टिवल में शामिल होकर आप यहां के लोकल जायके का भी आनंंद ले सकते...
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गोवा अपने शानदार बीचेज के साथ मॉर्डन कल्चर के लिए जाना जाता है। दोस्तों और पार्टनर के साथ घूमने के लिए गोवा बहुत ही शानदार जगह है। यहां लगभग हर महीने ही कोई न कोई फेस्टिवल मनाया जाता है और हर एक त्योहार अपने आप में खास होता है। मतलब इसमें शामिल होना लाइफटाइम एक्सपीरियंस होता है। बीचेज के अलावा इन अनोखे फेस्टिवल्स की वजह से भी गोवा साल के ज्यादातर महीने पर्यटकों से भरा रहता है। बोंडेरम फेस्टिवल की खासियत बोंडेरम फेस्टिवल गोवा के सबसे आकर्षक उत्सवों में से एक है, जिसमें शामिल होकर गोवा के इतिहास, संस्कृति को करीब से जानने का मौका मिलता है। यह फेस्टिवल पंजिम शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर दिवार द्वीप पर आयोजित किया जाता है और इसे देखने भारत ही नहीं, दुनिया से टूरिस्ट्स आते हैं। इस साल यह फेस्टिव 17 अगस्त को मलार में सेलिब्रेट किया गया और अब 24 अगस्त को दिवार द्वीप में मनाया जाएगा। खूबसूरत दिवार द्वीप गोवा की राजधानी पंजिम से थोड़ी ही दूर स्थित दिवार द्वीप, बोंडेरम उत्सव के लिए एकदम परफेक्ट डेस्टिनेशन है, जो शांत और खूबसूरत है। फेस्टिवल की रौनक देखने के अलावा आप यहां आसपास घूमने का भी मजा ले सकते हैं। बोंडेरम का मतलब बोंडेरम, पुर्तगाली शब्द है जिसका मतलब होता है झंडा। यह उस समय की याद दिलाता है जब इस द्वीप के लोगों ने पुर्तगाली शासकों के खिलाफ विरोध किया था। जिसके चलते विवाद और तनाव पैदा हुआ था। विरोध के दौरान स्थानीय लोगों ने अपना रोष व्यक्त करने के लिए झंडों को फाड़कर नकली लड़ाई का आयोजन किया था। उस वक्त का विरोध प्रदर्शन आज एक हर्षोल्लास उत्सव में बदल चुका है और यहां की संस्कृति की पहचान बन चुका है। ये भी पढ़ेंः- हिमाचल का चालाल गांव है 2 दिन के रिलैक्सिंग वीकेंड के लिए बेहतरीन जगह फ्लोट परेड होता है मुख्य आकर्षण इस उत्सव में का खास आकर्षण है फ्लोट परेड, जिसमें आप यहां के लोगों की रचनात्मकता और कलात्मक प्रतिभा को देख सकते हैं। साथ ही गोवा की लोक कथाओं, पौराणिक कथाओं और जरूरी मुद्दों से जुड़े विषयों पर झांकियां भी बनाई जाती हैं। इन झांकियों को की सजावट देखने लायक होती है। लोक गीत-संगीत का आयोजन पारंपरिक गोवा संगीत पूरे दिन हवा में गूंजता रहता है। इस उत्सव में लोकल लोगों द्वारा खास वेशभूषा में किया जाने वाले पारंपरिक नृत्य भी अनोखा होता है। बोंडेरम उत्सव में तरह-तरह के जायकों का भी मजा ले सकते हैं। ये भी पढ़ेंः- सिर्फ मथुरा-वृंदावन में ही नहीं, भारत की इन जगहों पर भी देखने को मिलती है कृष्ण जन्माष्टमी की अलग ही धूम.
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गोवा अपने शानदार बीचेज के साथ मॉर्डन कल्चर के लिए जाना जाता है। दोस्तों और पार्टनर के साथ घूमने के लिए गोवा बहुत ही शानदार जगह है। यहां लगभग हर महीने ही कोई न कोई फेस्टिवल मनाया जाता है और हर एक त्योहार अपने आप में खास होता है। मतलब इसमें शामिल होना लाइफटाइम एक्सपीरियंस होता है। बीचेज के अलावा इन अनोखे फेस्टिवल्स की वजह से भी गोवा साल के ज्यादातर महीने पर्यटकों से भरा रहता है। बोंडेरम फेस्टिवल की खासियत बोंडेरम फेस्टिवल गोवा के सबसे आकर्षक उत्सवों में से एक है, जिसमें शामिल होकर गोवा के इतिहास, संस्कृति को करीब से जानने का मौका मिलता है। यह फेस्टिवल पंजिम शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर दिवार द्वीप पर आयोजित किया जाता है और इसे देखने भारत ही नहीं, दुनिया से टूरिस्ट्स आते हैं। इस साल यह फेस्टिव 17 अगस्त को मलार में सेलिब्रेट किया गया और अब 24 अगस्त को दिवार द्वीप में मनाया जाएगा। खूबसूरत दिवार द्वीप गोवा की राजधानी पंजिम से थोड़ी ही दूर स्थित दिवार द्वीप, बोंडेरम उत्सव के लिए एकदम परफेक्ट डेस्टिनेशन है, जो शांत और खूबसूरत है। फेस्टिवल की रौनक देखने के अलावा आप यहां आसपास घूमने का भी मजा ले सकते हैं। बोंडेरम का मतलब बोंडेरम, पुर्तगाली शब्द है जिसका मतलब होता है झंडा। यह उस समय की याद दिलाता है जब इस द्वीप के लोगों ने पुर्तगाली शासकों के खिलाफ विरोध किया था। जिसके चलते विवाद और तनाव पैदा हुआ था। विरोध के दौरान स्थानीय लोगों ने अपना रोष व्यक्त करने के लिए झंडों को फाड़कर नकली लड़ाई का आयोजन किया था। उस वक्त का विरोध प्रदर्शन आज एक हर्षोल्लास उत्सव में बदल चुका है और यहां की संस्कृति की पहचान बन चुका है। ये भी पढ़ेंः- हिमाचल का चालाल गांव है 2 दिन के रिलैक्सिंग वीकेंड के लिए बेहतरीन जगह फ्लोट परेड होता है मुख्य आकर्षण इस उत्सव में का खास आकर्षण है फ्लोट परेड, जिसमें आप यहां के लोगों की रचनात्मकता और कलात्मक प्रतिभा को देख सकते हैं। साथ ही गोवा की लोक कथाओं, पौराणिक कथाओं और जरूरी मुद्दों से जुड़े विषयों पर झांकियां भी बनाई जाती हैं। इन झांकियों को की सजावट देखने लायक होती है। लोक गीत-संगीत का आयोजन पारंपरिक गोवा संगीत पूरे दिन हवा में गूंजता रहता है। इस उत्सव में लोकल लोगों द्वारा खास वेशभूषा में किया जाने वाले पारंपरिक नृत्य भी अनोखा होता है। बोंडेरम उत्सव में तरह-तरह के जायकों का भी मजा ले सकते हैं। ये भी पढ़ेंः- सिर्फ मथुरा-वृंदावन में ही नहीं, भारत की इन जगहों पर भी देखने को मिलती है कृष्ण जन्माष्टमी की अलग ही धूम
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