Ukraine President Volodymyr Zelensky Munich Conference Speech Controversy; Follow Zelensky Vs Hungary PM Viktor Orban, Russia Ukraine War, Europe Countries Latest News Updates On Dainik Bhaskar.
कहा- वो अपना पेट बढ़ाने का सोचे, सेना नहीं; रूस का विरोध नहीं करने से नाराजयूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमिर जेलेंस्की ने रविवार को जर्मनी के म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन का मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन, रूस से लड़ रहा है, इसलिए यूरोप के देश आज आजादी से जी पा रहे हैं। जेलेंस्की ने कहा कि मोल्दोवा और रोमानिया बिना तानाशाही के रह सकते हैं। यहां तक कि विक्टर ऑर्बन भी अपनी सेना बढ़ाने की जगह अपना पेट बढ़ाने के बारे में सोच सकते हैं, ताकि रूसी टैंकों को बुडापेस्ट की सड़कों पर लौटने से रोका जा सके। कोल्ड वॉर के समय हंगरी सोवियत यूनियन का हिस्सा था। बीते कुछ सालों में यूक्रेन और हंगरी के रिश्ते काफी तनावपूर्ण हुए हैं। इसकी वजह यह है कि ऑर्बान पर रूस को लेकर नरम रुख अपनाने का आरोप है। हाल के हफ्तों में उन्होंने देश के चुनाव से पहले यूक्रेन के खिलाफ बयानबाजी भी तेज कर दी है। 2022 में रूसी हमले के बाद यूक्रेन ने यूरोपीय संघ में शामिल होने के लिए आवेदन किया था, लेकिन तब ऑर्बान के वीटो की वजह से आगे की बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। बाकी यूरोपीय देशों के उलट, हंगरी ने यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद भी रूस से अपने इंपोर्ट में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया।जेलेंस्की बोले- अमेरिका अब यूरोप को पहले जैसा साझेदार नहीं मानता म्यूनिख में बोलते हुए जेलेंस्की ने कहा कि अब पुराने दिन खत्म हो चुके हैं। अमेरिका अब यूरोप को पहले जैसा साझेदार नहीं मानता। इसलिए यूरोप को यूक्रेन के साथ मिलकर अपनी खुद की सेना बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह युद्ध कुछ नेताओं के बीच बैठकर तय नहीं किया जा सकता। न तो डोनाल्ड ट्रम्प और व्लादिमीर पुतिन मिलकर इसका फैसला कर सकते हैं, न ही मैं खुद और पुतिन। म्यूनिख में बैठा कोई भी नेता अकेले पुतिन से बात करके इस युद्ध का अंत तय नहीं कर सकता। असली शांति के लिए सभी को मिलकर दबाव बनाना होगा। उन्होंने कहा कि कई नेता पहले भी कह चुके हैं कि यूरोप की अपनी सेना होनी चाहिए। उनके मुताबिक अब समय आ गया है कि यूरोप की सेनाएं बनाई जाएं।जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका को यूरोप एक बाजार के रूप में तो चाहिए, लेकिन क्या वह उसे सहयोगी के रूप में देखता है, यह साफ नहीं है। यूरोप को एक आवाज में बोलना होगा, अलग-अलग आवाजों में नहीं। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले राष्ट्रपति ट्रम्प ने उनसे पुतिन के साथ अपनी बातचीत के बारे में बताया, लेकिन एक बार भी यह नहीं कहा कि अमेरिका को बातचीत में यूरोप की जरूरत है। यह बात बहुत कुछ बताती है। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन आज ड्रोन युद्ध में दुनिया का नेता है। यह यूक्रेन की सफलता है, लेकिन यह दूसरों की भी सफलता है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन अपनी रक्षा के लिए जो कुछ भी बना रहा है, वह दूसरे देशों की सुरक्षा को भी मजबूत करता है।जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ कर दिया है कि यूरोप और अमेरिका के बीच पुराने रिश्तों का दौर खत्म हो रहा है। अब हालात अलग होंगे और यूरोप को इसके मुताबिक खुद को ढालना होगा। उन्होंने कहा कि पहले अमेरिका सिर्फ इसलिए यूरोप का साथ देता था क्योंकि वह हमेशा से ऐसा करता आया था। