Mayawati Bahujan Samaj Party Jaiprakash Singh Returns Update बहुजन समाज पार्टी ने आखिरकार निष्कासित पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और नेशनल कोआर्डिनेटर रहे जयप्रकाश सिंह की घर वापसी हो ही गई।
बहुजन समाज पार्टी ने आखिरकार निष्कासित पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और नेशनल कोआर्डिनेटर रहे जयप्रकाश सिंह की घर वापसी हो ही गई। दैनिक भास्कर ने 19 अक्टूबर को ही उनकी वापसी को लेकर खबर ब्रेक की थी। जयप्रकाश ने बसपा सुप्रीमो मायावती से अपनी पिछली सारी गलमायावती ने उन्हें पश्चिम बंगाल और ओडिशा राज्य की कमान सौंपी है। पश्चिम बंगाल में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। राहुल–सोनिया को विदेशी खून बताने पर उनका बसपा से निष्कासन हुआ था, लेकिन पार्टी से नाता टूटने के बाद उन्होंने आकाश आनंद पर खुलकर सियासी तीर चलाए थे। अब पार्टी में वापसी के बाद उनके सुर बदल चुके हैं।दैनिक भास्कर से बातचीत में जयप्रकाश ने कहा कि पुरानी सब गलतियों के लिए बहन मायावती से माफी मांगा हूं। साथ में ये आश्वासन भी दिया हूं कि भविष्य में फिर ऐसी कोई गलती नहीं करूंगा।जाटव समाज से आने वाले गौतमबुद्धनगर में जन्मे 40 वर्षीय जयप्रकाश सिंह के पिता शिक्षक और भाई सरकारी वकील हैं। एलएलएम डिग्री धारक जयप्रकाश ने वर्ष 2009 में घर परिवार छोड़कर खुद को बहुजन आंदोलन में समर्पित कर दिया था। बसपा के कद्दावर नेताओं में शामिल धर्मवीर अशोक के माध्यम से जयप्रकाश की बसपा में एंट्री हुई थी। पहले वह बसपा कार्यालय में बैठते थे। वहीं से वह मायावती के छोटे भाई आनंद के संपर्क में आए। बसपा के लिए समर्पित और अविवाहित जयप्रकाश सिंह ने बहुत कम समय में मायावती के खास लोगों में अपनी गिनती करा ली। मायावती ने पहले उन्हें धर्मवीर अशोक के साथ हरियाणा लगाया, फिर राजस्थान की जिम्मेदारी सौंपी। जयप्रकाश सिंह को मायावती ने कद बढ़ाते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और नेशनल कोआर्डिनेटर बना दिया। बसपा से निकाले जाने से पहले तक वह इसी पद पर थे। मायावती अक्सर अपनी सभाओं में कहती रहती थीं कि उनका उत्तराधिकारी जाटव हाेगा और उसकी उम्र मुझसे 20 से 30 वर्ष छोटी होगी। तब लोग कयास लगाते थे कि ये चेहरा जयप्रकाश सिंह ही होंगे। जयप्रकाश सिंह को यही मुगालता भारी पड़ा।राहुल–सोनिया को विदेशी खून बताने पर हुआ था निष्कासन मायावती को करीब से जानने वाले समझते हैं कि वह अनुशासन के मामले में काफी कठोर हैं। पिछले लोकसभा में उन्होंने भतीजे आकाश को सिर्फ इस कारण निष्कासित कर दिया था कि वे चुनाव में पीएम मोदी को टारगेट कर रहे थे। 8 साल पहले इसी तरह के फैसले में जयप्रकाश सिंह का भी निष्कासन हुआ था। 17 जुलाई 2018 जयप्रकाश लखनऊ में बसपा के कोआर्डिनेटरों की बैठकउन्होंने इस बैठक में सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला था। जयप्रकाश ने कहा था कि राहुल गांधी अगर अपने पिता पर गए होते तो कुछ उम्मीद भी थी, लेकिन वो अपनी मां पर गया। उसकी मां सोनिया गांधी विदेशी है, उसमें भी विदेशी खून है। इसलिए मैं दावे के साथ कह सकता हूं, वो भारतीय राजनीति में कभी सफल नहीं हो सकता। जयप्रकाश ने तब राहुल गांधी के पीएम की दावेदारी को खारिज करते हुए कहा था कि भारत का प्रधानमंत्री पेट से नहीं बल्कि पेटी से निकलेगा। अब गांधी की टोपी में वोट नहीं बचा, वोट अम्बेडकर के कोट में भरा पड़ा है। कहा था कि वेद, मनुस्मृति, गीता, रामायण सारे के