दुनिया को धर्म और अध्यात्म का संदेश देने वाली काशी अब पर्यावरण संरक्षण के मुहिम की साक्षी बनेगी। narendramodi BJP4India PMOIndia panchavati myogiadityanath
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल काशी समेत देश के हर गांव में पंचवटी विकसित की जाएगी। पंचवटी में पीपल, वट, बेल, हरड़ और अशोक के पौधों का समूह शामिल किया गया है। ग्राम समाज की जमीनों पर इन पौधे के समूह एक विशेष कोण पर रोपे जाएंगे। पौधे लगने के पांच साल बाद विशेष कोण में लगे पौधों के केंद्र में वर्गाकार वेदी का निर्माण किया जाएगा। 39 पौधों की पंचवटी का औषधीय, पर्यावरणीय, धार्मिक महत्व भी है। एक दिवसीय दौरे पर शनिवार को काशी आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंचवटी की परिकल्पना को काशी से साकार करने की पहल की। पर्यावरणीय पूर्णता के प्रतीक पंचवटी को काशी के हर गांव में स्थापित करने की इच्छा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्थानीय अधिकारियों से जताई। सूत्रों की मानें तो काशी में पंचवटी की स्थापना पूरी होने के बाद इसे देश के अन्य हिस्सों में विकसित करने की योजना है। पीएम मोदी के आह्वान पर इसके तहत गांवों में सरकारी जमीनों का चयन कर उसके पांच दिशाओं में इसकी स्थापना होगी। वाराणसी जिले की 760 ग्राम पंचायतों में पंचवटी की स्थापना के लिए ग्राम समाज की भूमि चिन्हित की जा रही हैं। सरकारी जमीन पर चारों दिशाओं के अनुसार पौधे लगाए जाएंगे। बीच में चार बेल का पौधा, चारों कोनों पर एक-एक बरगद का पौधा, गोलाकार रुप में पच्चीस अशोक के पौधे, दक्षिण दिशा में आंवला के दो पौधे और पीपल के चार पौधे चारों दिशाओं में लगाए जाएंगे। साल साल बाद पंचवटी के बीच में वेदी का निर्माण भी किया जाएगा। काशी में पंचवटी की स्थापना पूरी होने के बाद इसे उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश के ग्राम पंचायतों में स्थापित किया जाएगा। इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय से पूरी कार्ययोजना जारी की जाएगी।बरगद- इसका दूध असाध्य रोगों में कारगर है। असह्य गर्म में वटवृक्ष पंचवटी को वातानुकूलित करता है।पीपल- रक्तविकार दूर करने वाला वेदनाशामक होता है। प्रदूषण शोषण करने और आक्सीजन उत्पन्न करने वाला वृक्ष है।बेल- पेट संबंधी बीमारियों की अचूक औषधि है। इसकी पत्तियों और लकड़ी में तेल ग्रंथियां वातावरण को सुगंधित रखती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी दौरे में काशी के प्रत्येक गांव में पंचवटी स्थापना करने की इच्छा जताई है। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों की सरकारी जमीनों को चिन्हित कर लिया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के दिशा निर्देश पर तय मानक पर पंचवटी की स्थापना शुरू कराई जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल काशी समेत देश के हर गांव में पंचवटी विकसित की जाएगी। पंचवटी में पीपल, वट, बेल, हरड़ और अशोक के पौधों का समूह शामिल किया गया है।ग्राम समाज की जमीनों पर इन पौधे के समूह एक विशेष कोण पर रोपे जाएंगे। पौधे लगने के पांच साल बाद विशेष कोण में लगे पौधों के केंद्र में वर्गाकार वेदी का निर्माण किया जाएगा। 39 पौधों की पंचवटी का औषधीय, पर्यावरणीय, धार्मिक महत्व भी है। एक दिवसीय दौरे पर शनिवार को काशी आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंचवटी की परिकल्पना को काशी से साकार करने की पहल की। पर्यावरणीय पूर्णता के प्रतीक पंचवटी को काशी के हर गांव में स्थापित करने की इच्छा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्थानीय अधिकारियों से जताई। सूत्रों की मानें तो काशी में पंचवटी की स्थापना पूरी होने के बाद इसे देश के अन्य हिस्सों में विकसित करने की योजना है। पीएम मोदी के आह्वान पर इसके तहत गांवों में सरकारी जमीनों का चयन कर उसके पांच दिशाओं में इसकी स्थापना होगी। वाराणसी जिले की 760 ग्राम पंचायतों में पंचवटी की स्थापना के लिए ग्राम समाज की भूमि चिन्हित की जा रही हैं। सरकारी जमीन पर चारों दिशाओं के अनुसार पौधे लगाए जाएंगे। बीच में चार बेल का पौधा, चारों कोनों पर एक-एक बरगद का पौधा, गोलाकार रुप में पच्चीस अशोक के पौधे, दक्षिण दिशा में आंवला के दो पौधे और पीपल के चार पौधे चारों दिशाओं में लगाए जाएंगे। साल साल बाद पंचवटी के बीच में वेदी का निर्माण भी किया जाएगा। काशी में पंचवटी की स्थापना पूरी होने के बाद इसे उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश के ग्राम पंचायतों में स्थापित किया जाएगा। इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय से पूरी कार्ययोजना जारी की जाएगी।