तुर्की ने S-400 मिसाइल सिस्टम को किसी अन्य देश को देने की खबरों का खंडन किया

अंतर्राष्ट्रीय News

तुर्की ने S-400 मिसाइल सिस्टम को किसी अन्य देश को देने की खबरों का खंडन किया
तुर्कीS-400मिसाइल सिस्टम
  • 📰 News18 Hindi
  • ⏱ Reading Time:
  • 142 sec. here
  • 11 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 84%
  • Publisher: 51%

तुर्की ने S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को किसी तीसरे देश को, खासकर भारत को देने की अटकलों को खारिज कर दिया है। सेना ने कहा कि किसी भी स्थिति में सिस्टम को स्थानांतरित करने का कोई इरादा नहीं है। यह बयान अमेरिकी राजदूत के बयान के बाद आया था, जिसके बाद ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं।

पिछले कुछ दिनों से तुर्की के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को लेकर तरह-तरह की बातें चल रही थीं। कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि तुर्की अब इन रूसी मिसाइल सिस्टम को किसी तीसरे देश को, खास तौर पर भारत को, देने पर विचार कर रहा है। इसके पीछे की वजह यह बताई जा रही थी कि तुर्की अमेरिका के साथ अपने तनाव को कम करना चाहता है और दोबारा F-35 प्रोग्राम में शामिल होना चाहता है। लेकिन मंगलवार को तुर्की की सेना के शीर्ष सूत्रों ने इन सभी दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। तुर्किए टुडे नामक न्यूज़

आउटलेट ने अपनी रिपोर्ट में सैन्य सूत्रों के हवाले से कहा कि S-400 सिस्टम को किसी भी देश को सौंपने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि तुर्की किसी भी स्थिति में S-400 को किसी अन्य देश को देने पर विचार नहीं कर रहा है। सेना के इस बयान को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर तब जब हाल ही में अमेरिकी राजदूत टॉम बराक ने कहा था कि अगले साल तक S-400 मुद्दे का समाधान निकल सकता है। उनके इस बयान के बाद विदेशी मीडिया में यह कयास लगाए जाने लगे थे कि शायद तुर्की S-400 को किसी तीसरे देश को देने पर राजी हो सकता है। यहां तक कि भारतीय मीडिया में भी कुछ रिपोर्ट्स ने यह लिखा था कि यह सिस्टम भारत को भेजा जा सकता है। अब तुर्की की सेना ने इन सभी बातों को 'अफवाह' बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है।\दरअसल, पूरा मामला 2017 में शुरू हुआ, जब तुर्की ने रूस के साथ S-400 सिस्टम खरीदने का सौदा किया था। 2019 में इसकी पहली खेप तुर्की पहुंची। इस फैसले ने अमेरिका और तुर्की के रिश्तों में बड़ी दरार पैदा कर दी। अमेरिका ने कहा कि नाटो का एक सदस्य देश रूस की उन्नत मिसाइल प्रणाली का इस्तेमाल नहीं कर सकता, क्योंकि इससे अमेरिकी F-35 स्टेल्थ जेट की सुरक्षा संबंधी जानकारी रूस तक पहुंच सकती है। इसके परिणामस्वरूप, अमेरिका ने तुर्की को F-35 प्रोग्राम से बाहर कर दिया, जबकि तुर्की पहले ही 1.4 अरब डॉलर जेट खरीदने के लिए दे चुका था। यह पैसा अभी तक तुर्की को वापस नहीं मिला है। इस पूरे मामले में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि तुर्की S-400 को अमेरिका को रिसर्च के लिए या फिर किसी तीसरे देश को सौंप सकता है। इन रिपोर्ट्स में भारत का नाम भी आया, क्योंकि भारत पहले से ही रूस से खरीदे गए S-400 का इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों S-400 सिस्टम में काफी अंतर है। इसकी वजह यह है कि रूस ने तुर्की को जो S-400 दिए हैं, वे निर्यात के लिए बनाए गए हैं। रूस को डर था कि नाटो उसके रडार कोड्स को समझ सकता है। जबकि भारत को उसने वही एयर डिफेंस सिस्टम दिया जो वह खुद इस्तेमाल करता है। इसलिए, तुर्की का सिस्टम भारत के लिए किसी काम का नहीं होगा, क्योंकि दोनों की तकनीक में अंतर है।\इस पूरे घटनाक्रम में, तुर्की ने S-400 को लेकर अपनी स्थिति साफ कर दी है। तुर्की की सेना ने अब स्पष्ट कर दिया है कि S-400 को किसी तीसरे देश को नहीं दिया जाएगा। इससे यह भी संभव है कि यह सिस्टम अमेरिका को भी नहीं दिया जाएगा। इसका मतलब है कि यह सिस्टम तुर्की के पास ही रहेगा। इस मामले ने अमेरिका और तुर्की के बीच के जटिल संबंधों को उजागर किया है और यह भी दिखाया है कि कैसे रक्षा सौदे अंतरराष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं। S-400 को लेकर जो अटकलें लगाई जा रही थीं, उन पर अब तुर्की ने विराम लगा दिया है। यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा कि भविष्य में अमेरिका और तुर्की के बीच संबंध कैसे विकसित होते हैं, खासकर जब तुर्की F-35 प्रोग्राम में दोबारा शामिल होने की कोशिश कर रहा है। तुर्की का यह फैसला कई देशों के लिए एक सीख भी हो सकता है, जो रक्षा उपकरणों की खरीद और उनकी भू-राजनीतिक निहितार्थों पर विचार करते हैं। यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की जटिलताओं और सैन्य प्रौद्योगिकी के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करता है

