जेट एयरवेज का उड़ानों के बंद होने के कारण एयर टिकटों की कीमतें बढ़ गई हैं. एयर फ्रांस और केएलएम ने मुंबई से अतिरिक्त उड़ान शुरू की है ताकि जेट एयरवेज के अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को जगह मिल सके. JetAirways NareshGoyal
जेट एयरवेज का उड़ानों के बंद होने के कारण एयर टिकटों की कीमतें बढ़ गई हैं. एयर फ्रांस और केएलएम ने मुंबई से अतिरिक्त उड़ान शुरू की है ताकि जेट एयरवेज के अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को जगह मिल सके. कंपनी ने अपने कर्जदाताओं से चार अरब रुपयों की मांग की है ताकि उसकी बची खुची उड़ानों को चलाए रखा जाए.
एयरलाइन विशेषज्ञों की मानें तो इन पांच कारणों ने कंपनी को इस हाल में पहुंचाया है. 1. बहुत से जानकार मानते हैं कि जेट एयरवेज के बुरे दिनों की शुरूआत 2006 में ही हो गई थी जब उसने खस्ताहाल एयर सहारा को 50 करोड़ डॉलर की रकम नगद देकर खरीदा था. जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल ने तब अपने सहयोगियों की राय को अनसुना कर दिया. सहयोगियों का मानना था कि कंपनी बहुत ज्यादा पैसे दे रही है. बाजार ने भी इस सौदे पर मिलीजुली प्रतिक्रिया दी. एयरसहारा को जेटलाइट नाम दिया गया लेकिन 2015 में यह पूरी तरह से डूब गई और इसके साथ ही जेट एयरवेज का पूरा निवेश भी डूब गया. बैंगलोर एविएशन नाम की वेबसाइट के संपादक देवेश अग्रवाल का कहना है,"वह अधिग्रहण जेट के गले पर अब भी बोझ बना हुआ है."2. भारत के विमानन क्षेत्र में भारी प्रतिस्पर्धा है. जेट एयरवेज को इंडिगो, स्पाइस जेट और गो एयर जैसी बेहद सफल सस्ती एयरलाइनों की चुनौती झेलनी पड़ी. विशेषज्ञों कहते हैं कि जेट को चलाने वाले लोगों ने इन तीनों एयरलाइनों को गंभीरता से नहीं लिया. यह तीनों कंपनियां 2005-2006 के बीच शुरू हुईं. एक तो इन कंपनियों ने कीमतें कम रखीं और दूसरे ऐसे रूटों पर सेवा मुहैया कराई जहां पहले हवाई यात्रा की सुविधा नहीं थी. कारोबार पर नजर रकने वाले अमित पांडुरंगी का कहना है,"जेट मैनेजमेंट ने शुरू शुरू में उन्हें छोटा खिलाड़ी समझा. जेट एयरवेज कार्पोरेट ग्राहकों को सेवा दे रहा था और वह यह देखने में नाकाम रहा कि सस्ती एयरलाइनें उन ग्राहकों को लुभा रही हैं जो कीमतों का ध्यान रखते हैं." 3. नरेश गोयल की प्रबंधन शैली पर भी कई आरोप लग रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि उनके फैसले एक ऐसी टीम करती थी जिसका नेतृत्व वे खुद करते थे. जेट के सारे कामकाज का फैसला इसी टीम के हाथ में था जो वास्तव में एक गलती थी. इसकी बजाए सस्ती सेवाओं और मुख्य सेवा के लिए अलग अलग प्रबंधन रखने की जरूरत थी. गोयल गलत निवेश कर रहे थे और कंपनी की गिरती आर्थिक हालत को संभालने की बजाए ज्यादा से ज्यादा कर्ज पर निर्भर होते जा रहे थे. देवेश अग्रवाल के मुताबिक,"उनकी कमाई से ज्यादा उनका खर्च था और वो कर्ज लेते जा रहे थे." 4. भारत की सभी एयरलाइनें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाली उठापटक के प्रति संवेदनशील रहती हैं क्योंकि ज्यादातर तेल आयात होता है. जब रुपये कमजोर होता है तो तेल का खर्च बढ़ जाता है. एयरलाइन कंपनियों के लिए तेल का खर्च सबसे बड़ा है. बीते एक साल में रुपये कमजोर और कच्चा तेल महंगा रहा है. इंडिगो और स्पाइस जेट को इस वजह से काफी नुकसान भी उठाना पड़ा लेकिन उन्होंने खर्चे कम रखे हैं और इन कंपनियों के अपनी तिमाही आंकड़ों के मुताबिक वे इस नुकसान को झेलने के लिए खुद को सक्षम बना सकीं. दूसरी तरफ जेट और अधिक कर्ज में डूब गया. मुंबई के अर्थशास्त्री आशुतोष दातार का कहना है,"जेट एयरवेज अपनी बैलेंस शीट को संभालने में नाकाम रहा और वो उद्योग के चक्रिय बदलावों में फंस गया था." 5. जेट एयरवेज एक रणनीतिक निवेशक ढूंढने में भी नाकाम रहा जो एयरलाइन में पैसा डालता रहे और इस वजह से एयरलाइन का घाटा और बढ़ गया. इसी वजह से आज उसे यह दिन देखना पड़ा है. पिछले साल के आखिर में टाटा के साथ चल रही बातचीत नाकाम हो गई. दूसरी तरफ एतिहाद एयरवेज ने भी अपनी भागीदारी बढ़ाने से इनकार कर दिया क्योंकि कंपनी के कर्ताधर्ता गोयल ही थे. 69 साल के नरेश गोयल को पिछले महीने नियंत्रण छोड़ना पड़ा. इसके बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले कर्जदाताओं के कंसोर्टियम ने नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया. अब कंपनी के लिए खरीदार ढूंढना उन्हीं की जिम्मेदारी है. अगर वो ऐसा नहीं कर सके तो 2012 में विजय माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस के डूबने के बाद जेट एयरवेज पहली एयरलाइन होगी जो डूब जाएगी.