बरगद- इसका दूध असाध्य रोगों में कारगर है। असह्य गर्म में वटवृक्ष पंचवटी को वातानुकूलित करता है।पीपल- रक्तविकार दूर करने वाला वेदनाशामक होता है। प्रदूषण शोषण करने और आक्सीजन उत्पन्न करने वाला वृक्ष है।बेल- पेट संबंधी बीमारियों की अचूक औषधि है। इसकी पत्तियों और लकड़ी में तेल ग्रंथियां वातावरण को सुगंधित रखती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी दौरे में काशी के प्रत्येक गांव में पंचवटी स्थापना करने की इच्छा जताई है। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों की सरकारी जमीनों को चिन्हित कर लिया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के दिशा निर्देश पर तय मानक पर पंचवटी की स्थापना शुरू कराई जाएगी।.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल काशी समेत देश के हर गांव में पंचवटी विकसित की जाएगी। पंचवटी में पीपल, वट, बेल, हरड़ और अशोक के पौधों का समूह शामिल किया गया है। ग्राम समाज की जमीनों पर इन पौधे के समूह एक विशेष कोण पर रोपे जाएंगे। पौधे लगने के पांच साल बाद विशेष कोण में लगे पौधों के केंद्र में वर्गाकार वेदी का निर्माण किया जाएगा। 39 पौधों की पंचवटी का औषधीय, पर्यावरणीय, धार्मिक महत्व भी है। एक दिवसीय दौरे पर शनिवार को काशी आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंचवटी की परिकल्पना को काशी से साकार करने की पहल की। पर्यावरणीय पूर्णता के प्रतीक पंचवटी को काशी के हर गांव में स्थापित करने की इच्छा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्थानीय अधिकारियों से जताई। सूत्रों की मानें तो काशी में पंचवटी की स्थापना पूरी होने के बाद इसे देश के अन्य हिस्सों में विकसित करने की योजना है। पीएम मोदी के आह्वान पर इसके तहत गांवों में सरकारी जमीनों का चयन कर उसके पांच दिशाओं में इसकी स्थापना होगी। वाराणसी जिले की 760 ग्राम पंचायतों में पंचवटी की स्थापना के लिए ग्राम समाज की भूमि चिन्हित की जा रही हैं। सरकारी जमीन पर चारों दिशाओं के अनुसार पौधे लगाए जाएंगे। बीच में चार बेल का पौधा, चारों कोनों पर एक-एक बरगद का पौधा, गोलाकार रुप में पच्चीस अशोक के पौधे, दक्षिण दिशा में आंवला के दो पौधे और पीपल के चार पौधे चारों दिशाओं में लगाए जाएंगे। साल साल बाद पंचवटी के बीच में वेदी का निर्माण भी किया जाएगा। काशी में पंचवटी की स्थापना पूरी होने के बाद इसे उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश के ग्राम पंचायतों में स्थापित किया जाएगा। इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय से पूरी कार्ययोजना जारी की जाएगी।बरगद- इसका दूध असाध्य रोगों में कारगर है। असह्य गर्म में वटवृक्ष पंचवटी को वातानुकूलित करता है।पीपल- रक्तविकार दूर करने वाला वेदनाशामक होता है। प्रदूषण शोषण करने और आक्सीजन उत्पन्न करने वाला वृक्ष है।बेल- पेट संबंधी बीमारियों की अचूक औषधि है। इसकी पत्तियों और लकड़ी में तेल ग्रंथियां वातावरण को सुगंधित रखती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी दौरे में काशी के प्रत्येक गांव में पंचवटी स्थापना करने की इच्छा जताई है। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों की सरकारी जमीनों को चिन्हित कर लिया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के दिशा निर्देश पर तय मानक पर पंचवटी की स्थापना शुरू कराई जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल काशी समेत देश के हर गांव में पंचवटी विकसित की जाएगी। पंचवटी में पीपल, वट, बेल, हरड़ और अशोक के पौधों का समूह शामिल किया गया है।ग्राम समाज की जमीनों पर इन पौधे के समूह एक विशेष कोण पर रोपे जाएंगे। पौधे लगने के पांच साल बाद विशेष कोण में लगे पौधों के केंद्र में वर्गाकार वेदी का निर्माण किया जाएगा। 