Stock Market on Budget Day: आज बजट का दिन है। फाइनेंस मिनस्टर निर्मला सीतारमण आज वित्त वर्ष 2024-25 का बजट पेश करेंगी। इस बजट से आम लोगों, टैक्सपेयर्स और इंडस्ट्री को काफी उम्मीदें हैं। खासकर निवेशकों को इस बजट का बेसब्री से इंतजार है।
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज फाइनेंशियल ईयर 2024-25 का बजट पेश करने जा रही हैं। यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट है और इसे लेकर बाजार को भी काफी उम्मीदें हैं। यही वजह है कि निवेशकों को भी इस बजट का बेसब्री से इंतजार है। बजट से पहले दो सत्र में बाजार में गिरावट देखने को मिली है। निवेशकों को खासकर कैपिटल गेन टैक्स में बदलाव की उम्मीद है जो बाजार के डायनैमिक्स पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है। निवेशक लंबे समय से कैपिटल गैन टैक्सेज को व्यावहारिक बनाने की मांग कर रहे हैं। अगर इसमें कुछ बदलाव होता है तो इससे निवेशकों की धारणा को बल मिलेगा और शेयर बाजार में काफी तेजी देखने को मिल सकती है।जानकारों का कहना है कि इस बजट में कैपिटल गेन टैक्स को बढ़ाए जाने की संभावना कम है क्योंकि हाल में हुए आम चुनावों में बीजेपी अपने दम पर बहुमत पाने में नाकाम रही। ऐसे में कैपिटल गेन टैक्स बढ़ाकर निवेशकों को नाराज करने के जोखिम से बचेगी। अगर सरकार ने इसे बढ़ाया तो फिर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है। जानकारों का कहना है कि भारत में अभी इक्विटी कल्चर विकास के शुरुआती दौर में है और सरकार की कोशिश रिटेल इनवेस्टर्स की भागीदारी बढ़ाने की होनी चाहिए। एक्सपर्ट्स और इंडस्ट्री से जुड़ी संस्थाएं कैपिटल गेन रिजीम को सरल और यूनिफॉर्म बनाने की मांग कर रही हैं। Budget Stocks: बजट से पहले खरीद लें ये शेयर, रॉकेट बनने में नहीं लगेगी देर! सरकार भी है मेहरबानपिछले 10 साल का रेकॉर्डलॉन्ग टर्म कैपिटल गेन में छूट की सीमा एक लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने का भी प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है। जानकारों का कहना है कि कैपिटल गेन टैक्स रेट्स को व्यावहारिक बनाने और सभी एसेट्स क्लास में यूनिफॉर्मिटी लाने से भारत ग्लोबली ज्यादा कंप्टीटिव बन सकता है। अभी निवेशकों को कई तरह के टैक्स का सामना करना पड़ता है। इनमें जीएसटी, एक्सचेंज ट्रांजैक्शन टैक्स, एसटीटी और डिविडेंड टैक्स शामिल हैं। टैक्स स्ट्रक्चर को आसान बनाने से इक्विटी मार्केट में लोगों की भागीदारी बढ़ेगी और लॉन्ग-टर्म इकनॉमिक ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा।वैसे पिछले 10 साल का रेकॉर्ड देखें तो बजट वाले दिन बाजार की स्थिति 50-50 वाली रही है। इस दौरान कुल 13 बार पेश किया गया जिनमें 10 फुल और तीन अंतरिम बजट थे। इस दौरान सात बार शेयर मार्केट गिरावट के साथ बंद हुआ जबकि छह मौकों पर इसमें तेजी देखी गई। बजट डे के लिहाज से देखा जाए तो 2021 का बजट बाजार के लिए सबसे अच्छा रहा था। उस दिन बजट मंत्री का बजट भाषण खत्म होने के बाद बाजार में 5 फीसदी तेजी आई थी। वही 2020 में बजट के दिन शेयर मार्केट 2.
5 फीसदी गिरा था।
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