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। उन्होंने ट्रम्प के उस बयान का जिक्र किया कि इंसान के लिए वह परिवार ज्यादा मायने रखता है जिसे वह खुद बनाता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ सबसे करीबी रिश्ता बनाना जरूरी है। ट्रम्प ने पिछले महीने स्विट्जरलैंड के दावोस में कहा था कि आर्थिक मामलों में यूरोप को अमेरिका जैसा बनना चाहिए। यूरोप वही करे जो अमेरिका कर रहा।जेलेंस्की ने साफ कहा कि यूक्रेन अपने पीछे या अपनी भागीदारी के बिना किए गए किसी भी समझौते को कभी स्वीकार नहीं करेगा। यही नियम पूरे यूरोप पर भी लागू होना चाहिए। यूक्रेन के बारे में कोई फैसला यूक्रेन के बिना नहीं और यूरोप के बारे में कोई फैसला यूरोप के बिना नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि रूस हर हफ्ते नए सैन्य भर्ती केंद्र खोल रहा है और पुतिन ऐसा इसलिए कर पा रहे हैं क्योंकि तेल की कीमतें अभी भी इतनी ऊंची हैं कि वह दुनिया की परवाह किए बिना अपने फैसले ले सकते हैं।हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन पहले भी कह चुके हैं कि उनके देश ने कभी भी रूस के खिलाफ यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों का समर्थन नहीं किया। कुछ साल पहले उन्होंने कहा कि फ्रांसीसी पत्रिका से कहा था कि उनका मकसद हमेशा हंगरी के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना रहा है। ऑर्बन ने कहा था कि यूरोप के इतिहास में शायद ही कोई उदाहरण हो, जब प्रतिबंधों से मनचाहा नतीजा मिला हो। रूस के मामले में प्रतिबंधों का असर सही तरीके से लागू नहीं हो रहा है और कई बार यूरोपीय देशों को रूस से ज्यादा नुकसान हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि रूस पर प्रतिबंधों की बात करने के बावजूद अमेरिका परमाणु ईंधन की खरीद कर रहा है। उनके मुताबिक जब यूरोप प्रतिबंधों की बात करता है, तो कुछ देश इनसे बचकर अच्छा कारोबार कर रहे हैं।उन्होंने साफ कहा था कि हंगरी रूस-यूक्रेन युद्ध में शामिल नहीं होना चाहता। उनका कहना है कि यूक्रेन को शांति वार्ता करनी चाहिए। हंगरी न तो सैनिक भेजेगा, न हथियार और न ही पैसा, लेकिन शांति की कोशिशों में मदद करने को तैयार है। ऑर्बन ने कहा था कि अगर यूरोपीय संघ को यूरोप के भविष्य से जुड़े फैसलों में शामिल रहना है, तो उसे खुद अपनी कूटनीतिक पहल करनी चाहिए और सीधे मॉस्को से बातचीत शुरू करनी चाहिए। उन्होंने बताया था कि अमेरिका और रूस पहले से बातचीत कर रहे हैं और कभी भी समझौता हो सकता है। यूक्रेन की यूरोपीय संघ सदस्यता पर उन्होंने कहा कि हंगरी ऐसे किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनना चाहता, जिसमें कोई ऐसा देश शामिल हो जो लगातार युद्ध के खतरे में हो। उन्होंने कहा था कि रूस-यूक्रेन युद्ध हमारा युद्ध नहीं है। अगर यूक्रेन EU में शामिल होता है, तो यह युद्ध हमारा भी बन जाएगा, और हम ऐसा नहीं चाहते। ऑर्बन ने कहा था कि यूक्रेन की आर्थिक स्थिति ऐसी है कि अगर उसे EU में शामिल किया गया तो यूरोप के संसाधन उस पर खर्च होंगे और सदस्य देशों के विकास के लिए जरूरी पैसा कम पड़ जाएगा। इसी वजह से हंगरी यूक्रेन के साथ सदस्यता वार्ता शुरू करने या उसे आर्थिक मदद देने वाले किसी भी प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगा।यूक्रेन-रूस और अमेरिका के बीच 4 साल में पहली बैठक:जमीन छोड़ने पर विवाद; मेलोनी बोली- जंग खत्म हुई तो ट्रम्प को नोबेल के लिए नॉमिनेट करूंगी यूक्रेन, रूस और अमेरिका के बीच अबू धाबी में शुक्रवार को त्रिपक्षीय वार्ता हुई। यह बातचीत आज भी जारी रहेगी। 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद तीनों देशों की पहली संयुक्त बैठक है।एक्सपर्ट बोले- भाई जितनी ही खूंखार; राष्ट्रपति को छोड़ सबको फांसी दे सकती हैंबांग्लादेश में हिंदू नेता को मंत्री बना सकते हैं रहमान:बांग्लादेश-यूनुस के खिलाफ जांच आयोग बैठा सकती है रहमान सरकार:ऐप खोलेंहिमाचल में धूप खिलने से तापमान में उछालबीकानेर में गर्मी बढ़ी, पारा 32 के पारदौसा में धूप तेज, दिन का तापमान 30 डिग्री पहुंचागर्मी बढ़ी, रायपुर में पारा 33° के करीब.
