गजब हाल! गाजियाबाद में 5000 उपभोक्ताओं को देरी से मिले बिजली के बिल, अब भरना पड़ रहा जुर्माना

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गजब हाल! गाजियाबाद में 5000 उपभोक्ताओं को देरी से मिले बिजली के बिल, अब भरना पड़ रहा जुर्माना
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गाजियाबाद में विद्युत निगम की लापरवाही के चलते लगभग 5000 उपभोक्ताओं को देय तिथि के बाद बिजली बिल मिले हैं, जिससे उन पर जुर्माना लग रहा है। उपभोक्ता कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। जनवरी 2024 से बिलिंग प्रणाली में बदलाव के बाद समस्या बढ़ी है। गलत बिलों से बचाने के लिए शुरू की गई एमआरआई प्रणाली भी विफल रही...

जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। विद्युत निगम की लेटलतीफी का नतीजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। इस माह अभी तक करीब पांच हजार उपभोक्ताओं को देय तिथि के बाद बिजली बिल मिले। विद्युत निगम ने खुद ही देय तिथि के बाद बिल जारी किए और जुर्माना उपभोक्ताओं पर लगा दिया। अब उपभोक्ता विद्युत निगम के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। दरअसल देरी से बिल जमा होने पर कुल बिल पर एक प्रतिशत जुर्माना लगता है। बिलिंग प्रणाली में हुआ था बदलाव जनवरी 2024 से पांच से नौ किलोवाट वाले उपभोक्ताओं के लिए बिलिंग प्रणाली में बदलाव किया गया था। इन उपभोक्ताओं के बिल एमआरआइ मशीन से बनाए जा रहे हैं। इसके बाद से ही उपभोक्ताओं के देय तिथि के बाद बिल मिलने की समस्या बढ़ गई है। उससे पहले तक हर माह एक से दो हजार उपभोक्ताओं को बिल ही देरी से मिलते थे। उपभोक्ता जब विद्युत निगम के कार्यालयों में बिल लेकर पहुंच रहे हैं तो उनसे जुर्माने के साथ जमा करने के लिए कहा जा रहा है। जिसका पांच हजार बिल आया है उससे 50 रुपये व जिसका 10 हजार तक आया उसे 100 रुपये अतिरिक्त मांगे जाते हैं। उपभोक्ता इसका विरोध भी कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उपभोक्ता शिकायत लेकर मुख्य अभियंता कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। विद्युत निगम की गलती उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है। गड़बड़ी रोकने के लिए शुरू हुई थी यह प्रणाली उपभोक्ताओं को आए दिन गलत बिजली बिल मिलते रहते थे। बिजली बिलों में गड़बड़ी रोकने के लिए एमआरआई प्रणाली शुरू की गई थी, लेकिन इससे उपभोक्ताओं को लाभ के बजाय नुकसान झेलना पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना था कि आए दिन मीटर रीडर के खिलाफ बिल में गड़बड़ी करने की शिकायत आती रहती थी। इसीलिए इस प्रणाली को लागू किया गया था। अब स्मार्ट मीटर लगने से लोगों को गलत बिल से पूरी तरह राहत मिल जाएगी। केस-एक वसुंधरा सेक्टर 13 की मंजू ने बताया कि बिल पर अंतिम तिथि 17 नवंबर पड़ी हुई है। जबकि बिल 20 नवंबर को प्राप्त हुआ है। जब बिजलीघर में शिकायत लेकर पहुंचा तो जुर्माने के साथ बिल जमा करने के लिए कह दिया। कोई सुनवाई नहीं की। जुर्माने के साथ बिल जमा नहीं करने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी दी। केस-दो भोपुरा के डिफेंस कॉलोनी निवासी राजकुमार ने बताया कि बीते दो माह से देय तिथि के बाद ही बिल मिल रहा है। बीते माह भी देय तिथि के तीन दिन बाद बिजली बिल मिला है। 7420 बिजली बिल आया था। इस पर एक प्रतिशत जुर्माना लगा है। समय से बिल जारी करने के कड़े आदेश हैं। आने वाले समय में स्मार्ट मीटर लगने से बिल की समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। - -पवन अग्रवाल, कार्यकारी मुख्य अभियंता, विद्युत निगम जोन-तीन.

जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। विद्युत निगम की लेटलतीफी का नतीजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। इस माह अभी तक करीब पांच हजार उपभोक्ताओं को देय तिथि के बाद बिजली बिल मिले। विद्युत निगम ने खुद ही देय तिथि के बाद बिल जारी किए और जुर्माना उपभोक्ताओं पर लगा दिया। अब उपभोक्ता विद्युत निगम के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। दरअसल देरी से बिल जमा होने पर कुल बिल पर एक प्रतिशत जुर्माना लगता है। बिलिंग प्रणाली में हुआ था बदलाव जनवरी 2024 से पांच से नौ किलोवाट वाले उपभोक्ताओं के लिए बिलिंग प्रणाली में बदलाव किया गया था। इन उपभोक्ताओं के बिल एमआरआइ मशीन से बनाए जा रहे हैं। इसके बाद से ही उपभोक्ताओं के देय तिथि के बाद बिल मिलने की समस्या बढ़ गई है। उससे पहले तक हर माह एक से दो हजार उपभोक्ताओं को बिल ही देरी से मिलते थे। उपभोक्ता जब विद्युत निगम के कार्यालयों में बिल लेकर पहुंच रहे हैं तो उनसे जुर्माने के साथ जमा करने के लिए कहा जा रहा है। जिसका पांच हजार बिल आया है उससे 50 रुपये व जिसका 10 हजार तक आया उसे 100 रुपये अतिरिक्त मांगे जाते हैं। उपभोक्ता इसका विरोध भी कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उपभोक्ता शिकायत लेकर मुख्य अभियंता कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। विद्युत निगम की गलती उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है। गड़बड़ी रोकने के लिए शुरू हुई थी यह प्रणाली उपभोक्ताओं को आए दिन गलत बिजली बिल मिलते रहते थे। बिजली बिलों में गड़बड़ी रोकने के लिए एमआरआई प्रणाली शुरू की गई थी, लेकिन इससे उपभोक्ताओं को लाभ के बजाय नुकसान झेलना पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना था कि आए दिन मीटर रीडर के खिलाफ बिल में गड़बड़ी करने की शिकायत आती रहती थी। इसीलिए इस प्रणाली को लागू किया गया था। अब स्मार्ट मीटर लगने से लोगों को गलत बिल से पूरी तरह राहत मिल जाएगी। केस-एक वसुंधरा सेक्टर 13 की मंजू ने बताया कि बिल पर अंतिम तिथि 17 नवंबर पड़ी हुई है। जबकि बिल 20 नवंबर को प्राप्त हुआ है। जब बिजलीघर में शिकायत लेकर पहुंचा तो जुर्माने के साथ बिल जमा करने के लिए कह दिया। कोई सुनवाई नहीं की। जुर्माने के साथ बिल जमा नहीं करने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी दी। केस-दो भोपुरा के डिफेंस कॉलोनी निवासी राजकुमार ने बताया कि बीते दो माह से देय तिथि के बाद ही बिल मिल रहा है। बीते माह भी देय तिथि के तीन दिन बाद बिजली बिल मिला है। 7420 बिजली बिल आया था। इस पर एक प्रतिशत जुर्माना लगा है। समय से बिल जारी करने के कड़े आदेश हैं। आने वाले समय में स्मार्ट मीटर लगने से बिल की समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। - -पवन अग्रवाल, कार्यकारी मुख्य अभियंता, विद्युत निगम जोन-तीन

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