जब छिड़ेगा परमाणु युद्ध, तब यूं सुरक्षित रहेंगे रूस-अमेरिका के राष्ट्रपति– News18 हिंदी

United States News News

जब छिड़ेगा परमाणु युद्ध, तब यूं सुरक्षित रहेंगे रूस-अमेरिका के राष्ट्रपति– News18 हिंदी
United States Latest News,United States Headlines
  • 📰 News18 India
  • ⏱ Reading Time:
  • 182 sec. here
  • 5 min. at publisher
  • 📊 Quality Score:
  • News: 76%
  • Publisher: 51%

वो तकनीक जो इंसान को परमाणु हथियारों से भी बचा लेगी

ने हाल ही में फिर चेतावनी दी है कि परमाणु युद्ध नजदीक है. दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रही है. वैसे किसी भी परमाणु युद्ध के छिड़ने पर अमेरिका और रूस ने अपने प्रेसीडेंट्स को बचाने की पुख्ता व्यवस्था कर ली है.

रूस ने हाल ही में एक ऐसा प्लेन तैयार किया है, जो पूरी तरह एटामिक वार से सुरक्षित है. इसी तरह के दो विमान अमेरिका ने भी बना रखे हैं. रूस ने एक ऐसा प्लेन तैयार किया है, जो परमाणु युद्ध का खतरा देखते ही अपने प्रेसीडेंट्स के साथ सेना के बड़े अधिकारियों को लेकर सुरक्षित स्थान की ओर उड़ जाएगा. यही नहीं ये ऐसा विमान होगा, जिसके जरिए प्रेसीडेंट और सैन्य अफसर पूरे युद्ध की कमांड को इसी प्लेन से कंट्रोल कर पाएंगे.ऐसी प्रणाली दुनिया में अब तक महज दो ही देशों के पास है-रूस और अमेरिका. ये सेंटर न केवल परमाणु युद्ध की सूरत में न केवल समस्त सेनाओं के लिए कंट्रोल रूम में बदल जाएगा बल्कि सुरक्षा प्रणाली के रूप में भी काम करेगा. ये सिस्टम तब खासकर महत्वपूर्ण हो जाता है जबकि आपकी मैदानी संरचना में बाधा पहुंचती है. मैदानी संचार प्रणाली काम करना बंद कर देती है.नेक्स्ट जेनरेशन के इस प्लेन का नाम इल्यूशिन आईएल-80 है. ये इतना आधुनिक है कि इसके जरिए रूस की पूरी सेना के हर कमांड को कंट्रोल किया जा सकेगा. इल्यूतशिन रूसी एयर फोर्स की सेवा में दिया जा चुका है. इसे नाटो देश मैक्सडोम के नाम से जानते हैं. रूसी इसे डूम्सडे प्लेन कहते हैं यानी प्रलय के दिन का विमान. हवा में उड़ान भरता हुआ रूस का सबसे महत्वपूर्ण सैन्य विमान, जिसे परमाणु युद्ध की दृष्टि से तैयार किया गया हैरूस ने इसी सीरीज के कुछ विमान पहले भी बनाए हैं लेकिन उनमें सबसे आधुनिक है. माना जा रहा है कि इसे सक्रिय सेवा में रूस की एयरफोर्स को दिया जा चुका है. इसकी जबरदस्त देखरेख और परीक्षण लगातार होता रहता है.बताया जाता है रूस ने इस सीरीज के शुरुआती विमान 80 के दशक में तैयार किए थे लेकिन ये एकदम अनोखा है. इसमें पूरी कवायद ही इस तरह की गई है कि अगर परमाणु युद्ध छिड़ चुका हो तो इस विमान पर आंच तक नहीं आए और ये परमाणु विस्फोट से होने वाली रेडिएशऩ के साथ गरमी से बचा रहे.