भारतीय सेना की शौर्य गाथाओं में कुछ नाम ऐसे दर्ज हैं जिनका जिक्र होते ही सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। ऐसा ही एक नाम है स्पेशल फोर्स के जांबाज कमांडो मेजर मोहित
इस दौरान उन्होंने हिजबुल के नेटवर्क, हथियारों के ठिकानों, संपर्क सूत्रों और आगे की रणनीतियों जैसी बेहद अहम जानकारियां जुटाईं। कहा जाता है कि एक चरण में वे पाक अधिकृत क्षेत्र तक भी पहुंचे, जहां आतंकियों के बीच रहकर उन्होंने महत्वपूर्ण इंटेल जुटाई। जब उनकी पहचान पर शक हुआ, तब उन्होंने अद्भुत धैर्य और चतुराई से हालात पलट दिए। मौके का फायदा उठाकर उन्होंने दो खतरनाक आतंकियों को मार गिराया और अपने मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। घायल होने के बावजूद चार आतंकियों को ढेर साल 2009 में उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में हुए अभियान ने उन्हें अमर शहीदों की पंक्ति में हमेशा के लिए स्थापित कर दिया। घने जंगलों में घात लगाकर बैठे आतंकियों ने भारतीय दस्ते पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। चार सैनिक घायल हुए, लेकिन मेजर मोहित अपनी जान की परवाह किए बिना गोलियों की बारिश में घुस गए। उन्होंने दो घायल जवानों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और फिर सीने पर गोली लगने के बावजूद चार आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया। यह वीरता किसी कहानी का हिस्सा नहीं, बल्कि भारत के एक सच्चे सिपाही का वास्तविक पराक्रम था। बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे मेजर मोहित शर्मा रोहतक में जन्मे मेजर मोहित न सिर्फ एक बहादुर सैनिक थे, बल्कि एक बेहतरीन कलाकार भी थे। वे गिटार, माउथ ऑर्गन और सिंथेसाइज़र जैसे वाद्य यंत्रों में निपुण थे और कई बार लाइव परफॉर्मेंस भी देते थे। NDA और IMA में भी वे सर्वश्रेष्ठ कैडेट्स में शामिल रहे। 1 पैरा में शामिल होने के बाद उन्होंने अपने पराक्रम से सेना में विशिष्ट पहचान बनाई। वे कमांडो विंग बेलगावी में प्रशिक्षक भी रहे, जहां उन्होंने कई युवा सैनिकों को स्पेशल फोर्सेज के लिए तैयार किया। मेजर मोहित शर्मा का परिवार मेजर मोहित शर्मा का जन्म हरियाणा के रोहतक में हुआ था और उनका पैतृक संबंध उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के रसना गांव से था। उनके पिता राजेंद्र प्रसाद शर्मा और माता सुशीला शर्मा ने बचपन से ही उनमें अनुशासन और देशभक्ति की भावना को मजबूत किया। परिवार में उनके बड़े भाई का नाम मधुर शर्मा है, जो हमेशा मेजर मोहित के संघर्ष और सफलता के साक्षी रहे। घर में उन्हें प्यार से चिंटू बुलाया जाता था, जबकि आर्मी में उनके साथी उन्हें माइक के नाम से जानते थे। मेजर मोहित शर्मा की पत्नी मेजर ऋषिमा शर्मा भी भारतीय सेना में अधिकारी थीं और दोनों एक आदर्श सैन्य दंपति के रूप में पहचाने जाते थे। उनकी शहादत के समय दंपति के बच्चे नहीं थे, लेकिन परिवार, गांव और देश के लिए वो हमेशा गर्व का स्रोत बने रहे। देश का सर्वोच्च शौर्य सम्मान मेजर मोहित शर्मा को 2009 में अदम्य साहस, अतुलनीय नेतृत्व और सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। उनका नाम भारतीय सेना के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जा चुका है। कब रिलीज हो रही फिल्म धुरंधर? फिल्म 5 दिसंबर 2025 को रिलीज हो रही है। स्टारकास्ट की बात करें तो, फिल्म में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में हैं। इसके अलावा आर.
माधवन, अक्षय खन्ना, संजय दत्त और अरजुन रामपाल, सारा अर्जुन और राकेश बेदी भी महत्वपूर्ण किरदारों में दिखेंगे।
Mohit Sharma Story Dhurandhar Film Ranveer Singh Aditya Dhar Indian Army 1 Para Sf Para Special Forces Kashmir Operations Hizbul Mujahideen Undercover Mission Kupwara Encounter Ashok Chakra Indian Hero Real Life Story Military Biography Counter Terrorism Shophian Operation Infiltration Mission Pakistan Visit Brave Soldier Rohtak Hero Nda Cadet Ima Officer Bravo Assault Team Gallantry Sena Medal Counter Insurgency Indian Army Films Bollywood War Film Entertainment News In Hindi Entertainment News In Hindi Entertainment Hindi News मेजर मोहित शर्मा धुरंधर फिल्म रणवीर सिंह आदित्य धर 1 पैरा स्पेशल फोर्स कश्मीर ऑपरेशन हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी नेटवर्क कुपवाड़ा मुठभेड़ अशोक चक्र