39 पौधों की पंचवटी का औषधीय, पर्यावरणीय, धार्मिक महत्व भी है। एक दिवसीय दौरे पर शनिवार को काशी आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंचवटी की परिकल्पना को काशी से साकार करने की पहल की। पर्यावरणीय पूर्णता के प्रतीक पंचवटी को काशी के हर गांव में स्थापित करने की इच्छा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्थानीय अधिकारियों से जताई। सूत्रों की मानें तो काशी में पंचवटी की स्थापना पूरी होने के बाद इसे देश के अन्य हिस्सों में विकसित करने की योजना है। पीएम मोदी के आह्वान पर इसके तहत गांवों में सरकारी जमीनों का चयन कर उसके पांच दिशाओं में इसकी स्थापना होगी। वाराणसी जिले की 760 ग्राम पंचायतों में पंचवटी की स्थापना के लिए ग्राम समाज की भूमि चिन्हित की जा रही हैं। सरकारी जमीन पर चारों दिशाओं के अनुसार पौधे लगाए जाएंगे। बीच में चार बेल का पौधा, चारों कोनों पर एक-एक बरगद का पौधा, गोलाकार रुप में पच्चीस अशोक के पौधे, दक्षिण दिशा में आंवला के दो पौधे और पीपल के चार पौधे चारों दिशाओं में लगाए जाएंगे। साल साल बाद पंचवटी के बीच में वेदी का निर्माण भी किया जाएगा। काशी में पंचवटी की स्थापना पूरी होने के बाद इसे उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश के ग्राम पंचायतों में स्थापित किया जाएगा। इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय से पूरी कार्ययोजना जारी की जाएगी।बरगद- इसका दूध असाध्य रोगों में कारगर है। असह्य गर्म में वटवृक्ष पंचवटी को वातानुकूलित करता है।पीपल- रक्तविकार दूर करने वाला वेदनाशामक होता है। प्रदूषण शोषण करने और आक्सीजन उत्पन्न करने वाला वृक्ष है।बेल- पेट संबंधी बीमारियों की अचूक औषधि है। इसकी पत्तियों और लकड़ी में तेल ग्रंथियां वातावरण को सुगंधित रखती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी दौरे में काशी के प्रत्येक गांव में पंचवटी स्थापना करने की इच्छा जताई है। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों की सरकारी जमीनों को चिन्हित कर लिया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के दिशा निर्देश पर तय मानक पर पंचवटी की स्थापना शुरू कराई जाएगी।
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद आज काशी में PM मोदी, एक क्लिक में पढ़िए पूरा शेड्यूलकरीब दो घंटे पीएम मोदी अपने संसदीय क्षेत्र में रहेंगे. पीएम मोदी एयरपोर्ट से हरहुआ में बनने वाले आनंद कानन नवग्रह वाटिका विद्यालय पहुंचेंगे और यहां, पीपल का पेड़ लगाकर पौधरोपण की शुरुआत करेंगे.
Read more »
varanasi News: काशी में 18 फीट के शास्त्री, मोदी ने किया मूर्ति का अनावरण - pm modi inaugurated statue of lal bahadur shashtri in varanasi | Navbharat Timesवाराणसी न्यूज़: वाराणसी के प्रवास पर पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को यहां के बाबतपुर हवाई अड्डे के बाहर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की एक प्रतिमा का अनावरण किया।
Read more »
अंतरिक्ष विभाग और सरकार के विज्ञान से जुड़े विभागों के बजट में मामूली बढ़ोतरीपृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के बजट में पिछले वित्त वर्ष की आवंटित राशि के मुकाबले इस बार 101 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है. वहीं, अंतरिक्ष विभाग के बजटीय आवंटन में पिछले वित्त वर्ष की आवंटित राशि के मुकाबले इस बार 1273 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है.
Read more »
यूपी: टोलकर्मियों से मारपीट और गोली चलाने के मामले में भाजपा सांसद के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्जयह मामला उत्तर प्रदेश के आगरा का है. इटावा से भाजपा सांसद और अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. राम शंकर कठेरिया का काफिला शनिवार सुबह दिल्ली से इटावा जा रहा था. इस काफिले में पांच कारें और एक बस शामिल थी.
Read more »
बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद लश्कर और जैश के आतंकवादी अफगानिस्तान में ट्रेनिंग ले रहेखुफिया जानकारी के बाद काबुल और कंधार में भारतीय राजनयिकों को हाई अलर्ट भेजा रिपोर्ट के मुताबिक, लश्कर और जैश के आतंकी कंधार, कुनार, नूरिस्तान और नंगरहार प्रांत में ट्रेनिंग ले रहे | Pakistani terrorists shift in Afghanistan after Balakot air strike on terror camp
Read more »