ब्रिटेन के अखबार"द मिरर" की एक रिपोर्ट के अनुसार ये विमान मास्को के करीब चालोस्की एयरपोर्ट पर खड़ा रहता है और स्पेशल परपज एविएशन डिविजन की सुपुदर्गी में है. यानी इसके आसपास और अंदर केवल उच्च रूसी अधिकारी ही जा सकते हैं. रूस के इस खास विमान में राष्ट्रपति के साथ उच्च सैन्य अधिकारी और वो लोग बैठेंगे, जो मिलिट्री कमांड के एक्सपर्ट होंगेइस विमान में कॉकपिट को छोड़कर कोई बाहरी खिड़की नहीं है. इसमें डोम है और ऐसी क्षमता की कोई भी परमाणु लहर इस पर कोई असर नहीं करेगी. खबरें बताती हैं कि इल्यूशिन-आईएल-80 एयरक्राफ्ट के जरिए डूम्जडे फ्लाइंग कमांड सेंटर का सफलतापूर्वक परीक्षण कर लिया है.रूस का विमान ये संकेत भी कि वो किसी तरह के युद्ध के लिए तैयार है. इस उड़ते हुए कमांड सेंटर में सीनियर जनरल, सैन्य अधिकारी और तकनीककर्मी होंगे. नाटो देशों की चिंता ये भी है कि ये विमान अदृश्य भी हो सकता है यानि किसी भी रडार की पकड़ में नहीं आएगा, शायद हवा में उड़ते हुए इसे देखा भी नहीं जा सकेगा.बताते हैं कि अमेरिका की एयरफोर्स के पास भी ऐसा विमान पहले से है, जिसे ई-4बी बताया जाता है. ये बोइंग 747 -200 का मॉडीफाइड रूप है. इसमें ऐसी पूरी सुविधाएं हैं, जिसमें परमाणु युद्ध होने की सूरत में सभी तरह के सैन्य आपरेशंस की पूरी कमांड विमान में पहुंच जाएगी. इस विमान पर भी सवार होने वालों में वहां के प्रेसीडेंट, रक्षामंत्री और बड़े सैन्य अफसर होंगे. अमेरिका के पास भी इसका जवाब अत्याधुनिक और उन्नत ई-4 के रूप में है, जो न्यूक्लियर वार की सूरत में हवा में सेंटर कमांड बनने की क्षमता रखता हैअमेरिका में इस तरह के प्लेन को आधिकारिक तौर पर नेशनल एयरबोर्न आपरेशंस सेंटर के नाम से जाना जाता है. 70 के दशक में जब सोवियत संघ और अमेरिका के बीच कोल्ड वार छिड़ा हुआ था, तभी से अमेरिका ऐसे विमान की तैयारी में लग गया था. वो एक ऐसा प्लेन बनाना चाहते थे, जिसमें किसी भी तरह के परमाणु युद्ध की स्थिति में राष्ट्रपति सुरक्षित रहे. अमेरिका ने भी इस तरह के विमान को ऐसे डूम्सडे प्लेन के रूप में देखा है जो उड़ते हुए वार रूम का काम करेंगे, इसमें दर्जनों सैन्य एनालिस्ट, स्ट्रैटजिस्ट और कम्युनिकेशन सहायक मदद के लिए हर पल काम करते रहेंगे. अमेरिका के पास इसी तरह के कुछ और विमान भी हैं, जिसमें बोइंग ई-6मर्करी, नार्थ्रोप ग्रुमन ई-10एमसी2ए शामिल है.

We have summarized this news so that you can read it quickly. If you are interested in the news, you can read the full text here. Read more:

News18 India /  🏆 21. in İN

 

United States Latest News, United States Headlines

Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.

