पशुपतिनाथ मंदिर, बरेली में स्थित एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है जो अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है.
बरेली : नाथनगरी बरेली , जिसे भगवान शिव की नगरी के रूप में जाना जाता है, अपनी सात पवित्र शिव मंदिर ों की परंपरा के लिए प्रसिद्ध है. इनमें धोपेश्वरनाथ, मणिनाथ, पशुपतिनाथ, त्रिवटीनाथ, तपेश्वरनाथ, बनखण्डीनाथ, और अलखनाथ मंदिर शामिल हैं. आज हम आपको इन सात मंदिरों में से एक, पशुपतिनाथ मंदिर के बारे में बता रहे हैं, जो बरेली की पशुपतिनाथ कॉलोनी में स्थित है. यहां भक्त प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और शाम 4:00 बजे से रात 10:00 बजे तक भगवान शिव के दर्शन कर सकते हैं.
विशेष रूप से सावन के महीने में, मंदिर 24 घंटे खुला रहता है और हजारों भक्तों की भीड़ भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए उमड़ती है. सावन में होती है विशेष पूजा-अर्चना पशुपतिनाथ मंदिर में सावन के दौरान भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना होती है. भक्त जल चढ़ाने और भगवान के आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए दूर-दूर से यहां आते हैं. स्थानीय ही नहीं, बल्कि आसपास के शहरों और गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. मनोकामनाएं होती हैं पूर्ण मंदिर के पुजारियों ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि यहां आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं भगवान शिव पूरी करते हैं. सच्चे मन से भगवान की पूजा-अर्चना करने वाले भक्तों पर पशुपतिनाथ की विशेष कृपा रहती है. भक्तों का विश्वास है कि भगवान भोलेनाथ उनकी हर प्रार्थना को सुनते हैं और उन्हें आशीर्वाद प्रदान करते हैं. भक्तों की श्रद्धा और अनुभव मंदिर में दर्शन करने आए भक्तों ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि वे वर्षों से यहां भगवान के दर्शन के लिए आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि जब भी वे कोई मन्नत मांगते हैं, भगवान शिव उनकी इच्छाओं को पूरा करते हैं. भक्तों का कहना है कि भगवान पशुपतिनाथ न केवल उनकी व्यक्तिगत समस्याओं को हल करते हैं, बल्कि उनके परिवार की भी रक्षा करते हैं. पशुपतिनाथ मंदिर का महत्व यह मंदिर न केवल श्रद्धा का केंद्र है, बल्कि यह बरेली के सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का भी प्रतीक है. सावन के महीने में यहां का माहौल भक्तिमय हो जाता है, जब हर ओर भोलेनाथ के जयकारे गूंजते हैं
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