कहा- वो अपना पेट बढ़ाने का सोचे, सेना नहीं; रूस का विरोध नहीं करने से नाराजयूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमिर जेलेंस्की ने रविवार को जर्मनी के म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन का मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन, रूस से लड़ रहा है, इसलिए यूरोप के देश आज आजादी से जी पा रहे हैं। जेलेंस्की ने कहा कि मोल्दोवा और रोमानिया बिना तानाशाही के रह सकते हैं। यहां तक कि विक्टर ऑर्बन भी अपनी सेना बढ़ाने की जगह अपना पेट बढ़ाने के बारे में सोच सकते हैं, ताकि रूसी टैंकों को बुडापेस्ट की सड़कों पर लौटने से रोका जा सके। कोल्ड वॉर के समय हंगरी सोवियत यूनियन का हिस्सा था। बीते कुछ सालों में यूक्रेन और हंगरी के रिश्ते काफी तनावपूर्ण हुए हैं। इसकी वजह यह है कि ऑर्बान पर रूस को लेकर नरम रुख अपनाने का आरोप है। हाल के हफ्तों में उन्होंने देश के चुनाव से पहले यूक्रेन के खिलाफ बयानबाजी भी तेज कर दी है। 2022 में रूसी हमले के बाद यूक्रेन ने यूरोपीय संघ में शामिल होने के लिए आवेदन किया था, लेकिन तब ऑर्बान के वीटो की वजह से आगे की बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। बाकी यूरोपीय देशों के उलट, हंगरी ने यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद भी रूस से अपने इंपोर्ट में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया।जेलेंस्की बोले- अमेरिका अब यूरोप को पहले जैसा साझेदार नहीं मानता म्यूनिख में बोलते हुए जेलेंस्की ने कहा कि अब पुराने दिन खत्म हो चुके हैं। अमेरिका अब यूरोप को पहले जैसा साझेदार नहीं मानता। इसलिए यूरोप को यूक्रेन के साथ मिलकर अपनी खुद की सेना बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह युद्ध कुछ नेताओं के बीच बैठकर तय नहीं किया जा सकता। न तो डोनाल्ड ट्रम्प और व्लादिमीर पुतिन मिलकर इसका फैसला कर सकते हैं, न ही मैं खुद और पुतिन। म्यूनिख में बैठा कोई भी नेता अकेले पुतिन से बात करके इस युद्ध का अंत तय नहीं कर सकता। असली शांति के लिए सभी को मिलकर दबाव बनाना होगा। उन्होंने कहा कि कई नेता पहले भी कह चुके हैं कि यूरोप की अपनी सेना होनी चाहिए। उनके मुताबिक अब समय आ गया है कि यूरोप की सेनाएं बनाई जाएं।जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका को यूरोप एक बाजार के रूप में तो चाहिए, लेकिन क्या वह उसे सहयोगी के रूप में देखता है, यह साफ नहीं है। यूरोप को एक आवाज में बोलना होगा, अलग-अलग आवाजों में नहीं। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले राष्ट्रपति ट्रम्प ने उनसे पुतिन के साथ अपनी बातचीत के बारे में बताया, लेकिन एक बार भी यह नहीं कहा कि अमेरिका को बातचीत में यूरोप की जरूरत है। यह बात बहुत कुछ बताती है। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन आज ड्रोन युद्ध में दुनिया का नेता है। यह यूक्रेन की सफलता है, लेकिन यह दूसरों की भी सफलता है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन अपनी रक्षा के लिए जो कुछ भी बना रहा है, वह दूसरे देशों की सुरक्षा को भी मजबूत करता है।जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ कर दिया है कि यूरोप और अमेरिका के बीच पुराने रिश्तों का दौर खत्म हो रहा है। अब हालात अलग होंगे और यूरोप को इसके मुताबिक खुद को ढालना होगा। उन्होंने कहा कि पहले अमेरिका सिर्फ इसलिए यूरोप का साथ देता था क्योंकि वह हमेशा से ऐसा करता आया था। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। उन्होंने ट्रम्प के उस बयान का जिक्र किया कि इंसान के लिए वह परिवार ज्यादा मायने रखता है जिसे वह खुद बनाता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ सबसे करीबी रिश्ता बनाना जरूरी है। ट्रम्प ने पिछले महीने स्विट्जरलैंड के दावोस में कहा था कि आर्थिक मामलों में यूरोप को अमेरिका जैसा बनना चाहिए। यूरोप वही करे जो अमेरिका कर रहा।जेलेंस्की ने साफ कहा कि यूक्रेन अपने पीछे या अपनी भागीदारी के बिना किए गए किसी भी समझौते को कभी स्वीकार नहीं करेगा। यही नियम पूरे यूरोप पर भी लागू होना चाहिए। यूक्रेन के बारे में कोई फैसला यूक्रेन के बिना नहीं और यूरोप के बारे में कोई फैसला यूरोप के बिना नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि रूस हर हफ्ते नए सैन्य भर्ती केंद्र खोल रहा है और पुतिन ऐसा इसलिए कर पा रहे हैं क्योंकि तेल की कीमतें अभी भी इतनी ऊंची हैं कि वह दुनिया की परवाह किए बिना अपने फैसले ले सकते हैं।हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन पहले भी कह चुके हैं कि उनके देश ने कभी भी रूस के खिलाफ यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों का समर्थन नहीं किया। कुछ साल पहले उन्होंने कहा कि फ्रांसीसी पत्रिका से कहा था कि उनका मकसद हमेशा हंगरी के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना रहा है। ऑर्बन ने कहा था कि यूरोप के इतिहास में शायद ही कोई उदाहरण हो, जब प्रतिबंधों से मनचाहा नतीजा मिला हो। रूस के मामले में प्रतिबंधों का असर सही तरीके से लागू नहीं हो रहा है और कई बार यूरोपीय देशों को रूस से ज्यादा नुकसान हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि रूस पर प्रतिबंधों की बात करने के बावजूद अमेरिका परमाणु ईंधन की खरीद कर रहा है। उनके मुताबिक जब यूरोप प्रतिबंधों की बात करता है, तो कुछ देश इनसे बचकर अच्छा कारोबार कर रहे हैं।उन्होंने साफ कहा था कि हंगरी रूस-यूक्रेन युद्ध में शामिल नहीं होना चाहता। उनका कहना है कि यूक्रेन को शांति वार्ता करनी चाहिए। हंगरी न तो सैनिक भेजेगा, न हथियार और न ही पैसा, लेकिन शांति की कोशिशों में मदद करने को तैयार है। ऑर्बन ने कहा था कि अगर यूरोपीय संघ को यूरोप के भविष्य से जुड़े फैसलों में शामिल रहना है, तो उसे खुद अपनी कूटनीतिक पहल करनी चाहिए और सीधे मॉस्को से बातचीत शुरू करनी चाहिए। उन्होंने बताया था कि अमेरिका और रूस पहले से बातचीत कर रहे हैं और कभी भी समझौता हो सकता है। यूक्रेन की यूरोपीय संघ सदस्यता पर उन्होंने कहा कि हंगरी ऐसे किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनना चाहता, जिसमें कोई ऐसा देश शामिल हो जो लगातार युद्ध के खतरे में हो। उन्होंने कहा था कि रूस-यूक्रेन युद्ध हमारा युद्ध नहीं है। अगर यूक्रेन EU में शामिल होता है, तो यह युद्ध हमारा भी बन जाएगा, और हम ऐसा नहीं चाहते। ऑर्बन ने कहा था कि यूक्रेन की आर्थिक स्थिति ऐसी है कि अगर उसे EU में शामिल किया गया तो यूरोप के संसाधन उस पर खर्च होंगे और सदस्य देशों के विकास के लिए जरूरी पैसा कम पड़ जाएगा। इसी वजह से हंगरी यूक्रेन के साथ सदस्यता वार्ता शुरू करने या उसे आर्थिक मदद देने वाले किसी भी प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगा।यूक्रेन-रूस और अमेरिका के बीच 4 साल में पहली बैठक:जमीन छोड़ने पर विवाद; मेलोनी बोली- जंग खत्म हुई तो ट्रम्प को नोबेल के लिए नॉमिनेट करूंगी यूक्रेन, रूस और अमेरिका के बीच अबू धाबी में शुक्रवार को त्रिपक्षीय वार्ता हुई। यह बातचीत आज भी जारी रहेगी। 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद तीनों देशों की पहली संयुक्त बैठक है।एक्सपर्ट बोले- भाई जितनी ही खूंखार; राष्ट्रपति को छोड़ सबको फांसी दे सकती हैंबांग्लादेश में हिंदू नेता को मंत्री बना सकते हैं रहमान:बांग्लादेश-यूनुस के खिलाफ जांच आयोग बैठा सकती है रहमान सरकार:ऐप खोलेंहिमाचल में धूप खिलने से तापमान में उछालबीकानेर में गर्मी बढ़ी, पारा 32 के पारदौसा में धूप तेज, दिन का तापमान 30 डिग्री पहुंचागर्मी बढ़ी, रायपुर में पारा 33° के करीब
Zelensky Munich Security Conference Volodymyr Zelensky Speech Hungary Prime Minister Viktor Orban Ukraine Russia War Europe Countries Ukrainian Army
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
आज का एक्सप्लेनर: ट्रम्प-जेलेंस्की की तीखी बहस के पीछे की कहानी; 38 दिन में 5 राष्ट्रप्रमुखों से भिड़े, ट्र...US President Donald Trump & Ukrainian President Volodymyr Zelenskyy White House Meeting Controversy; Follow US India UK Israel Ukraine Relation Latest News, Reports And Updates On Dainik Bhaskar (दैनिक भास्कर)
Read more »
वर्ल्ड अपडेट्स: ट्रम्प के रिसोर्ट के ऊपर तीन विमानों ने उड़ान भरी, वायुसेना ने फाइटर जेट भेजेDainik Bhaskar Breaking News and Top Stories. Follow US China Pakistan Russia Ukraine Sri Lanka Australia, International Latest News, Photos, Videos and Updates
Read more »
वर्ल्ड अपडेट्स: ब्लड डोनेट कर 20 लाख बच्चों की जान बचाने वाले जेम्स हैरीसन का निधन, उनके खून में रेयर एंटीब...Dainik Bhaskar Breaking News and Top Stories. Follow US China Pakistan Russia Ukraine Sri Lanka Australia, International Latest News, Photos, Videos and Updates
Read more »
आज का एक्सप्लेनर: पीएम मोदी का साथ खुलकर क्यों नहीं दे रहे ट्रम्प, भारत-पाक को एक बराबर तौला; भारत में iPho...PM Narendra Modi Vs Donald Trump; Follow India Pakistan War Ceasefire, US India Trump India Policy, Tariff Controversy and India US Relations Latest News Reports and Updates On Dainik Bhaskar (दैनिक भास्कर)
Read more »
Zelensky-Trump Meeting: आज राष्ट्रपति ट्रंप से मिलेंगे जेलेंस्की, रूस से जारी युद्ध खत्म करने के नए प्रस्ताव पर होगी चर्चाInternational News | Zelensky-Trump Meeting | World News | Zelensky-Trump Meeting Update | Volodymyr Zelensky | Donald Trump | US President Donald Trump | Ukraine Russia War | Zelensky-Trump Meeting Today | Ukaine | Russia | Ukraine-Russia Conflict |
Read more »
जेलेंस्की बोले-पुतिन के पास पैसा खत्म तो जंग भी खत्म: अगर अमेरिका रूसी तेल टैंकर रोक सकता है तो यूरोप क्यों...Ukraine President Zelensky statement Davos World Economic Forum. Follow latest updates on Russia Ukraine war funding.
Read more »
