सरकारी मेडिकल कॉलेज श्रीनगर को न्यूरोसर्जरी विभाग में दो एम.सीएच. सीटों की मंजूरी मिली है, जो जम्मू-कश्मीर में इस कोर्स की पहली स्वीकृति है। यह जीएमसी श्रीनगर में सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सा शिक्षा के विस्तार में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। सरकारी मेडिकल कालेज श्रीनगर को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। नेशनल मेडिकल कमीशन ने कालेज के न्यूरोसर्जरी विभाग में दो एम सीएच सीटों को मंजूरी दे दी है। यह जम्मू-कश्मीर के किसी भी मेडिकल कालेज में एम सीएच न्यूरोसर्जरी कोर्स की पहली स्वीकृति है। यह मंजूरी जीएमसी श्रीनगर में सुपर-स्पेशियलिटी मेडिकल शिक्षा के लगातार विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम मानी जा रही है। कालेज में सुपर-स्पेशियलिटी प्रशिक्षण को मजबूत करने की शुरुआत वर्ष 2021 में यूरोलॉजी में दो एम सीएच सीटों से हुई थी। पीडियाट्रिक सर्जरी में भी दो एम सीएच सीटें स्वीकृत इसके बाद संस्थान को न्यूरोलॉजी में दो डीएम सीटें, फिर मेडिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, कार्डियोलॉजी और पल्मोनरी मेडिसिन में दो-दो डीएम सीटों की मंजूरी मिली। इसके साथ ही पीडियाट्रिक सर्जरी में दो एम सीएच सीटें भी स्वीकृत हुईं। इसी वर्ष फरवरी 2026 में एनएमसी ने यूरोलॉजी में दो अतिरिक्त सीटों को भी मंजूरी दी थी। अब न्यूरोसर्जरी में दो एम सीएच सीटों की स्वीकृति के साथ जीएमसी श्रीनगर में कुल 16 सुपर-स्पेशियलिटी सीटें हो गई हैं। इससे क्षेत्र में उन्नत चिकित्सा प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती मिलेगी। नेशनल बोर्ड आफ एग्जािमिनेशन द्वारा दी गई मान्यता शैक्षणिक स्तर पर भी कालेज में सीटों की संख्या बढ़ाई गई है। 2025-26 सत्र में एमबीबीएस सीटें 180 से बढ़ाकर 200 कर दी गई हैं, जबकि पीजी सीटें 259 से बढ़कर 277 हो गई हैं। इसके अलावा 2025-26 सत्र में थोरासिक सर्जरी में डीएनबी और पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी में एफएनबी को भी नेशनल बोर्ड आफ एग्जािमिनेशन द्वारा मान्यता दी गई है। पिछले दो वर्षों में कालेज में कई नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए हैं, जिनमें पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग , एमएससी नर्सिंग और एडिक्शन साइकोलॉजी में पोस्ट पीजी डिप्लोमा शामिल हैं। इन नए कोर्सों से राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।.
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। सरकारी मेडिकल कालेज श्रीनगर को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। नेशनल मेडिकल कमीशन ने कालेज के न्यूरोसर्जरी विभाग में दो एम सीएच सीटों को मंजूरी दे दी है। यह जम्मू-कश्मीर के किसी भी मेडिकल कालेज में एम सीएच न्यूरोसर्जरी कोर्स की पहली स्वीकृति है। यह मंजूरी जीएमसी श्रीनगर में सुपर-स्पेशियलिटी मेडिकल शिक्षा के लगातार विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम मानी जा रही है। कालेज में सुपर-स्पेशियलिटी प्रशिक्षण को मजबूत करने की शुरुआत वर्ष 2021 में यूरोलॉजी में दो एम सीएच सीटों से हुई थी। पीडियाट्रिक सर्जरी में भी दो एम सीएच सीटें स्वीकृत इसके बाद संस्थान को न्यूरोलॉजी में दो डीएम सीटें, फिर मेडिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, कार्डियोलॉजी और पल्मोनरी मेडिसिन में दो-दो डीएम सीटों की मंजूरी मिली। इसके साथ ही पीडियाट्रिक सर्जरी में दो एम सीएच सीटें भी स्वीकृत हुईं। इसी वर्ष फरवरी 2026 में एनएमसी ने यूरोलॉजी में दो अतिरिक्त सीटों को भी मंजूरी दी थी। अब न्यूरोसर्जरी में दो एम सीएच सीटों की स्वीकृति के साथ जीएमसी श्रीनगर में कुल 16 सुपर-स्पेशियलिटी सीटें हो गई हैं। इससे क्षेत्र में उन्नत चिकित्सा प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती मिलेगी। नेशनल बोर्ड आफ एग्जािमिनेशन द्वारा दी गई मान्यता शैक्षणिक स्तर पर भी कालेज में सीटों की संख्या बढ़ाई गई है। 2025-26 सत्र में एमबीबीएस सीटें 180 से बढ़ाकर 200 कर दी गई हैं, जबकि पीजी सीटें 259 से बढ़कर 277 हो गई हैं। इसके अलावा 2025-26 सत्र में थोरासिक सर्जरी में डीएनबी और पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी में एफएनबी को भी नेशनल बोर्ड आफ एग्जािमिनेशन द्वारा मान्यता दी गई है। पिछले दो वर्षों में कालेज में कई नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए हैं, जिनमें पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग , एमएससी नर्सिंग और एडिक्शन साइकोलॉजी में पोस्ट पीजी डिप्लोमा शामिल हैं। इन नए कोर्सों से राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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