जस्टिस सूर्यकांत को भारत के अगले प्रधान न्यायाधीश (CJI) के रूप में नियुक्त किया जाना लगभग तय है। वर्तमान CJI बीआर गवई ने केंद्र सरकार को औपचारिक रूप से उनके नाम की सिफारिश की है। जस्टिस सूर्यकांत 23 नवंबर को CJI गवई के सेवानिवृत्त होने के बाद पदभार संभालेंगे। उनकी नियुक्ति भारत की न्यायपालिका में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन का प्रतीक है। जस्टिस सूर्यकांत 24 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बने थे और 9 फरवरी 2027 तक CJI के रूप में कार्य करेंगे।
भारत के अगले प्रधान न्यायाधीश के रूप में जस्टिस सूर्यकांत की नियुक्ति लगभग तय हो गई है. मौजूदा चीफ जस्टिस बीआर गवई ने अगले सीजेआई के लिए औपचारिक रूप से उनका नाम केंद्र सरकार को भेज दिया है. गवई 23 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं, जिसके बाद जस्टिस सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट के नए मुखिया के रूप में कार्यभार संभालेंगे.
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने 23 अक्टूबर को ही नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी थी और सीजेआई गवई से उनके उत्तराधिकारी का नाम सुझाने का अनुरोध किया था. संविधान के तहत न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया ‘मेमोरेंडम ऑफ प्रोसिजर’ से तय होती है, जिसके अनुसार सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश को, अगर वे उपयुक्त माने जाएं, मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया जाता है. जस्टिस सूर्यकांत कौन हैं? जस्टिस सूर्यकांत का जन्म 10 फरवरी 1962 को हरियाणा के हिसार में हुआ था. वे 24 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बने. नियुक्ति के बाद वे 9 फरवरी 2027 तक यानी करीब 15 महीनों तक भारत के मुख्य न्यायाधीश रहेंगे. पिछले दो दशकों में अपने न्यायिक करियर के दौरान उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, लोकतंत्र, भ्रष्टाचार, पर्यावरण, लैंगिक समानता और अनुच्छेद 370 से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसले सुनाए हैं. वे उस पीठ का हिस्सा थे, जिसने औपनिवेशिक काल के राजद्रोह कानून को निलंबित किया था. उन्होंने चुनाव आयोग को बिहार में मतदाता सूची से बाहर किए गए नामों का विवरण सार्वजनिक करने का निर्देश दिया था और बार एसोसिएशनों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण सुनिश्चित करने का आदेश भी दिया था. जस्टिस सूर्यकांत उन पीठों में भी शामिल रहे हैं जिन्होंने पेगासस जासूसी मामले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब यात्रा के दौरान सुरक्षा चूक, और वन रैंक-वन पेंशन जैसे अहम मामलों की सुनवाई की थी. सीजेआई गवई की रिटायरमेंट के बाद जस्टिस सूर्यकांत की नियुक्ति भारतीय न्यायपालिका में नेतृत्व परिवर्तन के अगले चरण की शुरुआत होगी.
जस्टिस सूर्यकांत CJI मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई सुप्रीम कोर्ट न्यायपालिका
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