जवान और अफसरों से भरा है यूपी का ये गांव, अब एयर फोर्स में मिला बड़ा ओहदा– News18 हिंदीजवान और अफसरों से भरा है यूपी का ये गांव, अब एयर फोर्स में मिला बड़ा ओहदा– News18 हिंदीकोरथ सहित बाह का कोई ऐसा गांव नहीं है जहां से सेना में जवान और अफसर नहीं हैं. बात विश्व युद्ध की हो या फिर चीन और पाकिस्तान से लड़ी गई जंग की, हर युद्ध में बाह से कोई न कोई जवान और अफसर के रूप में लड़ने गया है.
Read more »

Breaking: PM मोदी को चुनाव आयोग से तीसरी बार मिली क्लीन चिट– News18 हिंदीBreaking: PM मोदी को चुनाव आयोग से तीसरी बार मिली क्लीन चिट– News18 हिंदीपाकिस्तान के परमाणु हमले के बयान पर पलटवार करते हुए पीएम मोदी के परमाणु वाले बयान को चुनाव आयोग ने क्लीन चिट दे दी है.
Read more »

चीन दुनियाभर में बढ़ा रहा है अपनी सैन्य ताकत: US-Navbharat Timesचीन दुनियाभर में बढ़ा रहा है अपनी सैन्य ताकत: US-Navbharat TimesIndia News: चीन लगातार तेजी से दुनियाभर में अपनी युद्ध क्षमता को बढ़ा रहा है। चीन परमाणु क्षमता वाली मिसाइल और सबमरीन से लेकर साइबरवारफेयर और एंटी-सैटलाइट हथियारों के अलावा दुनियाभर में अपने मिलिट्री बेस भी तैयार कर रहा है।
Read more »

चीन दुनियाभर में बढ़ा रहा है अपनी सैन्य ताकत: अमेरिका-Navbharat Timesचीन दुनियाभर में बढ़ा रहा है अपनी सैन्य ताकत: अमेरिका-Navbharat TimesIndia News: चीन लगातार तेजी से दुनियाभर में अपनी युद्ध क्षमता को बढ़ा रहा है। चीन परमाणु क्षमता वाली मिसाइल और सबमरीन से लेकर साइबरवारफेयर और एंटी-सैटलाइट हथियारों के अलावा दुनियाभर में अपने मिलिट्री बेस भी तैयार कर रहा है।
Read more »

हमास और इजराइल में रॉकेट युद्ध, 4 फलस्तीनियों की मौत से बढ़ा तनावहमास और इजराइल में रॉकेट युद्ध, 4 फलस्तीनियों की मौत से बढ़ा तनावफलस्तीनी सीमा क्षेत्र से शनिवार से अब तक करीब 430 रॉकेट दागे गए हैं और उसके हवाई रक्षा बलों ने कई को रास्ते में गिरा दिया. इजराइली सेना ने कहा कि उसके टैंकों और विमानों ने करीब 200 आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया.
Read more »

क्या युद्ध की कग़ार पर खड़े हैं अमरीका और ईरानक्या युद्ध की कग़ार पर खड़े हैं अमरीका और ईरानअमरीका ने मध्य पूर्व में अपना युद्धपोत ऐसे वक़्त में भेजा है जब उसके और ईरान के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण हैं.
Read more »

परमाणु समझौते से ईरान भी आंशिक रूप से अलग हुआपरमाणु समझौते से ईरान भी आंशिक रूप से अलग हुआईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने इराक़ का औचक दौरा किया.
Read more »

ईरान ने की परमाणु समझौते से आंशिक रूप से बाहर निकलने की घोषणा | DW | 08.05.2019ईरान ने की परमाणु समझौते से आंशिक रूप से बाहर निकलने की घोषणा | DW | 08.05.2019परमाणु समझौते सालों की बातचीत के बाद सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य देशों और जर्मनी के साथ किया गया था. इसका लक्ष्य ईरान के परमाणु सत्ता बनने की क्षमता को रोकना था. Iran America nucleardeal
Read more »

आखिर अमेरिका के ताकत के आगे झुक गया ईरान, परमाणु समझौते से बनाई दूरी, और कहा...आखिर अमेरिका के ताकत के आगे झुक गया ईरान, परमाणु समझौते से बनाई दूरी, और कहा...रूहानी ने कहा कि ईरान समझौते में शेष बचे साझेदारों के साथ नयी शर्तों पर बातचीत करना चाहता है लेकिन यह भी माना की स्थिति भयावह है.
Read more »



Render Time: 2026-04-02 02:49:03