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

News18 Hindi /  🏆 13. in İN

तुर्की S-400 मिसाइल सिस्टम भारत अमेरिका F-35 रक्षा

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

400 साल पुराने श्राप से राजघराने को कराया मुक्त, जानिए कैसे राजकुमारी त्रिशिका ​मैसूर राजवंश के लिए बनीं 'देवी'400 साल पुराने श्राप से राजघराने को कराया मुक्त, जानिए कैसे राजकुमारी त्रिशिका ​मैसूर राजवंश के लिए बनीं 'देवी'​भारत के राजघरानों का एक समृद्ध इतिहास और विरासत है, जिसे उनके उत्तराधिकारी आगे बढ़ाते हैं। वर्षों से, यह वंश अपने वंशजों को सौंपता रहा है और आज भी, ये राजघराने 'महामहिम' का दर्जा प्राप्त करते हैं। समृद्ध और आकर्षक जीवनशैली के अलावा, उनके कंधों पर अपार शक्ति और कई ज़िम्मेदारियां भी...
Read more »

अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई: 400 गाड़ियों पर जुर्माना, 1.5 करोड़ का जुर्मानाअवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई: 400 गाड़ियों पर जुर्माना, 1.5 करोड़ का जुर्मानाप्रदेश में अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में 400 से अधिक वाहनों पर 1.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय सीमावर्ती जिलों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
Read more »

94 साल पुरानी बोरोलीन: 400 करोड़ की कंपनी, जो आज भी है हर घर की पसंद94 साल पुरानी बोरोलीन: 400 करोड़ की कंपनी, जो आज भी है हर घर की पसंदबोरोलीन, एक ऐसी क्रीम जो 94 सालों से भारतीय घरों में अपनी जगह बनाए हुए है। यह एक स्वदेशी उत्पाद है, जिसने विदेशी ब्रांडों के साथ कड़ी टक्कर ली और सफलता हासिल की। इस लेख में बोरोलीन के सफर, इसकी लोकप्रियता और बाजार में इसकी स्थिति के बारे में जानकारी दी गई है।
Read more »

यूपी में उपखनिजों के अवैध परिवहन-ओवरलोडिंग का खेल, तीन दिन में वसूला गया 1.5 करोड़ रुपये का जुर्मानायूपी में उपखनिजों के अवैध परिवहन-ओवरलोडिंग का खेल, तीन दिन में वसूला गया 1.5 करोड़ रुपये का जुर्मानाभूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के विशेष अभियान में उप खनिजों के अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग का खुलासा हुआ। तीन दिन में 400 से अधिक वाहन पकड़े गए, विभाग ने 1.
Read more »

सेंसेक्स 400 अंक गिरकर 84,700 के स्तर पर आया: निफ्टी में भी 150 अंक की गिरावट, एशियन पेंट्स का शेयर सबसे ज्...सेंसेक्स 400 अंक गिरकर 84,700 के स्तर पर आया: निफ्टी में भी 150 अंक की गिरावट, एशियन पेंट्स का शेयर सबसे ज्...हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार, 9 दिसंबर को शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 400 अंक की गिरावट के साथ 84,700 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 150 अंक की गिरावट है, ये 25,800 के स्तर पर आ गया है। Stock Market Sensex Nifty BSE NSE Updates | Share Market Live...
Read more »

बांग्लादेश: डेंगू से तीन और मौत, मरने वालों की संख्या 400 के पारबांग्लादेश: डेंगू से तीन और मौत, मरने वालों की संख्या 400 के पारबांग्लादेश: डेंगू से तीन और मौत, मरने वालों की संख्या 400 के पार
Read more »



Render Time: 2026-04-02 18:40:20