FM सीतारमण से हुई गलती, संसदीय कार्य मंत्री ने टोका…फिर भी कुछ मिनटों तक दूसरे बिल पर बोलती रहीं
संसद के इस मॉनसून सत्र में बिल पास कराने में मोदी सरकार को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पेगासस मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा जारी है और इसी हंगामे के बीच में सरकार बिल पास कराने की कोशिश कर रही है। ऐसी ही एक कोशिश के बीच में सदन के अंदर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से एक गलती हो गई। पिछले कुछ दिनों से हंगामे के बीच निर्मला सीतारमण, विपक्षी सदस्यों के विरोध और नारेबाजी के बीच कई विधेयकों को आगे बढ़ाने और अपने भाषण देने में कामयाब रही हैं। इसी तरह का एक बिल सोमवार को भी उन्होंने पेश किया लेकिन एक इसमें एक बड़ी गलती हो गई। दरअसल हुआ यूं कि जब चेयर की ओर से उन्हें आइटम नंबर 20 के लिए कहा - जो सीमित देयता भागीदारी विधेयक, 2021 था तब सीतारमण ने जमा विधेयक, 2021 के बारे में बताना शुरू कर दिया। ये बिल अगली सूची में था। संसदीय कार्यमंत्री को इस गलती का तुरंत अहसास हुआ और उन्होंने वित्त मंत्री को अलर्ट भी किया लेकिन सीतारमण कुछ देर तक अपनी ही फ्लो में बोलती चली गईं। सीतारमण को गड़बड़ी का एहसास होने में कुछ मिनट लगे। गलती का अहसास होने पर उन्होंने सभापीठ के सामने खेद व्यक्त किया और फिर सही विधेयक पर बोलना शुरू किया। बता दें कि विपक्ष के हंगामे के कारण मॉनसून सत्र में लोकसभा और राज्यसभा दोनों को बार-बार स्थगित करना पड़ रहा है और फिलहाल इस हंगामे के खत्म होने के भी आसार नहीं है। सरकार और विपक्ष पेगासस मुद्दे पर आमने-सामने है। हालांकि सरकार विपक्ष के इस हंगामे के बीच से ही लगातार बिल को पास करा रही है। बिल पास कराने की इस रणनीति की विपक्ष जमकर आलोचना कर रहा है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने इसकी तुलना पापड़ी-चाट बनाने से कर दी थी। जिसके बाद पीएम मोदी ने इस टिप्पणी पर बीजेपी संसदीय दल की मीटिंग में संसद का अपमान बताया था। विपक्ष पेगागस जासूसी कांड पर चर्चा और जांच कराने की मांग कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि जबतक पेगासस मुद्दे पर चर्चा नहीं होगी, हंगामा बंद नहीं होगा।.
संसद के इस मॉनसून सत्र में बिल पास कराने में मोदी सरकार को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पेगासस मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा जारी है और इसी हंगामे के बीच में सरकार बिल पास कराने की कोशिश कर रही है। ऐसी ही एक कोशिश के बीच में सदन के अंदर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से एक गलती हो गई। पिछले कुछ दिनों से हंगामे के बीच निर्मला सीतारमण, विपक्षी सदस्यों के विरोध और नारेबाजी के बीच कई विधेयकों को आगे बढ़ाने और अपने भाषण देने में कामयाब रही हैं। इसी तरह का एक बिल सोमवार को भी उन्होंने पेश किया लेकिन एक इसमें एक बड़ी गलती हो गई। दरअसल हुआ यूं कि जब चेयर की ओर से उन्हें आइटम नंबर 20 के लिए कहा - जो सीमित देयता भागीदारी विधेयक, 2021 था तब सीतारमण ने जमा विधेयक, 2021 के बारे में बताना शुरू कर दिया। ये बिल अगली सूची में था। संसदीय कार्यमंत्री को इस गलती का तुरंत अहसास हुआ और उन्होंने वित्त मंत्री को अलर्ट भी किया लेकिन सीतारमण कुछ देर तक अपनी ही फ्लो में बोलती चली गईं। सीतारमण को गड़बड़ी का एहसास होने में कुछ मिनट लगे। गलती का अहसास होने पर उन्होंने सभापीठ के सामने खेद व्यक्त किया और फिर सही विधेयक पर बोलना शुरू किया। बता दें कि विपक्ष के हंगामे के कारण मॉनसून सत्र में लोकसभा और राज्यसभा दोनों को बार-बार स्थगित करना पड़ रहा है और फिलहाल इस हंगामे के खत्म होने के भी आसार नहीं है। सरकार और विपक्ष पेगासस मुद्दे पर आमने-सामने है। हालांकि सरकार विपक्ष के इस हंगामे के बीच से ही लगातार बिल को पास करा रही है। बिल पास कराने की इस रणनीति की विपक्ष जमकर आलोचना कर रहा है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने इसकी तुलना पापड़ी-चाट बनाने से कर दी थी। जिसके बाद पीएम मोदी ने इस टिप्पणी पर बीजेपी संसदीय दल की मीटिंग में संसद का अपमान बताया था। विपक्ष पेगागस जासूसी कांड पर चर्चा और जांच कराने की मांग कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि जबतक पेगासस मुद्दे पर चर्चा नहीं होगी, हंगामा बंद नहीं होगा।
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