कभी दुर्घटनावश बने थे ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान, अब रचने वाले हैं इतिहास! timpaine ashes2019 ENGvAUS CricketAus
ऑस्ट्रेलियाई टीम अगर इंग्लैंड में गुरुवार से शुरू हो रहे टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ हार टाल देती है तो पेन इंग्लैंड में एशेज सीरीज जीतने वाले कप्तानों की लिस्ट में शामिल हो जाएंगे। 18 साल पहले स्टीव वॉ की टीम ने इंग्लैंड को 4-1 से हराया था। उसके बाद कोई भी कंगारू टीम इंग्लैंड की धरती पर एशेज नहीं जीत पाई है। वॉ, चैपल, पॉन्टिंग और क्लार्क का नाम ऑस्ट्रेलिया के महान क्रिकेटरों और कप्तानों में शामिल होता है। कोई भी यहां तक कि खुद पेन भी खुद को उस श्रेणी में नहीं रखना चाहेंगे। और जिन हालात में उन्हें ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी मिली वह भी काफी असामान्य थे। परंपरागत रूप से ऑस्ट्रेलिया अपने सर्वश्रेष्ठ 11 खिलाड़ी पहले चुनती है और उसके बाद उसमें से एक को कप्तान नियुक्त किया जाता है। वहीं दूसरी ओर इंग्लैंड में 'लीडरशिप क्वॉलिटी' पर काफी लंबे समय से काफी जोर है। वहां पहले कप्तान चुनने और फिर उसके साथ के बाकी 10 खिलाड़ी चुनने का चलन है। पेन का मामला अलग था। मार्च 2018 में बॉल टैंपरिंग मामला होने के बाद स्टीव स्मिथ को कप्तानी और टीम से हाथ धोना पड़ा। डेविड वॉर्नर जो उस समय टीम के उपकप्तान थे, टीम से बाहर कर दिए गए। इस 'सैंडपेपर कांड' के बाद दोनों पर 12 महीने का प्रतिबंध लगा। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों को ऐसे खिलाड़ी की जरूरत थी जो इस मुश्किल वक्त में टीम की कमान संभाल सके। साथ ही उस पर इन सब बातों का ज्यादा असर न हो। पेन ने ऑस्ट्रेलिया के लिए अपना पहला टेस्ट मैच पाकिस्तान के खिलाफ लॉर्डस में साल 2010 में खेला। वर्ष 2017 में वह संन्यास लेने के काफी करीब पहुंच गए थे। इसके साथ ही उन्होंने खेल का सामान बनाने की कंपनी के साथ जॉब करने का भी इरादा कर लिया था। हालांकि टीम में दोबारा जगह बनाने के बाद एक साल के भीतर ही उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई। पेन को इसके बाद से ही 'ऐक्सिडेंटल' कप्तान के साथ-साथ टीम में उपयुक्त नहीं जैसे संबोधनों को झेलना पड़ता है। लेकिन हेडिंग्ले में एक विकेट की हार के बाद पेन ने बहुत परिपक्वता से काम लिया। इसके बाद रविवार को उन्होंने मैनचेस्टर में 185 रनों की जीत में टीम की अगुआई की। ऑस्ट्रेलिया अब सीरीज में 2-1 से आगे है और एशेज पर उसका कब्जा बरकरार है। पेन ने कहा था, 'वह हार ऐसी थी जो अधिकतर टीमों को तोड़ दे, लेकिन हम नहीं टूटे।' 34 वर्षीय पेन ने सीरीज के इस नतीजे को निजी उपलब्धि के तौर पर लिया। उन्होंने कहा, 'मेरे सपना यहां आकर एशेज जीतने का था। बेशक मैंने एक कप्तान के रूप में आकर यह हासिल करने के बारे में नहीं सोचा था।'ऑस्ट्रेलियाई टीम अगर इंग्लैंड में गुरुवार से शुरू हो रहे टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ हार टाल देती है तो पेन इंग्लैंड में एशेज सीरीज जीतने वाले कप्तानों की लिस्ट में शामिल हो जाएंगे। 