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
संकटग्रस्त जेट एयरवेज़ के कर्मचारियों ने बकाया वेतन के लिए मुंबई एयरपोर्ट पर किया प्रदर्शनसंकटग्रस्त जेट एयरवेज़ के कर्मचारियों ने बकाया वेतन के लिए मुंबई एयरपोर्ट पर किया प्रदर्शन जेटएयरवेज़ बकायावेतन नेशनलएविएटर्सगिल्ड मुंबईएयरपोर्ट JetAirways UnpaidSalary NationalAviatorsGuild MumbaiAirport
Read more »
जेट एयरवेज के 1100 पायलट सोमवार को नहीं भरेंगे उड़ान, विमानों की बुकिंग भी हुई बंदसूत्रों के अनुसार नेशनल एविएटर्स गिल्ड (एनएजी) से जुड़े जेट एयरवेज के करीब 1100 पायलट सोमवार सुबह 10 बजे से उड़ान नहीं भरेंगे। JetAirwaysCrisis
Read more »
जेट एयरवेज में उथल-पुथल वाला रविवार, 1100 पायलट उड़ान भरेंगे या नहीं, फैसला कल
Read more »
जेट ने 19 अप्रैल तक रद्द की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें, जल्द मिले 1500 करोड़ की सहायताजेट एयरवेज ने अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को 19 अप्रैल तक रद्द कर दिया है। फिलहाल कंपनी के केवल सात विमान ही परिचालन में
Read more »
जेट एयरवेज के लिए कल का दिन खास, सभी इंटरनेशनल उड़ानें रद्दनिजी क्षेत्र की एयरलाइन जेट एयरवेज ने सोमवार को अपने अंतरराष्ट्रीय परिचालन को 18 अप्रैल तक रोकने की घोषणा की. संकट से जूझ रही कंपनी के ऋणदाता एयरलाइन को आपात स्थिति के लिए धन देने पर फैसला नहीं कर पाए हैं.
Read more »
क्या ठप होगी Jet Airways एयरलाइन? आखिरी फैसला आज संभवआर्थिक संकट से जूझ रही एयरलाइन जेट एयरवेज ठप होने की कगार पर है. इस पर आखिरी फैसला निदेशक मंडल की बैठक में हो सकता है.
Read more »
Jet Airways पर संकट के बादल, अब भी बैंकों से मदद की उम्मीदआर्थिक संकट से जूझ रही एयरलाइन जेट एयरवेज नाजुक मोड़ पर है. जेट एयरवेज अभी सिर्फ पांच विमानों का परिचालन कर रही है.
Read more »
नरेश गोयल: ट्रैवल एजेंट से जेट के मालिक तक, फिर ऐसे घटा रुतबा - Business AajTakकर्ज में डूबी एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज बंद होने की कगार पर है. जेट एयरवेज की बदहाली की हालत यह है कि एयरलाइन के फाउंडर नरेश गोयल
Read more »
रनवे से उतरी जेट एयरवेज! बैंकों ने कर्ज देने से किया इनकारकर्ज में डूबी विमानन कंपनी को जेट एयरवेज को बैंकों ने अंतरिम 400 करोड़ रुपये का इमरजेंसी फंड देने से इनकार कर दिया है. जिसके बाद कंपनी की फिलहाल सभी उम्मीदें टूट गई हैं और अब बुधवार रात से जेट एयरवेज अपनी सभी उड़ानें अस्थाई रूप से स्थगित कर देगी. एक तरह से आज रात से जेट एयरवेज का परिचालन बंद हो जाएगा.
Read more »
जेट एयरवेज के 20 हजार कर्मचारियों पर रोजी रोटी का संकट गहरायाजेट एयरवेज की आज रात आखिरी उड़ान होगी। ऐसे में कंपनी के कर्मचारियों के लिए रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। फिलहाल जेट
Read more »
