US H-1B Visa Rules: अमेरिका में जॉब के लिए जब भी सबसे ज्यादा पॉपुलर वर्क वीजा की बात होती है, तो उसमें H-1B वीजा का जरूर जिक्र किया जाता है। ये वीजा भरतीयों के बीच काफी पॉपुलर है।
H-1B Visa For Indians: अमेरिका के टेक, हेल्थकेयर और फाइनेंस सेक्टर में जॉब के लिए H-1B वीजा दिया जाता है, जिसे पाने में भारतीय वर्कर्स सबसे ज्यादा आगे रहते हैं। हर साल 65 हजार H-1B वीजा ही जारी होते हैं, जो लॉटरी के आधार पर मिलते हैं। हालांकि, कई बार ऐसा भी देखने को मिलता है कि किसी को H-1B तो मिल गया और वह अमेरिका में जॉब करने भी चला गया। मगर अब वह कंपनी के रवैये से खुश नहीं है। वह कंपनी में जॉब नहीं करना चाहता है और दूसरी कंपनी की तलाश में है।इस तरह के हालात अमेरिका में जॉब करने गए कई भारतीय वर्कर्स ने देखे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इस तरह के कई मामले देखने को मिले हैं। बहुत से लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या वे H-1B वीजा पर होने के बाद कंपनी चेंज कर सकते हैं? ये वीजा किसी एक कंपनी में काम करने के लिए ही जारी होता है, जिस वजह से लोग कंपनी बदलने वाले सवाल को हमेशा ही पूछते रहते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि क्या H-1B वीजा पर जॉब करते हुए कोई वर्कर दूसरी कंपनी में जॉब कर सकता है?क्या H-1B होल्डर जॉब चेंज कर सकता है?अमेरिका में H-1B वीजा पर जॉब कर रहा कोई भी विदेशी वर्कर नौकरी बदल सकता है। वह अपनी मौजूदा कंपनी छोड़कर जिस भी कंपनी में चाहे, जॉब कर सकता है। हालांकि, विदेशी वर्कर जिस भी नई कंपनी में जॉब करने जाएगा, उसे वर्कर की तरफ से USCIS के समक्ष नई H-1B वीजा याचिका दायर करनी होगी। इस दौरान वर्कर नई कंपनी में जॉब करना भी शुरू कर सकता है, भले ही अभी उसकी याचिका मंजूर ही क्यों ना हुई हो। इस पूरे प्रोसेस को H-1B ट्रांसफर के तौर पर जाना जाता है और ये AC21 के जरिए होता है। H-1B वैलिडिटी अवधि के दौरान वर्कर जितनी कंपनियों में ट्रांसफर लेना चाहता है, वह ले सकता है। इसे लेकर कोई लिमिट नहीं है। ये वीजा वैसे भी 3 साल के लिए मिलता है। मगर इसके साथ कई तरह रिस्क भी हैं, जैसे अगर नई कंपनी की याचिका मंजूर नहीं हुई तो वर्कर का अमेरिका में रहने का स्टेटस खत्म हो जाएगा। उसे 60 दिनों के भीतर देश छोड़ना पड़ेगा।USCIS खुद कहता है, 'H-1B वर्कर कंपनियां बदल सकता है, जैसे ही नई कंपनी की याचिका USCIC के पास ठीक ढंग से दायर हो जाती है। हम इस आधार पर Form I-140 रद्द नहीं करते हैं कि H-1B वर्कर की कंपनी बंद हो गई है या वर्कर ने खुद जॉब छोड़ दी है। बशर्ते याचिका कम से कम 180 दिनों में स्वीकार होनी चाहिए या संबंधित एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस कम से कम 180 दिनों से पेंडिंग हो।'.
H-1B Visa For Indians: अमेरिका के टेक, हेल्थकेयर और फाइनेंस सेक्टर में जॉब के लिए H-1B वीजा दिया जाता है, जिसे पाने में भारतीय वर्कर्स सबसे ज्यादा आगे रहते हैं। हर साल 65 हजार H-1B वीजा ही जारी होते हैं, जो लॉटरी के आधार पर मिलते हैं। हालांकि, कई बार ऐसा भी देखने को मिलता है कि किसी को H-1B तो मिल गया और वह अमेरिका में जॉब करने भी चला गया। मगर अब वह कंपनी के रवैये से खुश नहीं है। वह कंपनी में जॉब नहीं करना चाहता है और दूसरी कंपनी की तलाश में है।इस तरह के हालात अमेरिका में जॉब करने गए कई भारतीय वर्कर्स ने देखे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इस तरह के कई मामले देखने को मिले हैं। बहुत से लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या वे H-1B वीजा पर होने के बाद कंपनी चेंज कर सकते हैं? ये वीजा किसी एक कंपनी में काम करने के लिए ही जारी होता है, जिस वजह से लोग कंपनी बदलने वाले सवाल को हमेशा ही पूछते रहते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि क्या H-1B वीजा पर जॉब करते हुए कोई वर्कर दूसरी कंपनी में जॉब कर सकता है?क्या H-1B होल्डर जॉब चेंज कर सकता है?अमेरिका में H-1B वीजा पर जॉब कर रहा कोई भी विदेशी वर्कर नौकरी बदल सकता है। वह अपनी मौजूदा कंपनी छोड़कर जिस भी कंपनी में चाहे, जॉब कर सकता है। हालांकि, विदेशी वर्कर जिस भी नई कंपनी में जॉब करने जाएगा, उसे वर्कर की तरफ से USCIS के समक्ष नई H-1B वीजा याचिका दायर करनी होगी। इस दौरान वर्कर नई कंपनी में जॉब करना भी शुरू कर सकता है, भले ही अभी उसकी याचिका मंजूर ही क्यों ना हुई हो। इस पूरे प्रोसेस को H-1B ट्रांसफर के तौर पर जाना जाता है और ये AC21 के जरिए होता है। H-1B वैलिडिटी अवधि के दौरान वर्कर जितनी कंपनियों में ट्रांसफर लेना चाहता है, वह ले सकता है। इसे लेकर कोई लिमिट नहीं है। ये वीजा वैसे भी 3 साल के लिए मिलता है। मगर इसके साथ कई तरह रिस्क भी हैं, जैसे अगर नई कंपनी की याचिका मंजूर नहीं हुई तो वर्कर का अमेरिका में रहने का स्टेटस खत्म हो जाएगा। उसे 60 दिनों के भीतर देश छोड़ना पड़ेगा।USCIS खुद कहता है, 'H-1B वर्कर कंपनियां बदल सकता है, जैसे ही नई कंपनी की याचिका USCIC के पास ठीक ढंग से दायर हो जाती है। हम इस आधार पर Form I-140 रद्द नहीं करते हैं कि H-1B वर्कर की कंपनी बंद हो गई है या वर्कर ने खुद जॉब छोड़ दी है। बशर्ते याचिका कम से कम 180 दिनों में स्वीकार होनी चाहिए या संबंधित एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस कम से कम 180 दिनों से पेंडिंग हो।'
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