18 साल पहले स्टीव वॉ की टीम ने इंग्लैंड को 4-1 से हराया था। उसके बाद कोई भी कंगारू टीम इंग्लैंड की धरती पर एशेज नहीं जीत पाई है। वॉ, चैपल, पॉन्टिंग और क्लार्क का नाम ऑस्ट्रेलिया के महान क्रिकेटरों और कप्तानों में शामिल होता है। कोई भी यहां तक कि खुद पेन भी खुद को उस श्रेणी में नहीं रखना चाहेंगे। और जिन हालात में उन्हें ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी मिली वह भी काफी असामान्य थे। परंपरागत रूप से ऑस्ट्रेलिया अपने सर्वश्रेष्ठ 11 खिलाड़ी पहले चुनती है और उसके बाद उसमें से एक को कप्तान नियुक्त किया जाता है। वहीं दूसरी ओर इंग्लैंड में 'लीडरशिप क्वॉलिटी' पर काफी लंबे समय से काफी जोर है। वहां पहले कप्तान चुनने और फिर उसके साथ के बाकी 10 खिलाड़ी चुनने का चलन है। पेन का मामला अलग था। मार्च 2018 में बॉल टैंपरिंग मामला होने के बाद स्टीव स्मिथ को कप्तानी और टीम से हाथ धोना पड़ा। डेविड वॉर्नर जो उस समय टीम के उपकप्तान थे, टीम से बाहर कर दिए गए। इस 'सैंडपेपर कांड' के बाद दोनों पर 12 महीने का प्रतिबंध लगा। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों को ऐसे खिलाड़ी की जरूरत थी जो इस मुश्किल वक्त में टीम की कमान संभाल सके। साथ ही उस पर इन सब बातों का ज्यादा असर न हो। पेन ने ऑस्ट्रेलिया के लिए अपना पहला टेस्ट मैच पाकिस्तान के खिलाफ लॉर्डस में साल 2010 में खेला। वर्ष 2017 में वह संन्यास लेने के काफी करीब पहुंच गए थे। इसके साथ ही उन्होंने खेल का सामान बनाने की कंपनी के साथ जॉब करने का भी इरादा कर लिया था। हालांकि टीम में दोबारा जगह बनाने के बाद एक साल के भीतर ही उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई। पेन को इसके बाद से ही 'ऐक्सिडेंटल' कप्तान के साथ-साथ टीम में उपयुक्त नहीं जैसे संबोधनों को झेलना पड़ता है। लेकिन हेडिंग्ले में एक विकेट की हार के बाद पेन ने बहुत परिपक्वता से काम लिया। इसके बाद रविवार को उन्होंने मैनचेस्टर में 185 रनों की जीत में टीम की अगुआई की। ऑस्ट्रेलिया अब सीरीज में 2-1 से आगे है और एशेज पर उसका कब्जा बरकरार है। पेन ने कहा था, 'वह हार ऐसी थी जो अधिकतर टीमों को तोड़ दे, लेकिन हम नहीं टूटे।' 34 वर्षीय पेन ने सीरीज के इस नतीजे को निजी उपलब्धि के तौर पर लिया। उन्होंने कहा, 'मेरे सपना यहां आकर एशेज जीतने का था। बेशक मैंने एक कप्तान के रूप में आकर यह हासिल करने के बारे में नहीं सोचा था।'.
ऑस्ट्रेलियाई टीम अगर इंग्लैंड में गुरुवार से शुरू हो रहे टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ हार टाल देती है तो पेन इंग्लैंड में एशेज सीरीज जीतने वाले कप्तानों की लिस्ट में शामिल हो जाएंगे। 18 साल पहले स्टीव वॉ की टीम ने इंग्लैंड को 4-1 से हराया था। उसके बाद कोई भी कंगारू टीम इंग्लैंड की धरती पर एशेज नहीं जीत पाई है। वॉ, चैपल, पॉन्टिंग और क्लार्क का नाम ऑस्ट्रेलिया के महान क्रिकेटरों और कप्तानों में शामिल होता है। कोई भी यहां तक कि खुद पेन भी खुद को उस श्रेणी में नहीं रखना चाहेंगे। और जिन हालात में उन्हें ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी मिली वह भी काफी असामान्य थे। परंपरागत रूप से ऑस्ट्रेलिया अपने सर्वश्रेष्ठ 11 खिलाड़ी पहले चुनती है और उसके बाद उसमें से एक को कप्तान नियुक्त किया जाता है। वहीं दूसरी ओर इंग्लैंड में 'लीडरशिप क्वॉलिटी' पर काफी लंबे समय से काफी जोर है। वहां पहले कप्तान चुनने और फिर उसके साथ के बाकी 10 खिलाड़ी चुनने का चलन है। पेन का मामला अलग था। मार्च 2018 में बॉल टैंपरिंग मामला होने के बाद स्टीव स्मिथ को कप्तानी और टीम से हाथ धोना पड़ा। डेविड वॉर्नर जो उस समय टीम के उपकप्तान थे, टीम से बाहर कर दिए गए। इस 'सैंडपेपर कांड' के बाद दोनों पर 12 महीने का प्रतिबंध लगा। