बिहार में भवन निर्माण विभाग की परियोजनाओं में उपयोग होने वाले लघु खनिजों पर लगने वाली फीस और रॉयल्टी की जांच की जाएगी। संयुक्त सचिव कुमार अनुराग ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिए हैं।
राज्य ब्यूरो, पटना। भवन निर्माण विभाग के अंतर्गत चल रहीं परियोजनाओं में इस्तेमाल होने वाले लघु खनिजों पर लगने वाली फीस और रायल्टी की अब जांच की जाएगी। इस संबंध में सरकार के संयुक्त सचिव कुमार अनुराग ने बिहार के सभी कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश जारी किया है। पत्र के अनुसार, परियोजनाओं के बिल ऑफ क्वांटिटी में जो मालिकाना फीस और रायल्टी तय की जाती है, उसकी कटौती कर राशि खनन विभाग के खाते में जमा की जाती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में काटी गई इस राशि की सही तरीके से जमा और गणना की जांच के लिए खान एवं भूतत्व विभाग ने एक ऑडिट टीम को अधिकृत किया है। यह ऑडिट टीम मेसर्स पी.
पुनीत एंड कंपनी, पटना की है, जो विभागीय दस्तावेज और जमा राशि का मिलान करेगी। सभी अभियंताओं को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में काटी गई राशि को संबंधित खनन शीर्ष में जल्द जमा कराएं। इसके साथ ही विभाग ने यह भी कहा है कि निर्धारित प्रपत्र में दो दिनों के भीतर पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, आडिट टीम को जांच के दौरान हर संभव सहयोग देने का निर्देश भी दिया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि निर्माण कार्यों में खनिजों के उपयोग से जुड़ी सभी देनदारियों की सही वसूली और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। यह भी पढ़ें- बिहार के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की संपत्ति का खुलासा, डीजीपी के खाते में 30 लाख रुपये और नोएडा में फ्लैट यह भी पढ़ें- पटना में एलपीजी की कालाबाजारी और अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, प्रभारी सचिव ने दिए निर्देश
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