सारे खोखले पड़ गए। एक पलड़े पर सारे ग्रंथ रख दीजिए और दूसरे पर संविधान तो संविधान ही सब पर भारी है। जयप्रकाश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी टिप्पणी करते हुए कहा था कि मंदिर में शक्ति होती तो योगी गोरखपुर का मंदिर छोड़कर मुख्यमंत्री न बनते। उन्होंने स्वामी चिन्मयानंद और उमा भारती का भी उदाहरण देते हुए कहा कि इन सभी धार्मिक लोगों ने अपना मठ छोड़कर आप लोगों को मंदिर की घंटी बजाने में लगा दिया। उस समय हरियाणा व राजस्थान में विधानसभा के चुनाव में बसपा का कांग्रेस से गठबंधन होने की बात चल रही थी। मायावती ने इस बयान के बाद जयप्रकाश को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पार्टी के राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर पद से हटाने के साथ ही निष्कासित भी कर दिया था। तब मायावती ने कार्रवाई करते हुए कहा था कि मुझे बसपा के राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर जय प्रकाश सिंह के भाषण के बारे में पता चला, जिसमें उन्होंने बसपा की विचारधारा के खिलाफ बात कही है। उन्होंने दूसरे दलों के नेतृत्व के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी भी की। यह उनकी व्यक्तिगत राय है, जिससे पार्टी सहमत नहीं है। ऐसे में उन्हें तत्काल सभी पदों से हटाया जाता है।बसपा से निकाले जाने के बाद जयप्रकाश सिंह 2021 में एक बार फिर सुर्खियों में तब जाए, जब उन पर खुद बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने चंदा वसूली का आरोप लगाया। मायावती ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि जय प्रकाश सिंह पार्टी पार्टी से निष्कासित होने के बाद उन्हें सीएम बनाने के नाम पर घूम-घूमकर चंदा मांग रहे हैं। यह घोर अनुचित है। जय प्रकाश सिंह बसपा के मूवमेंट सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की सोच से भटके हुए हैं। इसके बाद बसपा की नोयडा में तत्कालीन जिलाध्यक्ष रहीं लक्ष्मी सिंह ने बादलपुर थाने में इसकी शिकायत की थी। शिकायत में कहा था कि 19 जुलाई 2021 को सोशल मीडिया के माध्यम से पता चला है कि पार्टी से निष्कासित जयप्रकाश व अन्य लोग पूर्व सीएम मायावती का नाम, फोटो, पार्टी का झंडा बैनर का जाली तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं। साथ ही पार्टी के कार्यकर्ताओं से झूठ बोलकर चंदा वसूल रहे हैं। तब उन्होंने चंदे के नाम ठगी करते हुए एक बस को रथ बनाकर शुरू की थी।बसपा से निकाले जाने के बाद जयप्रकाश अक्सर मायावती के भतीजे आकाश पर सियासी वार करते रहते थे। वे सोशल मीडिया और कई मीडिया इंटरव्यू में दावे के साथ कहते थे कि बसपा को चंदे के रूप में मिले पैसे से आकाश करोड़ों के मकान बनाने और फैक्ट्री खोलने में खर्च कर रहे हैं। फिर इन फैक्ट्री में घाट बताकर वह बहन मायावती से और पैसे मांगते हैं और इसके लिए उन्हें फिर चंदा लेना पड़ता है। एक इंटरव्यू में तो उन्होंने यहां तक दावा किया था कि पूरे यूपी को दो हिस्सों में बांट कर एक मुझे दे दो। दूसरा आकाश को दे दो। वे दावा करते थे कि मैं अपने आधे हिस्से को जीत कर अकेले मायावती को सीएम बना सकता हूं।हरियाणा में कफ सिरप को लेकर चेतावनीउदयपुर में बढ़ी सर्दी, न्यूनताम तापमान 12 डिग्री तक पहुंचान्यूनतम तापमान सामान्य से 1.
6 डिग्री कम, रातें हुईं ठंडीजैसलमेर में दिन-रात के तापमान में 18 डिग्री का फर्कझारखंड में मौसम रहेगा शुष्क, छाएगा कोहरा
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