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों को ऐसे खिलाड़ी की जरूरत थी जो इस मुश्किल वक्त में टीम की कमान संभाल सके। साथ ही उस पर इन सब बातों का ज्यादा असर न हो। पेन ने ऑस्ट्रेलिया के लिए अपना पहला टेस्ट मैच पाकिस्तान के खिलाफ लॉर्डस में साल 2010 में खेला। वर्ष 2017 में वह संन्यास लेने के काफी करीब पहुंच गए थे। इसके साथ ही उन्होंने खेल का सामान बनाने की कंपनी के साथ जॉब करने का भी इरादा कर लिया था। हालांकि टीम में दोबारा जगह बनाने के बाद एक साल के भीतर ही उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई। पेन को इसके बाद से ही 'ऐक्सिडेंटल' कप्तान के साथ-साथ टीम में उपयुक्त नहीं जैसे संबोधनों को झेलना पड़ता है। लेकिन हेडिंग्ले में एक विकेट की हार के बाद पेन ने बहुत परिपक्वता से काम लिया। इसके बाद रविवार को उन्होंने मैनचेस्टर में 185 रनों की जीत में टीम की अगुआई की। ऑस्ट्रेलिया अब सीरीज में 2-1 से आगे है और एशेज पर उसका कब्जा बरकरार है। पेन ने कहा था, 'वह हार ऐसी थी जो अधिकतर टीमों को तोड़ दे, लेकिन हम नहीं टूटे।' 34 वर्षीय पेन ने सीरीज के इस नतीजे को निजी उपलब्धि के तौर पर लिया। उन्होंने कहा, 'मेरे सपना यहां आकर एशेज जीतने का था। बेशक मैंने एक कप्तान के रूप में आकर यह हासिल करने के बारे में नहीं सोचा था।'ऑस्ट्रेलियाई टीम अगर इंग्लैंड में गुरुवार से शुरू हो रहे टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ हार टाल देती है तो पेन इंग्लैंड में एशेज सीरीज जीतने वाले कप्तानों की लिस्ट में शामिल हो जाएंगे। 18 साल पहले स्टीव वॉ की टीम ने इंग्लैंड को 4-1 से हराया था। उसके बाद कोई भी कंगारू टीम इंग्लैंड की धरती पर एशेज नहीं जीत पाई है। वॉ, चैपल, पॉन्टिंग और क्लार्क का नाम ऑस्ट्रेलिया के महान क्रिकेटरों और कप्तानों में शामिल होता है। कोई भी यहां तक कि खुद पेन भी खुद को उस श्रेणी में नहीं रखना चाहेंगे। और जिन हालात में उन्हें ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी मिली वह भी काफी असामान्य थे। परंपरागत रूप से ऑस्ट्रेलिया अपने सर्वश्रेष्ठ 11 खिलाड़ी पहले चुनती है और उसके बाद उसमें से एक को कप्तान नियुक्त किया जाता है। वहीं दूसरी ओर इंग्लैंड में 'लीडरशिप क्वॉलिटी' पर काफी लंबे समय से काफी जोर है। वहां पहले कप्तान चुनने और फिर उसके साथ के बाकी 10 खिलाड़ी चुनने का चलन है। पेन का मामला अलग था। मार्च 2018 में बॉल टैंपरिंग मामला होने के बाद स्टीव स्मिथ को कप्तानी और टीम से हाथ धोना पड़ा। डेविड वॉर्नर जो उस समय टीम के उपकप्तान थे, टीम से बाहर कर दिए गए। इस 'सैंडपेपर कांड' के बाद दोनों पर 12 महीने का प्रतिबंध लगा। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों को ऐसे खिलाड़ी की जरूरत थी जो इस मुश्किल वक्त में टीम की कमान संभाल सके। साथ ही उस पर इन सब बातों का ज्यादा असर न हो। पेन ने ऑस्ट्रेलिया के लिए अपना पहला टेस्ट मैच पाकिस्तान के खिलाफ लॉर्डस में साल 2010 में खेला। वर्ष 2017 में वह संन्यास लेने के काफी करीब पहुंच गए थे। इसके साथ ही उन्होंने खेल का सामान बनाने की कंपनी के साथ जॉब करने का भी इरादा कर लिया था। हालांकि टीम में दोबारा जगह बनाने के बाद एक साल के भीतर ही उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई। पेन को इसके बाद से ही 'ऐक्सिडेंटल' कप्तान के साथ-साथ टीम में उपयुक्त नहीं जैसे संबोधनों को झेलना पड़ता है। लेकिन हेडिंग्ले में एक विकेट की हार के बाद पेन ने बहुत परिपक्वता से काम लिया। इसके बाद रविवार को उन्होंने मैनचेस्टर में 185 रनों की जीत में टीम की अगुआई की। ऑस्ट्रेलिया अब सीरीज में 2-1 से आगे है और एशेज पर उसका कब्जा बरकरार है। पेन ने कहा था, 'वह हार ऐसी थी जो अधिकतर टीमों को तोड़ दे, लेकिन हम नहीं टूटे।' 34 वर्षीय पेन ने सीरीज के इस नतीजे को निजी उपलब्धि के तौर पर लिया। उन्होंने कहा, 'मेरे सपना यहां आकर एशेज जीतने का था। बेशक मैंने एक कप्तान के रूप में आकर यह हासिल करने के बारे में नहीं सोचा था।'
United States Latest News, United States Headlines
Similar News:You can also read news stories similar to this one that we have collected from other news sources.
एनआरसी पर गृहमंत्री अमित शाह का दावा- देश में एक भी घुसपैठियों को नहीं रहने देंगेअमित शाह ने कहा कि वो देश में एक भी अवैध घुसपैठिया को नहीं रहने देंगे. असम से एनआरसी के मुद्दे को तेजी से तय समय में पूरा किया गया है. | nation News in Hindi - हिंदी न्यूज़, समाचार, लेटेस्ट-ब्रेकिंग न्यूज़ इन हिंदी
Read more »
विश्व चैंपियनशिप में भारतीय मुक्केबाजों का दिखेगा दम, ओलंपिक कोटा नहीं होगा दांव परसोमवार से शुरू हो रहा है विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप, भारतीय मुक्केबाजों की नजर पदकों पर. AIBA_Boxing BFI_official WorldBoxingChampionship AmitPanghal AIBABoxingChampionship
Read more »
केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे की कार के दस्तावेज नहीं जांचने पर दो पुलिसकर्मी सस्पेंडकेंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे के वाहन के दस्तावेजों की जांच न करने को लेकर रविवार को बिहार पुलिस के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया.
Read more »
इसरो ने कहा- लैंडर विक्रम चांद की सतह पर तिरछा गिरा है, लेकिन टूटा नहींइसरो के एक अधिकारी ने कहा- लैंडर विक्रम सिंगल पीस में है, उससे संपर्क की कोशिशें जारी इसरो ने कहा- चंद्रमा की कक्षा में मौजूद ऑर्बिटर सबसे बड़ी उम्मीद, उसमें अब तक का हाईएस्ट रिजॉल्यूशन कैमरा लगा है 7 सितंबर को चांद की सतह छूने से सिर्फ 2.1 किमी पहले लैंडर विक्रम का इसरो से संपर्क टूट गया था | ISRO, Chandrayaan 2 Lander Vikram Latest Update: ISRO Says Chandrayaan lander Vikram not broken
Read more »
चिदंबरम ने कहा- किसी अधिकारी ने कुछ गलत नहीं किया, मैं नहीं चाहता कोई गिरफ्तार होचिदंबरम पर वित्त मंत्री रहते रिश्वत लेकर आईएनएक्स को 305 करोड़ रु. लेने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड से मंजूरी दिलाने का आरोप आईएनएक्स मामले में 5 सितंबर को विशेष अदालत ने चिदंबरम को 19 सितंबर तक के लिए तिहाड़ जेल भेज दिया था | P Chidambaram Updates: Chidambaram Twitter, Congress Leader Chidambaram in Tihar Jail
Read more »
प्रोटोकॉल फॉलो नहीं हुआ तो भड़के गवर्नर लाल जी टंडन, दो अधिकारी सस्पेंडशनिवार को ही मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी अपने विभाग के प्रमुख सचिव और आयुक्त लोक शिक्षण के साथ राजभवन पहुंचे और राज्यपाल से मुलाकात की।
Read more »
