नॉर्वे के इस शहर में मरना है “अवैध”, जानें क्या है वजह

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नॉर्वे के इस शहर में मरना है “अवैध”, जानें क्या है वजह
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नॉर्वे के लॉन्गइयरब्येन शहर में पिछले 70 सालों से शवों को दफनाना प्रतिबंधित है। अत्यधिक ठंडे मौसम के कारण शव सड़ते नहीं, जिससे घातक वायरस फैलने का खतरा रहता है। यहां जन्म लेना भी दुर्लभ है।

" Norway City Ban On Death: दुनिया में कई जगहें अपनी खासियतों के लिए जानी जाती हैं, लेकिन उत्तरी ध्रुव के करीब स्थित एक ऐसा शहर भी है जहां मरना तक “गैरकानूनी” माना जाता है. यह जगह है लॉन्गइयरब्येन , जो नॉर्वे के स्वालबार्ड द्वीपसमूह में स्थित है.

यहां करीब 2,100 लोग 50 देशों से आकर रहते हैं, लेकिन खास बात यह है कि इनमें से अधिकतर यहां पैदा नहीं हुए. यह शहर रहने के लिए अविश्वसनीय रूप से खूबसूरत तो है, लेकिन जीवन और मृत्यु पर यहां के नियम दुनिया में कहीं और नहीं मिलते. Advertisment मरने पर क्यों है रोक? लॉन्गइयरब्येन में पिछले 70 सालों से कोई भी शव दफनाया नहीं गया है. इसकी वजह यहां का अत्यधिक ठंडा मौसम है. इस इलाके में तापमान सालभर शून्य से नीचे रहता है. जमीन में हमेशा बर्फ जमी रहती है जिसे पर्माफ्रॉस्ट कहा जाता है. ऐसे में अगर किसी शव को दफनाया जाए, तो वह सड़ता नहीं, बल्कि ममी की तरह संरक्षित हो जाता है. वैज्ञानिक अनुसंधानों में यह पाया गया कि पुराने शवों में घातक वायरस और बैक्टीरिया दशकों तक जीवित रह सकते हैं, जो पर्माफ्रॉस्ट पिघलने पर वातावरण में फैल सकते हैं. इसी खतरे को रोकने के लिए यहां शव दफनाना सख्त रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है. नियम तोड़ना है अवैध 1950 में नॉर्वे सरकार ने एक कानून बनाया, जिसके बाद लॉन्गइयरब्येन के सभी पुराने कब्रिस्तानों को बंद कर दिया गया. आज भी अगर कोई व्यक्ति यहां गंभीर रूप से बीमार हो जाए या उसकी मृत्यु हो जाए, तो शव को 200 किलोमीटर दूर नॉर्वे की मुख्य भूमि पर भेजा जाता है, ताकि वहां उसका अंतिम संस्कार हो सके. इसके कारण ही लोगों के बीच यह धारणा बन गई कि इस शहर में मरना ही अवैध है, क्योंकि यहां मृत्यु के बाद किसी भी तरह का अंतिम संस्कार संभव नहीं. यहां जन्म लेना क्यों "मना" है? लॉन्गइयरब्येन में न सिर्फ मरना, बल्कि जन्म लेना भी प्रतिबंधित है. इसका कारण यहां की कठोर जलवायु और सीमित चिकित्सा सुविधाएं हैं. शहर में केवल एक छोटा सा अस्पताल है, जहां प्रसव के दौरान होने वाली आपात स्थितियों को संभालने के पर्याप्त साधन नहीं हैं. इसी वजह से गर्भवती महिलाओं को उनकी डिलीवरी की तारीख नजदीक आते ही नॉर्वे की मुख्य भूमि पर जाने के लिए कहा जाता है. इसलिए लॉन्गइयरब्येन में बच्चे का जन्म होना बेहद दुर्लभ है. क्या यहां कोई मूल निवासी है? यह शहर ऐसा नहीं है जहां लोग पीढ़ियों से बसते हों. यहां के निवासी आमतौर पर कुछ सालों के लिए नौकरी, शोध या एडवेंचर के लिए आते हैं और फिर वापस चले जाते हैं. यहां का जीवन कठोर मौसम के कारण स्थायी बसावट के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता. लॉन्गइयरब्येन दुनिया के सबसे अनोखे और विचित्र नियमों वाले शहरों में से एक है. यहां न मृत्यु की अनुमति है और न ही जन्म की. इसके पीछे वैज्ञानिक कारण, पर्यावरणीय खतरे और कठोर परिस्थितियां जिम्मेदार हैं. यही वजह है कि यह शहर दुनिया भर के लोगों के लिए रहस्य का केंद्र बना हुआ है. यह भी पढ़ें: तालिबान के खिलाफ प्रतिबंधों को लेकर भारत ने पाकिस्तान की लगाई क्लास, सुरक्षा परिषद समिति की अध्यक्षता को लेकर घेरा"

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नॉर्वे लॉन्गइयरब्येन अवैध मृत्यु प्रतिबंध

 

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